Summer Special: इम्यूनिटी के साथ ऐसे बढ़ाएं ब्यूटी

खू बसूरती का सीधा संबंध बेदाग, दमकती त्वचा और प्राकृतिक निखार से है. मौसम भले आग बरसाती गरमी का ही क्यों न हो, खूबसूरती के साथ सम झौता नहीं किया जा सकता. अत: गरमियों में भी खूबसूरत बने रहने के लिए अपनाएं सही डाइट.

रोज लें हैल्दी डाइट

हर मौसम में हैल्दी डाइट लेने की आदत डालें. सर्दियों में तो लोग इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए हैल्दी चीजें खाते हैं, मगर गरमी का मौसम आते ही लापरवाह होने लगते हैं. यदि आप के साथ भी ऐसा है तो सावधान हो जाएं, क्योंकि यदि आप की डाइट डिस्टर्ब रहेगी तो स्किन अनहैल्दी टिशूज प्रोड्यूस करेगी यानी त्वचा की जो नई कोशिकाएं बनती हैं वे अस्वस्थ होंगी.

जाहिर है ऐसे में आप की त्वचा पर वह रौनक नजर नहीं आएगी जो हैल्दी खानपान से आती है. इसलिए खूबसूरती बरकरार रखने के लिए खानपान पर ध्यान देना सब से ज्यादा जरूरी है.

खूबसूरत त्वचा के लिए अपनी डाइट में शामिल करें  ये चीजें:

हरे पत्तों से दोस्ती

खूबसूरत स्किन के लिए सब से पहले अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें. गरमियों में स्किन प्रदूषण और धूप के कारण ज्यादा खराब होती है. कैमिकल्स और जंक फूड्स भी नुकसान पहुंचाते हैं. इसलिए नियम बना लें कि तीनों मील में कोई एक हरी सब्जी जरूर खाएंगी.

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डार्क चौकलेट से बढ़ाएं खूबसूरती

चौकलेट सिर्फ फैट और वेट बढ़ाने का काम ही नहीं करती है. अगर आप डार्क चौकलेट सही तरीके से और संतुलित मात्रा में खाएंगी तो यह स्किन को खूबसूरत बनाने का काम भी करती है. डार्क चौकलेट ऐंटीऔक्सीडैंट्स से भरपूर होती है, इसलिए यह गरमियों में सूर्य की किरणों के कारण हुए एजिंग इफैक्ट्स को स्किन पर नहीं आने देती.

खट्टे फलों का फायदा

मौसमी, संतरा, नीबू, कीवी, आलूबुखारा, आम, आंवला, बेरीज जैसे खट्टे फल स्किन को फ्लालैस ग्लो देने का काम करते हैं. अगर आप प्राकृतिक रूप से बेदाग और निखरी त्वचा चाहती हैं तो रोज इन में से किसी एक फ्रूट का सेवन जरूर करें. गरमियों में ये फल आसानी से मिल जाते हैं. इन्हें नियमित रूप से खाने से स्किन अंदर से खूबसूरत बनी रहेगी.

ओमेगा-3 और विटामिन डी

अखरोट जैसे सूखे मेवों, अलसी, सूरजमुखी, सरसों के बीज, सोयाबीन, स्प्राउट्स, गोभी, ब्रोकली, शलगम, हरी पत्तेदार सब्जियों और स्ट्राबेरी जैसे कई फलों में ओमेगा-3 उच्च मात्रा में पाया जाता है. विटामिन डी के मुख्य स्रोतों में अंडे का पीला भाग, मछली का तेल, विटामिन डी युक्त दूध, मक्खन आदि होते हैं. ओमेगा-3 फैटी ऐसिड, विटामिन डी और प्रोटीन ये तीनों बेहद जरूरी हैं, जो स्किन को खूबसूरत बनाए रखते हैं.

ड्राईफ्रूट्स लाएं अंदर से निखार

ड्राईफ्रूट्स में खासतौर पर अखरोट और बादाम स्किन को खूबसूरत बनाने का काम करते हैं. अखरोट ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी ऐसिड से भरपूर होता है तो बादाम विटामिन ई का अच्छा स्रोत है. ग्लोइंग स्किन के लिए इन्हें डेली डाइट में शामिल करें.

गरमियों में इम्यूनिटी बूस्टर डाइट

इस गरमी के मौसम में आप डाइट में बदलाव कर रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ा सकती हैं. कोरोना नए स्ट्रेन और नई तीव्रता के साथ एक बार फिर फैल रहा है. हम कोरोना के साथ दूसरी बीमारियों से भी लड़ सकें इस के लिए अच्छी इम्यूनिटी जरूरी है और इम्यूनिटी के लिए एक अच्छी डाइट की आवश्यकता पड़ती है. आइए जानते हैं गरमियों के इस मौसम में आप की डाइट कैसी हो ताकि आप तंदुरुस्त भी रहें और बीमारियों से भी लड़ सकें:

दही

दही ऐसा खाद्यपदार्थ है, जो सभी के लिए फायदेमंद होता है. गरमी के मौसम में दही, छाछ या मट्ठे आदि का खूब प्रयोग करना चाहिए. दही स्वाद भी बढ़ाता है और इस के सेवन से प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है.

सीड्स

1 बड़ा चम्मच मिक्स सीड्स लें. इन में सूर्यमुखी, अलसी, चिया सीड्स आदि मिक्स करें. अलसी में ओमेगा -3 और फैटी ऐसिड पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है. शाकाहार करने वालों के लिए सीड्स ओमेगा-3 और फैटी ऐसिड का सब से अच्छा स्रोत है. इस के प्रयोग से बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है.

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विटामिन सी

संक्रामक रोगों से सुरक्षा के लिए विटामिन सी को सब से अच्छा औप्शन माना जाता है. यह एक स्ट्रौंग ऐंटीऔक्सीडैंट है. रोजाना 40 से 60 मिलिग्राम तक इसे अपनी डाइट में लें. नीबू, आंवला, अमरूद, संतरे के अलावा हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे धनियापत्ती, पुदीनापत्ती आदि खाने में किसी न किसी रूप में शामिल करें. ये दोनों रोग प्रतिरोधक क्षमता को दुरुस्त रखने में मददगार होती हैं.

गाजर

गाजर का काम शरीर में खून बढ़ाने के साथ कई हानिकारक बैक्टीरिया से लड़ने का भी होता है. यह विटामिन ए, कैरोटेनौइड और ऐंटीऔक्सीडैंट का स्रोत है.

ग्रीन टी और ब्लैक टी 

ग्रीन टी और ब्लैक टी दोनों ही प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में काफी मदद करती हैं. लेकिन गरमियों में एक दिन में इन के 1-2 कप ही पीएं. इन का ज्यादा मात्रा में सेवन करने से कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं.

कच्चा लहसुन

कच्चा लहसुन भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में काफी फायदेमंद होता है. इस में काफी मात्रा में ऐलिसिन, जिंक, सल्फर और विटामिन ए व ई पाए जाते हैं. गरमी के मौसम में भी सब्जियों में इस का प्रयोग जरूर करें.

भरपूर पानी

गरमियों में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए रोजाना 10 से 12 गिलास पानी जरूर पीएं. छाछ, नारियल पानी, नीबू पानी, आम का पना आदि भी ले सकती हैं.

हलदी वाला दूध

गरमी का मौसम हो या जाड़े का, रोज रात में सोने से पहले हलदी मिला 1 गिलास दूध लें. हलदी में करक्यूमिन होता है, जो रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है.

प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा

शरीर की मांसपेशियों और कोशिकाओं की मरम्मत और मैटाबोलिज्म को बेहतर करने के लिए प्रोटीन जरूर लें. रोज 1-2 कटोरी दाल या अंकुरित दालें, दूध, दही, पनीर या उबला अंडा ले सकती हैं. इन से अमीनो ऐसिड्स मिलते हैं, जो शरीर के लिए जरूरी होते हैं.

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बच्चों की इम्युनिटी को बढाएं कुछ ऐसे 

 4 साल का रोहन बहुत ही दुबला है, क्योंकि वह खाना ठीक से नहीं खाता, उसकी माँ कोमल 2 से 3 घंटे घूम घूमकर हर रोज उसे खाना खिलाती है, वह बेटे को बहुत बार डॉक्टर के पास भी ले गयी, पर डॉक्टर की दवाई का कुछ खास फायदा नहीं हुआ. उसे चिप्स, बिस्किट , चोकलेट और बाज़ार के जंक फ़ूड  पसंद है, लेकिन दाल, चावल, सब्जी नहीं खाना है. परेशान होकर माँ  डॉक्टर के पास जाना भी बंद किया और वह जो भी खाता है, उसी में संतुष्ट रहने लगी. ये सही है कि आज छोटा बच्चा हो या शिशु उन्हें सही पोषण के लिए सही मात्रा में खाना खिलाना बहुत मुश्किल होता है.

घरेलू माँ घंटो बैठकर खाना खिलाती है, जबकि वर्किंग वुमन  को केयर टेकर के उपर निर्भर रहना पड़ता है, अगर बच्चा खाना न खाए, तो खुद खा लेती है, या फिर फेंक देती है. इसका सही इलाज न तो पेरेंट्स के पास है और न ही डॉक्टर के पास. ऐसे बच्चे हमेशा बीमार रहते है और उनकी इम्युनिटी कम होती जाती है. इस बारें में एड्रोइट बायोमेड लिमिटेड के प्रमुख डॉ. सुनैना आनंद कहती है कि पिछले कुछ सालों में चेचक, पोलियो, और स्पेनिश फ्लू जैसी कई महामारियों को इन्युनिटी बढाकर ही निजात पायी गयी है. यही बात कोरोना वायरस के साथ भी लागू होती है. हालाँकि ये नया वायरस है और मानव में इसकी इम्युनिटी नहीं है. इसलिए ये सबके लिए घातक सिद्ध हो रही है. रोग प्रतिरोधक क्षमता ही शरीर को किसी संक्रमण से बचाती है. 

इसके आगे डॉ. सुनैना कहती  है कि छोटे बच्चों में इम्युनिटी कम होने की वजह से वे किसी भी इन्फेक्शन के लिए अति संवेदनशील होते है. इन्फेंट को माँ से ब्रैस्ट फीडिंग के द्वारा इम्युनिटी  ट्रान्सफर होती रहती है, लेकिन  समय से पहले अगर बच्चे का जन्म हुआ हो, तो उसकी इम्युनिटी अधिकतर कम होती है, क्योंकि उन्हें पूरा पोषण पेट में रहते हुए नहीं मिला है,जिससे उनमें संक्रमण का खतरा अधिक रहता है. इसलिए ऐसे बच्चों की देखभाल भी अच्छी तरीके से की जानी चाहिए, इम्युनिटी बढ़ाने के कुछ सुझाव निम्न है,

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  • अगर बच्चा छोटा है, तो उसे स्तनपान नियमित कराएं, इससे उसकी इम्युनिटी बढती है, क्योंकि माँ के दूध में प्रोटीन, वसा, शर्करा, एंटीबॉडी, प्रोबायोटिक्स आदि होता है, जो बच्चे के लिए खास जरुरी होता है.
  • छोटे बच्चों का टीकाकरण निर्देशों के अनुसार करवाते रहना चाहिए, क्योंकि ये गंभीर बीमारी से बच्चे को बचाने का एक प्रभावी और सुरक्षित तरीका है, हालाँकि कोरोना संक्रमण के दौरान बहुत सारे पेरेंट्स ने इन्फेक्शन के डर से बच्चों का टीकाकरण समय से नहीं करवाया, जो बच्चों के लिए ठीक नहीं रहा,  बच्चे अधिकतर  फर्श पर पड़ी वस्तुओं को हाथ लगते या मुंह में डालते रहते है, जिससे उन्हें कई बार खतरनाक बीमारी लग जाती है, इसके अलावा समय -समय पर उनके हाथों को धोते रहना भी बहुत जरुरी है, ताकि ये उनकी आदतों में शामिल हो जाय, खासकर भोजन से पहले और भोजन के बाद.
  • उचित मात्र में नींद भी बच्चों की इम्युनिटी को बढ़ाती है, अपर्याप्त नीद शरीर में साइटोकिंस नामक प्रोटीन के उत्पादन करने की क्षमता को सीमित करती है, जो संक्रमण से लड़ने और उसके प्रभाव को कम करने में मदद करती है, बच्चों को एक दिन में कम से कम 8 से 10 घंटे की नन्द लेनी चाहिए,
  • बच्चे की इम्युनिटी उम्र के साथ-साथ लगातार बदलती रहती है, इसमें खाने की आदतों से उन्हें प्राकृतिक रूप से इम्युनिटी मिलती है, जो किसी भी इन्फेक्शन से लड़ने में सक्षम बनाती है, संतुलित भोजन और पूरक आहार बच्चों को हमेशा संक्रमण से दूर रखती है.

बच्चे को संतुलित और पोषक आहार देना आज की माओं के लिए एक समस्या है, क्योंकि अधिकतर बच्चों को घर का बना खाना पसंद नहीं होता, पर इससे मायूस होने की कोई बात नहीं. जब आप किचन या मार्केट में जाएँ तो बच्चे को भी साथ लेकर काम करें और बच्चे से भी उसके अनुसार काम करवाएं, इससे उसकी खाना खाने की रूचि बढती है. इस बारें में डॉ. अनीश देसाई कहते है कुछ पोषक तत्व नियमित देने से बच्चे की  रोग प्रतिरोधक क्षमता धीरे -धीरे बढती जाती है, जो निम्न है,

  • एस्कार्बिक एसिड के रूप में जाना जाने वाला विटामिन सी है, जो खट्टे फल, जामुन, आलू और मिर्च में पाया जाता है, इसके अलावा यह टमाटर, मिर्च, ब्रोकोली आदि प्लांट के स्त्रोतों में पाया जाता है, विटामिन सी एंटीबॉडी के गठन को एक्साईट कर इम्युनिटी को मजबूत बनाती है,
  • विटामिन ई एक एंटी ओक्सिडेंट के रूप में काम करता है और रोग प्रतिरोधक समझता को बढ़ाती है, फोर्टिफाईड अनाज, सूरजमुखी के बीज, बादाम तेल (सूरजमुखी या कुसुम तेल) हेजलनट्स और पीनटबटर  के साथ बच्चे के आहार में विटामिन ई जोड़ने से इम्युनिटी को बढ़ावा देने में मदद मिलती है,  
  • जिंक इम्युनिटी को प्रभावी ढंग से काम करने में मदद करता है, इसके लिए जिंक के स्त्रोत पोल्ट्री, ओसेनिक फ़ूड, दूध, साबूत अनाज, बीज और नट्स है,
  • प्रोटीन बच्चे की इम्युनिटी को बढ़ाती है, जो किसी बीमारी से लड़ने में मदद करती है, इसके लिए अंडे, बीन्स, मटर, सोया उत्पाद, अनसाल्टेड नट्स, बीज आदि प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करना अच्छा रहता है,
  • प्रोबायोटिक्स भी इम्युनिटी को बढ़ाने में  कारगर सिद्ध होती है, जो दही, किमची, फरमेंटेड सोया प्रोडक्ट आदि में होता है, क्योंकि वे हानिकारक बैक्टेरिया को दूर रखते और उन्हें आंत में बसने से रोकती है, 
  • विटामिन ए, डी, बी 12, फोलेट, सेलेनियम और आयरन सहित अन्य पोषक तत्व भी बच्चों की इम्युनिटी को मजबूत करती है.

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च्यवनप्राश से बढ़ाएं इम्युनिटी 

लेखक-आशीष

कोरोना महामारी ने दुनियाभर के लोगों को सेहतमंद जीवनशैली अपनाने को मजबूर कर दिया है. हर कोई इम्यूनिटी बूस्टर चीजों को डाइट का हिस्सा बना रहा है. यों तो अधिकतर भारतीय शाकाहारी हैं और नपातुला खाना ही पसंद करते हैं, मगर फूड ग्लोबलाइजेशन के चलते उन के खानपान का कुछ हिस्सा फास्ट फूड ने ले ही लिया है. ऐसे में सेहत और इम्यूनिटी के लिए सिर्फ खानपान पर निर्भर रहने के बजाए यदि प्राकृतिक गुणों से भरपूर चीजों जैसे च्यवनप्राश इत्यादि को भी अपने सेहत वाले रूटीन में शामिल कर लें तो आप की वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने की ताकत दोगुनी हो जाती है.

क्या हैं फायदे

ज्यादातर लोग च्यवनप्राश का सेवन सर्दी के मौसम में ही करते हैं, मगर इस के सेहत वाले इतने फायदे हैं कि किसी भी मौसम में इस का सेवन किया जा सकता है. च्यवनप्राश कौमन या ऐलर्जी वाले कोल्ड और फ्लू से लड़ने के लिए आप की इम्यूनिटी को और भी स्ट्रौंग बनाता है. इसे बनाने में मुख्य रूप से आंवले का प्रयोग किया जाता है, जो कि विटामिन सी का बेहतरीन स्रोत है. हालांकि, च्यवनप्राश बनाने की प्रक्रिया के दौरान आंवलों को जलाने और सुखाने जैसे कई चरणों से गुजरना पड़ता है मगर फिर भी इस में मौजूद विटामिन सी जस का तस ही रहता है.

आंवले के साथसाथ इस में देशी घी, दालचीनी, लौंग, इलाइची, केसर और चुनिंदा हर्ब्स का भी मिश्रण होता है. इन सभी तत्वों के अलगअलग फायदे हैं जिन से न सिर्फ इम्यूनिटी स्ट्रौंग होती है, बल्कि रैसपिरेटरी सिस्टम, दिल और दिमाग भी दुरुस्त रहते हैं. इस में शहद का भी संतुलित मिश्रण होता है. शहद रोगप्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने के साथसाथ गले की खराश में भी आराम दिलाता है. उपरोक्त तत्वों का संतुलित मिश्रण त्वचा और बालों के लिए भी काफी फायदेमंद हैं.

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च्यवनप्राश पाचनतंत्र को सुचारु रखने में भी काफी उपयोगी है. यह आमाशय और आंतों को स्ट्रौंग बना कर उन की प्रक्रिया को भी दुरुस्त बनाए रखता है. पाचनतंत्र सही रहने से लिवर कैंसर इत्यादि होने का खतरा काफी कम हो जाता है.

कैसे करें सेवन

यों तो इस का सेवन हर आयुवर्ग के लोग कर सकते हैं, मगर छोटे बच्चों को इस का सेवन न कराएं. वयस्क 1 चम्मच च्यवनप्राश दूध के साथ ले सकते हैं. गर्भवती महिलाओं और डायबिटीज इत्यादि बीमारी से पीडि़त लोगों को इस का सेवन डाक्टर की सलाह से करना चाहिए. यदि खट्टा या तलाभुना मसालेदार भोजन किया है तो उस दिन इस का सेवन न ही करें तो बेहतर होगा.

सावधानी

वैसे तो च्यवनप्राश का सेवन सुरक्षित होता है, मगर दूध इत्यादि के साथ इसे लेने से गैस या अपच की समस्या महसूस हो तो डाक्टर की सलाह से ही इस का सेवन करें. चूंकि इस में कुछ मात्रा में चीनी की भी होती है इसलिए डायबिटीज से पीडि़त लोग इस का सेवन न करें तो बेहतर होगा या फिर ऐसा च्यवनप्राश इस्तेमाल करें जिस में चीनी न हो.

इन सभी बातों को ध्यान में रख कर च्यवप्राश का इस्तेमाल करेंगे तो यह आप की इम्यूनिटी भी बढ़ाएगा और आप को चुस्तदुरुस्त भी रखेगा.

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 इम्यूनिटी बढ़ाने वाले 7 ब्रेकफास्ट

आए दिन नाश्ता स्किप करना आप की आदत बन चुका है तो संभल जाएं, क्योंकि रात के लंबे ब्रेक के बाद सुबह शरीर को फ्यूल की जरूरत होती है, क्योंकि जब हम सोते हैं तब हमारे शरीर की कोशिकाएं मरम्मत का काम करती हैं, हमारा शरीर व दिमाग कार्य करता रहता है. इस काम में खर्च हुई ऐनर्जी की पूर्ति सुबह के ब्रेकफास्ट से ही हो सकती है. लेकिन कभी जल्दबाजी के कारण तो कभी यह सोच कर कि लंच जल्दी कर लूंगी, महिलाएं नाश्ते के साथ समझौता कर लेती हैं और फिर धीरेधीरे इस का सेहत पर बुरा असर पड़ने लगता है.

जैसे अगर आप के दिन की शुरुआत अच्छी होती है तो पूरा दिन अच्छा बितता है ठीक यही बात ब्रेकफास्ट पर भी लागू होती है. अगर ब्रेकफास्ट हैवी और न्यूट्रिशन से भरपूर होगा तो आप पूरा दिन तरोताजा और स्फूर्ति से भरपूर महसूस करेंगी.

अमेरिका की वांडरबिल्ट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर आप समय पर व न्यूट्रिशन से भरपूर ब्रेकफास्ट नहीं लेते तो इस से मैटाबोलिज्म स्लो हो जाता है जो मोटापा बढ़ा सकता है. इसलिए अपने ब्रेकफास्ट को कभी स्किप न करें और उसे हैल्दी बनाने की कोशिश करें. आप के ब्रेकफास्ट में प्रोटीन, कैल्सियम, ऐनर्जी, कार्ब्स, विटामिंस, मिनरल्स, फाइबर, फैट्स सभी शामिल होने चाहिए.

कैसा हो आप का ब्रेकफास्ट, इस संबंध

में बता रही हैं फरीदाबाद के एशियन इंस्टिट्यूट औफ मैडिकल साइंसेज की डाइटीशियन

डा. विभा.

1. स्टफ्ड ब्रैड

परांठा खाना हर किसी को पसंद होता है, लेकिन सेहत के चक्कर में सब से पहले हम अपनी डाइट से परांठे को ही आउट कर देते हैं. जबकि इसे बनाने के हैल्दी तरीके अपना कर हम इसे अपने नाश्ते में ऐड कर सकती हैं. परांठे को पोषणयुक्त बनाने के लिए गेहूं के आटे में बेसन या अपनी पसंद का कोई और आटा मिला लें. मिक्स आटे से कैल्सियम, मैग्नीशियम, फाइबर और फौलेट की उचित मात्रा भी मिल जाती है. परांठे को भरावन के तौर पर गोभी, आलू, पनीर, मटर, प्याज, अदरक इत्यादि का इस्तेमाल करें या फिर मौसमी हरी सब्जियों का इस्तेमाल या मेथी की पत्तियों का पेस्ट मिला साधारण परांठे को पोषणयुक्त परांठा बना लें. इस तरह स्वाद भी बढ़ जाएगा और अलगअलग सब्जियों के पोषक तत्त्व भी नाश्ते में मिल जाएंगे.

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गोभी में बोन बूस्टिंग विटामिन के और इम्यूनिटी बूस्टर विटामिन सी मौजूद होता है, साथ ही इसे ऐंटीऔक्सीडैंट का भी अच्छा स्रोत माना जाता है. अगर आप गोभी का 1 परांठा खाती हैं, तो आप को इस से 200 कैलोरी मिलती है. वहीं गाजर में विटामिंस, मिनरल्स, फाइबर होते हैं. इन का परांठा खाने से आप को 130 कैलोरी मिलेगी. पालक न्यूट्रिऐंट्स और ऐंटीऔक्सीडैंट्स से भरपूर होता है, इस के एक परांठे से आप को 140 कैलोरी मिलती है.

2. स्टीम्ड पोहा

स्टीम्ड पोहा से आप को कैलोरीज, फैट, कार्बोहाइड्रेट, मिनरल, फाइबर, सोडियम सब मिलता है, जो रोज ब्रेकफास्ट की डिमांड होती है. यह हाई फाइबर रिच फूड होने के कारण इसे खाने से आप को लंबे समय तक भूख नहीं लगती, साथ ही यह शरीर में आयरन की कमी को भी दूर करता है. इस से इम्यूनिटी भी बूस्ट होती है.

यहां तक कि प्रैगनैंट व ब्रैस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाओं को रोजाना ब्रेकफास्ट में पोहा खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि बच्चे की सारी जरूरतें मां के शरीर से पूरी होती हैं. ऐसे में शरीर में आयरन की कमी से गैस्टेशनल ऐनीमिया का खतरा बढ़ जाता है, जबकि पोहा बनने की प्रक्रिया में चावल को आयरन रोलर्स से हो कर गुजरना होता है. ऐसे में उस में आयरन की मात्रा भी मिल जाती है. इसलिए ही उसे आयरन रिच फूड में गिना जाता है. आप चाहें तो अपने पोहा बाउल में नीबू भी ऐड कर सकती हैं, क्योंकि यह आयरन को आप के शरीर में बेहतर ढंग से अवशोषित करने का काम करता है.

पोहा के एक बाउल में लगभग 173 कैलोरी और 4.8 ग्राम प्रोटीन होता है.

3. स्टफ्ड डंपलिंग

अगर आप एकजैसे ब्रेकफास्ट से बोर हो गए हैं तो स्टफ्ड डंपलिंग, जिसे दाल के फरे भी कहते हैं को अपने ब्रेकफास्ट में शामिल करें. यह काफी हैल्दी व टेस्टी ब्रेकफास्ट माना जाता है. इस की स्टफिंग चने, उरद की दाल, चावल का आटा, जीरा, लहसुन, नमक डाल कर तैयार की जाती है और डो आटे से तैयार किया जाता है. उरद की दाल में प्रोटीन और आयरन की मात्रा अधिक होती है, चने की दाल में वसा बहुत कम होती है, जो शरीर के लिए काफी फायदेमंद होती है. इसे स्टीम करने के कारण इस की न्यूट्रिशन वैल्यू कम नहीं होती.

इस के 2 पीस में लगभग 186 कैलोरी और 7.9 ग्राम प्रोटीन होता है.

4. क्विनोआ पोहा विद हरे मटर

क्विनोआ पोहा हाई प्रोटीन रिच ब्रेकफास्ट है. इस में कैलोरीज बहुत कम होती हैं. यह ग्लूटेनफ्री होता है. इस में न्यूट्रिऐंट्स, ओमेगा 3 फैटी ऐसिड्स, मोनो अनसैचुरेटेड फैट्स होने के कारण यह पचने में आसान होता है, साथ ही इस में फाइबर होने के कारण यह लंबे समय तक आप को तृप्त रखता है और जब हम इस में मटर, प्याज व अन्य सब्जियां ऐड करते हैं तो इस की न्यूट्रिशन वैल्यू कहीं अधिक बढ़ जाती है, क्योंकि मटर में विटामिंस, ऐंटीऔक्सीडैंट्स जैसे विटामिन सी, के और फौलेट होते हैं, साथ ही ये मैग्नीशियम और फाइबर में भी रिच होने के कारण काफी हैल्दी ब्रैकफास्ट माना जाता है.

इसे बनाना भी काफी आसान है. पहले क्विनोआ को भूनें, फिर इस में पानी डाल कर अच्छी तरह से उबालें. इस के बाद इसे सब्जियों के तड़के में डालें. क्विनोआ पोहा तैयार है. आखिर में ऊपर से नीबू ऐड करें. यह जहां

टेस्ट को बढ़ाने का काम करता है वहीं इस में मौजूद विटामिन सी आयरन के अवशोषण में

मदद करेगा.

इस में एक बाउल में लगभग 182 कैलोरी और 6.9 ग्राम प्रोटीन होता है.

5. ओट्स की इडली

सूजी व चावल की इडली तो आप ने खाई होगी, लेकिन क्या कभी ओट्स की इडली ट्राई की है? यह न सिर्फ खाने में स्वादिष्ठ होती है, बल्कि यह प्रोटीन, फाइबर, ऐंटीऔक्सीडैंट्स, विटामिन बी व मिनरल्स से भरपूर होने के कारण आप के दिल की सेहत का भी खास खयाल रखती है. इसे आप पीनट की चटनी के साथ भी खा कर इस के स्वाद को और बढ़ा सकती हैं.

इस के 2 पीस में लगभग 147 कैलोरी और 5.3 ग्राम प्रोटीन होता है.

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6. अंकुरित अनाज

अंकुरित अनाज हमारी सेहत के लिए कई मानों में फायदेमंद माना जाता है. यह न सिर्फ हमें तंदुरुस्त रखने का काम करता है, बल्कि हमें कई बीमारियों से भी बचाने का काम करता है. एक बाउल मूंग दाल स्प्राउट्स में सिर्फ 50 कैलोरी होती है, साथ ही ये विटामिन बी, ई, सी, फाइबर, प्रोटीन, आयरन का अच्छा स्रोत होने के साथसाथ आप की बौडी को डीटौक्स करने का भी काम करते हैं.

स्प्राउट्स में प्रचुर मात्रा में विटामिन ए और सी होता है. स्प्राउट के अंकुरित होने की 1 हफ्ते की प्रक्रिया में उस में विटामिन ए की मात्रा 10 गुना तक बढ़ जाती है. उच्च मात्रा में विटामिन ए का मतलब शरीर में व्हाइट ब्लड सैल्स के उत्पादन में वृद्धि है जिस से आप को इन्फैक्शन, फ्लू, कोल्ड होने की संभावना कम होती है.

7. टोफू कटलेट

टोफू में लो कैलारी प्रोटीन होने के साथ यह विटामिन बी, कैल्सियम और अल्फा लीनोलिक, जो शरीर में जा कर ओमेगा 3 फैटी ऐसिड में बदल जाता है, इसलिए आप इस का कटलेट बना कर अपने ब्रेकफास्ट को न्यूट्री रिच बना सकती हैं.

इस के 2 पीस में लगभग 131 कैलोरी और 5.8 ग्राम प्रोटीन होता है.

तो नाश्ते के इन 7 विकल्पों को अपना कर सेहतमंद रहने के साथसाथ अपनी इम्यूनिटी को भी बूस्ट करें.

मशरूम खाएं इम्यूनिटी बढ़ाएं

 इम्यूनिटी को हिंदी में प्रतिरोधक क्षमता या प्रतिरक्षा कहा जाता है. यह किसी भी तरह के सूक्ष्म जीवों जैसे रोग पैदा करने वाले जीवाणुओं, विषाणुओं आदि से शरीर को लड़ने की क्षमता देती है.

शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में खाद्य पदार्थ अहम भूमिका निभाते हैं. मशरूम एक तरह की फफूंदी हैं, जो हमारे आहार का अंग बन गई है.

यह एक शाकाहारी आहार है. इस से विभिन्न व्यंजन जैसे सब्जी, सूप, अचार, पकोड़े, मुरब्बा, बिरयानी, बिसकुट, नूडल्स बनाए जाते हैं.

मशरूम में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, खाद्य रेशा, वसा, खनिज लवण, विटामिन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. यह एक कम ऊर्जा वाला आहार है. इस में कोलेस्ट्रौल नहीं पाया जाता है, जबकि आर्गेस्टेराल प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो खाने के बाद मानव शरीर में विटामिन डी में बदल जाता है.

कई रिसर्च से पता चला है कि विटामिन डी वायरल संक्रमण व स्वास्थ्य संबंधी संक्रमण को रोकने में लाभदायक साबित होता है, इसलिए कई बीमारियों में मशरूम का इस्तेमाल दवा के रूप में किया जाता है.

मशरूम में कई खास खनिज और विटामिन पाए जाते हैं. इन में विटामिन बी, डी, पोटैशियम, कौपर, आयरन, सैलेनियम की पर्याप्त मात्रा होती है. मशरूम में कोलीन नाम का एक खास पोषक तत्त्व पाया जाता है, जो मांसपेशियों की सक्रियता और याददाश्त बरकरार रखने में बेहद फायदेमंद रहता है.

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मशरूम के फायदे

* मशरूम में एंटीऔक्सीडैंट भरपूर मात्रा होते हैं. इन में से खास है अरगोजियोनीन, जो बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने और वजन घटाने में सहायक होता है. एंटीऔक्सीडैंट सूजन रोकने, फ्रीरैडिकल के कारण शरीर में होने वाले नुकसान और संक्रमण से बचाते हैं व शरीर में रोगों से लड़ने वाली कोशिकाओं को भी बढ़ाते हैं.

* मशरूम में मौजूद तत्त्व रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं. इस से सर्दीजुकाम जैसी बीमारियां जल्दीजल्दी नहीं होती हैं. मशरूम में मौजूद सैलेनियम इम्यून सिस्टम के रिस्पौंस को बेहतर बनाता है.

* मशरूम विटामिन डी का भी अच्छा स्रोत है. विटामिन डी हड्डियों को मजबूत बनाता है.

* इस में बहुत कम मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होता है, जिस से वजन और शुगर का लैवल नहीं बढ़ता है.

* मशरूम में वसा बहुत कम होती है व कोलेस्ट्रौल नहीं होता है. इस के अलावा मशरूम त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद है.

ताजा मशरूम में 80 से 90 फीसदी पानी पाया जाता है. मशरूम के शुष्क भार का 46 से 82 फीसदी कार्बोहाइड्रेट, 12 से 35 फीसदी प्रोटीन, 8 से 10 फीसदी फाइबर, एक से 4 फीसदी वसा और विटामिन व खनिजलवण होता है.

मशरूम में इम्यूनिटी

मशरूम की कोशिका भित्ति पोलीसैकेराइड (बीटा ग्लूकांस) की बनी होती है जो प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है. इस के अलावा मशरूम में मिलने वाले गैनोडरमीक एसिड, एरगोथियोनीन व कार्डीसेवीन भी प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ाते हैं.

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मशरूम में कैंसर रोधी क्षमता

बटन मशरूम और ओयस्टर मशरूम में प्रोस्टेट व ब्रैस्ट कैंसर रोधी क्षमता पाई जाती है. 5 अल्फा रिडक्टेज और एरोमाटेज एंजाइम, जो कैंसरकारी ट्यूमर वृद्धि के लिए उत्तरदायी है, इसे रोकने के गुण ताजा मशरूम में पाए जाते हैं. कैंसर के उपचार में प्रयोग होने वाली प्रमुख दवा पौलिसैकेराइड-के (क्रेसीन) मशरूम से ही बनाई जाती है.

#coronavirus: बुजुर्गों की Immunity बढ़ाने के लिए इन फूड्स का करें इस्तेमाल

कोविड (COVID) – 19 का असर खतरनाक तरीके से बढ़ता जा रहा है और अभी तक इसका सामना करने के लिए कोई दवा उपलब्ध नहीं है, अपने आप को अलग-थलग करना और संगरोध (क्वारंटीन) करना ही इसे और अधिक फैलने से रोकने की एकमात्र उम्मीद नज़र आती है. वृद्ध व्यक्तियों तथा पहले से ही मौजूद चिकित्सा दशाओं वाले व्यक्तियों को वायरस से संक्रमित होने का तुलनात्मक रूप से अधिक जोखिम होता है क्योंकि उनके प्रतिरक्षा स्तर कमज़ोर होते हैं, इसलिए वर्तमान में, घर में ही उपलब्ध खाद्य पदार्थों पर विचार करना चाहिए, जिससे संक्रमण से बचने में सहायता मिल सके.

अनुसंधान से यह कई बार साबित किया जा चुका है कि, विटामिन सी तथा ई से युक्त खाद्य पदार्थ और कुछ खास प्रकार की जड़ी बूटियां प्रतिरक्षा को बढ़ाने में बहुत अधिक उपयोगी होती हैं. ऐसा कहने के बाद, हम आपको कुछ “रोज़मर्रा” के खाद्य पदार्थों के बारे में संक्षिप्त में बताने जा रहे हैं, जो विशेष रूप से वर्तमान समय में प्रतिरक्षा विकसित करने में सर्वश्रेष्ठ साबित होते हैं. इन खाद्य पदार्थों में निहित “तत्व” ही मायने रखते हैं जो कि प्रतिरक्षा का निर्माण करने में बहुत अधिक प्रभावी साबित होते हैं.

बीटा-कैरोटीन, विटामिन सी, ई तथा यहां तक की जिंक की भरपूर मात्रा वाले फल और सब्जियां- वृद्ध व्यक्तियों के आहार में इन परिवर्तनों से सुनिश्चित रूप से उनकी प्रतिरक्षा में सुधार किया जा सकता है. हरे पत्तेदार खाद्य-पदार्थ जैसे पालक, गाज़र, खूबानी, मटर, ब्रोक्कोली, तथा लाल और पीली मिर्चों में बीटा-कैरोटीन की भरपूर मात्रा पाई जाती है और सुनिश्चित रूप से ये खाद्य पदार्थों में से बहुत अच्छे विकल्प हैं.

1. पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें

किसी से भी पूछिए और बिना पलक झपके वे कहेंगे कि, “दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीएं”. यही सिद्धांत यहां पर भी लागू होता है. आप ग्रीन टी, नारियल पानी तथा घर में तैयार कुछ फलों के जूस भी शामिल कर सकते हैं जिनसे प्रतिरक्षा में सुधार करने में बहुत अधिक सहायता मिलेगी.

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2. विटामिन सी की भरपूर मात्रा वाले खाद्य पदार्थ

विभिन्न शोधों से यह साबित हुआ है कि बच्चे हों, वयस्क हों या वृद्ध व्यक्ति, सभी की प्रतिरक्षा में सुधार करने में विटामिन सी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है! संतरे, पपीता, किवी तथा अमरूद जैसे फलों में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है तथा इन्हें अपने आहार में शामिल किया जाना चाहिए. साथ ही, बैंगन, शिमला मिर्च, चुकन्दर, पालक तथा गोभी जैसी सब्जियों को विटामिन सी का बेहतर स्रोत माना जाता है और ये प्रतिरक्षा के लिए अच्छी होती हैं.

3. जड़ी बूटियां

हमारी सामान्य जड़ी बूटियों जैसे हल्दी, अदरक, लहसुन, तुलसी तथा काले जीरे के संबंध में यह साबित किया गया है कि इनमें औषधीय तथा उपचारात्मक गुण पाए जाते हैं और पूरे विश्व में इनका इस्तेमाल किया जाता है. उदाहरण के लिए करक्यूमिन, जो कि सामान्य हल्दी में पाया जाने वाला एक तत्व है, उसके कैंसर-रोधी, सूजन-रोधी तथा प्रतिरक्षा में सुधार करने के गुणों को बड़े पैमाने पर स्वीकार किया जाता है. कुछ अनुसंधानों में यह पाया गया है कि काली मिर्च के साथ तुलसी तथा शहद के प्रयोग से शरीर को रोगों और संक्रमणों से लड़ने की शक्ति प्राप्त होती है. विटामिन सी, बी1 तथा बी6, खनिजों (फॉस्फोरस तथा आयरन) की भरपूर मात्रा वाले लहसुन न केवल खाद्य पदार्थों में फ्लेवर के लिए इस्तेमाल किया जाता है बल्कि इसके पौष्टिकता, फंगसरोधी तथा एन्टीसेप्टिक गुणों के कारण इसे प्रतिरक्षा में सुधार का समृद्ध स्रोत भी माना जाता है. लहसुन में मुख्य रूप से सल्फर यौगिक एलिसिन तत्व पाए जाते हैं.

4. विटामिन ई की भरपूर मात्रा वाले खाद्य पदार्थ

कुछ शोधों में यह साबित किया गया है कि विटामिन ई वृद्ध व्यक्तियों के समग्र स्वास्थ्य, तथा उनकी प्रतिरक्षा को बनाए रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है. विटामिन ई, एक शक्तिशाली एन्टीऑक्सीडेंट है, जिससे आप विभिन्न प्रकार के संक्रमणों, बैक्टीरिया और वायरस से बच सकते हैं. विटामिन ई की दैनिक खुराक प्राप्त करने के लिए भीगे हुए बादाम, मूंगफली का मक्खन (पीनट बटर), सूरजमुखी के बीज और यहां तक कि अखरोट भी अपने आहार में शामिल करें.

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ऐसे समय में जब कुछ मिनटों के लिए बाहर जाने से भी आपको संक्रमण होने का बहुत बड़ा खतरा हो सकता है, घर में लॉक्ड-डाउन रहना दिल-दिमाग, शरीर और आत्मा के लिए तनावपूर्ण हो सकता है. इस समय के दौरान, इन खाद्य पदार्थों से सशक्त प्रतिरक्षा प्रणाली विकसित करने के लिए और फिट बने रहने के लिए करने में आसान कुछ एक्सरसाइज़ करें.

 डा. अंजू माज़िद, डायरेक्टर तथा वरिष्ठ वैज्ञानिक, सैमी-सैबिन्सा समूह , से बातचीत पर आधारित.

#coronavirus: इम्युनिटी बढ़ाने के लिए ट्राय करें ये रेसिपी

आज का माहौल और वक़्त देखते हुए अपनेआप को कीटाणु रहित रहना, अपने आसपास की पूरी साफसफाई रखना जरुरी है और अपनी सेहत का ख्याल रखना, जो सबसे अहम है. इस के लिए बॉडी की इम्युनिटी को बनाए रखना जरुरी है.

मै आपको बॉडी इम्युनिटी बढ़ाने के ऐसी रेमेडी देना चाहती हूं जो आप ने सुनी तो होंगी लेकिन उस के फायदे कितने हैं मालूम नहीं, या फिर उन रेमेडी को कब और कैसे इस्तेमाल करना है नहीं जानते हैं. तो आइए नेचुरल तरीके से अपनी बॉडी इम्युनिटी को बूस्ट  करते हैं.

1. ग्रीन टी विद सिनेमन (दालचीनी )

एक कप पानी में चुटकी भर दालचीनी पॉउडर, एक बड़ा चम्मच ग्रीन टी लीव्स उबालें. छान लें और उस में एक छोटा चम्मच शहद मिला कर रोजाना सुबह खली पेट पिएं.

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2. लहसुन वाला दूध

एक छोटे कप दूध में ३-४ लहसुन की कली बारीक़ काट कर 5 मिनट उबाल कर दूध छान लें. थोड़ा ठंडा होने पर रात में सोने से पहले पिएं. इस से शरीर का रक्त साफ़ होता है और बॉडी इम्युनिटी बढ़ती है. हफ्ते में 2 बार पिएं, फर्क खुद महसूस करोगे. यही नहीं, पकने की समस्या, कफ एंड कोल्ड, कमर दर्द की समस्या, बदहजमी को दूर करता है. पाचनतंत्र को दुरुस्त रखता है.

3. टर्मेरिक टी

एक कप पानी जब उबाल जाए उसमे एक इंच कच्ची हल्दी (कद्दूकस की हुई) अदरक के बारीक टुकड़े, नीबू के पतले कटे छिलके चुटकी भर दालचीनी पाउडर, 2-3 कुटी हुई काली मिर्च दाल कर 10  मिनट और उबालें. छान कर थोड़ी शहद और आधा कप नीबू का रस डाल कर पिएं. बॉडी इम्युनिटी में जबरदस्त इजाफा होगा.

4. नीबू पानी

शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का सबसे आसान उपाय है नीबू पानी का सेवन. नीबू विटामिन सी से भरपूर होने से स्वेत रक्त कोशिकाओं को बढ़ता है. इसके आलावा रोज सुबह खाली पेट नीबू पानी सेवन से वजन कम करने में भी सहायता मिलती है.

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5. शहद और लहसुन

लहसुन की छिली कलियाँ शहद में डाल कर 5 दिन तक फ्रिज में रख दें. फिर रोज एक लहसुन 1 चम्मच शहद के साथ खाएं. लहसुन हमारे शरीर के इम्युन सिस्टम  को बेहतर बनाने के साथ साथ किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचाव करने सूजन, दर्द और बदलते मौसम में होने वाली एलर्जी को भी काम करने में सुरक्षा गॉर्ड का काम करता है.

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