आस्था का कहना है कि जब मुझे पहली बार पीरियड आया, तो वह सामान्य था लेकिन उस के बाद कई महीनों तक मुझे पीरियड नहीं आया. फिर डाक्टर ने दवाई दी, तो कई महीने सामान्य तरीके से पीरियड आता रहा लेकिन फिर रुक गए. जब दवा खाती थी तभी पीरियड आता था. डाक्टर का इस पर कहना था कि यह कोई बीमारी नहीं है. धीरेधीरे ठीक हो जाएगा. लेकिन सही नहीं हुआ.

डाक्टर का कहना था कि इस से आगे चल कर मेरी प्रैगनैंसी में कोई परेशानी नहीं होगी इसलिए यूज टू हो गए. कभी पीरियड्स सामान्य रहे और जब कभी नहीं आते तो मैं इस के लिए दवा खा लेती.

लेकिन परेशानी तब हुई जब मेरा बौयफ्रैंड बना. हम सैक्सुअल ऐक्टिव भी हैं. लेकिन अभी पिछले महीने मुझे पीरियड नहीं आया. पहले तो लगा यह सामान्य है लेकिन फिर भी मन में कहीं न कहीं यह डर है कि कहीं मैं प्रैगनैंट तो नहीं हो गई. हम प्रोटैक्शन यूज करते हैं लेकिन फिर भी मन में डर रहता है कि कहीं मैं प्रैगनैंसी को पीरियड का रैगुलर न होना समझ कर ट्रीट तो नहीं कर रही और बाद में मुझे कुछ और ही पता चले और तब तक देर न हो जाए? ऐसे न जाने कितने सवालों से आजकल मैं जूझ रही हूं.

वाकई असामान्य पीरियड की समस्या तब बड़ी हो जाती है जब आप सैक्सुअल ऐक्टिव हों. दरअसल, जब शरीर का चक्र प्रेडिक्टेबल नहीं होता, तो हर देरी प्रैगनैंसी का तनाव पैदा करती है. इसलिए आज हम आप को बता रहे हैं कि क्या करें जब पीरियड्स अनियमित हों और आप सैक्सुअल ऐक्टिव हों और पीरियड न आएं तो कैसे पता करें कि प्रैगनैंसी है या अनियमित पीरियड?

-अगर आप डर रही हैं कि जाने क्या होगा?

-प्रैगनैंट हूं या नहीं यह कैसे पता चलेगा?

-अगर डाक्टर के पास गई हैं और उन्होंने मेरे घर बता दिया तो क्या होगा?

-क्या डाक्टर मुझ से ठीक से बात करेंगी या गुस्सा होंगी?

ऐसे कई सवाल हैं जो मन में चल रहे होंगे लेकिन आप को घबराना नहीं है क्योंकि पीरियड मिस होना हमेशा प्रैगनैंसी नहीं होता. यह परीक्षा का तनाव, खानपान में बदलाव या हारमोनल असंतुलन भी हो सकता है या अनियमित पीरियड भी होता है. इसलिए शांत रहें और हल सोचें.

गोपनीयता का अधिकार

आप इस बात से न डरें कि डाक्टर कहीं सब को इस के बारे में न बता दे. आप किसी भी डाक्टर या अस्पताल में जा कर अपनी पहचान गुप्त रखते हुए टेस्ट और सलाह ले सकती हैं. डाक्टर आप की जानकारी साझा नहीं कर सकते. डाक्टर और अस्पताल के लिए आप की पहचान गुप्त रखना अनिवार्य है. एमटीपी एक्ट की धारा 5ए के तहत आप की जानकारी लीक करने वाले डाक्टर को सजा हो सकती है.

स्वास्थ्य का अधिकार

अगर टेस्ट पौजिटिव आता भी है, तो भारत में एमटीपी एक्ट के तहत आप को सुरक्षित गर्भपात का कानूनी अधिकार है (24 सप्ताह तक). इस के लिए आप को किसी की अनुमति (मातापिता या पार्टनर) की कानूनी जरूरत नहीं है, अगर आप की उम्र 18 साल से ऊपर है. इसलिए बिना शादी के सैक्स करना और इन चक्करों में फंसना आप के परिवार और समाज के लिए गलत हो सकता है लेकिन यह आप का अधिकार है. इसलिए ठंडे दिमाग से स्टेप बाई स्टेप सोचें कि आप को क्या करना है.

प्रैगनैंसी होम टेस्ट करें

अगर पीरियड मिस हो गए हैं या काफी देर हो गई है तो तनाव होना स्वभाविक है. इसलिए टैंशन लेने के बजाए एक प्रैगनैंसी किट खरीद कर लाएं और चेक करें. अगर टेस्ट निगेटिव आता है और फिर भी पीरियड नहीं आ रहे, तो इस का मतलब है कि कारण अनियमित पीरियड भी हो सकता है.

बैरियर मैथड (कंडोम)

यह न केवल प्रैगनैंसी रोकता है बल्कि यौन संचारित रोगों से बचाने का एकमात्र तरीका है. हमेशा अच्छी क्वालिटी के कंडोम का उपयोग करें और ऐक्सपायरी डेट जरूर चेक करें. इसे पिल्स के साथ इस्तेमाल करने पर सुरक्षा हो जाती है.

इमरजैंसी पिल (आपातकालीन उपाय)

इस का इस्तेमाल तब करें जब कंडोम फट जाए या आप प्रोटैक्शन लेना भूल जाएं.

इसे संबंध बनाने के 72 घंटों के भीतर लेना होता है (जितनी जल्दी लेंगे, सही रहेगा).

इसे रूटीन गर्भनिरोधक न बनाएं क्योंकि यह आप के पीरियड साइकिल को और भी ज्यादा बिगाड़ देती है.

पीरियड ट्रैकर ऐप का इस्तेमाल करें ताकि आप अपने पैटर्न को समझ सकें.

स्ट्रेस न लें : आप जितना डरेंगी, शरीर में कोर्टिसोल हारमोन बढ़ेगा जो पीरियड को और लेट कर सकता है.

गाइनोकोलौजिस्ट से मिलें

डाक्टर से कहें कि मेरे पीरियड अनियमित हैं और मैं एक भरोसेमंद गर्भनिरोधक चाहती हूं. उन्हें बताएं कि आप पहले से क्या यूज कर रहे हैं और यदि उस से भी अच्छा कोई गर्भनिरोधक है तो उस के बारे में पूछें और उसे यूज करें. आप के मन में जो भी सवाल हो वह बेझिझक हो कर डाक्टर से पूछें ताकि समस्या का हल निकल सके.

हारमोनल जांच कराएं

अगर आप के पीरियड बहुत ज्यादा अनियमित हैं, तो थायराइड और पीसीओएस की जांच जरूर कराएं. इन का इलाज होते ही साइकिल रैगुलर हो जाएगी और आप का डर भी कम होगा.

अनियमित पीरियड और प्रैगनैंसी में अंतर कैसे पहचानें

-अनियमित पीरियड में शुरू में हलकी फिर तेज फ्लो होता है. वहीं प्रैगनैंसी में सिर्फ हलकी स्पौटिंग होती है.

-अनियमित पीरियड में दर्द/ऐंठन पीरियड शुरू होने के साथ बढ़ता है और प्रैगनैंसी में पेट के निचले हिस्से में हलकी मरोड़ जो आतीजाती रहती है.

-अनियमित पीरियड में जी मिचलाना आमतौर पर नहीं होता.लेकिन प्रैगनैंसी में अकसर मौर्निंग सिकनेस जिस से पूरे दिन जी मिचलाता है और खाने की महक चढ़ती है जिस से खाना तो दूर उस की खुशबू से भी उल्टी आती है.

-अनियमित पीरियड में स्ट्रैस या किसी अन्य बीमारी की वजह से पीरियड आने में देरी हो सकती है. लेकिन प्रैगनैंसी में असुरक्षित सैक्स के बाद लगातार देरी होती है.

-अगर प्रैगनैंसी टेस्ट निगेटिव आए और फिर भी पीरियड न आए, तो 4-5 दिन रुक कर दोबारा टेस्ट करें. अगर फिर भी निगेटिव है, तो यह पूरी तरह हारमोनल समस्या है, प्रैगनैंसी नहीं.

टेस्ट कब करें

अनियमित पीरियड वाली लड़कियों को यह नहीं पता होता कि टेस्ट कब करें. इस के लिए नियम अपनाएं :

असुरक्षित सैक्स के 21 दिन बाद अगर आप को अपनी अगली पीरियड डेट नहीं पता, तो आखिरी बार संबंध बनाने के कम से कम 2-3 हफ्ते (21 दिन) बाद टेस्ट करें. इस से पहले टेस्ट करने पर रिजल्ट गलत (फाल्स निगेटिव) आ सकता है.

सुबह का पहला यूरिन : हमेशा सुबह के पहले पेशाब से ही टेस्ट करें क्योंकि इस में एचसीजी हारमोन (प्रैगनैंसी हारमोन) की मात्रा सब से ज्यादा होती है.

-पीरियड ट्रैकर ऐप का इस्तेमाल करें ताकि आप अपने पैटर्न को समझ सकें

आजकल कई तरह के ऐप्स आ गई हैं, जो आप को आप के पीरियड साइकल के बारे में पूरी जानकारी देती हैं. ऐप में डेटा डालने से आप को पता चल सकता है कि क्या पीरियड हमेशा 35 दिन पर आते हैं या 40 दिन पर. इस से आप समझ पाएंगी कि पीरियड वास्तव में ‘मिस’ हुआ है या यह सिर्फ आप का सामान्य लंबा साइकिल है.

ओव्यूलेशन और प्रजनन क्षमता

यह आप को ओव्यूलेशन (अंडोत्सर्ग) के दिनों और प्रजनन क्षमता का अनुमान लगाने में मदद करता है, जो गर्भधारण करने या उस से बचने (गर्भनिरोधक) दोनों में सहायक हो सकता है.

लक्षणों को ट्रैक करना

आप ऐप में पेटदर्द, मूड स्विंग्स, व्हाइट डिस्चार्ज और स्पौटिंग जैसे लक्षणों को नोट कर सकती हैं. जब आप डाक्टर के पास जाएंगी, तो यह डेटा उन्हें यह समझने में मदद करेगा कि समस्या हारमोनल है, स्ट्रैस से जुड़ी है या पीसीओएस जैसी कोई स्थिति है.

शुरू कैसे करें

अपने फोन के ऐप स्टोर गूगल प्ले या ऐप्पल ऐप स्टोर पर पीरियड ट्रैकर खोजें.

अपनी जरूरत के हिसाब से कोई ऐप चुनें.

पीरियड्स की शुरुआत की तारीख दर्ज करें और धीरेधीरे अपने लक्षणों और अन्य जानकारी को रिकौर्ड करना शुरू करें.

याद रखें, ये ऐप्स केवल अनुमान लगाते हैं और मैडिकल सलाह का विकल्प नहीं हैं, लेकिन ये आप को अपने शरीर को बेहतर समझने और स्वास्थ्य संबंधी महत्त्वपूर्ण जानकारी जुटाने में बहुत मदद करते हैं.

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