Summer Tanning: समर वेकेशन बच्चों के लिए खेलने-कूदने और छुट्टियों का मज़ा लेने का समय होता है, लेकिन तेज धूप उनकी सेंसटिव स्किन के लिए नुकसानदायक होती है। सूरज की हानिकारक किरणें (UV Rays) बच्चों की स्किन को टैन, रुखा बना देती हैं। इसलिए जरूरी है कि इस मौसम में बच्चों की त्वचा की खास देखभाल की जाए।
बच्चो का धूप से बचाव करें। कोशिश करें कि बच्चे सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक की तेज धूप में बाहर न खेलें। अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो उन्हें पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं, जिससे उनकी त्वचा सीधे धूप के संपर्क में न आए।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (NIH) के अनुसार, बच्चों में अत्यधिक स्क्रीन एक्सपोज़र (स्क्रीन के सामने अधिक समय बिताना) मस्तिष्क के उन क्षेत्रों में बदलावों से जुड़ा पाया गया है जो ध्यान, आवेग नियंत्रण (Impulse Control) और संज्ञानात्मक विकास (Cognitive Development) से संबंधित हैं। शोधकर्ताओं का सुझाव है कि स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग बच्चों की ध्यान केंद्रित करने, जानकारी को संसाधित करने और अपने व्यवहार को नियंत्रित करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
बच्चो को सनस्क्रीन लगाएं, बच्चों की त्वचा के लिए खास तौर पर बने SPF 30 या SPF 50 का सनस्क्रीन लगाएं। बाहर जाने से करीब 20 मिनट पहले इसे बच्चों की खुली त्वचा पर लगाएं और हर 2-3 घंटे में दोबारा लगाना न भूलें। यह उनकी त्वचा को UV किरणों से बचाने में मदद करता है।

बच्चों को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है। गर्मियों में ज्यादा पसीना निकलने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिससे त्वचा भी रूखी और बेजान लगने लगती है। बच्चों को ज्यादा से ज्यादा पानी, नारियल पानी, नींबू पानी और ताजे फलों का जूस पिलाएं। इससे उनकी स्किन हाइड्रेटेड रहे है।
यूनीस केनेडी श्राइवर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य एवं मानव विकास संस्थान (NICHD) द्वारा वित्तपोषित एक अध्ययन में पाया गया कि सोने से पहले स्क्रीन का उपयोग बच्चों में नींद की अवधि कम होने से जुड़ा हुआ है। शोधकर्ताओं ने बताया कि सोने के समय स्क्रीन देखने की आदतें बच्चों की ध्यान केंद्रित करने और कठिन कार्यों को पूरा करने की क्षमता में बाधा डाल सकती हैं।
घर पर एलोवेरा जेल, खीरे का रस या गुलाब जल का इस्तेमाल बच्चों की त्वचा पर किया जा सकता है। ये चीजें स्किन को ठंडक देती हैं और टैनिंग को कम करने में मदद करती हैं। लेकिन ध्यान रखें कि किसी भी नए उपाय को अपनाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें।
इसके अलावा, बच्चों को टोपी, सनग्लासेस और छाता इस्तेमाल करने की आदत डालें। ये चीजें धूप से सुरक्षा देती हैं और टैनिंग के खतरे को कम करती हैं।
पर ध्यान रखें बच्चों की त्वचा बहुत कोमल होती है, इसलिए उसे खास देखभाल की जरूरत होती है। थोड़ी सी सावधानी और सही आदतें अपनाकर हम बच्चों को गर्मियों में टैनिंग और त्वचा संबंधी समस्याओं से बचा सकते हैं। स्वस्थ त्वचा के साथ बच्चे अपने छुट्टियों का पूरा आनंद भी उठा सकेंगे।
