Scalp dandruff : एक महंगे ऐंटीडैंड्रफ शैंपू से रोज सिर धोने के बाद भी सुनील का न डैंड्रफ कम हो रहा था और न बाल झड़ना रुक रहे थे. अपने झड़ते बालों की वजह से सिर में गंजापन आ गया जो उसे हर बार हर लड़की से फर्स्ट डेट पर ही रिजैक्ट करा देता था.
डैंड्रफ एक तरह की डैड स्किन है जो बालों में छोटेछोटे कणों के रूप में इकट्ठी हो जाती है. यह डैंड्रफ स्किन कभी ड्राई होती है तो कभी औयली. दरअसल, इस का टैक्स्चर आप की स्कैल्प के स्किन टाइप पर निर्भर करता है.
किसी के सिर पर औयली फ्लैक्स की तरह डैंड्रफ चिपका दिखाई देगा, किसी के एक ड्राई लेयर अर्थात एक सूखी परत की तरह स्कैल्प पर बिछा होगा तो किसी के डैंड्रफ पाउडर की तरह सिर के बालों में फैला होगा,
जो हाथ मारने या कंघा करते वक्त झड़ने लगता है, जिस से लड़कियां हो या लड़के दोनों शर्मिंदा महसूस करते हैं.
अधिकतर लड़कियों के बाल लंबे होते हैं और लंबे बाल रोज नहीं धुलते. इसलिए उन्हें डैंड्रफ की समस्या बारबार हो जाती है. लेकिन छोटे बालों में खासकर लड़कों के बालों में जो हर रोज ही अपने बाल धोते हैं, फिर भी डैंड्रफ उन के बालों में जगह कर ही जाता है. मगर कैसे?
ऐसा इसलिए कि कई बार हमारे बालों में चिपकी सफेद परत डैंड्रफ नहीं होती बल्कि फंगल इन्फैक्शन होता है जो एक डैंड्रफ के रूप में ही पसरता है और बिलकुल आम डैंड्रफ की तरह ही दिखता है. लेकिन होता काफी अगल है. आम डैंड्रफ की समस्या ऐंटीडैंड्रफ शैंपू से दूर हो जाती है लेकिन फंगल इन्फैक्शन के लिए मैडिकल एडवाइस ऐंड ट्रीटमैंट आवश्यक है.
क्या होता है और कैसे होता है: सिर की त्वचा में अत्यधिक तेल जमा होने से मालासेजिया नाम का यीस्ट पनपता है. जब यह बहुत मात्रा में फैल जाता है तो फंगल डैंड्रफ की समस्या पैदा होती है.
कैसे पहचानें: बहुत से लोग अकसर आम रूसी या डैंड्रफ और फंगल इन्फैक्शन में फर्क नहीं कर पाते, जिस कारण समय पर उपचार न करने की वजह से यह बढ़ता चला जाता है और सिर की त्वचा और बालों को काफी क्षति पहुंच जाती है. इसलिए हेयर में जमे डैंड्रफ के लक्षणों पर ध्यान दें, उसे समय पर पहचानें.
यह स्थिति अच्छी नहीं होती. इस के कारण सिर में बहुत खुजली होती है. सिर की त्वचा सफेद या पीली पपड़ी की तरह हो जाती है जो जरा भी खुजाने पर लाल हो जाती है और छिल जाती है. कई बार हालात इतने खराब हो जाते हैं कि त्वचा से खून आने लगता, जलन होने लगती है और कभीकभी स्थिति इतनी खराब हो जाती कि बाल इस कदर झड़ते हैं कि गंजापन हो जाता है.
तो क्या करें? फंगल डैंड्रफ को दूर करने के लिए आजकल बाजार में कई शैंपू हैं, जिन में सेलेनियम सल्फाइड, केटोकोनाजोल जैसे कैमिकल मौजूद होते हैं जो फंगल डैंड्रफ की रोकथाम में बहुत उपयोगी हैं. आप घरेलू और डाक्टरी दोनों उपाय कर सकते हैं:
घरेलू उपाय
कुछ तेल हैं जो इस पीड़ा में थोड़ी राहत पहुंचाते हैं जैसे नारियल तेल जो स्कैल्प को नमी और मौइस्चराइज रखता है. टी ट्री औयल में ऐंटीफंगल गुण होते हैं.
ऐलोवेरा भी स्कैल्प की खुजली और जलन में बहुत राहत देता है.
नीम का पेस्ट ऐंटीफंगल औषधि का काम करता है. इसलिए नीम की पत्तियों का पेस्ट भी बहुत राहत देगा.
नोट: ये सब घरेलू नुसखे केवल हलके इन्फेक्शन पर ही काम करते हैं. मगर कई बार इस के बाद भी इन्फैक्शन वापस आ जाता है. इसलिए फंगल इन्फैक्शन की परेशानी में अच्छा होगा कि आप डाक्टरी परामर्श लें.
डाक्टर इन्फैक्शन की जांच कर आप को आप की परेशानी के स्तर के अनुसार सही दवा और सलाह देंगे. दवाओं, लोशन, शैंपू और डाइट से इन्फैक्शन को जड़ से खत्म करने में बहुत मदद मिलेगी.
क्या सावधानियां बरतेें
स्कैल्प की साफसफाई: ध्यान रहे कि सिर में धूलमिट्टी न इकट्ठी हो. समयसमय पर बालों को शैंपू करते रहें.
डाइट पर ध्यान दें: ज्यादा तला और मसालेदार भोजन करने से बचें. ध्यान रहे कि इन्फैक्शन त्वचा में अत्यधिक तेल जमने से भी होता है. इसलिए तैलीय भोजन खा अपने शरीर को और तेल मत प्रदान करें. इसलिए आहार लैस औयल वाला और बालों के लिए फायदेमंद चीजों का सेवन करें जैसे आयरन, विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां आदि.
पर्सनल वस्तुएं शेयर न करें: अपना कंघा, पिल्लो, तौलिया, टोपी अर्थात जो भी वस्तु आप के सिर और बालों के रखरखाव के लिए इस्तेमाल में हो उसे दूसरों के साथ शेयर न करें वरना दूसरों को भी यह इन्फैक्शन होने का खतरा रहेगा.
स्ट्रैस से दूर रहें: पहले तो इन्फैक्शन आप के बालों और स्कैल्प को डैमेज कर रहा है ऊपर से आप और स्ट्रैस ले लेंगे तो हेयरफाल और भी बढ़ सकता है. इसलिए सु?ाव है कि स्ट्रैस फ्री रहें और पूरी नींद लें.
