‘हमारे आइडियाज और हमारी मेहनत हमें दफ्तर में बॉस का प्रिय ही नहीं बल्कि दफ्तर का बॉस बनाते हैं’ यह कहना है गूगल की पैरेंटल कंपनी अल्फाबेट के मौजूदा सीईओ सुंदर पिचाई का. पिछले दिनों उन्होंने यह टिप्पणी सोशल मीडिया में एक महिला की पोस्ट पर की. इसके बाद से कारपोरेट जगत में बहस चल पड़ी है कि आखिर वह क्या चीज है जो हमें दफ्तर में अपने बॉस का प्रिय और सहयोगियों के बीच लोकप्रिय बनाती है.
भला हममें से कौन ऐसा होगा जो अपने ऑफिस में लोकप्रिय होना नहीं चाहता. लेकिन वाकई यह इतना आसान नहीं है कि बस चाहा और हो लिए. लोकप्रिय बनने के लिए सूझबूझ, समझदारी और कड़ी मेहनत करने की जरूरत होती है.यह समझ लें कि दफ्तर में कोई भी महज बड़ी-बड़ी बातें करके लोकप्रिय नहीं हो सकता,न ही अपने फैशनेबल कपड़ों और हैसियत के चलते लोकप्रियता हासिल करता है.व्यक्तित्व या कहें कद,काठी और आपकी ख़ूबसूरती का भी आपको लोकप्रिय बनाने में बहुत मामूली योगदान ही होता है.
