Rajpal Yadav : प्रसिद्ध कॉमेडियन राजपाल यादव, जिन्होंने अपने अब तक के करियर में करीब 150 फिल्मों में काम किया है, और मुझसे शादी करोगी, वक्त, फिर हेरा फेरी, भूल भुलैया, हंगामा तथा चुप चुप के जैसी सुपरहिट फिल्मों में यादगार भूमिकाएँ निभाई हैं, इन दिनों बुरे दौर से गुजर रहे हैं. करोड़ों रुपये के चेक बाउंस मामले में वे फिलहाल तिहाड़ जेल में सजा काट रहे हैं.

जेल जाने से पहले राजपाल यादव ने भावुक होकर जज के सामने कहा कि उनके पास पैसे नहीं हैं और उनकी मदद करने वाला भी कोई नहीं है. इसके बाद उन्होंने कोर्ट के सामने सरेंडर कर दिया और तिहाड़ जेल चले गए.

यह खबर सामने आते ही सबसे पहले गरीबों के मसीहा कहे जाने वाले सोनू सूद आगे आए. उन्होंने राजपाल यादव की आर्थिक मदद करने की घोषणा की. सोनू सूद ने यह भी कहा कि वे राजपाल यादव को अपनी अगली फिल्म में साइन करेंगे. उनकी इस पहल के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया.

फिल्म समीक्षक और अभिनेता कमाल आर. खान (केआरके) ने भी राजपाल यादव को आर्थिक सहयोग देने की घोषणा की. जैम म्यूजिक के निर्माता इंद्रजीत सिंह ने 1.11 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया. टीवी इंडस्ट्री के प्रसिद्ध अभिनेता गुरमीत चौधरी ने भी आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया. इसके अलावा सलमान खान, अजय देवगन, वरुण धवन सहित कई अन्य अभिनेताओं ने भी राजपाल यादव की मदद करने की इच्छा जताई.

राजनीतिज्ञ लालू प्रसाद यादव के बेटे और जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने भी राजपाल यादव और उनके परिवार को 11 लाख रुपये देने की घोषणा की.

ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि सोनू सूद की एक छोटी-सी पहल ने तिहाड़ जेल में बंद राजपाल यादव की मदद के लिए पूरी फिल्म इंडस्ट्री के कई दिग्गजों को प्रेरित कर दिया. बॉलीवुड, जो हमेशा दूसरों की मदद के लिए आगे रहता है, उसने एक बार फिर बुरे समय में अपने साथी कलाकार का साथ देकर एक अच्छी मिसाल पेश की है.

गौरतलब है कि राजपाल यादव ने वर्ष 2010 में अपने होम प्रोडक्शन के तहत पता लापता नामक फिल्म बनाई थी, जिसके लिए उन्होंने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे. फिल्म के बुरी तरह फ्लॉप होने के कारण उन्हें भारी नुकसान हुआ और वे कर्ज वापस नहीं कर पाए. इसी सिलसिले में उनके द्वारा दिए गए सात चेक भी बाउंस हो गए, जिसके चलते वर्ष 2018 में उन्हें जेल जाना पड़ा. अदालत ने उन्हें छह महीने की सजा सुनाई थी. हालांकि, बाद में वे जमानत पर बाहर आ गए, लेकिन मामला चलता रहा.

इस दौरान ब्याज सहित लोन की राशि बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये हो गई. 2 फरवरी को दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया और उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी. इसके बाद 4 फरवरी तक आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया गया. 5 फरवरी को राजपाल यादव ने यह कहते हुए आत्मसमर्पण कर दिया कि उनके पास न तो पैसे हैं और न ही कोई अन्य साधन.

खबरों के अनुसार, राजपाल यादव का लोन चुकाने के लिए पैसों का लगभग इंतजाम हो चुका है और उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही जमानत मिल जाएगी. इस मामले की सुनवाई आने वाले दिनों में होनी है.

अंत भला तो सब भला.

और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...