Mansi Salvi interview : जी टी वी के सीरियल आशीर्वाद से अपना अभिनय करियर शुरू करने वाली मानसी सालवी अन्य सीरियल कोई अपना सा ,सारथी,प्यार का दर्द मीठा मीठा प्यारा प्यारा , दिल से दिल तक ,सती सत्या की शक्ति आदि सीरियल में अपनी शक्त अभिनय दिखा कर अभिनय जगत में अच्छा नाम कमा चुकी है .इसके अलावा मराठी फिल्म असंभव से फिल्मों में शुरुवात की है. फिलहाल मानसी अपने नए सीरियल महादेव एंड सनस को लेकर चर्चा में है , इस सीरियल में मानसी भानू नाम की जिद्दी और घमंडी औरत का किरदार निभा रही हैं,जो पूरी तरह निगेटिव किरदार है लेकिन मानसी के अनुसार भले ही उनका किरदार निगेटिव है ,लेकिन मजेदार भी है.मानसी का इस सीरियल में काम करने का अनुभव कैसा रहा ? निगेटिव किरदार निभाना उनके लिए कितनी बड़ी चुनौती है?जानते है मानसी सालवी से उनके खास अंदाज में ,ताजातरीन बातचीत के दौरान ….

कलर्स के ‘महादेव एंड संस’ में अपनी भावनात्मक रूप से जटिल भूमिका पर आपका क्या कहना है ?

“प्यार चोट पहुंचा सकता है, और भानु इसे साबित करती है मेरा किरदार निगेटिव है लेकिन दमदार है .मुझे ये भानू का रोल निभाने में बहुत मजा आ रहा है . सच कहूं तो निगेटिव रोल निभाने में जो मजा है वो पॉजिटिव में नहीं है . ‘महादेव एंड संस’ को दर्शकों से जबरदस्त रिस्पौन्स मिल रहा है, जिसने परिवार के रिश्तों के इमोशनल चित्रण से लोगों के दिलों को छू लिया है. यह एक ऐसी कहानी है जहां प्यार घर बनाता है, लेकिन डर नियम लाता है, यह शो हरदोई के पवित्र शहर में सेट है और बाजपेयी परिवार की टूटी हुई विरासत की कहानी दिखाता है, जहां दो बहनें एक गहरी खाई के दो अलगअलग तरफ खड़ी हैं. बाजपेयी परिवार की मजबूत इरादों वाली मुखिया भानु का किरदार निभा रहीं मै एक ऐसी महिला का किरदार निभा रही हूँ जिसका प्यार धीरे-धीरे कड़वाहट में बदल गया है, गर्व और दर्द से भरे किरदार को निभाने की चुनौती और अपनी को-स्टार के साथ औफस्क्रीन शेयर किए जाने वाले गर्मजोशी भरे बहन जैसे रिश्ते के बारे में इस सीरियल में दिखाया गया है .

आप महादेव शो के मुख्य किरदार महादेव से बहुत नफरत करती है . इसके पीछे क्या वजह है?

महादेव एंड संस एक फैमिली ड्रामा है जो हरदोई में आधारित यह महादेव की कहानी है, जो एक अनाथ है और शक्तिशाली बाजपेयी परिवार में एक नौकर के रूप में आता है. अपनी कड़ी मेहनत से शहर के सबसे सफल बिजनेसमैन में से एक बन जाता है.मेरी छोटी बहन विद्या से उसकी लव मैरिज हर सामाजिक नियम को तोड़ती है और इसका नतीजा यह होता है कि उन्हें अपने परिवारों से अलग होना पड़ता है. वे साथ मिलकर अपनी जिंदगी फिर से बनाते हैं, और पिछले सदमों से बने सख्त नियमों के तहत चार बच्चों की परवरिश करते हैं. सड़क के उस पार बाजपेयी भवन है, जिसका नेतृत्व मेरा किरदार भानु करता है, जो मानती है कि महादेव ने परिवार को बदनाम किया है और वह उसने जो कुछ भी बनाया है, उसे खत्म करने के लिए दृढ़ है.यह शो दिखाता है कि जब प्यार कंट्रोल में बदल जाता है, जब प्राइड एक जेल बन जाता है, और क्या परिवार कभी पुराने ज़ख्मों से सच में उबर सकते हैं. यह एक ऐसी कहानी है जो हर पीढ़ी से जुड़ती है क्योंकि हर किरदार को लगता है कि वह सही है, और यही बात इस टकराव को इतना असली बनाती है.महादेव से भानू की नफरत की वजह ये है कि वो एक अनाथ है ,ओर भानु की बहन से लव मेरिज करके महादेव दो बहनों को अलग कर देता है , महादेव की वजह से भानू का प्यार नफरत में बदल जाता है .

क्या भानू अपनी बहन से नफरत करती है ?

भानु कोई आम विलेन नहीं है. वह लालच या क्रूरता के लिए ऐसा नहीं करती. वह धोखे और टूटे हुए गर्व की गहरी भावना से प्रेरित है. बाजपेयी परिवार की बड़ी बेटी होने के नाते, उसे परंपराओं को बनाए रखने, परिवार का नाम बचाने और यह सुनिश्चित करने के लिए पाला गया था कि उनकी विरासत बेदाग रहे. दुनिया में जिस बहन से सबसे अधिक प्यार किया, उसने एक नौकर महादेव से शादी करने का फैसला किया, तो भानु ने इसे सबसे बड़ी बदनामी के तौर पर देखा.उसे लगा कि जिस इंसान से वह सबसे ज़्यादा प्यार करती थी, उसने उसे छोड़ दिया है. वह दिल टूटने का दर्द गुस्से में बदल गया, और अब वह बाजपेयी भवन पर लोहे की तरह राज करती है, यह साबित करने के लिए दृढ़ है कि विद्या ने गलत चुनाव किया और महादेव कभी भी बाजपेयी नाम के लायक नहीं होगा. लेकिन गुस्से के नीचे, अभी भी प्यार है.जब वह विद्या को देखती है तो उसकी आंखों में अभी भी आँसू आ जाते हैं. भानु को लगता है कि वह अपने परिवार की इज्जत की रक्षा कर रही है, और उसके मन में, वह जो कुछ भी करती है, वह सही है. इसी जटिलता ने मुझे उसकी ओर खींचा.

भानु के किरदार को निभाने के लिए आप कैसे तैयारी करती हैं?

.मैं भानु को कभी विलेन के तौर पर नहीं देखती. मैं उसे एक ऐसी औरत के तौर पर देखती हूँ जिसे बहुत गहरी चोट लगी है और वह उसे बचाने की कोशिश कर रही है जिसे वह सही मानती है. जिस पल आप अपने किरदार को जज करते हैं या उन्हें पूरी तरह से बुरा दिखाते हैं; आप उनकी सच्चाई खो देते हैं.भानु का गुस्सा गहरी चोट और टूटे हुए घमंड से आता है. उसे लगता है कि परंपरा और परिवार की इज्जत सबसे महत्वपूर्ण है, और विद्या व महादेव ने दोनों को धोखा दिया है। उसके मन में, वह विलेन नहीं है, महादेव है. भानु को असलियत में निभाने के लिए, मुझे उसके दर्द को समझना पड़ा। मुझे यह समझना पड़ा कि वह ऐसा क्यों करती है, भले ही मैं उसके तरीकों से सहमत न हूँ। भानु का किरदार निभाने से मुझे यह समझने में मदद मिली कि प्यार और गुस्सा एक साथ कैसे रह सकते हैं.

यह एक फैमिली ड्रामा है जो क्लास कौन्शसनेस और सोशल हायरार्की पर आधारित है.स्टेटस और परंपरा के बारे में भानु का नज़रिया महादेव के साथ उसके टकराव को कैसे आकार देता है?

भानु की पूरी पहचान बाजपेयी नाम से जुड़ी है. उसे यह विश्वास दिलाया गया था कि उनका परिवार किसी खास चीज़ के लिए जाना जाता है, कि उनका वंश, उनकी इज़्ज़त, समाज में उनका स्टेटस मायने रखता है.उसके लिए महादेव हमेशा वही नौकर रहेगा जिसने अपनी हद पार की. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह अब सफल है, उसने अपना बिजनेस बनाया है, शहर में उसकी इज्जत है. उसकी नज़रों में, वह अब भी बिना सरनेम वाला आदमी है, वह बाहरी आदमी जो उनकी दुनिया का हिस्सा नहीं था. और यह बात कि विद्या ने अपने परिवार, परंपरा, उन सभी चीज़ों से ज़्यादा उसे चुना जिन्हें भानु पवित्र मानती थी, यह वह ज़ख्म है जो कभी नहीं भरता. उसके लिए, यह उस चीज़ को वापस पाने के बारे में है जिसे वह सही संतुलन मानती है। यह मूल्यों की लड़ाई है, साथ ही यह बहुत पर्सनल भी है.

अपनी कोस्टार स्नेहा के साथ आप औफस्क्रीन कैसा रिश्ता शेयर करती हैं ?

हमारा ऑफ-स्क्रीन बहुत अच्छा रिश्ता है, बिल्कुल बहनों जैसा. असल में, कुछ समय पहले मैंने हम दोनों की एक तस्वीर पोस्ट की थी और लोगों ने उस पर बहुत प्यार दिखाया. उन्होंने कहा कि इससे उन्हें अपनी बहनों की याद आई, जो बहुत दिल को छूने वाला था. हमारा रिश्ता बहुत सच्चा और असली है.हम असल जिंदगी में भी बहनों जैसी दिखती हैं. हम दोनों महाराष्ट्रीयन लड़कियाँ हैं, इसलिए वह तुरंत कल्चरल कनेक्शन बन गया. स्नेहा ने पहले ही दिन से मुझे मानसी दी कहना शुरू कर दिया था, और कहीं न कहीं वह बहन जैसा रिश्ता औफस्क्रीन भी आ गया है. वह सेट पर मेरी छोटी बहन जैसी है.

गृहशोभा के पाठक और अपने फैंस के लिए आपका क्या मैसेज देना चाहेंगी ?

महादेव एंड संस को दर्शकों से जो अपार प्यार मिला है, उसके लिए धन्यवाद. यह आपकी वजह से ही है कि हम आज जो हैं, वह हैं, और मैं इसे कभी हल्के में नहीं लेती. मुझे आपके कमेंट्स पढ़ना और आपके बनाए हुए एडिट्स देखना बहुत पसंद है, और हमें जो प्यार मिला है और इस कहानी ने सभी को कितना छुआ है, यह देखकर हर बार मेरा मूड अच्छा हो जाता है. यह बात कि आप इन किरदारों से जुड़ते हैं, कि आप उनका दर्द, उनका टकराव, उनका प्यार महसूस करते हैं, यही सब कुछ सार्थक बनाता है.भानु एक कॉम्प्लेक्स कैरेक्टर है, और मुझे पता है कि कभी-कभी उसे पसंद करना आसान नहीं होता, लेकिन मुझे उम्मीद है कि आप उसके कामों के पीछे की अलग-अलग परतें, उसका दुख और इंसानियत देखेंगे. मुझे उम्मीद है कि आप शो देखते रहेंगे और इसे वैसे ही पसंद करेंगे जैसे हमने इसे आपके लिए बनाते समय पसंद किया है.

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