ग्लिसरीन- कोमलता का अहसास देकर बनाएं स्किन को बेदाग

ग्लिसरीन शूगर कार्बनिक यौगिक है जिसमें कार्बन, ऑक्सीजन और हाइड्रोजन शामिल होते हैं. ग्लिसरीन बिना किसी दुष्प्रभाव के त्वचा को मॉइस्चराइज और शुद्ध करता है. यह ड्राई और ओयली दोनों स्किन के लिए काफी फायदेमंद होता है. ग्लिसरीन त्वचा में सुधार और सुरक्षा करके मैट्रिक्स को भरता है. इसमें मौजूद हुमेक्टैंट और हाइग्रस्कापिक गुण इसे ऑयली स्किन के लिए फायदेमंद होता हैं. ये ओयली स्किन को हाइड्रेट करके पर्याप्त मात्रा में नमी प्रदान करता है.

ग्लिसरीन का इस्तेमाल कई तरह के कॉस्मेटिक उत्पादों जैसे क्रीम्स, मॉइश्चराइजर, शैंपू, लिप बाम और कंडीश्नर में को बनाने के दौरान किया जाता है और इसका प्रयोग कर सुंदर त्वचा पाई जा सकती है। ग्लिसरीन त्वचा को मुलायम करने वाला शानदार एमोलिएंट तत्व है. जो त्वचा को कोमलता का अहसास देता है। आप सिर्फ ग्लिसरीन का उपयोग करके बेदाग त्वचा पा सकती हैं. इसके इस्तेमाल से होने वाले फायदे बता रहे हैं. डॉ. अजय राणा, विश्व प्रसिद्ध डर्मेटोलॉजिस्ट और एस्थेटिक फिजिशियन, संस्थापक और निदेशक, आईएलएएमईडी.

*स्किन पर ग्लिसरीन के इस्तेमाल से होने वाले फायदे-

1. ग्लिसरीन एक अच्छे मोइस्चराइज़र की तरह काम करता है. इसका रेगुलर स्किन पर इस्तेमाल करने से यह स्किन को हाइड्रेट और फ्रेश बनाता है.

ये भी पढ़ें- #coronavirus: मास्क के साथ जरूरी है आई मेकअप

2. अगर किसी की स्किन पैची, ड्राई है तो ग्लिसरीन का उपयोग स्किन के लिए सबसे फायदेमंद है.

3. ग्लिसरीन स्किन के pH लेवल को भी बना कर रखने में मदद करता है. यह स्किन को सूरज की हानिकारक यूवी रेज़ से भी बचाता है.

4. ग्लिसरीन में हीलिंग प्रोपर्टीज होती है, जिसके कारण यह एक नैचुरल मेडिसिन की तरह काम करता है, इसके इस्तेमाल से एक्जिमा और सोरियासिस जैसे  स्किन प्रॉब्लम्स सही हो जाते है.

5. ग्लिसरीन डेड स्किन सेल्स में मौजूद प्रोटीन को तोड़ने कर उसको स्किन से बाहर निकालने में मदद करती है. जिससे आपकी स्किन हेल्दी और क्लीयर रहे.

6. ग्लिसरीन में एंटी- एजिन्ग प्रोपर्टीज होते है, जिसके कारण यह स्किन को ग्लोइंग  रखने में मदद करता है.

7. ग्लिसरीन ओयली स्किन वाले लोगों के लिए एक अच्छे टोनर की तरह काम करता है.

8. ओयली स्किन में ऐक्ने होने की संभावनाएं ज्यादा होती है, ऐसे में ग्लिसरीन एक अच्छे क्लींजर की तरह इस्तेमाल करे जा सकते है. यह स्किन से सारे इम्प्युरिटीज को बिना किसी ड्राईनेस के निकालने में मदद करता है.

ये भी पढ़ें- Monsoon Special: ये 5 मैट लिपस्टिक देंगी आपको नया लुक

पाएं बेदाग चमकती त्वचा

मौसम कोई भी हो साफ, बेदाग, चमकती त्वचा पाने की चाह हर लड़की या महिला को होती है. पर कई बार त्वचा पर अनचाहे बाल उग आते हैं. खास कर चेहरे, हाथों या गरदन पर बाल या रोएं हों तो खूबसूरत ड्रैस पहन कर भी आप का आकर्षण अधूरा ही रह जाता है. ऐसी स्थिति से बचने और हर फंक्शन की शान बनने के लिए डाबर फेम ऐंटी डार्कनिंग हेयर रिमूवल क्रीम बेहतर औप्शन है.

आइए, जानते हैं हेयर रिमूविंग के कुछ तरीके:

1. नींबू का रस और शहद का मिश्रण: शहद और नींबू के रस का प्रयोग अवांछित बालों की समस्या और उन के विकास को रोकने में मददगार होता है. शहद में हाइड्रेटिंग और मॉइस्चराइजिंग गुण होते हैं जो त्वचा को नरम बनाने में मदद करता है. नींबू के रस में एक्सफोलिएटिंग और क्लीनिंग गुण होते हैं. यह आप की त्वचा को सा़फ और बेदाग लुक देने में मदद करता है.

2. मसूर की दाल और आलू का पेस्ट: मसूर की दाल के साथ आलू के मिश्रण को चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर लगा कर आप प्राकृतिक तरीके से अनचाहे बालों से छुटकारा पा सकती है. आलू में प्राकृतिक ब्लीच के गुण होते हैं और इस का इस्तेमाल हमारे शरीर के बालों के रंग को हल्का करने में मदद करता है.

3. पुदीने की चाय: फीटोथेरपी रिसर्च के आधार पर वैज्ञानिक पत्रिकाओं में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार जो महिलाएं पुदीने की चाय पीती हैं, उन के रक्त में टेस्टोस्टेरोन (पुरुष हार्मोन) की मात्रा कम हो जाती है. टेस्टोस्टेरोन की कमी से अनचाहे बालों की उपस्थिति भी घट जाती है और चेहरा साफ बेदाग नजर आता है.

4.ब्लीचिंग और वैक्सिंग: ब्लीचिंग से अनचाहे बाल हटते नहीं बल्कि छिप जाते है. यह महिला और पुरुष दोनों ही इस्तेमाल कर सकते हैं.

वैक्सिंग के द्वारा भी शरीर के किसी भी हिस्से के अनचाहे बालों को आसानी से हटाया जा सकता है. वैक्सिंग के बाद बाल लंबे समय तक बाल दोबारा नहीं आते क्यों कि त्वचा के अंदर जड़ों से बालों को निकाला जाता है.

5. हल्दी का पेस्ट: सदियों में त्वचा रोगों के इलाज के लिए हल्दी का उपयोग किया जा सकता है. एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण होने के अलावा यह बालों के विकास को रोकने में भी मदद करता है. आप हल्दी पाउडर में थोड़ा सा गुलाब जल या दूध मिला कर पेस्ट बना सकती है.

6. थ्रेडिंग और ट्वीजिंग: ठोड़ी, होठों के ऊपर और माथे पर मौजूद अनचाहे बाल हटाने के लिए थ्रेडिंग और प्लकर का सहारा लिया जा सकता है. थ्रेडिंग के जरिए चेहरे के अनचाहे बालों से मुक्ति पाई जा सकती है. ठोड़ी, गालों और भौहों के बीच में आए अनचाहे बालों को आप प्लकिंग करके भी निकाल सकते हैं. प्लकिंग के लिए आइब्रो-ट्वीजर चिमटी का इस्तेमाल अच्छा रहता है.

हेयर रिमूविंग क्रीम

समय की कमी के चलते अनचाहे बालों को हटाने में परेशानी होती है तो अब इस का समाधान बाजार में उपलब्ध हेयर रिमूविंग क्रीम्स हैं जैसे कि फेम एंटी डार्कनिंग हेयर रिमूवल क्रीम. यह डर्मटोलॉजिकली और क्लीनिकली टेस्टेड है जो हर स्किन पर सूट करता है.

7. इलेक्ट्रोलिसिस: होठों के ऊपर आने वाले बालों के लिए प्लकिंग की जगह वैक्सिंग या इलेक्ट्रोलिसिस का सहारा लेना चाहिए. इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा ठोड़ी, स्तन और पेट के बाल हटाने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता हैं. इलेक्ट्रोलिसिस के दौरान बिजली के अत्यंत हल्के करंट का प्रयोग किया जाता हैं.

8. लेजर तकनीक: लेजर से अनचाहे बालों को स्थायी रूप से हटाया जा सकता है. लेजर की किरणों को बालों की जड़ पर फोकस कर बाल नष्ट किये जाते हैं. इस में लगभग सात से आठ सिटिंग्स लगती हैं.

ट्रैकिंग से लेकर बर्ड वाचिंग का ले सकती हैं यहां पर आनंद

छुट्टियों में घूमने-फिरने के साथ रिलैक्सिंग और एडवेंचर के लिए केरल हमेशा से ही ट्रैवलर्स की पसंदीदा जगहों में शामिल रहा है. वैसे तो यहां सालभर ही प्रकृति हरियाली की चादर ओढ़े रहती है लेकिन मानसून के बाद यहां की खूबसूरती और भी ज्यादा बढ़ जाती है. इस दौरान यहां आकर आप एक साथ कई सारी चीज़ों को एन्जौय कर सकती हैं.

जैसे की मुन्नार में हर 12 साल में खिलने वाले नीरकुरिंजी फूल का. जिससे पूरे पहाड़ी का रंग नीला हो जाता है और खूबसूरती ऐसी कि बस आंखों और कैमरे में कैद करने के बाद भी बार-बार देखने को दिल करेगा. लेकिन आज हम मुन्नार की नहीं बल्कि केरल के तिरुवनंतपुरम जिले में पोनमुडी हिल स्टेशन की बात करेंगे.

पोनमुडी हिल स्टेशन

पोनमुडी पूरी तरह जंगलों से घिरी इस जगह में पशु-पक्षियों की 280 से भी अधिक प्रजातियां मौजूद हैं. यहां के जंगल पक्षियों के घोंसला बनाने के अनुकूल हैं. और यही वजह है कि यहां लुप्तप्राय पक्षियों को भी देख पाना संभव है.

पोनमुडी के घने जंगलों में तितलियों से लेकर, त्रावणकोरी कछुए, मालाबारी मेंढक और पेड़ पर रहने वाले मेंढक भी पाए जाते हैं. इन्हें देखने के लिए विदेशों से भी टूरिस्ट और प्राणी विशेषज्ञ बड़ी तादाद में यहां पहुंचते हैं.

नेचुरल ब्यूटी के बीच घूमने, पहाड़ियों पर पैदल चलने और पशु-पक्षियों को करीब से निहारना यहां बहुत ही आसान और अच्छा एक्सपीरियंस होता है. अगर आप नेचर लवर हैं तो यहां जरूर आएं. पोनमुडी में बहुत बड़े एरिया में चाय के बागान भी हैं.

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें