Aisha sharma : अभिनेत्री आयशा शर्मा ने वर्ष 2018 में फिल्म सत्यमेव जयते से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद उनका अभिनेता आयुष्मान खुराना के साथ एक वीडियो एल्बम इक वारी आया, जिसकी काफी चर्चा हुई. आयशा शर्मा अपने अभिनय करियर में पूरी तरह सक्रिय हैं, लेकिन इसके साथ ही अब वह अपनी रचनात्मक पहचान को एक नया आयाम दे रही हैं. वे पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के साथ बतौर लेखिका डेब्यू कर रही हैं.
सोशल मीडिया पर अपनी दमदार मौजूदगी और गहराई से जुड़ी कम्युनिटी के लिए जानी जाने वाली आयशा शर्मा ने धीरे-धीरे अपनी एक अलग पहचान बनाई है, जो केवल अभिनय तक सीमित नहीं है. इस किताब के जरिए वह अभिव्यक्ति का एक नया रास्ता तलाश रही हैं—एक ऐसा रास्ता जो ठहराव, आत्मचिंतन और भावनात्मक ईमानदारी को जगह देता है.
उनकी पहली किताब सौ छोटे-छोटे ध्यानपूर्ण विचारों का संग्रह है, जो ताकत, कोमलता और आत्म-प्रेम के इर्द-गिर्द बुना गया है. रोजमर्रा की भावनाओं से जुड़ी यह किताब खास तौर पर उन लोगों के लिए है, जो थकान, आत्म-संदेह और हर समय खुद को साबित करने के दबाव से जूझ रहे हैं. यह किताब किसी हल का दावा नहीं करती, बल्कि एक ऐसा स्पेस तैयार करती है, जहाँ पाठक स्वयं को पहचान सकें और सुकून भरी तसल्ली महसूस कर सकें.
किताब के पीछे की भावना साझा करते हुए आयशा शर्मा कहती हैं, “मेरा मानना है कि सही किताब आपको सही समय पर मिलती है. उम्मीद है, यह किताब आपको तब मिले जब आपको इसकी सबसे ज्यादा जरूरत हो. और जब मिले, तो आपको ऐसा महसूस हो जैसे किसी ने चुपचाप आपको गले लगा लिया हो. मेरे पास सारे जवाब नहीं हैं, लेकिन अगर मेरी लिखी बातों में आपको यह लगे कि ‘ये वही एहसास है, जिसे मैं हमेशा महसूस करती थी, पर शब्द नहीं दे पाती थी,’ तो मेरे लिए वही काफी है.”
आयशा शर्मा के लिए लेखन उनकी डिजिटल मौजूदगी का स्वाभाविक विस्तार है, जहां आत्म-विकास, भावनात्मक संतुलन और आंतरिक सफर जैसे विषय पहले से ही उनके दर्शकों से गहराई से जुड़े हैं. यह नया अध्याय उनकी उस कोशिश को दर्शाता है, जिसमें वह अभिनय, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और अब लेखन—तीनों के बीच सहजता से सफर करते हुए एक मुकम्मल रचनात्मक पहचान गढ़ रही हैं.
