अगर आपका चेहरा भी हो जाता है लाल, तो फॉलो करें ये टिप्स

कई बार हमारा चेहरा लाल हो जाता है और यह शिकायत लगभग सभी की होती है. चेहरे लाल होने के बहुत से कारण होते हैं जिसमें गलत कॉस्मेटिक्स का प्रयोग करना, अधिक देर तक एक्सरसाइज करना और सूर्य की रोशनी में बहुत देर तक रहना आदि शामिल है. अगर आप अधिक शराब पीते हैं या आपको एलर्जी रिएक्शन होते हैं तो भी आपका चेहरा लाल हो सकता है. अगर आप चेहरे के लाल होने के कारण परेशान रहते हैं और हमेशा इस चीज के इलाज की तलाश में रहते हैं तो आज आप बिल्कुल सही जगह आए हैं. आज हम चेहरे के लाल हो जाने के कुछ कारणों के बारे में जानेंगे और इनके घरेलू इलाजों के बारे में भी पता लगाएंगे.

चेहरे के लाल होने के कारण

आपका चेहरा तब लाल होता है जब आपकी ब्लड वेसल्स अधिक खुल जाती हैं और आपकी स्किन तक खून ज्यादा मात्रा में पहुंचने लग जाता है. इस कारण आपका चेहरा ही नहीं बल्कि आपकी गर्दन भी लाल हो जाती है. इस एकदम से हो जाने वाली ललक को फ्लशिंग रेडनेस कहते हैं. इसके कुछ कारणों में सन बर्न हो जाना या गुस्से, स्ट्रेस या अधिक इमोशनल स्टेट में आ जाने के कारण भी आपका चेहरा लाल हो जाता है. यह मेनोपॉज और रोसेशिया जैसी मेडिकल स्थिति के कारण भी ऐसा होना संभव है.

 रैडिशनेस के उपचार

शहद : शहद को स्किन की समस्याओं जैसे घाव भरने या एंटी इन्फ्लेमेटरी गुणों के लिए प्रयोग किया जाता है. यह आपकी स्किन के रैश को ठीक करने में भी सहायक होता है. इसके लिए आपको एक कपड़े को शहद में डूबो कर उसे अपने चेहरे के उन भागों में लगाना होता है जहां से चेहरा लाल हो रखा होता है.

एलो वेरा : एलो वेरा में भी घाव भरने वाले और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं. इसलिए यह आपकी स्किन से लाल धब्बों को मिटाने में लाभदायक होता है और उन्हें जल्दी ठीक करने में भी सहायक होता है. इसे प्रयोग करने के लिए आपको अपनी स्किन पर लाल धब्बों पर एलो वेरा जेल अप्लाई करना होता है और सुबह उठ कर उसे पानी से धो लें.

चैमोमाइल टी : यह टी भी इसके अंदर एंटी इंफ्लेम्टरी गुण होने के कारण स्किन की समस्याओं को ठीक करने के लिए प्रयोग की जाती है. यह आपकी स्किन से इंफ्लेमेशन दूर करने में सहायक होती है जिससे आपकी स्किन से लाल पन खुद ही ठीक हो जाता है. इसका प्रयोग करने के लिए आपको इसके टी बैग्स को पानी में उबाल कर और ठंडा करके अपने चेहरे पर प्रयोग करना होता है.

खीरे : खीरे में फाइटो केमिकल्स होते हैं जो पिंपल्स को कम करते है. यह चेहरे के लाल पन को भी दूर करता है और आपकी स्किन को अधिक क्लीयर और मॉइश्चराइज दिखाता है. इसको प्रयोग करने के लिए एक खीरे को कस लें और फिर उसे अपने चेहरे पर अप्लाई करें. 15 मिनट के बाद इसे धो लें.

दही : दही के अंदर प्रो बायोटिक्स होते हैं. यह स्किन बैरियर फंक्शन को बेहतर बना सकते हैं और स्किन सेंसिटिविटी को कम करने में सहायक होते है. उससे आपके चेहरे का लालपन खत्म होने में भी मदद मिलती है. इसके लिए आपको दही और नींबू के रस को एक साथ मिला कर अपने चेहरे पर लगाना है और उसे फिर धो लेना है.

ग्रीन टी : ग्रीन टी में एंटी फंगल और एंटी इंफ्लेमेटर गुण होते हैं जो आपकी स्किन से लाल धब्बों को ठीक करने में मदद करते है . सबसे पहले ग्रीन टी बैग्स को पानी में उबाल लें और इसके पानी को निचोड़ कर एक कटोरी में रख लें और फिर उसे फ्रीज में रख दें. थोड़ी देर के बाद उस पानी को अपने चेहरे पर लगा लें और फिर थोड़ी देर के बाद धो लें.

पेट्रोलियम जेली : पेट्रोलियम जेली में एक कंपाउंड होता है जिसमें एंटी माइक्रोबियल गुण होते है. यह इंफेक्शन से लडने में और आपकी स्किन के लाल धब्बों को दूर करने में लाभदायक होती है. इसे प्रयोग करने के लिए रात में. अपने चेहरे पर इसे अप्लाई करें और सुबह उठ कर मुंह धो लें.

अगर आप इन टिप्स का पालन करेंगी तो जरूर ही आपके चेहरे से लाल धब्बे दूर हो जाएंगे.

मेकअप प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें लेकिन जरा संभलकर 

चाहे चेहरे की रौनक को फाउंडेशन से बढ़ाने की बात हो या फिर लिप्स को ग्लोस व लिपस्टिक से शाइनी व कलर देने की या फिर चिकबोन्स को हाइलाइटर से उभारने की या फिर आंखों को आईशैडो से ग्लैमरस लुक देने की,  लड़कियां व महिलाएं हर कोई किसी भी तरह का मेकअप करने में पीछे नहीं रहती. मेकअप के साथ आए दिन नए नए एक्सपेरिमेंट्स करना उन्हें पसंद होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दौरान हम अनजाने में कुछ मेकअप मिस्टेक्स भी कर देते हैं. जो हमारी स्किन के लिए नुकसानदायक साबित होती हैं. तो आइए जानते हैं उन मिस्टेक्स के बारे में-

1. मेकअप को रिमूव नहीं करना 

जितनी एक्साइटमेंट हमें मेकअप को अप्लाई करने की होती है, उतनी  एक्साइटमेंट हमें मेकअप को रिमूव करने की नहीं होती. हम यही सोचते हैं कि हमने तो ब्रैंडेड प्रोडक्ट चेहरे पर अप्लाई किया है. इसलिए चाहे हम मेकअप रिमूव नहीं भी करें तो भी चलेगा. जबकि आपकी ये सोच गलत है. क्योंकि मेकअप को लंबे समय तक स्किन पर लगाए रखना या फिर मेकअप को बिना हटाए सो जाने से मेकअप में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स. धूलमिट्टी के कारण स्किन पर जमी गंदगी व बैक्टीरिया पोर्स को क्लोग करने के साथ स्किन एलर्जी का कारण बनते हैं. इसलिए कभी भी मेकअप को लगाकर न सोएं.

2. मॉइस्चराइजर के बिना मेकअप 

हमें मेकअप करना तो पसंद होता है, लेकिन हमें कई बार मेकअप सम्बंधित बहुत सी चीजों की जानकारी नहीं होती है. जिसमें से एक है कि बिना मॉइस्चराइजर अप्लाई किए मेकअप अप्लाई करने की भूल. हम यही सोचते हैं कि जो काम मेकअप को करना है वो तो हो ही जाएगा, फिर मॉइस्चराइजर लगाने की क्या जरूरत. लेकिन आप शायद ये भूल जाते हैं कि जब हम बिना मॉइस्चराइजर के स्किन पर मेकअप अप्लाई करते हैं तो उससे स्किन पर डॉयनेस रहने के कारण मेकअप क्रैकी लुक देने लगता है और मेकअप भी लंबे समय तक स्टे नहीं कर पाता है. स्किन हैल्दी भी नहीं रहती. इसलिए जरूरी है कि मेकअप को अप्लाई करने से पहले स्किन को मॉइस्चराइज जरूर करें.

3. कंसीलर का गलत इस्तेमाल 

कंसीलर जिसे हम कलर करेक्टर भी कहते हैं. ये डार्क सर्कल्स, ऐज स्पोट्स. बड़े पोर्स व स्किन पर दागधब्बों को छिपाने का काम करता है. जिससे स्किन टोन में भी काफी फर्क नजर आता है. लेकिन जब आप कंसीलर को सही तरीके से नहीं लगाते. यानि जरूरत से ज्यादा कंसीलर का इस्तेमाल करते हैं तो स्किन अपना नेचुरल लुक खोने के साथसाथ पैचीपैची सी नजर आने लगती है. इसलिए जब भी लगाएं तो इसे ड्रोपड्रोप करके ही लगाएं. साथ ही लेयर्स पर लेयर्स लगाने की कोशिश न करें. वरना आपका चेहरा भद्दा नजर आने लगेगा.

4. मस्कारा की कई लेयर्स 

मस्कारा आंखों की खूबसूरती को बढ़ाने का काम करता है. क्योंकि ये आपकी पलकों को शेप देने के साथ उन्हें घना दिखाने का काम जो करता है. और कई बार हम इसकी खूबसूरती को बढ़ाने के चक्कर में इसकी एक बार में ही कईकई लेयर्स अप्लाई कर देते हैं. जिससे पलके काफी मोटी लगने के साथ वो ड्राई होने के बाद अलगअलग होकर आंखें खुबसूरत लगने के बजाय काफी अजीब सा लुक देने लगती हैं. इसलिए एक दो बार इसे ब्रश से पतलापतला ही लैशेज पर अप्लाई करें. इससे लुक बिगड़ने का डर नहीं रहता और आंखें भी ग्लैमरस लगती हैं.

5. मेकअप ब्रश को क्लीन नहीं करना 

हम मेकअप प्रोडक्ट्स को मेकअप ब्रश व ब्यूटी ब्लेंडर  से ही लगाना पसंद करते हैं, खासकर क्रीमी मेकअप प्रोडक्ट्स व फाउंडेशन को. लेकिन हम इन ब्रश व ब्यूटी ब्लेंडर को इस्तेमाल करने के बाद उन्हें क्लीन करना जरूरी नहीं समझते. जिससे चेहरे पर  स्किन प्रोब्लम्स जैसे एक्ने. ब्रेकआउट जैसी प्रोब्लम्स हो जाती हैं.  शायद आप इस बात से अनजान हैं कि मोइस्ट व गंदे ब्रश आदि में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जो आपकी स्किन के लिए बिलकुल भी ठीक नहीं हैं. इसलिए जब भी इस्तेमाल करें तो इन्हें क्लीन करके सही जगह पर ही रखें.

 

इन 5 Rules को फॉलो कर गर्मी में रखें स्किन का ख्याल

गर्मियों में स्किन को ऐक्स्ट्रा केयर की जरूरत होती है. लेकिन अपनी भागदौड़ वाली जिंदगी में हम अपनी स्किन की तरफ ध्यान ही नहीं दे पाते हैं, जिस का नतीजा यह होता है कि हमारी स्किन डल, बेजान सी दिखने लगती है. ऐसे में अगर रोज अपनी स्किन की कुछ मिनट ही सही से केयर कर लेंगे तो आप की स्किन गरमियों में भी दमक उठेगी.

जानते हैं, उन जरूरी चीजों के बारे में, जिन पर गौर कर आप इस समर में फ्रैश स्किन पा सकती हैं:

1. फ्रैश स्टार्ट:

अगर आप की स्किन सुबह फ्रैश फील देती है तो आप को खुद तो तरोताजा महसूस होता ही है, साथ ही आप का कौन्फिडैंस भी बढ़ता है. आप ज्यादा ऐनर्जेटिक हो कर काम कर पाती हैं. इस के लिए आप अपने मौर्निंग स्किन केयर रूटीन में अयूर का बौडी वाश शामिल जरूर करें. इस से स्किन पर जो धूलमिट्टी के कारण गंदगी जमा हो जाती है, वह रिमूव हो कर आप की स्किन सौफ्ट फील देने लगेगी, साथ ही यह स्किन के नैचुरल औयल को भी मैंटेन रखने का काम करेगा. इस से स्किन पर नैचुरल मौइस्चर भी बैलेंस में रहेगा.

2. मौइस्चराइज जरूर करें:

कई महिलाओं को यह समस्या होती है कि नहाने के बाद उन की स्किन ड्राई होने लगती है. इस का कारण है कि वे स्किन को मौइस्चर करना जरूरी नहीं सम झतीं, जिस से स्किन खिंचीखिंची व ड्राई सी लगने लगती है, जो उन्हें पूरे दिन असहज महसूस करवाने का काम करती है. इस के लिए जरूरी है कि आप नहाने के बाद अपनी स्किन को अच्छी तरह मौइस्चराइज जरूर करें. इस बात का भी खास ध्यान रखें कि जिस भी मौइस्चराइजर का चयन करें  वह नैचुरल इन्ग्रीडिएंट्स से बना हो, क्योंकि इस से स्किन को काफी फायदा मिलता है. कोशिश करें कि आप के मौइस्चराइजर में गुलाब, ऐलोवेरा, खीरे जैसे तत्त्व हों, जो गरमियों में स्किन को कूलिंग इफैक्ट देने के साथसाथ स्किन को टैनिंग व डलनैस से भी बचाने का काम करते हैं, जबकि कैमिकल्स वाले प्रोडक्ट्स का स्किन पर ज्यादा इस्तेमाल करने से स्किन के डैमेज होने का डर बना रहता है.

3. सन प्रोटैक्शन जरूरी:

मौइस्चराइजर के बाद स्किन को सन प्रोटैक्शन देना बहुत जरूरी होता है वरना सूर्य की हानिकारक किरणें धीरेधीरे स्किन को पिगमैंट करने के साथसाथ स्किन की नैचुरल ब्यूटी को चुरा लेती हैं. इसलिए अपनी स्किन के टाइप के हिसाब से सन प्रोटैक्शन का इस्तेमाल करें. इस बात का भी ध्यान रखें कि आप बाहर के संपर्क में कितनी देर रहती हैं, इसे ध्यान में रख कर एसपीएफ का चयन करें ताकि आप को सनस्क्रीन का सही फायदा मिल सके. इस के लिए आप अयूर हर्बल ऐंटी सन टैन का इस्तेमाल कर सकती हैं. इस से आप की स्किन में ग्लो भी नजर आएगा.

4. सीटीएम रूटीन करे स्किन रिलैक्स:

सीटीएम यानी स्किन की क्लींजिंग, टोनिंग व मौइस्चराइजिंग से स्किन को रिलैक्स करना. गरमी, धूलमिट्टी व प्रदूषण के कारण हमारी स्किन का अट्रैक्शन धीरेधीरे कम होने लगता है, जिस के लिए सीटीएम रूटीन का पालन करना बहुत जरूरी होता है. यह स्किन की डीप मसाज कर के उसे क्लीन करने का काम करता है. इस से स्किन फिर से खिल उठती है और आप को अपने मुर झाए चेहरे से छुटकारा मिल जाता है. इस के लिए आप ऐसे इन्ग्रीडिएंट्स वाले प्रोडक्ट्स खरीद सकती हैं, जिन में नीम, चारकोल और पपाया जैसे तत्त्व शामिल हों, क्योंकि ये स्किन पर बहुत थोड़े समय में ही बेहतर रिजल्ट देने का काम करते हैं.

5. पोर्स को करे टाइट:

अकसर क्लींजिंग के बाद स्किन का तो अट्रैक्शन बढ़ जाता है, लेकिन इस के चक्कर में स्किन के पोर्स खुल जाते हैं, जो न तो दिखने में अच्छे लगते हैं और न ही स्किन के लिए अच्छे माने जाते हैं. इस के लिए क्लींजिंग के बाद आप को स्किन पर टोनर जरूर अप्लाई करना चाहिए, क्योंकि यह स्किन पर गुलाबी ग्लो लाने के साथसाथ पोर्स को भी छोटा करने का काम करता है. इस से स्किन लचीली  भी बनी रहती है.  इस के बाद स्किन पर हर्बल मौइस्चराइजर अप्लाई करना न भूलें. यकीनन कुछ ही दिनों में आप की स्किन फिर से यंग व फ्रैश दिखने लगेगी.

Winter Special: सर्दियों के दौरान अपने स्किन बैरियर्स की कैसे करें सुरक्षा ?

सर्दियों का मौसम आपकी स्किन के लिए बहुत ही मुश्किल समय होता है. यदि आप इस मौसम में हीटर का प्रयोग भी करते हैं तो भी आप ज्यादा हद तक अपनी स्किन को बचा नहीं सकेंगे. इस दौरान आपकी स्किन को हानिकारक तत्त्वों से बचाने वाले बैरियर्स खतरे में आ जाते हैं.

सर्दियों में यह बैरियर कमजोर हो जाते हैं और यह फिर धीरे धीरे खत्म होने शुरू हो जाते हैं. बहुत से लोगों को यह नहीं पता होता है कि हमें यह बैरियर कैसे बचाने हैं और इसलिए उनकी स्किन बहुत ही डल व खराब हो जाती है. तो आइए जानते हैं सर्दियों में अपने स्किन बैरियर्स को कैसे सुरक्षित कर सकते हैं?

1. केवल हल्के उत्पादों का प्रयोग करें :

आपको अपनी स्किन का Ph बैलेंस बना कर रखना होता है और इसके लिए आपको किसी भी उत्पाद का अधिक प्रयोग नहीं करना है. ऐसे उत्पाद प्रयोग करने चाहिए जो स्किन के लिए बने हों और जो आपकी स्किन को अधिक नुक़सान न पहुंचाएं. यदि आप एक्सफोलिएशन करनी है तो आप बहुत ही माइल्ड उत्पादों का प्रयोग करें और वह भी हफ्ते में केवल दो ही बार प्रयोग करें. अपनी स्किन पर गर्म पानी का प्रयोग न करें.

2. अपनी स्किन पर ऑयल लगाएं :

यदि आप अपनी स्किन के बैरियर्स को नष्ट होने से बचाना चाहते हैं तो आपको अपनी स्किन से वॉटर लॉस होने से रोकना होगा. अतः फेशियल ऑयल का प्रयोग करें. इससे आपकी स्किन पर प्रयोग किए सभी उत्पाद सील हो जाएंगे और उनका आपको ज्यादा से ज्यादा लाभ मिलेगा. ऑयल प्रयोग करने से आपको हाइड्रेशन भी मिलेगी. अतः आपको अपनी स्किन में ऑयल अवश्य प्रयोग करना चाहिए.

3. बैरियर बनाने वाले तत्त्वों का प्रयोग करें :

आपको कुछ ऐसे मॉइश्चराइजर का प्रयोग करना चाहिए जिनमें सेरामाइड, स्क्वालीन, पेप्टाइड आदि तत्त्व मौजूद हों. यदि आप किसी बजट फ्रेंडली मॉइश्चराइजर का प्रयोग करना चाहते हैं जो सिंपल भी हो तो आप पेट्रोलियम जेली का प्रयोग कर सकते हैं. वह आपकी स्किन में सारा मॉइश्चर लॉक कर देगी. कॉलेजन व इलास्टिन आपकी स्किन को सॉफ्ट और जवान रखने में मदद करते हैं और पेप्टाइड इन दोनों तत्त्वों को बनाने में मदद करता है.

4. अल्ट्रा वॉयलेट से होने वाले डेमेज से बचाएं :

सूर्य के द्वारा होने वाले डेमेज से भी आपके स्किन बैरियर नष्ट हो सकते हैं. इससे आपकी स्किन में डार्क स्पॉट्स हो सकते हैं, इससे आपको डिस कलरेशन की समस्या हो सकती है, इससे आपकी स्किन में झुर्रियों जैसी समस्या होती हैं. इसके लिए आपको सनस्क्रीन का प्रयोग अवश्य करना चाहिए. और आपको हर दो से तीन घंटे बाद सनस्क्रीन को दोबारा से अप्लाई कर लेना चाहिए ताकि आपकी स्किन डेमेज होने से बच सके.

5. ह्यूमिडिफायर खरीदें :

यदि आप किसी ऐसी जगह रहते हैं जहां बहुत अधिक ठंड होती है या जहां आपकी स्किन बहुत ज्यादा ड्राई रहती है तो आपको एक अच्छा सा ह्यूमिडिफायर खरीद ही लेना चाहिए. इससे आपकी स्किन में मॉइश्चर भी लॉक रहेगा और आपकी स्किन से वॉटर लॉस भी नहीं होगा. आपकी स्किन सर्दियों में बहुत डिहाइड्रटेड हो जाती है इसलिए उसे मॉइश्चर की व हाइड्रेशन की जरूरत होती है और एक ह्यूमिडिफायर का प्रयोग करने से आपकी स्किन को हाइड्रेशन मिलता है जो उसे बहुत सारा डेमेज होने से बचा सकता है.

यदि आप ऊपर लिखित सभी टिप्स सर्दियों के मौसम में अपनाते हैं तो आपकी स्किन के बैरियर्स को किसी प्रकार का कोई नष्ट नहीं पहुंचेगा और आपकी स्किन हाइड्रेटेड भी रहेगी. अतः अपनी स्किन को डेमेज व ड्राई होने से बचाने के लिए इन सभी टिप्स का प्रयोग करना बहुत आवश्यक है. इसके लिए यदि आपको थोड़े बहुत पैसे भी इन्वेस्ट करने पड़े तो उसमें बिल्कुल भी न झिझकें.

Mother’s Day Special: मां को दें स्किन केयर से जुड़ा ये तोहफा

एक मां अपने बच्चे की खुशी के लिए क्या कुछ नहीं करती. कभी उस के लिए अपनी नींद से समझता करती है, तो कभी उस के लिए खुद भूखी रह जाती है. उस के कहीं बाहर जाने पर उस के इंतजार में बैठी रहती है. बच्चे की एक डिमांड पर वह अपनी सारी थकान को भूल कर उस की डिमांड को पूरा करने में जुट जाती है.

दुनियाभर से उस के लिए फाइट करने में भी पीछे नहीं रहती. उस की खुशी के लिए अपनी सारी खुशियां कुरबान करने के लिए तैयार हो जाती है.

भले ही हम मां को बहुत कुछ नहीं दे सकते, लेकिन मदर्स डे एक बेटी होने के नाते आप अपनी मां की इनर ब्यूटी की तरह आउटर ब्यूटी को बैस्ट ब्यूटी ट्रीटमैंट्स गिफ्ट में दे कर निखार सकती हैं क्योंकि वह खुद को हमेशा टिपटौप तो रखना पसंद करती है, लेकिन परिवार व बच्चों से हमेशा घिरी रहने के कारण खुद को संवारने पर ध्यान ही नहीं देती है. ऐसे में आप के ये गिफ्ट्स मां के चेहरे पर मुसकान लाने के काम करेंगे. तो आइए जानते हैं कैसे:

1 फेशिअल केयर बौक्स

अपने चेहरे को निखारना व अपनी खूबसूरती की तारीफ बटोरना हर मौम को अच्छा लगता है. लेकिन घरपरिवार में बिजी रहने के चक्कर में व पैसों के कारण हमेशा खुद की स्किन से समझता कर ही लेती हैं. ऐसे में आप उन्हें इस मदर्स डे पर फेशियल केयर बौक्स गिफ्ट कर के उन के होंठों पर मुसकान लौटाने के साथसाथ उन के चेहरे की खोई रौनक को भी लौटा सकती हैं क्योंकि इस बौक्स में होता है फेशियल क्लींजर, टोनर, पैक से ले कर नाइट ट्रीटमैंट क्रीम तक और सन प्रोटैक्शन देने वाला सनस्क्रीन भी जो उन की स्किन को क्लीन, डैड स्किन को रिमूव करने के साथसाथ फेस पर ग्लो तो लाएगा ही, साथ ही स्किन पर एजिंग को भी कम करने का काम करता है.

नाइट क्रीम स्किन को लंबे समय तक हाइड्रेट रखने के साथसाथ स्किन सैल्स को रिपेयर करने का भी काम करती है. ऐसे में आप मार्केट से फौरैस्ट ऐसैंशियल की फेशियल केयर किट, जस्ट हर्ब की फेशियल केयर, मामा एअर्थ की किट खरीद सकती हैं. ये बजट में होने के साथसाथ स्किन पर काफी अमेजिंग असर भी दिखाने का काम करती हैं.

2 एम टू पीएम स्किन केयर रूटीन

एक मां पैसों की बचत के लिए अपने डेली स्किनकेयर रूटीन से समझता कर लेती है. उसे लगता है कि इस से भले ही ज्यादा नहीं, लेकिन थोड़ीबहुत बजट तो होगा ही. इस के लिए वह फेसवाश की जगह फेस पर साबुन को भी अप्लाई करने में झिझकती नहीं है. जबकि बढ़ती उम्र में स्किन की खास केयर की जरूरत होती है.

साबुन का ऐल्कलाइन नेचर फेस के नैचुरल मौइस्चर को चुरा कर फेस को ड्राई बनाने का काम करता है, जिस से फेस फलेकी यहां तक कि स्किन पर ब्रेकाउट्स तक हो जाते हैं, जबकि फेसवाश स्किन के पीएच लैवल को बैलेंस में रखने का काम करता है और अगर उस में ह्यलुरोनिक ऐसिड हो, फिर तो स्किन की ड्राइनैस दूर होने के साथसाथ फाइन लाइंस व झर्रियों की समस्या भी जल्दी दूर हो जाती है, साथ ही इस के बाद विटामिंस व ह्यलुरोनिक ऐसिड रिच फेस क्रीम स्किन को मौइस्चराइज करने के साथसाथ स्किन को ब्राइट बनाने का भी काम करती है.

ऐसे में आप इन इनग्रीडिएंट्स से युक्त फेसवाश व फेस क्रीम के मार्केट में मिलने वाले ब्रैंडेड पैक्स को मौम को गिफ्ट दे कर उन को स्किन की केयर का खास गिफ्ट दे सकती हैं.

3 कोलेजन मास्क

हमारे शरीर की तरह हमारी स्किन को भी सुपर फूड की जरूरत होती है. ऐसे में आप की मौम की स्किन के लिए कोलेजन मास्क सुपर फूड है. कोलेजन हमारी स्किन का मेन स्ट्रक्चर है, जो प्रोटीन का बना होता है और इस के बेहतर संतुलन से ही हमारी स्किन टाइट, ग्लोइंग और एजिंग से बची रहती है. लेकिन मौम्स इस बात को भूल जाती हैं कि बढ़ती उम्र व स्किन की केयर नहीं करने के कारण स्किन अपना कोलेजन खोने लगती है, जिस से वह समय से पहले बूढ़ी दिखने लगती है.

ऐसे में कोलेजन मास्क आप की मां की स्किन से गंदगी व डैड स्किन सैल्स को रिमूव कर के स्किन को क्लीयर व सौफ्ट बनाने का काम करता है, साथ ही ब्लड सर्कुलेशन को भी इंप्रूव करने में मददगार होता है. इस से स्किन टाइट भी होती है, जो स्किन पर एजिंग को कम कर के व आंखों के आसपास के डार्कसर्कल्स को रिमूव कर के उसे यंग दिखाने का काम करती है.

इस स्पैशल डे मौम को दें कोलेजन मास्क गिफ्ट में ताकि आप की मौम अंदर व बाहर दोनों जगह से हमेशा यंग बनी रहें. इस के लिए आप मार्केट से इनटुर कोलेजन फेशियल मास्क, द डर्मा कंपनी का कोलेजन मास्क व इसी तरह आप को और भी ब्रैंडेड कंपनी के कोलेजन फेस मास्क मिल जाएंगे, जिन्हें दे कर आप अपनी मौम की स्किन को फिर से यंग बना सकती हैं.

4 फेस सीरम

आप मां को फेस सीरम जैसा यूजफुल ब्यूटी प्रोडक्ट गिफ्ट दें क्योंकि यह आसानी से स्किन में अब्सौर्ब होने के साथ इजी टू यूज मी है. लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि आप की मौम को किस तरह की स्किन प्रौब्लम है. जैसे अगर स्किन में कोलेजन और इलास्टिक ब्रैंड को टूटने से बचाने के लिए उन के लिए ऐसा सीरम लें, जिस में रेटिनोल व ऐंटीऔक्सीडैंट्स मौजूद हों.

वहीं फ्री रैडिकल्स डैमेज की समस्या के लिए कौफी इन्फुसेड सीरम गिफ्ट में दें और अगर उन के चेहरे पर दागधब्बे व पिगमैंटेशन की समस्या हो, तो विटामिन सी युक्त सीरम गिफ्ट में दें. इसी के साथ अगर उन का चेहरा हमेशा ड्राईड्राई रहता है तो उन्हें ह्यालूरोनिक ऐसिड युक्त सीरम गिफ्ट में दें.

5 लिपस्टिक किट

अकसर हम सभी ने देखा है कि मौम के पास 1 या फिर ज्यादा से ज्यादा 2 लिपस्टिक ही होती हैं, जिन्हें वे हर पार्टी, फंक्शन में रिपीट करती हैं. बहुत बार तो वे सस्ते के चक्कर में ब्रैंड को भी इग्नोर कर के लोकल ब्रैंड की लिपस्टिक खरीद लेती हैं, जिस से उन्हें उन की पसंद का शेड तो मिल जाता है, लेकिन इस से उन के लिप्स पर कई बार टैनिंग तक हो जाती है.

लेकिन फिर भी वे इसे इग्नोर कर देती हैं. ऐसे में आप इस मदर्स डे पर उन्हें लिपस्टिक किट गिफ्ट कर सकती हैं, जिस में मैट, ग्लौसी हर तरह की लिपस्टिक हो ताकि जब मन करे वे अपनी ड्रैस के साथ मैच कर लगा लें. साथ ही ब्रैंडेड लिपस्टिक उन के लिप्स की ड्राइनैस व पिगमैंटेशन को भी कम करने का काम करती है यानी साथसाथ लिप ट्रीटमैंट भी मिल जाता है. यही नहीं वे इन्हें लिप्स पर लगाने के साथसाथ चिक्स को भी हाईलाइट कर सकती हैं. इस के लिए लैक्मे, स्विस ब्यूटी, नायका, शुगर कौस्मैटिक, जस्ट हर्ब्स जैसे ब्रैंड्स चूज कर सकती हैं.

यकीन मानिए इतने स्पैशल डे पर ये गिफ्ट पा कर वे खुशी से झम उठेंगी और आप भी उन की खुशी को देख कर मुसकराए बिना नहीं रह पाएंगी.

6 हेयर ट्रीटमैंट के लिए हेयर किट

मौम्स अपने बच्चों की केयर में तो कोई भी लापरवाही नहीं बरतती हैं, लेकिन जब उन की अपनी केयर की बात आती है तो वे सब से ज्यादा लापरवाह हो जाती हैं जैसे प्रौपर डाइट नहीं लेने की वजह से, प्रदूषण, सूर्य की हानिकारक किरणों की वजह से हेयर फौल की समस्या के साथसाथ बालों का मौइस्चर भी खत्म होने के कारण बाल डल व बेजान लगने लगते हैं, जो उन की सुंदरता को कम करने का काम करते हैं. फिर भी वे एक ही शैंपू पर टिकी रहती हैं ताकि बजट न बिगड़ जाए  या फिर यह सोचती हैं कि उन्हें देखने वाला ही कौन है, जो इतनी केयर करें.

ऐसे में आप उन्हें हेयर ट्रीटमैंट गिफ्ट में दे कर उन की खोई सुंदरता को लौटा सकती हैं. इस के लिए आप उन्हें हेयर मास्क गिफ्ट करने के साथसाथ हेयर किट भी दे सकती हैं, जिस में यूजफुल इनग्रीडिएंट्स से बने शैंपू, कंडीशनर, स्क्रब, हेयर मास्क आदि हों, जो उन के बालों को फुल केयर देने का काम करते हैं. शैंपू, कंडीशनर के साथसाथ स्क्रब व हेयर मास्क बालों की केयर के लिए बहुत ही जरूरी प्रोडक्ट है क्योंकि जहां स्क्त्रब स्कैल्प से गंदगी व डैड स्किन को रिमूव करता है, वहीं हेयर मास्क बालों को मजबूती देने के साथसाथ उन्हें सौफ्ट, शाइनी व मौइस्चराइज करने का काम भी करता है.

ऐसे में आप उन्हें एम कैफीन, मामाएअर्थ, वाओ जैसे ब्रैंड्स के हेयर प्रोडक्ट्स गिफ्ट में दे कर उन के बालों को घर बैठे केयर दे कर खूबसूरत बना सकती हैं.

7 रिंकल क्रीम

उम्र बढ़ने के साथसाथ आंखों के नीचे काले घेरे होने के साथसाथ चेहरे पर झर्रियां व फाइन लाइंस की समस्या देखने को मिलती है, जो सुंदरता में तो कमी लाने का काम करती ही है, साथ ही केयर के आभाव में हमारी मौम को समय से पहले बूढ़ा दिखाने का भी काम करती है.

ऐसे में चीजों में इतनी अधिक घिरी रहने के कारण कई बार वे घरेलू नुसखों को भी अपने फेस पर अप्लाई करने में लापरवाही करने लगती हैं. ऐसे में आप उन की सुंदरता व जवानी को फिर से जवां बनाए रखने के लिए उन्हें इस खास दिन पर  रिंकल क्रीम गिफ्ट कर सकती हैं, जिस के बारे में अकसर आप से पूछती होंगी या फिर आप के रिंकल क्रीम के बारे में जिक्र करने पर वे उस का प्राइस पूछ कर चुप हो जाती होंगी. ऐसे में यह गिफ्ट उन के लिए खास होगा क्योंकि उन की बेटी ने उन का इतना ध्यान जो रखा है.

Winter Special: ताकि सर्दियों में ना फटें आपके होंठ

सर्दियां का मौसम आते ही ज्यादातर लोगों की त्वचा रूखी होने लगती है. त्वचा की नमी कहीं खो सी जाती है और त्वचा रूखी-बेजान नजर आने लगती है. त्वचा के साथ ही हमारे होंठ भी फटने शुरू हो जाते हैं. कई बार ये समस्या इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि होंठों से खून भी आना शुरू हो जाता है. ऐसे में बहुत जरूरी है कि हम अपनी त्वचा को लेकर फिक्रमंद रहें ताकि वो हमेशा खूबसूरत और जवां बनी रहे.

सर्दियों के मौसम में त्वचा को ज्यादा से ज्यादा नमी की जरूरत होती है. ऐसे में आप चाहें तो ग्लिसरीन का इस्तेमाल कर सकती हैं. यह एक नेचुरल लिप बाम भी है.

कैसे करें ग्ल‍िसरीन का इस्तेमाल

आप चाहें तो ग्ल‍िसरीन को बाम की तरह लगा सकते हैं. इसके अलावा इसे दूध, शहद या गुलाब जल के साथ मिलाकर भी लगाया जाता है.

ग्ल‍िसरीन लगाने के फायदे

सर्दियों में शुष्‍क हवाओं के कारण होठ सूख जाते हैं और फटने लग जाते हैं. होठों पर ग्ल‍िसरीन के इस्तेमाल से होंठ मुलायम बनते हैं जिससे फटने की समस्या भी नहीं होने पाती है.

अगर आपके होंठों पर दाग-धब्बे हैं और ये काले पड़ चुके हैं तो भी ग्ल‍िसरीन का इस्तेमाल करना फायदेमंद रहता है. कई बार धूम्रपान करने के कारण लोगों के होंठ काले पड़ जाते हैं. ऐसी स्थिति में भी ग्ल‍िसरीन का इस्तेमाल करना फायदेमंद रहता है.

सर्दियों में हवाओं के प्रभाव से होठों की ऊपरी परत सूख जाती है और पपड़ी बन जाती है. ऐसे में ग्लसिरीन का इस्तेमाल करना बहुत फायदेमंद होता है.

अगर आपके होंठ कहीं से कट गए हों या फिर अगर उनमें किसी तरह का घाव बन गया हो तो भी ग्ल‍िसरीन का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है.

होठों के लिए ग्ल‍िसरीन एक पोषक तत्व की तरह काम करता है, जिससे होठों को नमी मिलती है.

यों दें न्यू बौर्न को ममता का कोमल स्पर्श

बच्चा अगर छोटा है और रो रहा है तो मां के लिए यह समझ पाना बहुत मुश्किल हो जाता है कि उसे क्या चाहिए. ऐसे में परेशान होने के बजाय मां को खुद ही यह समझना होता है कि उसे किस समय किस चीज की जरूरत होती है. आप को ही इन सब बातों के लिए पहले से ही कौन्फिडैंट होना चाहिए ताकि बच्चे की परवरिश अच्छी तरह से हो सके. बच्चे को ले कर कैसे कौन्फिडैंट बनें, आइए जानते हैं:

नहलाना

कई मांए बच्चे को पहली बार नहलाने से डरती हैं लेकिन सावधानी बरती जाए और नहलाने का सही तरीका पता हो तो यह इतना भी मुश्किल नहीं है. आइए जानें कि कैसे नहलाएं बच्चे को:

  • बच्चे को टब में नहलाना सही रहता है, बस इस के लिए ध्यान दें कि टब बहुत गहरा न हो.
  • बच्चे को हमेशा कुनकुने पानी से ही नहलाएं. पानी को चैक करने के लिए अपनी कुहनी को पानी में डालें. अगर आप को पानी गरम नहीं लगता तो बच्चे को उस से नहला सकती हैं.
  • सब से पहले पानी के छींटे डालें. एकदम उस पर पानी न डाल धीरेधीरे डालें.
  • बच्चे को खासतौर पर बनाए गए बच्चों के प्रोडक्ट्स से ही नहलाएं. ध्यान रखें कि उन में पैराबेंस, एसएलएस व एसएलईएस जैसे तत्व न हों.
  • इस बात का भी ध्यान रखें कि बच्चे के कानों या नाक में पानी न जाए.
  • बच्चे के सिर पर पानी की सीधी धार कभी न डालें वरना इस से उसे चोट लग सकती है.
  • नहलाने के बाद बच्चे को टौवेल में लपेट कर लोशन लगाएं.

बच्चे का अत्यधिक रोना

कई बार छोटे बच्चे जब रोना शुरू करते हैं तो चुप होने का नाम ही नहीं लेते. ऐसे में कई मांएं परेशान हो जाती हैं. इधरउधर अपने रिश्तेदारों से पूछती हैं कि क्या करें बच्चा रो रहा है. बच्चा अगर 3 महीने से छोटा है, तो कई बार वह बेवजह भी रो सकता है. ऐसे में उसे गोद में ले कर घूमने से वह अच्छा महसूस करता है और चुप हो जाता है. लेकिन अगर वह चुप नहीं हो रहा तो उसे भूख लगना, डाइपर गंदा होना जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं, इसलिए उस की इन परेशानियों को दूर करें.

कई बार बच्चा भूखा होने पर रोता है. बच्चा खाना खाने के कुछ देर बाद फिर से रोने लगता है, क्योंकि उस का पेट बहुत छोटा होता है. उसे थोड़ीथोड़ी देर में भूख लग जाती है, इसलिए उस के खानेपीने का खास ध्यान रखें.

इस के अलावा इन बातों पर भी गौर करें:

  • बच्चे का डाइपर भर जाता है तो वह गीला हो जाता है. इस से बच्चे की नींद खुल जाती है और वह रोना शुरू कर देता है. गीले डाइपर में बच्चे को बहुत बेचैनी होती है, इसलिए बीचबीच में उस का डाइपर चैक कर बदलती रहें. इसे बदलने के बाद बच्चा शांत हो जाएगा.
  • कई बार गंदे डाइपर की वजह से बच्चे की त्वचा में रैशेज हो जाते हैं, जिन में दर्द होता है और इचिंग भी हो सकती है. इसलिए इसे भी चैक कर लें कि कहीं बच्चा इस वजह से तो नहीं रो रहा. बच्चे का डाइपर चैंज करने के बाद उसे जिंकआक्साइड युक्त नैपी क्रीम अवश्य लगाएं.
  • बच्चे की उम्र 6 से 8 महीने है तो वह दांत आने की समस्या से भी परेशान हो सकता है, इसलिए यह भी देख लें.
  • कई बार बच्चा थक जाता है और उसे मां की गोद की तलब लगती है. वह इसलिए भी रोने लगता है, ऐसे में बच्चे को प्यार से गोद में ले कर उस का सिर सहलाएं. वह आराम महसूस करेगा और चुप हो जाएगा.

बच्चे का रातभर जगना

नवजात अकसर दिन में सोते हैं और रात को जागते हैं. कई बार वे दिन में जागने के बावजूद रात में सोते नहीं हैं. ऐसे में मातापिता को उन के साथ जागना पड़ता है, जो बहुत परेशानी की बात होती है. बच्चे को कोई परेशानी होती है तो भी वह सो नहीं पाता है जैसे कि अगर बच्चा भूखा है या फिर उसे किसी चीज की जरूरत है तो भी उसे नींद नहीं आती.

ऐसे में इन बातों पर ध्यान दें

बच्चे को रात में उठ कर कई बार दूध पिलाना होता है, क्योंकि वह थोड़ाथोड़ा दूध ही पीता है इसलिए बच्चे को दूध पिलाती रहें. ब्रैस्टपंप की सहायता से अपना दूध निकाल कर रख लें व समयसमय पर बच्चे को पिलाती रहें ताकि आप को भी आराम मिले और बच्चा भी भूखा न रहे.

  • अगर बच्चे को किसी खास टौय या फिर चादर को ले कर सोने की आदत है, तो जब तक उसे वह चीज नहीं मिल जाती है वह जागता रहेगा. इसलिए इस बात का भी खयाल रखें.
  • बच्चे को रोजाना एक ही समय पर सुलाएं, अपने हिसाब से उस के सोने के टाइम को इधरउधर न करें वरना उसे नींद नहीं आएगी.
  • फीवर, सर्दी, पेट दर्द जैसी कोई समस्या होने पर भी वह सो नहीं पाता है, इसलिए ये सब भी चैक कर लें.

खिलौने भी हों खास

बच्चे के जन्म के बाद न सिर्फ मातापिता के द्वारा बच्चे के लिए बहुत से खिलौने खरीदे जाते हैं, बल्कि रिश्तेदारों के द्वारा भी बच्चे को उपहारस्वरूप बहुत से खिलौने दिए जाते हैं. बच्चे का पूरा कमरा खिलौनों से भर जाता है, जिस में से कुछ अच्छी क्वालिटी के होते हैं तो कुछ बेकार. लेकिन मां को पता होता है या फिर पता होना चाहिए कि उस के बच्चे के लिए कौन सा खिलौना सही है.

  • बच्चे के पालने में लटकाने वाले रैटल जिस में रंगबिरंगे भालू, हाथी, छोटेछोटे घोड़े लटके होते हैं वह अच्छा रहता है. इसे देख कर बच्चा खुश होता है. इस से बच्चा अपनी आंखों के जरीए ध्यान केंद्रित करना भी सीखता है. समझदार मांएं अपने बच्चे को वही देती हैं.
  • कई खिलौनों में घंटी लगी होती है और वह प्लास्टिक की रिंग के बीच होती है जोकि काफी नर्म भी होती है. जब यह घंटी हवा से हिलती है, तो इस में से मधुर संगीत आता है, जिसे सुन कर रोता बच्चा चुप हो जाता है.

इन के अलावा भी बहुत से खिलौने बच्चों की उम्र के हिसाब से मिलते हैं, लेकिन इस बात का खयाल रखना चाहिए कि जो भी खिलौना लें वह सौफ्ट हो, उस के कोने न निकले हों, वह मुलायम कपड़े का बना हो जिसे बच्चा ऐंजौय करे.

  • जो भी खिलौना बच्चे को दें उस से पहले एक बार उसे खुद इस्तेमाल कर के देखें. अगर सही लगे तभी बच्चे को दें.

बच्चों का खाना उगलना: जन्म के 3 महीने बाद तक बच्चों की लार निकलती रहती है. खास कर जब उन्हें कुछ खिलाया जाता है, तो वे तुरंत उलटी कर देते हैं. लेकिन इस के बाद मांओं का काम बढ़ जाता है और वे परेशान होने लगती हैं कि शिशु की इस आदत को कैसे बदलें.

इस के लिए शिशु की नहीं, बल्कि खुद की कुछ आदतों को बदलें जैसे कि दूध पिलाने के बाद एकदम से जो माएं बच्चे के साथ खेलना शुरू कर देती हैं, उन्हें गोद में ले कर उछालती है उन के बच्चे दूध ज्यादा उगलते हैं इसलिए दूध पिलाने के बाद बच्चे को पहले कंधे से लगा कर डकार दिलवाएं ताकि उस का दूध हजम हो जाए और वह उसे उगले नहीं.

  • कई बार ठंडा दूध पिलाने से भी बच्चा ऐसा करता है, क्योंकि उसे वह अच्छा नहीं लगता है.

जब बच्चे को हो जाएं घमौरियां:

गरमी के मौसम में अकसर बच्चों को घमौरियां हो जाती हैं, लेकिन अगर थोड़ी सावधानी बरती जाए तो इन से बचा जा सकता है जैसे कि:

  • इस मौसम में बच्चे को हलके लूज और सौफ्ट कौटन के कपड़े पहनाएं. चुभने वाला कोई कपड़ा बच्चे को न पहनाएं.
  • बच्चे को हर तरह का टैलकम पाउडर न लगाएं. सिर्फ राइस स्टार्च युक्त बेबी पाउडर ही लगाएं ताकि उसे रैशेज और दानों से बचाया जा सके.
  • घमौरियों वाली जगह को दिन में 2-3 बार साफ पानी से धोएं या स्पंज करें.
  • बच्चे को ज्यादा खुशबू वाले साबुन से न नहलाएं या फिर तेल न लगाएं, क्योंकि इन में कैमिकल होता है, जो बच्चे की नाजुक त्वचा के लिए सही नहीं है.

मसाज करने में हों कौन्फिडैंट:

कौन्फिडैंट मांएं बिना डरे अपने नाजुक से बच्चे की मालिश बिलकुल सही तरीके से स्टैपबाईस्टैप करती हैं जैसे कि:

  • मालिश की शुरुआत पैरों से करें. इस के लिए अपने हाथों पर तेल मल बच्चे की जांघों को मलते हुए नीचे पैरों तक आएं.
  • बच्चे की एडि़यों की भी मालिश करें. पैरों के अंगूठे को चक्राकार घुमाएं.
  • बच्चे के हाथों, छाती और पीठ की मालिश करें.
  • अगर मालिश के दौरान बच्चा रोने लगे तो उसे गले से लगा कर चुप कराएं.
  • बच्चे की मालिश दूध पीने के बाद या सोते वक्त न करें.

– चाइल्ड स्पैशलिस्ट शालू जैन से शिखा जैन द्वारा की गई बातचीत पर आधारित.

क्या आप करती हैं अपनी स्क‍िन की नियमित देखभाल

ग्लोइंग स्किन पाना किसकी ख्वाहिश नहीं होती, लेकिन हममें से ज्‍यादातर लोग अपनी स्किन का ठीक से ध्‍यान नहीं रखते हैं. ऐसे में होता ये है कि आपके समझते समझते इतनी देर हो जाती है कि आपकी स्क‍िन पूरी तरह से डैमेज हो जाती है.

यूं तो स्क‍िन डैमेज होने के बहुत से कारण होते हैं लेकिन धूल, धुंआ और प्रदूषण हमारी स्क‍िन पर सबसे ज्यादा प्रभाव डालते हैं. ऐसे में स्क‍िन को नियमित देखभाल और पोषण की जरूरत होती है. थोड़ी सी सावधानी अपनाकर, आप पिग्मेंटेशन, सेंसिटिविटी और एंटी एजिंग जैसी समस्याओं से बच सकती हैं.

ज्यादातर मामलों में होता ये है कि लोग समय रहते अपनी स्क‍िन पर ध्यान नहीं देते और तब तक प्रॉब्लम इतनी बढ़ जाती है कि उसका असर नजर आने लगता है. ऐसे में देर करने से बेहतर है कि आप अभी से अपनी त्वचा पर ध्यान देना शुरू कर दीजिए.

1. क्‍लींजिंग

अपना चेहरा साफ करने के लिए नारियल पानी का भी इस्तेमाल कर सकती हैं. क्‍लींजिंग के बाद स्किन के पोर्स बंद करने के लिए अल्कोहल फ्री टोनर का इस्तेमाल करना चाहिए.

2. मॉइश्चराइजर

मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल सर्दियों और गर्मियों दोनों में करना चाहिए. अगर आपकी ऑयली स्किन है तो आपको वॉटर बेस्ड जेल और मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करना चाहिए. चेहरे को ठंडे पानी से धोएं. इससे आपके चेहरे का तापमान सही रहेगा, चेहरे पर ऑयल कम आएगा और मुहांसे भी नहीं होंगे.

3. सनस्क्रीम

सनस्‍क्रीन लोशन लगाना कभी ना भूलें. भारतीय स्किन के हिसाब से SPF 20 सबसे अच्छा रहता है. UVA प्रोटेक्शन वाला सनस्क्रीन नॉर्मल स्किन के लिए बहुत फायदेमंद है. अगर आपकी सेंसिटिव स्किन है तो सनब्लॉक UVB प्रोटेक्शन वाला सनस्क्रीन इस्तेमाल कर सकते हैं.

4. नाइट क्रीम

रात को सोने से पहले चेहरा धोकर नाइट क्रीम जरूर लगाएं. इससे आपकी त्वचा हमेशा कुदरती बनी रहती है और आसानी से प्रभावित नहीं होती है.

5 Tips: अपनी खास स्किन का रखें खास ख्याल

खूबसूरत दिखना हर किसी की चाहत होती है. खास मौकों पर सज-संवरकर चेहरे की सुंदरता बढ़ाने में वैसे तो कोई बुराई नहीं, लेकिन कई बार लोगों की रोजाना भारी-भरकम मेकअप करने की आदत होती है जिससे आपकी त्वचा में इंफेक्शन का खतरा हो सकता है.

ब्यूटी उत्पाद में कई सारे केमिकल होते हैं जिनका ज्यादा या हर रोज प्रयोग करना आपकी कोमल त्वचा को नुकसान पहुंचाता है. ज्यादातर लोगों को इस बात की जानकारी नहीं होती है कि ब्यूटी उत्पाद जिनका आप हर रोज प्रयोग कर रहे वो आपको खूबसूरत बनाने की बजाय आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा रहा है. आइए जानें ऐसे ही उत्पादों के बारे में.

1. ब्लीच

लोग स्किन की टैनिंग कम करने के लिए या चेहरे के बालों को छिपाने के लिए ब्लीच की मदद लेते हैं.  कई बार लोग इसे कम दिनों के अंतर पर प्रयोग करने लगते हैं जबकि ऐसा करना आपकी त्वचा को ना सिर्फ बेजान बनाता है बल्कि इससे कई बार स्किन एलर्जी की समस्या भी हो जाती है.

उपाय: ब्लीच को 24 घंटे पहले कान के पीछे लगाकर टेस्ट कर लें, अगर कोई एलर्जी न हो तभी ब्लीच करें.  टेनिंग दूर करने के लिए ब्लीच कर रहे हैं तो संतरे, पपीते का पल्प या चंदन पाउडर लगा सकते हैं.

2. डियो और परफ्यूम

डियोड्रेंट का ज्यादा प्रयोग अंडर आर्म्स की त्वचा को काला कर उसे नुकसान पहुंचाता है.  खुजली की समस्या हो, परफ्यूम से छींके आती हों या सांस के रोगी हों तो इनका प्रयोग न करें क्योंकि उन लोगों के लिए यह काफी खतरनाक हो सकता है.

उपाय: डियो या परफ्यूम में कैमिकल्स होते हैं, इन्हें सीधे बॉडी पर न लगाकर कपड़ों पर लगाएं.

3. नेलपॉलिश

नेलपॉलिश लगाने के बाद हमें नाखूनों की मैल नहीं दिखती जिससे पेट में इंफेक्शन हो सकता है.  इसके अलावा नाखूनों पर हमेशा नेलपॉलिश लगाने से नाखूनों में पीलापन भी आ जाता है जो संक्रमण का कारण हो सकता है.

उपाय: नाखूनों की सफाई का ध्यान रखें और खाना बनाने या खाने से पहले नेलपॉलिश को सुखा लें.

4. फाउंडेशन और ब्लशर

इनके रोजाना प्रयोग से चेहरे के रोमछिद्र बंद हो जाते हैं.  त्वचा के अंदर जमी गंदगी और तेल बाहर नहीं आ पाते, जिससे छिद्रों में मवाद जमने से कील-मुहांसे होने लगते हैं.

उपाय: ब्यूटी प्रोडक्ट की क्वॉलिटी का खयाल रखें.  त्वचा ऑयली है तो वॉटर बेस प्रोडक्ट और रूखी है तो ऑयल बेस स्किन प्रोडक्ट का प्रयोग करें.  चेहरा नॉन-कॉमेडोजॉनिक क्लींजर से साफ करें, इससे रोमछिद्र खुलने से गंदगी निकल जाती है.

5. आई मेकअप के नुकसान

अगर आप आई मेकअप करने के बाद आंखों में कॉन्टेक्ट लैंस लगाते हैं तो ऐसे में बैक्टीरिया कॉर्निया तक पहुंच जाता है जिससे कोर्नियल इंफेक्शन का खतरा रहता है.  कई बार मेकअप करने से बैक्टीरिया का मैंब्रेन (झिल्ली) से संपर्क होता है, जिससे कंजक्टिवाइटिस हो जाता है. इसमें आंखें लाल हो जाती हैं और आंखो से पानी आने लगता है.

उपाय: मस्कारे व आई लाइनर का प्रयोग कम करें.  मस्कारे को कम से कम 4 महीने के अंतराल और आईशैडो को दो साल में बदल लें.

तो अब जब भी आप आगे से मेकअप के सामान का प्रयोग करें तो अपनी त्वचा का भी खास खयाल रखना चाहिए क्योंकि आपकी त्वचा है खास.

ताकि ढलती उम्र में भी दिखें जवां

अपनी उम्र से कम दिखना भला कौन नहीं चाहता. अगर बात महिलाओं की की जाए, तो वे अपनी बढ़ती उम्र को छिपाने के लिए कुछ भी ट्राई करने से पीछे नहीं हटतीं.

तभी तो कौस्मैटिक इंडस्ट्री ने भी बढ़ती उम्र पर लगाम लगाने वाले कई उत्पाद बाजार में उपलब्ध कराए हैं. ये उत्पाद चेहरे पर उभरती उम्र की रेखाओं को छिपाने में महिलाओं की बड़ी मदद करते हैं. मगर यह जरूरी है कि इन उत्पादों का उपयोग करने से पहले महिलाओं को इन के सही इस्तेमाल के बारे में पूरी जानकारी हो वरना इन का त्वचा पर विपरीत असर भी देखने को मिल सकता है.

कौस्मैटोलौजिस्ट, अवलीन खोखर कहती हैं, ‘‘कौस्मैटिक प्रोडक्ट्स खूबसूरती को बढ़ाने के लिए होते हैं. इन से चेहरे की कमियों को सुधारा जा सकता है, लेकिन यह जरूरी है कि उन कमियों के बारे में पता हो और उन्हें किस उत्पाद से ठीक करना है, यह भी जानकारी हो वरना उम्र कम लगने की जगह ज्यादा लगने लगती है.’’

त्वचा को करें मेकअप के लिए तैयार

अवलीन के अनुसार त्वचा पर कोई भी कौस्मैटिक उत्पाद लगाने से पहले उस का प्रकार जानना बहुत जरूरी है, क्योंकि त्वचा के अुनरूप मेकअप उत्पाद का चुनाव करने पर ही सही लुक मिलता है. बाजार में ड्राई, औयली और कौंबिनेशन स्किन के लिए अलगअलग कौस्मैटिक उत्पाद उपलब्ध हैं. सही चुनाव के साथ मेकअप के लिए त्वचा को तैयार करना भी जरूरी है. यदि त्वचा को साफ किए बगैर मेकअप किया जाए तो गंदगी स्किन पोर्स के अंदर ही रह जाती है और मेकअप की लेयर पोर्स को बंद कर देती है. इस से संक्रमण का डर रहता है. इसलिए मेकअप से पहले त्वचा की क्लीनिंग, टोनिंग और मौइश्चाराइजिंग जरूर करें. इस से मेकअप में स्मूदनैस आती है.

बचें कंसीलर के इस्तेमाल से

कंसीलर का इस्तेमाल काले धब्बों को छिपाने के लिए किया जाता है. इसे चेहरे के केवल उन हिस्सों पर लगाया जाता है जहां काले धब्बे होते हैं. मगर कुछ महिलाएं इसे पूरे चेहरे पर लगा लेती हैं. ऐसा करने से चेहरे की झाइयां उजागर होने लगती है. अवलीन कहती हैं कि कंसीलर थिक होता है और जरा सा लगाने पर ही असर दिखा देता है. ज्यादा लगाने पर यह चेहरे पर लकीरें बना देता है. कुछ महिलाएं काले घेरों को छिपाने के लिए भी कंसीलर का इस्तेमाल करती हैं, जोकि गलत है, आंखों के नीचे कंसीलर हमेशा इनर कौर्नर पर ही लगाना चाहिए. ज्यादा कंसीलर लगाने पर आंखें अलग से चमकती दिखाई देती हैं, जिस से पता लग जाता है कि आंखों पर कंसीलर लगाया गया है.

न लगाएं ज्यादा फाउंडेशन

सब से पहले फाउंडेशन का चुनाव अपनी स्किन टाइप के हिसाब से करें. मसलन, नौर्मल त्वचा वाली महिलाएं जहां मिनरल बेस्ड या फिर मौइश्चराइजर युक्त फाउंडेशन का इस्तेमाल कर सकती हैं, वहीं ड्राई त्वचा के लिए हाइड्रेटिंग फाउंडेशन उचित रहेगा. फाउंडेशन सेम स्किन कलर टोन का ही लें वरना स्किन ग्रे दिखने लगेगी. औयली त्वचा के लिए पाउडर डबल फाउंडेशन का इस्तेमाल करना चाहिए. यह त्वचा को मैटीफाई करता है.

फाउंडेशन के सही चुनाव के साथ ही इस का सही इस्तेमाल भी बहुत जरूरी है. अमूमन महिलाएं पूरे चेहरे पर फाउंडेशन की परत चढ़ा लेती हैं, जो गलत है. फाउंडेशन को चेहरे पर लगाने का सही तरीका है कि जरा सा फाउंडेशन उंगली में ले कर डैब करते हुए अच्छी तरह चेहरे पर लगाया जाए. यह उम्र के साथ त्वचा में हुए डिस्कलरेशन को दूर करता है.

कौंपैक्ट से दें फिनिशिंग

बहुत सी महिलाएं फाउंडेशन के बाद कौंपैक्ट पाउडर नहीं लगातीं. अवलीन इसे मेकअप ब्लंडर मानती हैं. वे कहती हैं कि कौंपैक्ट पाउडर मेकअप को फिनिशिंग देता है. हां, इस का भी अधिक इस्तेमाल नहीं करना चाहिए वरना चेहरे पर लकीरें उभर आती हैं.

इस का चुनाव भी सावधानी से करना चाहिए. सब से पहले तो स्किन कलर टोन के हिसाब से ही शेड चुनें. अपनी स्किन टाइप का भी ध्यान रखें. मसलन, औयली त्वचा के लिए औयल कंट्रोल मैट फिनिशिंग वाला कौंपैक्ट पाउडर तो ड्राई स्किन के लिए क्रीमी कौंपैक्ट लें. यह त्वचा को हैल्दी लुक देता है. सैंसिटिव स्किन के लिए इमोलिएंट औयल एवं वैक्स युक्त कौंपैक्ट सब से अच्छा विकल्प होता है.

आई मेकअप करें ध्यान से

यंग दिखने के लिए बहुत जरूरी है कि आई मेकअप अच्छी तरह किया गया हो. अधिकतर महिलाओं को भ्रम होता है कि आंखों पर डार्क मेकअप करने से जवां लुक आ जाता है मगर अवलीन इसे भ्रम करार देते हुए कहती हैं कि  ‘एशियन स्किन कलर टोन पर अर्थी कलर नैचुरल लगते हैं. खासतौर पर उम्र को कम दिखाने में कौपर, ब्राउन और रस्ट कलर सब से अधिक कारगर हैं. आईशेड्स में इन रंगों का ही इस्तेमाल करना चाहिए. इस बात का भी ध्यान रखें कि क्रीमी आईशेड्स न चुनें, क्योंकि ये आंखों की झुर्रियों को छिपाने में सफल नहीं होते. आईशेड्स के साथ ही आईलाइनर भी ब्राउन ही चुनें.’

आंखों का मेकअप काजल और मसकारे के बिना अधूरा है. काजल आंखों को हाईलाइट करता है. आजकल स्मजप्रूफ काजल फैशन में है इसलिए अपने लिए यही काजल चुनें. मसकारा चुनते वक्त भी थोड़ी सावधानी बरतें. बढ़ती उम्र के साथ आईलैशेज झड़ने लगती हैं. गलत मसकारे से डाउन फाल बढ़ सकता है, वहीं हाइडे्रटिंग मसकारे से आईलैशेज को मजबूती मिलती है. सही मसकारा चुनने और इस के सही इस्तेमाल से ही जवां लुक पाया जा सकता है. इसलिए मसकारे को हमेशा अपर और लोअर लैशेज पर लगाएं. इस से आंखों को बहुत अच्छा लुक मिलता है.

लिपस्टिक के ब्राइट शेड्स चुनें

वैज्ञानिक तौर पर डार्क शेड्स किसी भी सरफेस को छोटा दिखाते हैं. मगर बात जब होंठों की आती है तो इस का विपरीत प्रभाव देखने को मिलता है. डार्क शेड होंठों को बड़ा दिखाते हैं. अपनी उम्र से कम दिखना है तो न्यूड और ग्लौसी लिपस्टिक का चुनाव करें. साथ ही, यह भी ध्यान रखें कि लिपलाइनर लिपस्टिक के शेड से मैच करता हो और फटे होंठों पर लिपस्टिक न लगाएं. होंठ फटे हैं तो पहले पैट्रोलियम जैली लगा कर स्मूद कर लें.

इस तरह अगर मेकअप की बारीकियों की सही जानकारी हो तो ढलती उम्र में भी आप जवांजवां दिख सकती हैं.

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