असम की खूबसूरती से जुडी है पोशाक मेखला चादोर, जानें कैसे

असम की हरी-भरी वादियाँ और सुंदर पर्वत श्रृंखला अनायास ही किसी को आकर्षित करती है. वहां की रहन-सहन, खान-पान और मौसम बहुत ही मनोरम होता है. वहां की महिलाओं का खास परिधान मेखला चादोर है. पारंपरिक इस परिधान अधिकतर सिल्क या कॉटन होते है. उस पर खुबसूरत डिजाईन की बुनाई कर सुंदर रूप दिया जाता है, लेकिन ऐसी खूबसूरत परिधानों का चलन पहले की अपेक्षा कम होने लगी है, क्योंकि नए जेनरेशन को पुरानी डिजाईन आकर्षित नहीं करती, जिससे इन्हें बनाने वाले बुनकरों का पेट भरना भी मुश्किल होने लगा. इनके बच्चे घर छोड़कर बाहर काम की तलाश में जाने लगे.

फैला रही है विश्व में

असम की राजधानी गौहाटी में रहने वाली डिज़ाइनर संयुक्ता दत्ता ने इन्ही कारीगरों को जोड़कर उनके काम को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है और उनके द्वारा बनाये गए आसाम सिल्क और मूंगा सिल्क के काम को मार्केट तक पहुंचाकर उनके काम को विश्व में फैला रही है. यही वजह है कि आज इन बुनकरों के बच्चे भी धीरे-धीरे इस काम की ओर रुख कर रहे है. आज मेखला चादोर विश्व में बहुत स्टाइलिस्ट और चर्चित पहनावा बन चुका है. लक्मे फैशन वीक विंटर कलेक्शन में संयुक्ता ने कांसेप्ट ‘चिकी-मिकी’ को रैम्प पर उतारी और उनकी शो स्टॉपर अभिनेत्री दिव्या खोसला कुमार ने ब्लैक मेखला चादोर बेल्टेड साडी स्ट्रेपिंग चोली के साथ पहन रखी थी.

fashion-1

विलुप्त होती कला कोबचाने की कोशिश

इस कला के बारें में संयुक्ता कहती है कि हैंडलूम कपड़ों को लोगों तक पहुँचाना बहुत कठिन होता है, क्योंकि ये कपडे महंगे होते है.पॉवरलूम को अधिक अहमियत इसलिए मिल रही है, क्योंकि इनके कपडे जल्दी बन जाने की वजह से सस्ते होते है, जबकि पारंपरिक असम सिल्क हाथ से बुनाई कर तैयार किये जाते है इसलिए थोड़े महंगे होते है,लेकिन सालों तक इसकी खूबसूरती बनी रहती है. पॉवरलूम पर वे आसाम सिल्क की खूबसूरती को नहीं ला पाते. इसी वजह से आज भी इन कारीगरों की चाह लोगों में है और मेरी ये कोशिश है कि इन कारीगरों की कारीगरी को विलुप्त होने से बचाई जाय और मेखला चादोर को सब लोग जाने. पहले मैं जब असम से दूर किसी दूसरी जगह जाती थी, तो लोग हर प्रकार के कपड़ों को जानते है, लेकिन आसाम सिल्क और मेखला चादोर से परिचित नहीं थे. मैं हर फैशन शो में मेखला चादोर को ही शो केस करती हूँ, क्योंकि वहां हर तरह के व्यवसायी से लेकर ब्लॉगर सभी आते है और इसे लोगों तक पहुँचाना आसान होता है.

ये भी पढ़ें- Climate Change से प्रेरित था, इस बार का Winter Fashion Week

छोड़नी पडीजॉब 

संयुक्ता ने अपनी जर्नी सरकारी नौकरी, एक इंजिनीयर के रूप में शुरू की थी. 10 साल काम करने के बाद उन्होंने जॉब छोड़ दिया और आसाम सिल्क को पोपुलर करने का बीड़ा उठाया. ये निर्णय लेना उनके लिए आसान नहीं था, क्योंकि संयुक्ता के पिता की मृत्यु के बाद उनकी माँ ने पूरे परिवार का पालन-पोषण बहुत मुश्किल से किया था, ऐसे में माँ ने संयुक्ता को नौकरी न छोड़ने की सलाह दी थी. संयुक्ता आगे कहती है कि माँ के मना करने की वजह मेरा डिज़ाइनर के क्षेत्र में ज्ञान का न होना है, पर मुझे विश्वास था कि मैं कुछ अच्छा कर सकूँगी.पति ने सपोर्ट दिया और दिल की बात सुनने की सलाह दी. नौकरी छोड़ मैं डिज़ाइनर बन गयी. तब मेरे पास कोई फैक्ट्री नहीं थी और बुनकर किसी काम के लिए एडवांस में पैसे लेते थे, पर उन्हें मेरी डिजाईन को बनाना पसंद नहीं था, क्योंकि उन्हें मार्केट की जानकारी नहीं थी. गांव में रहकर वे एक ही डिजाईन को बार-बार बनाते थे. वे किसी नयी डिजाईन को एक्सपेरिमेंट करना नहीं चाहते थे. मेरे लिए ये सबसे बड़ी चुनौती थी.

fashion-2

हैंडलूम में लगती है अधिक श्रम

असल में एक मेखला चादोर को बनाने में 25 से 30 दिन की कठिन श्रम लगते है, लेकिन उनकी मजदूरी उनके मेहनत के हिसाब से नहीं थी. इसलिए वे इस काम को छोड़ दूसरे क्षेत्र में जाना चाह रहे थे. मैंने उनकी जरूरतों को देखते हुए उन्हें अच्छी मजदूरी के साथ-साथ मुफ्त में खाना, मुफ्त में ठहरने की व्यवस्था, मेडिकल की सुविधा देनी शुरू कर दी. तब उन्हें समझ में आया कि मैं कुछ अच्छा काम उनके लिए कर रही हूँ. अभी मेरे पास 150 लूम्स है और इन सभी बुनकरों को मैं हर तरीके की सपोर्ट करती हूँ. मैंने खुद की फैक्ट्री साल 2015 में शुरू की है. अभी मुझे कोई समस्या नहीं है, बुनकर खुद काम की तलाश में मेरे पास आते है. इसमें व्यस्क ही नहीं, यूथ भी आकर काम सीख रहे है, क्योंकि उनकी बेसिक जरूरतें यहाँ पूरी हो रही है. साथ ही अच्छे और अधिक काम के लिए उन्हें इन्सेन्टिव भी देती हूँ.

मिला बुनकरों का समर्थन

अभी ये बुनकर इस इंडस्ट्री की ओर अधिक से अधिक आकर्षित हो इसकी कोशिश चल रही है. मेरा काम आसाम की मलबरी सिल्क, मूंगा सिल्क और हैंडलूम है. मैं हैंडलूम को जिन्दा रखना चाहती हूँ, क्योंकि पॉवरलूम बहुत तेजी से इस पर हावी हो रहा है और यहाँ एक मेखला चादोर को बनाने में केवल एक दिन लगता है, इसलिए ये सस्ती होती है, पर सस्टेनेबल नहीं होती. बुनकरों को सपोर्ट न करने पर हैण्डलूम एक दिन मर जायेगी. सरकार की तरफ से किसी प्रकार की कोई सहायता नहीं मिलती. इसलिए मैं अधिक से अधिक फैशन शो कर इस कला को विलुप्त होने से बचाना चाहती हूँ. हर साल दो से तीन फैशन शो करती हूँ, जो काफी खर्चीला होता है, लेकिन इसका खर्चा मैं अपनी कमाई से पूरा करती हूँ. मैने जितना कमाया, उसे इन्ही चीजों पर खर्च कर किया है. आसाम सिल्क से बने मेखला चादोर को किसी भी अवसर पर पहना जा सकता है.

सोचनी पड़ती है नयी डिजाईन

डिजाईन में नयापन लाने के लिए वह खुद डिजाईन ड्रा करती है,इस काम में एक लम्बा प्रोसेस होता है. इसके लिए उन्हें बहुत सोचना पड़ता है, इसके बाद उस डिजाईन को कम्प्यूटर पर बनाकर कार्ड्सबनाये जाते है, जिसे लूम से जोड़ा जाता है फिर डिजाईन की बुनाई कपड़ों पर होती है. इस प्रकार कई प्रोसेस से गुजर कर ही ड्रेसेज बनती है. संयुक्ता को ख़ुशी इस बात से है कि उन्हें अगले साल न्यूयार्क फैशन वीक में उनकी यूनिक पोशाक के लिए  आमंत्रित किया गया है.

fashion-3

ये भी पढ़ें- Festive Season के लिए कम बजट वाले बेस्ट आउटफिट

विदेशों में है इसकी मांग

संयुक्ता आगे कहती है कि कोविड में पूरा देश लॉकडाउन में था, पर मेरे फैक्ट्री का काम चलता रहा, क्योंकि बुनकर फैक्ट्री में रहते और काम करते रहे. उन्हें बाहर जाने की जरुरत नहीं थी, उनकी देखभाल मैं करती थी. ऐसे में जब लॉकडाउन खुला तो मेरे पास ही केवल ड्रेसेज थे और मैंने 3 महीने का व्यवसाय एक महीने में किया.बांग्लादेश में बहुत सारे लोग मेरे इस काम की बहुत तारीफ़ करते है और मैं उन्हें अपनी ड्रेसेज भेजती हूँ. इसके अलावा यूके, अमेरिका, इंडोनेशिया, दोहा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड आदि सभी जगहों पर मैं आसाम सिल्क को पहनना लोग चाहते है. ये लोग आसामीज नहीं, फिर भी मेखला चादोर को पहनना पसंद करते है.

Climate Change से प्रेरित था, इस बार का Winter Fashion Week

बारिश की रिमझिम फुहारके बाद सर्दी की ऋतु का आभास होने लगता है और ऐसे वतावरण में सारे त्यौहार शुरू होने लगते है, जिसमें प्रकृति से लेकर जीव-जंतु सभी खुश हो जाते है. तरह-तरह के रंग और पोशाकों से जीवन आनंदमय हो उठता है, ऐसे समय में ऍफ़डीसीआई लक्मे फैशन वीक 2021 का रंग-बिरंगे परिधान के साथ ख़त्म हुआ. कोविड की दूसरी लहर के बाद इस फैशन शो का आयोजन कुछ फिजीकलीतो कुछ डिजिटली किया गया. इसमें भाग लेने वाले नए डिज़ाइनर मनीष मल्होत्रा से लेकर पायल जैन, संयुक्ता दत्ता,गौरांग शाह, श्रुति संचेती, गौरव गुप्ता आदि के अलावा नए डिज़ाइनर को भी मौका जेन नेक्स्ट में दिया गया. सभी ने अपने ब्रांड के परिधान खूबसूरत ढंग से पेश किये. इस बार का ट्रेंड चटकदार रंगों के साथ फ्लावरी डिजाईन का है. इसके अलावा कई ऐक्ट्रेस और मॉडल्स ने भी रैंप पर जलवे बिखेरे, जिसमें अभिनेत्री करीना कपूर, मलायका अरोड़ा, दिया मिर्ज़ा, तापसी पन्नू, सोहा अली खान आदि प्रमुख रहे.

जलवा सस्टेनेबल और इको फ्रेंडली फैशन का

क्लाइमेट चेंज को ध्यान में रखते हुए इस बार के सभी डिजाईनरों ने सस्टेनेबल और इको फ्रेंडली ड्रेसेज को ही रैंप पर उतारने की कोशिश की है, क्योंकि सबसे अधिक वेस्ट प्रोडक्ट टेक्सटाइल इंडस्ट्री से निकलता है, जिसका सही तरह से डिस्पोज करना अभी तक संभव नहीं हो पाया है. यही वजह है कि इस बार की फैशन शो में रंगों के साथ प्रकृति को किसी न किसी रूप में शामिल किया गया है. हर शो की एक थीम होने की वजह से कपड़ों के फैशन भी उसके इर्द-गिर्द ही दिखे. इसमें हाई फैशन से लेकर आरामदायक पोशाक सभी की प्रस्तुति की गयी.

ये भी पढ़ें- Festive Season के लिए कम बजट वाले बेस्ट आउटफिट

नए डिजाईनरों को मिला मंच

जेन नेक्स्ट में नए और यूथ डिजाईनर्स दीपित चुग और ट्विंकल हंसपाल ने अपने पार्टी वेयर और इजी टू वेअर कपड़ों का शो केस किया. दीपित ने स्टाइलिश मेंस वेअर, जिसमें कालर ब्लॉकिंग और मॉडर्न डिजाईन को अधिक महत्व दिया, जबकि ट्विंकल ने धोती की तरह ड्रेप्ड साड़ी, जिसके साथ फूल स्लीव्स ब्लाउज, जिसे आज के यूथ आसानी से कैरी कर सकती है.

साज नववधु की

आने वाली विंटर वेडिंग मौसम को देखते हुए डिज़ाइनरों ने नयी दुल्हन के लिए अलग-अलग डिजाईनों के कपड़ों को मंच पर उतारा. लाल, हल्के गुलाबी, हल्के ग्रीन आदि रंगों की लहंगा चोली पर कढ़ाई और मिरर वर्क की शोभा आकर्षक रही. प्रसिद्ध डिज़ाइनर जे जे वलाया ने तुर्की कला को भारतीय पोशाक में क्रिएट कर नववधू को एक अलग पहचान देने की कोशिश की. मॉडर्न वेडिंग और लुक को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइनर तरुण ताहिलियानी ने ‘द रियूनियनकलेक्शन’ को मॉडर्न लुक में उतारा, जिसे किसी रंग रूप या शेप वाली लड़कियां पहनकर अपनी वेडिंग को यादगार बना सकती है.

बहार रंगों की

प्रसिद्ध डिज़ाइनर राजेश प्रताप सिंह ने 70 और 80 दशक के स्टाइल को नए लुक में परिवर्तित कर एक अलग पहचान दी है. डिज़ाइनर सत्यपाल की थीम ‘मास्टर्स वर्ड्स’ कलेक्शन में फैशन को थिएटर और फिल्म के मिश्रण से मेट्रो लुक को अधिक महत्व दिया गया, इसके अलावा उन्होंने अपने कपड़ों के माध्यम से इस कोविड में मारें जाने वालों को ट्रिब्यूट दिया है. इन दोनों डिजाईनरों ने सस्टेनेबल फैशन और एनवायरनमेंट फ्रेंडली फैब्रिक को अधिक महत्व दिया. उनके ड्रेसेस में पेंट, ड्रेस्ड स्कर्ट, हुडी, जम्पसूट आदि देखने को मिले, जबकि पुरुषों के लिए शर्ट, ट्राउजर्स और टी शर्ट्स थे. इसके अलावा राजेश ने अपने पोशाक  में सफ़ेद, लाल, गुलाबी,हरा आदि कई रंगों को शामिल कर वाईब्रेंट लुक दिया है.

डिस्को लुक

लक्मे फैशन वीक के इस मंच पर डिज़ाइनर के रूप में श्वेता नंदा के कलेक्शन पहली बार दिखी. उन्होंने डिज़ाइनर मनीषा जयसिंह के साथ मिलकर अपनी ब्रांड ‘एम्एक्सएस’ के तहत 80 के दशक की रेट्रो और स्ट्रीट वेयर लुक को फिर से रैंप पर जीवंत किया. पर्पल रेन, मियामी पिंक, नियुन येलो, यूऍफ़ओ ग्रीन आदि कई रंगों की परिधानोंके अलावा स्पोर्टी लुक वाले वस्त्रों से रैंप को कलरफुल बना दिया. इसमें सिल्क के साथ रिब्ड निट का प्रयोग किया गया, जो स्किन फ्रेंडली है.

एम्ब्रॉयडरी को मिला नया लुक

डिज़ाइनर पायल जैन ने पोशाक में कढ़ाई को एक अलग अंदाज में पेश किया, इससे सुजनी, शिशो, राबारी आदि हस्त कला को बल मिला. इसके अलावा विलुप्त होती मिरर वर्क, लेस, पेचवर्क,टसेल, बीड वर्क आदि को रैम्प पर उन्होंने एक अलग ढंग में प्रस्तुत किया.

मांग आरामदायक पोशाकों की

आज की जेनरेशन आरामदायक पोशाकों को अधिक पसंद करती है,जो जल्दी पहनी जाय, इसलिए डिज़ाइनर जोड़ी डेविड अब्राहम और राकेश ठाकोरी ने अपने लेबल ‘अब्राहम एंडठाकोरी’ के कलेक्शन को रैंप पर उतारे.इनके परिधानों में टियुनिक, पेंट, कीमोनो विथ जैकेट, रैप स्कर्ट आदि आरामदायक होने के साथ-साथ आधुनिकता को प्रदर्शित करने वाली रही.

ये भी पढ़ें- जामदानी सिल्क को देते हैं मॉडर्न लुक, पढ़ें खबर

समुद्री आभास

लक्मे का ग्रैंड फिनाले में डिज़ाइनर गौरव गुप्ता ने अपने पोशाकों के माध्यम से समुद्र की कहानी कह डाली. समुद्र में हजारों रंग के जीव-जंतु और पौधे अपनी लाइफ सायकल को बिना किसी से कुछ कहेचलाते रहते है, पर मानव उनकेध्यान और आवाज को इग्नोर करता है और समुद्र दूषित होता रहता है. गौरव ने प्लास्ट‍िक बोतल, क्रिस्प्स व बिस्क‍िट के रैपर और समुद्री वेस्ट से इसफेब्र‍िक को बनाया है, जो सस्टेनेबल है. ये कलेक्शन ‘डिफाइन टू रिडिफाइन’ है जो ब्यूटी को बताता है. उनके कलेक्शन में शार्प डिटेलिंग, पावरफुल स्टाइल, बारीक व जटिल कढ़ाई और बोल्ड रंगों में मेटलिक शिमर का तालमेल था, जो समुद्री जीवन से प्रेरित था.

5 लिपस्टिक ब्रैंड्स जो हैं बजट फ्रैंडली 

लिपस्टिक के बिना परफेक्ट आउटफिट भी अधूराअधूरा सा लगता है. तभी तो सदियों से महिलाएं लिप्स को रंगने के लिए अलगअलग तकनीक अपनाती रही हैं. क्योंकि भले ही आपने मेकअप हलका किया हो , लेकिन अगर लिप्स पर लिपस्टिक लगा ली, तो चेहरा खिल उठता है. यहीं नहीं आज अनेक ब्रैंड्स न सिर्फ लिपस्टिक को सिर्फ लिप्स को रंगने के उद्देश्य से डिज़ाइन कर रहे हैं , बल्कि लिपस्टिक्स में ऐसे इंग्रीडिएंट्स भी डाले जा रहे हैं , जिससे लिप्स की स्किन एक्सफोलिएट होने के साथ लिप्स हाइड्रेट भी रहते हैं. और ड्राई लिप्स की प्रोब्लम भी दूर हो जाती है. आज लिपस्टिक के ढेरों विकल्प उपलब्ध हैं, जिन्हें आप अपनी चोइज के हिसाब से खरीद सकती हैं. ऐसे में हम आपको टॉप 5 लिपस्टिक के ब्रैंड्स के बारे में बताते हैं , जिससे आपके लिप्स को ग्लैमर मिलने के साथसाथ प्रोटैक्शन भी मिलेगा .

1. लैक्मे  

लैक्मे, जो एक लक्ज़री ब्रैंड हैं. ये पौकेट फ्रैंडली होने के साथसाथ स्किन फ्रैंडली भी है. साथ ही लौंग लास्टिंग होने के साथसाथ आपके लिप्स को किसी भी तरह से कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है. इसमें लैक्मे एनरिच , लैक्मे अब्सोल्युट, लक्मे 9 टू 5 , लक्मे लिप पॉउट काफी रेंज हैं.  जो क्रीमी, ग्लोसी , शिमरी, मैट सभी फोर्म्स में उपलब्ध हैं. खास बात यह है कि इसमें से कुछ लिपस्टिक प्राइमर बेस्ड भी हैं , जो लिप्स को कलर करने के साथ प्रोटेक्ट करने का भी  काम करती हैं . ये आपको मार्केट में 300 रुपए से 1500 रुपए के बीच मिल जाएंगी. इसमें आपको हर शेड मिल जाएंगे. जिन्हें  आप लैक्मे स्टोर या फिर ऑनलाइन आसानी से खरीद सकती हैं.

ये भी पढे़ं- कैसे करे कलर्ड बालों की देखभाल

2. लोरियल पेरिस 

भारत में  लोरियल पेरिस का ब्यूटी प्रोडक्ट्स की दिशा में खासा नाम है. खासकर लिपस्टिक के मामले में. क्योंकि ये कस्टमर्स की डिमांड को ध्यान में रखकर प्रोडक्ट्स को मार्केट में उतारती है. प्रोडक्ट क्वालिटी के साथ किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं किया जाता. इस ब्रैंड में आपको लिपस्टिक के अधिकतर शेड्स मिल जाएंगे. ये ब्रैंड लगभग हर फोर्मेट में लिपस्टिक जैसे लिक्विड, ग्लॉसी, मैट , बुलेट्स , मेल्टी बाम  में उपलब्ध करवाता है . बस जो आपकी चोइज हो, उसके अनुसार आप लिपस्टिक के टाइप व कलर शेड को चूज़ कर सकती हैं. ये आपको मार्केट से 400 से 2000 रुपए के बीच आसानी से मिल जाएंगी.

3. नायका 

भले ही ये ब्रैंड ज्यादा पुराना नहीं है, लेकिन इस ब्रैंड ने कम समय में अपने कस्टमर्स के दिलों पर ऐसी छाप छोड़ दी है, कि ये अब लोगों का पसंदीदा ब्रैंड बनता जा रहा है. ये आपको लिपस्टिक क्रीमी मैट , मैट, अल्ट्रा मैट ,  लिप क्रेयॉन, लिप प्लैट, लिक्विड, मिनी लिपस्टिक सभी में उपलब्ध करवाता है. इस ब्रैंड की खास बात यह है कि 100 पर्सेंट क्रुएल्टी और पैरेबिन फ्री है. साथ ही ये एसेंशियल आयल व एन्टिओक्सीडैंट्स में रिच होने के कारण आपके लिप्स को सोफ्ट , हाइड्रेट रखने के कारण उनकी ड्राईनेस को दूर करने का काम करता है. इनकी लिपस्टिक्स इतनी लाइटवेट होती हैं  कि लगाने के बाद आपको एहसास भी नहीं होगा कि आपने कुछ लगाया हुआ है. ये आपको 200 – 1000 रुपए के बीच आसानी से  मिल जाएंगी.

4. मैक 

कोस्मेटिक लेने की बात हो और मैक ब्रैंड का ध्यान न आए , ऐसा हो ही नहीं सकता. क्योंकि ये ब्रैंड है ही इतना विश्वसनीय.  डर्माटोलॉजिस्ट टेस्टेड होने के साथ इस ब्रैंड की लिपस्टिक्स आपके लिप्स को पूरे दिन मॉइस्चरिजे रखने का काम करती हैं . इसलिए अगर आप लिप्स की ड्राईनेस की समस्या से परेशान हैं और लिप्स को खूबसूरत भी दिखाना चाहती हैं तो आप इसे जरूर टाई करें. ये आपको साटिन , फ्रोस्ट , लस्टर , मैट, रेट्रो मैट , लिक्विड फोर्म सब में मिल जाएंगी. साथ ही ये बजट फ्रैंडली भी हैं , क्योंकि ये लंबे समय तक स्टे रहने के साथसाथ लंबे समय तक चलती जो हैं.

ये भी पढ़ें- जानें क्या है गुलाब जल के फायदे और बनाने का तरीका

5. बोडी शौप 

इसके प्रोडक्ट्स अपने काम के कारण नाम कमा रहे हैं. फिर चाहे इस ब्रैंड्स की लिपस्टिक की बात हो या फिर अन्य ब्यूटी प्रोडक्ट्स की, काफी डिमांड में रहते हैं. इसकी लिपस्टिक में  मैट लिपस्टिक, ग्लोसी लिपस्टिक, लिक्विड फॉर्म,  ग्लोसेस , लिप स्टैन आदि उपलब्ध हैं. ये पूरी तरह से क्रुएल्टी फ्री व नेचुरल हैं , जिससे लिप्स को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचता है. तो फिर अपने लिप्स को खूबसूरत बनाने के लिए इन्हें टाई करना न भूलें.

समर फैशन का जलवा सितारों के साथ  

फैशन की अगर बात की जाये तो फैशन ट्रेंड बॉलीवुड से ही हमेशा प्रेरित रहा है और ऐसे में फैशन वीक में रैंप पर चलना उनके लिए बड़ी बात होती है. इस साल लेक्मे फैशन वीक समर रिसोर्ट 2020 के 20 साल पूरे होने के उपलक्ष्य पर सभी हिंदी सिनेमा की अभिनेत्रियों ने अपने अलग-अलग अंदाज़ में रैंप पर चली, जिसको अपने फैशन सेंस को गृहशोभा के साथ शेयर किया. आइये जानते है क्या है उनके लिए फैशन, कैसे वे इसे बनाये रखती है, कितना मेहनत करती है.

मलाइका अरोड़ा

फैशन मेरे लिए आरामदायक होनी चाहिए मैं हमेशा किसी अवसर के अनुसार ड्रेस पहनना पसंद करती हूं और लोग कई बार मेरे ड्रेस को लेकर ट्रोल भी करते है पर मुझे अपने हिसाब से कपडे पहनना पसंद है. अगर मैं जिम में जाती हूं तो वैसे कपडे पहनती हूं. यहां मैंने डिज़ाइनर वरुण की खास वेडिंग कलेक्शन लाल रंग की लहंगा चोली पहनी थी, जिसमें हाथ की कढ़ाई से बने डिजाईन, थ्री डी मोटिफ्स, रेड दुपट्टा आदि सब इसकी शोभा बढ़ाते है.

ये भी पढ़ें- शादी से लेकर पार्टी तक परफेक्ट हैं दीपिका पादुकोण के ये 6 ब्लाउज

बिपाशा बासु

फैशन मेरे लिए हमेशा ही महत्वपूर्ण रहा है. पहले मेरा फैशन सेन्स इतना अच्छा नहीं था पर अब मुझे इसे फोलो करना पसंद है. फैशन अपनी सोच और ख़ुशी के अनुसार की जानी चाहिए. डिज़ाइनर संयुक्ता की काले और गोल्डन कलर की मेखला मुझे पहनना अच्छा लगा. ऐसी पोशाक कोई भी कभी भी किसी अवसर पर पहन सकता है.

करण सिंह ग्रोवर

 

View this post on Instagram

 

Walking the ramp for with my partner in all crimes @iamksgofficial , today for lakme fashion week for @sanjukta_dutta_ ❤️

A post shared by bipashabasusinghgrover (@bipashabasu) on


मुझे फैशन का अधिक सेन्स नहीं, बिपाशा जिसे देखकर अच्छा कहती है मैं पहन लेता हूं. मुझे अधिकतर सफ़ेद और काले रंग के कपडे पसंद है.

सई मांजरेकर

 

View this post on Instagram

 

such a great experience @jiviva_ @6degreeplatform

A post shared by Saiee M Manjrekar (@saieemmanjrekar) on

मुझे फैशन अवसर के अनुसार करना अच्छा लगता है. मुझे फैशन बहुत पसंद है और ये मुझे बचपन से ही रहा है. जिविवा ब्रांड की ‘प्राइड ऑफ़ पश्मीना’ की लहंगा चोली पहनकर पहली बार रैंप पर चलना मेरे लिए सबसे ख़ुशी की बात थी. मुझे पहले डर लगा था, क्योंकि मेरी मां ने सावधान किया था कि मैं इतनी भारी लहंगे के साथ रैंप पर चलते हुए कही गिर न जाऊं.

दिया मिर्ज़ा      

ग्लैमर वर्ल्ड में फैशन करना जरुरी होता है और इसके लिए मैं हमेशा तैयार रहती हूं मुझे जब भी रैम्प पर चलने का मौका मिलता है मैं उसे करती हूं. फैशन का ट्रेंड व्यक्ति की सोच के अनुसार ही होता है. अगर आपने अच्छी तरह से इसे कैरी किया है तो वह अच्छा ही लगता है. इसके लिए रंग रूप या शारीरिक बनावट कोई माइने नहीं रखती. यहां मैंने कोटवारा की महिलाओं द्वारा बनी ‘बहारा’ थीम पर आधारित चिकनकरी को पहनी है, जो मुझे गर्मियों में पहनना पसंद है.

ये भी पढ़ें- बौलीवुड एक्ट्रेसेस से कम नहीं ये असली दुल्हनें, आप भी ट्राय करें इनके लुक

तब्बू

मुझे फैशन समय के अनुसार पसंद है. इसके अलावा मैं टी शर्ट और जींस में रहना पसंद करती हूं. फैशन मेरे लिए आरामदायक होने से है. मुझे गर्मियों में कूल कलर पहनना बहुत पसंद है. डिज़ाइनर गौरांग किसी भी ड्रेस को महिला की व्यक्तित्व के अनुसार तैयार करता है. कांजीवरम सिल्क से बनी उनकी ये पोशाक मुझे सम्पूर्ण करती है.

करीना कपूर खान

लेक्मे की ब्रांड एम्बेसेडर और बॉलीवुड बेगम करीना कपूर खान को फैशन किसी भी रूप में पसंद है. वह अपने शारीरिक बनावट के अनुसार कपडे खरीदती और पहनती है. वह डाइट नहीं करती. उसके अनुसार कपडे चाहे किसी ब्रांड के हो या नहीं. उसे अच्छी तरह से कैरी करने की जरुरत होती है. फैशन समय के अनुसार बदलता रहता है.

लैक्मे फैशन वीक: प्रेग्नेंट लीजा ने हार्दिक पांड्या के साथ किया रैम्प वौक, देखें Photos

बौलीवुड एक्ट्रेस लीजा हेडन दूसरी बार मां बनने जा रही हैं. कुछ दिनों पहले ही लीजा ने अपनी प्रेग्नेंसी की न्यूज सोशल मीडिया पर दी थी, जिसमें लीजा काफी दिनों से बौलीवुड इवेंट्स से दूर परिवार के साथ टाइम स्पेंड करती हुईं नजर आ रही थीं, लेकिन अब हाल ही में चल रहे लैक्मे फैशन वीक में लीजा धमाकेदार अंदाज में रैंप वौक करती हुईं दिखीं. वहीं रैम्प पर उनका साथ इंडियन क्रिकेटर हार्दिक पंड्या ने दिया. आइए आपको दिखाते हैं लीजा की लैक्मे फैशन वीक की कुछ खास फोटोज…

रैम्प वौक पर नजर आईं लीजा हेडन

लीजा के खूबसूरत अंदाज को देख सबकी निगाहें बल उन्ही पर टिक गईं. लीजा ने अमित अग्रवाल के लिए रैंप वौक किया. लीजा ने इस दौरान स्टाइलिश साड़ी पहनी थी जिसमें उनका ग्लैमरस लुक दिख रहा था. इसके साथ ही उनके चेहरे पर प्रेगनेंसी का ग्लो उनकी खूबसूरती को और बढ़ा रहा था.

ये भी पढ़ें- तो अब ये एक्ट्रेस निभाएंगी ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में ‘सोनू’ का किरदार

हार्दिक के साथ रैंप पर लीजा आईं नजर

लीजा के साथ फिर हार्दिक ने भी उन्हें रैम्प पर ज्वाइन किया. हार्दिक ने भी सेम कलर का आउटफिट पहना था.

ऐसे स्पेशल तरीके से दी थी प्रेग्नेंसी की न्यूज

View this post on Instagram

Party of four on the way ?

A post shared by Lisa Lalvani (@lisahaydon) on

लीजा ने पति और बेटे के साथ अपनी फोटो इंस्टाग्राम पर शेयर की थी, जिसमें वो तीनों बीच पर नजर आ रहे हैं. लीजा ने इस दौरान स्विमसूट पहना है जिसमें उनका बेबी बंप साफ दिख रहा है. लीजा ने फोटो शेयर करते हुए लिखा था. ‘चौथे की आने की खुशी में पार्टी’. इस फोटो में पूरा परिवार खुश नजर आ रहा है.

ये भी पढ़ें- इस एक्टर को मजबूरी में ठुकरानी पड़ी बड़े बजट की फिल्में

बता दें कि लीजा ने अक्टूबर 2016 में डिनो लालवानी से शादी की थी. मई 2017 में उन्होंने अपने पहले बेटे जैक को जन्म दिया था. जैक के साथ लीजा फोटोज शेयर करती रहती हैं.

Edited by Rosy

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें