6 TIPS: ऐसे करें नए बेबी का स्वागत

विवाह प्रत्येक इंसान के जीवन का एक अहम पड़ाव होता है….विवाह के बाद जब दाम्पत्य जीवन में एक नए मेहमान के आगमन की सुगबुगाहट होती है तो पति पत्नी दोनों ही खुशियों से सराबोर हो उठते हैं. पहले जहां परिवारों में 4-5 बच्चे होते थे वहीं आज 1 या 2 ही बच्चे होते हैं. ऐसे में अपने आने वाले बच्चे को लेकर माता पिता का पजेसिव होना स्वाभाविक है. आजकल प्रति माह बच्चे का जन्म दिन मनाया जाना तो आम बात है पर इसके अतिरिक्त आप कुछ अन्य उपायों से भी अपने बच्चे के आगमन को यादगार बना सकते हैं.

1. यादों की डायरी बनाएं

प्रग्नेंट होने के दिन से ही आप एक डायरी बनाएं जिसमें इस अवस्था के अनुभवों को शेयर कीजिये. प्रतिदिन के अपने अनुभवों के साथ साथ आप इसमें अपने शरीर में होने वाले बदलावों, खान पान की आदतों में परिवर्तन, और गर्भ में होने वाले अनुभवों के बारे में विस्तार से लिखें. इसी डायरी में बेबी के जन्म के बाद के घटनाक्रम को अंकित करें मसलन उसके करवट लेने, चलने, खड़े होने, पलटने, बैठने, खड़े होने,चलने और दांत निकलने जैसी तमाम यादों को फोटो और उनकी तिथि लिखने के साथ साथ फोटोज भी लगाएं.

2. बेबी नर्सरी प्लान करें

आने वाले बच्चे के लिए घर में अपने पार्टनर के साथ मिलकर क्यूट सी एक नर्सरी बनाएं. इसमें आप रंग बिरंगे खिलौने फ्लोरल मोटिफ के साथ साथ छोटे छोटे टेडीबियर और आवाज वाले खिलौनों को स्थान दें. बच्चे के लिए नर्सरी प्रिंट की चादर, तकिया बैग और गद्दियां भी लाएं.

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3. खुशी को शेयर करें

परिवार में नए सदस्य का आगमन सोचकर ही मन खुशी से भर उठता है यदि आप इस खुशनुमा अवसर पर अकेले हैं तो अपनी खुशी को दोस्तों और नाते रिश्तेदारों के साथ जमकर शेयर कीजिये. केवल फोन पर शेयर करने के स्थान पर आप  इस खुशी को शेयर करने के लिए आप स्वयम अपना ऑनलाइन ई कार्ड डिजाइन करके व्हाट्सअप पर शेयर करें. आप चाहें तो इस अवसर पर अपने घनिष्ठ मित्रों के साथ एक छोटी सी पार्टी भी प्लान कर सकतीं हैं.

4. बेबी बंप से करें बातें

अपने आने वाले बेबी से बातें करने के लिए बेबी बंप को सहलाएं, बेबी के मूवमेंट को महसूस करें, और हर स्टेज की फोटो लेकर इस अवस्था को अविस्मरणीय बनाएं. पहले के जमाने मे जहां बेबी बंप को लेकर महिलाओं में झिझक होती थी वही आज बेबी बंप महिलाओं के लिए गर्व की बात है जिसे लेकर पति पत्नी दोनों ही बहुत उत्साहित होते हैं. आजकल तो प्री बेबी शावर शूट का चलन है जिससे इस अवधि को यादगार बनाया जा सकता है.

5. ये तैयारी भी करें

बेबी के फुटप्रिंट लेने के लिए एक सफेद सूती कपड़ा और कोई हल्का सा रंग लाकर रखें ताकि आप अपने नन्हे पैरों का प्रिंट ले सकें. आजकल फुटप्रिंट लेने के लिए ऑनलाइन किट मिलती है जिससे आप बड़ी आसानी से बेबी के फुटप्रिंट ले सकतीं हैं. इसके अतिरिक्त आप आटे या प्लास्टर ऑफ पेरिस से भी फुटप्रिंट ले सकतीं हैं. इन्हें यादगार बनाने के लिए आप इसे आगे चलकर फ्रेम करवा लें.

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6. नाम सोचकर रखें

बच्चे के आगमन से पूर्व उसका नाम अवश्य सोच लें क्योंकि नाम के अभाव में बच्चे को देखने आने वाले आगन्तुक किसी भी नाम से उसे पुकारना प्रारम्भ कर देते हैं जिससे कई बार उसका नामकरण ही वह उल्टा सीधा नाम ही हो जाता है. यदि आप पहले ही कोई नाम सोचकर रखते हैं तो सभी उसे उसी नाम से पुकारते हैं.

Mother’s Day Special: एक आसान मातृत्व के लिए कुछ सुझाव

एक औरत की ज़िन्दगी में माँ बनने का सुख हर सुख से परे है और वह एक अनूठा अनुभव है क्योंकि मातृत्व का सुख ,उसका एहसास सब रिश्तो से अलग होता है. इसमें एक औरत की खुद अपनी परछाई से मुलाकात होती है, जो उसे अपनी औलाद के रूप में मिलती है. पहली बार मां बनने का अहसास बहुत ही अलग होता है.

शिशु के आने से एक औरत की जिम्मेदारी बढ़ जाती है. वह अपना सारा ध्यान व समय अपने शिशु को समर्पित कर देती है. माँ और शिशु का रिश्ता बड़ा ही अनमोल होता है. माँ ही शिशु के लालन -पोषण का ध्यान रखती है , उसकी हर छोटी -बड़ी जरूरत का ख्याल रखती है.

ऐसे में माँ को भी अपना ध्यान रखना चाहिए. आजकल ऐसे बहुत से प्रोडक्ट्स उपलब्ध है जो की एक आसान मातृत्व में सहायक होते हैं. नयी माताएं इन्हे इस्तेमाल करके अपनी रोज़मर्रा की दिनचार्य में शामिल कर सकती है.

नीचे कुछ सुझाव व प्रोडक्ट्स बताये गए है जिससे नयी माताएं अपनी जीवनशैली में एक स्मार्ट और सुखी मातृत्व का आनंद ले सकती है.

1. बेबी कन्वर्टबल चेयर –

यह एक 4 इन 1 समाधान है. आप इसे अपने शिशु की शांतिपूर्ण नींद के लिए एक पालने के रूप में उपयोग कर सकते हैं और खिलोने लगाकर शिशु को व्यस्त भी रख सकते है. आप डाइनिंग टेबल पर अपने साथ शिशु को खाना खिलाने के लिए इसे हाई चेयर के रूप में भी परिवर्तित कर सकते है . और जब शिशु स्वयं खाना शुरू करते हैं, तो यह आसानी से कुर्सी के रूप में भी परिवर्तित की जा सकती है . ये एक मल्टिफंक्शन प्रोडक्ट है जो कि शिशु के खाने, सोने और खेलने में सहायक होता है.

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2. माताओं के लिए ब्रैस्ट फीडिंग पम्पस –

यह माताओं को न केवल ब्रैस्ट मिल्क एक्सट्रेक्ट करने बल्कि आसानी से स्टोर करने में भी मदद प्रदान करते हैं ताकि माँ की अनुपस्थिति में माँ का दूध व उसके गुण शिशु को उपलब्ध हो सकें. ब्रैस्ट पम्प का चुनाव करते समय माताओं को विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए कि ब्रैस्ट पम्प प्रभावी एवं सौम्य ढंग से दूध एक्सट्रेक्ट कर सके और साथ ही माँ के हाथ व बाजु पर प्रेशर न डाले जिससे कि वह लम्बे समय तक शिशु को ब्रैस्ट मिल्क के गुण उपलब्ध करा पाएं.

3. बाथिंग जेल –

यह 100% साबुन मुक्त फार्मूला से बनाया गया है जो शिशु की नाजुक त्वचा को जेंटली साफ करता है, और उसे सॉफ्ट बनाता है . यह नो टीयर्स फार्मूला इस तरह बनाया गया है की यह शिशु की नाजुक आँखों में जलन ना करे और क्योंकि यह जेल मैरीगोल्ड और ग्लिसरीन जैसी प्राकृतिक चीज़ो से मिलकर बना है, इसलिए यह हर रोज शिशु की नाजुक त्वचा के लिए प्रयोग किया जा सकता है जिससे शिशु की त्वचा सॉफ्ट और मॉइस्चरीज़ड बनी रहे.

4. शिशु के खाने की चीजों और सरफेस को स्वच्छ रखें-

आज कल शिशु उत्पादों और खाद्य पदार्थों को केवल पानी से धोना काफी नहीं है , बैक्टीरिया और कीटाणुओं को खत्म करने के लिए एक अच्छे डिसइंफेक्टेंट का उपयोग करना और इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना बहुत महत्वपूर्ण है. खरीदते समय माता पिता को एक ऐसे डिसइंफेक्टेंट का चुनाव करना चाहिए जो विशेष रूप से शिशु की वस्तुओं के लिए बनाया गया हो और एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुणों से युक्त हो .

5. बच्चों के लिए फेस मास्क –

बाज़ार में बच्चो के लिए स्पेशल फेस मास्क उपलब्ध हैं जो आज के समय में बच्चों की सुरक्षा के लिए अत्यधिक आवश्यक हैं. बच्चे के लिए कॉटन के कपडे का मास्क खरीदे जो सॉफ्ट और 6 लेयर प्रोटेक्शन वाला हो जिससे बच्चा आसानी से सांस ले सकता है. थोड़े समय के लिए भी घर से बाहर निकलते वक्त बच्चों को मास्क अवश्य पहनाएं.

6. शिशु के लिए हाइजीन का ध्यान रखना –

शिशु के आस-पास साफ़ – सफाई का बहुत ध्यान रखना चाहिए. शिशु को खाना खिलाने के बाद उसके हाथ व मुँह को बेबी वाइप्स से साफ़ करना चाहिए , उसके हाथ -पैरो पर मॉस्क्वीटो जेल /स्प्रे लगाना चाहिए जिससे आप उन्हें मच्छरों से बचा सकते हैं.

7. शिशु के साथ ज़्यादा से ज़्यादा समय व्यतीत करें –

रोज़ कुछ टाइम अपने बच्चे के लिए ज़रूर निकालें जिनमे उनके साथ क्रिएटिव एक्टिविटीज जैसे – म्यूजिक, डांस, पेंटिंग करे , कविता सुनाये , कहानियां पढ़े व सुनाएं ताकि उनके शारीरिक व मानसिक विकास में सहायक हो.़

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8. शिशु की ओरल हेल्थ –

शिशु के दांतों और मुंह के स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी अत्यधिक आवश्यक है. एक सॉफ्ट ब्रिस्स्ल टूथब्रश का उपयोग करे जिसकी ब्रिस्स्ल सॉफ्ट होने के साथ साथ ब्रश हेड का शेप मुँह के कोने कोने में सफाई करने में सहायक हो. बहुत छोटे शिशु के लिए फ्लोराइड फ्री टूथपेस्ट ही उपयोग करें क्यूंकि अक्सर शिशु टूथपेस्ट को निगल भी सकते हैं. फ्लोराइड फ्री टूथपेस्ट पेट में जाने पर भी शिशु को नुकसान नहीं पहुंचाती है. हर बार खाने खाने के बाद बच्चे को पानी से कुल्ला ज़रूर करवाएं.

राजेश वोहरा, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, आर्ट्साना ग्रुप (Chicco), इन एसोसिएशन विद कीको (Chicco) रिसर्च सेंटर

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