Summer Special: इन 5 टिप्स से रखें बालों को हेल्दी

लेडिज हो या जेंट्स सभी को अपने बालों से प्यार होता हैं, पर आजकल के पौल्यूशन और टाइम की वजह से बालों की ढ़ग से केयर नही कर पाते. इससे हमारे बाल सूखे और बेजान हो जाते हैं और कम उम्र में ही झड़ने लगते हैं. और इन्ही रूखे और बेजान बालों को दोबारा खूबसूरत बनाने के लिए महंगे हेयर प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट कराते हैं, लेकिन अब बिना पैसे खर्च किए आप बालों की समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं. जिसमें आयुर्वेद आपका साथ देगा. बालों को स्वस्थ रखने के आयुर्वेद में कई नुस्खे बताए गए हैं, जिन्हें फौलो करके आप डैमेज बालों की प्रौब्लम से छुटकारा पा सकते हैं.

1. मेथी दाना

यह फोलिक एसिड, विटामिन ए, विटामिन के और विटामिन सी से भरपूर होता है. साथ ही प्रोटीन और निकोटीन एसिड भी पाया जाता है, जिससे झड़ते बालों की समस्या दूर हो जाती है. स्कैल्प हेल्दी रहती है और बाल डैमेज नहीं होते हैं. इसे आप अपनी डाइट में भी शामिल कर सकते हैं.

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रात में 2 चम्मच मेथी दाने को पानी में भिगो दें. अगली सुबह वो पानी पी लें. बचे हुए मेथी दाने को पीसकर पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को बालों की जड़ों में लगाकर 20 मिनट बाद धो लें. इससे आपके बाल जल्दी घने, लंबे और मजबूत बनेंगे.

2. भृंगराज तेल

भृंगराज को हर्ब्स का राजा भी कहा जाता है, जो बालों को मोटा और सेहतमंद बनाने के लिए सबसे पुराना और फायदेमंद नुस्खा है. भृंगराज में कई एंटीऔक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जिससे बाल जल्दी घने और लंबे होते हैं. इसे बालों की जड़ों में लगाकर 20 मिनट बाद धो लें.

3. आंवला

डाइट में विटामिन सी की कमी के कारण भी बाल झड़ने लगते हैं और बालों में डैंड्रफ की समस्या होने लगती है, लेकिन आवंले रखाने और बालों में आवंला औयल की मालिश करने से बालों की सभी प्रौब्लम दूर हो जाती हैं. इसके साथ ही बाल लंबे समय तक काले रहते हैं.

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4. दही

दही में कूलिंग प्रौपर्टीज होने के साथ प्रोटीन भी होता है. प्रोटीन स्कैल्प की हेल्थ और नए फोलिसल्स की ग्रोथ के लिए बहुत जरूरी होता है. दही से बालों पर मसाज करके और 15 मिनट तक ऐसे ही छोड़ दें. इसके बाद शैंपू से सिर धो लें. बालों पर दही लगाने से बाल मजबूत होने के साथ कोमल और मुलायम भी बनते हैं.

5. छाछ, दालचीनी, तरबूज, अंगूर खाएं

झड़ते बालों की समस्या को दूर करने के लिए छाछ, दालचीनी, तरबूज, अंगूर आदि चीजों को खाना चाहिए. इसे खाने से बौडी को न्यूट्रिएंट्स मिलते हैं, जो बालों को हेल्दी बनाने के लिए जरूरी होते हैं.

ओजोन हेयर ट्रीटमेंट से बनाएं बाल को जडों से मजबूत  

नेहा की सबसे बडी परेशानी यह थी कि वह जब भी अपने बालों में कंघी करती थी उसके बाल उलझकर टूट जाते थे. धीरे धीरे उसके बाल कम हो रहे थे. नेहा ने कई बार इसका इलाज कराया पर उसको कोई लाभ नही हुआ. नेहा ने इसके लिये कई बार हेयर एक्सपर्ट से बात भी की तब उसको ‘ओजोन हेयर ट्रीटमेंट’ के बारे में पता चला. नेहा को लगता था कि कही इससे बालों को कोई नुकसान न हो जाये. नेहा ने जब ओजोन ट्रीटमेंट कराया तो उसके बालों को बहुत लाभ हुआ और उनका झडना कम हो गया. नेहा ने ब्यूटी एक्सपर्ट पायल श्रीवास्तव से बात की. उन्होने बताया कि ‘ओजोन हेयर ट्रीटमेंट बालों की जडो को मजबूत बनाता है. यह एक मशीन के द्वारा किया जाता है. यह काम कभी भी अपने आप नही करना चाहिये. ओजोन ट्रीटमेंट एक्सपर्ट ब्यूटी क्लीनिक के द्वारा कराया जाना ही सही रहता है. आज छोटे बडे सभी शहरों में इस तरह की सुविधा मौजूद है.‘

ओजोन ट्रीटमेंट मशीनः 

ओजोन ट्रीटमेंट के जरीये बालो की जडों और स्कल्प में आक्सीजन को पहुचाया जाता है. ओजोन ट्रीटमेंट  में आक्सीजन में के अलावा बालों में विटामिन ए और डी को भी पहुचाया जाता है. ओजोन हाई फिकेवेंसी मशीन में एक होल्डर लगा होता है. जिसमें जरूरत के हिसाब से कांच के कई आकार वाले इलक्ट्रोड लगाये जाते है. इसके बाद मशीन से यूबी अल्ट्रावायलेट रेज निकाली जाती है. इनके जरीये बालों में 5 से 10 मिनट तक मसाज किया जाता है. मसाज के बाद बालों में अच्छे किस्म का तेल लगाकर छोड दिया जाता है. अगर बाल ड्राई है तो उसमें गर्म पानी में भिगो कर तौलिया लपेट कर बालों को स्टीम दी जाती है.

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ब्यूटी एक्सपर्ट पायल कहती है कि अगर बाल आयली है तो स्टीम देने की जरूरत नही होती है. बालों को ताजगी देने के लिये आंवला और शिकाकाई का बना हुआ हेयर पैक भी लगाया जा सकता है. 20 मिनट बाद बालों को पानी से धो दे. बालों को ध्ुलने का काम अगले दिन के लिये रखे. अगले दिन शैम्पू करना ठीक रहता है.

ओजोन ट्रीटमेंट का बालों में प्रभावः

ओजोन ट्रीटमेंट के जरीये बालों में रक्त संचार को बढाया जाता है. ओजोन ट्रीटमेंट से बालों में पहुचने वाले कीटाणु का सपफाया हो जाता है. जो बालों को चुपचाप नुकसान पहुचाते रहते थे. रूसी की वजह से बालों में होने वाले संक्रमण को भी ओजोन ट्रीटमेंट के जरीये सही किया जा सकता है. ओजोन ट्रीटमेंट बालों के अंदर पाये जाने वाले सीबम को सही करता है. ओजोन ट्रीटमेंट के जरीये स्कल्प में आक्सीजन सही मा़त्रा पहुच जाती है. इससे बाल और स्कल्प स्वस्थ्य हो जाता है. बाल भी सेहतमंद हो जाते है.

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ओजोन ट्रीटमेंट में सावधनियां:

पायल श्रीवास्तव का कहना है ‘अगर स्कल्प पर घाव, सूजन ताजी चोट हो तो ओजोन ट्रीटमेंट नहीं कराना चाहिये. जिन लोगो को दिल की बीमारी और हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत हो तो भी ओजोन ट्रीटमेंट नही कराना चाहिये. ओजोन ट्रीटमेंट का लाभ यह होता है कि बालो का गिरना रूक जाता है. बालो का असमय सफेद होना भी रोका जा सकता है. इसको सप्ताह में एक बार कराना चाहिये. 10 से 15 बार यह इलाज कराने से बालों में बदलाव दिखने लगता है.

ओजोन ट्रीटमेंट वही से कराये जहां पर सापफ सफाई और इसके एक्सपर्ट लोग हो. एक बार के ट्रीटमेंट का खर्चा कम से कम 200 रूपये से शुरू होता है. शहर और पार्लर के हिसाब से यह खर्च बढता जाता है. ओजोन ट्रीटमेंट के जरीये बालों के सेल्स को एक्टीवेट कर दिया जाता है. जिससे बाल स्वस्थ्य और सुंदर बन जाते है.

एमीनेक्सल ट्रीटमेंट:

ओजोन ट्रीटमेंट के अलावा भी कुछ दूसरे ट्रीटमेंट होते है जिससे बालों को सुधरा जा सकता है. इनमें एमीनेक्सल ट्रीटमेंट का भी नाम आता है. एमीनेक्सल ट्रीटमेंट के जरीये बालो को गिरने से रोका जाता है. इस इलाज मे इंजेक्शन नुमा शीशी जिसको एम्पूयल कहा जाता उसमें अलग अलग तरह की तेल नुमा दवा भरी होती है. हर राज एक एम्पूयल के पेस्ट को बालों में लगाया जाता है. इसको लगाने से पहले बालों को शैम्पू करना चाहिये. मुलायम ढंग से सिर और बालों का मसाज करना चाहिये. यह मसाज क्लाक वाइज और एंटी क्लाक वाइज करना चाहिये. शुरूआत में यह इलाज अच्छे ब्यूटी पार्लर में ही करना चाहिये. इसके बाद चाहे तो ब्यूटी पार्लर के बताये अनुसार घर पर भी इस इलाज को कर सकते है. यह इलाज मंहगा होता है.

स्कल्प सीरम ट्रीटमेंटः

स्कल्प सीरम ट्रीटमेंट को हेयर स्पा भी कहा जाता है. यह बालों की ग्रोथ को बढाने के काम आता है. इससे बालों का गिरना भी कम हो जाता है. इस इलाज में भी तेलनुमा पेस्ट एम्प्यूल में भरा होता है. यह अलग अलग तरह का होता है. इसको लगाने से बालो की रूसी और बालों में होने वाला एक्स्ट्रा आयल रोका जा सकता है. कभी कभी बालो को कलर करने से बालों की संवेदनशीलता खत्म हो जाती है. इसके जरीये इस संवेदनशीलता को भी ठीक किया जा सकता है. जो शैम्पू बालों के नेचर के हिसाब वाले नही होते वह भी बालो का नुकसान पहुचाते है. स्कल्प सीरम ट्रीटमेंट के जरीये इसका इलाज भी हो जाता है.

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स्कल्प सीरम ट्रीटमेंट  में  प्रयोग होने वाला पेस्ट छोटी छोटी शीशी में होता है. बालो को पहले शैम्पू कर ले . तौलिया का प्रयोग करके इसको थोडा सूखा ले. इस तरह गीले बालो टावल ड्राई बाल भी कहा जाता है. इसके बाद शीशी से निकाल कर पेस्ट का बालों में लगा ले. 1 से 2 मिनट के बाद बालों को पानी से धे दे. अगले दिन शैम्पू कर ले. 4 से 5 सेटिंग के बाद इस इलाज का लाभ बालों में दिखने लगता है . यह भी मंहगा इलाज होता है. यह बालो से रूसी को खत्म करने का काम भी करता है. किसी भी तरह का इलाज एक्सपर्ट ब्यूटी क्लीनिक से ही कराये. अपने मन से कोई भी इलाज न करे. कभी कभी इसी तरह से इलाज करने से नुकसान हो जाता है.

डेली हेयर केयर: पाएं लंबे और खूबसूरत बाल

बालों की समस्या ऐसी है जिससे आज लगभग हर इंसान जूझ रहा है. भागदौड़ भरी जिंदगी और प्रदूषण ने सेहत के साथ साथ हमारे बालों पर भी बुरा प्रभाव डाला है. ऐसे में जहां हम अपनी सेहत के लिए इतना कुछ करते हैं वहीं हमें अपने बालों की सेहत के लिए भी कुछ समय जरूर निकालना चाहिए. दिल्ली के अनवाइंड सैलून की हेयर एंड स्किन एक्सपर्ट नीति चोपड़ा बताती हैं कि अगर हम रुटीन में छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखें तो बालों की टूटने व झड़ने संबंधी कई समस्याओं को दूर कर सकते हैं. जैसे- हम सब अपने बाल धोते हैं लेकिन हर कोई अपने बालों की कंडिशनिंग नहीं करता जोकि बहुत जरूरी है. वहीं कुछ लोग बालों से शैंपू को भी ठीक तरीके से वॉश नहीं करते.

कुछ लोग जो कंडिशनर इस्तेमाल तो करते हैं लेकिन उसे बालों से अच्छी तरह वॉश नहीं करते जिस वजह से कंडिशनर बालों पर ही चिपका रह जाता है. इसलिए जब भी बाल धोएं पहले शैंपू को अच्छी तरह बालों से हटाएं. उसके बाद कंडिशनर जरूर यूज करें और कंडिशनर को भी अच्छी तरह से वॉश करें. शैंपू और कंडिशनर यूज करने के बाद बालों को अच्छी तरह वॉश करना बहुत जरूरी है. अगर आप ऐसा नहीं करते तो उससे बाल कमजोर हो जाते हैं और टूटने लगते हैं. यह बालों के कमजोर होने व टूटने की एक सबसे बड़ी वजह है.

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एक बात का और ध्यान रखे कि जब भी आप कंडिशनर यूज करें तो वह आपके स्कैल्प पर नहीं लगना चाहिए. कंडिशनर का इस्तेमाल केवल बालों की लेंथ पर करना है जड़ों पर नहीं. कई लोग अज्ञानतावश शैंपू की तरह ही कंडिशनर को भी सर पर अच्छे से लगा देते हैं, यह गलत है. कंडिशनर कैसे यूज करना है यह आपको पता होना चाहिए. जिस प्रकार बालों के लिए कंडिशनर लगाना जरूरी है, उसी प्रकार उसे बालों से अच्छी तरह धोकर निकालना भी जरूरी है.

अगर आप शैंपू या कंडिशनर को अच्छी तरह धोकर नहीं निकालेंगे तो इससे आपके बालों पर बहुत जल्दी गंदगी जमा हो जाती है. बाल चिपचिपे हो जाते हैं. धूल मिट्टी बालों पर जल्दी चिपक जाती है. कंडिशनर बालों से अच्छी तरह न निकालने की वजह से हेयर फॉल बहुत तेजी से होने लगता है.

जब भी आप बाल धोएं तो उन्हें पूरी तरह से सुखाकर ही घर से बाहर निकलें. गीले बालों के साथ घर से बाहर न निकलें. अगर आप पार्लर जाकर अपना सर धुलवा रहे हैं तो बालों को पूरी तरह से सुखाकर ही या ब्लोड्राई कराकर ही पार्लर से बाहर निकलें. आधे सूखे आधे गीले बालों को लेकर पार्लर से बाहर न आएं. गीले बाल सबसे वीक पोजिशन में होते हैं और सूखे बाल उतने ही स्ट्रॉग होते हैं.

इसके अलावा बाल जल्दी सुखाने के लिए गीले बालों पर जोर से तौलिया न रगड़ें.  बस तौलिये को बालों पर लपेट लें.

गीले बालों पर कंघी भी नहीं करनी चाहिए. पहले बालों को सौ प्रतिशत सुखाना बहुत जरूरी है. उसके बाद आप कंघी करें.

कई लोगों का मानना है कि बाल सुखाने के लिए ड्रायर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. नीति बताती हैं कि ड्रायर में भी दो विकल्प होते हैं गरम हवा और ठंडी हवा का. अगर कहीं जाना है और आपके पास सामान्य तरीके से बाल सुखाने का समय नहीं है तो जल्दी बाल सुखाने के लिए ड्रायर के ठंडी हवा वाले विकल्प को चुनें. यह उतना नुक्सान नहीं करता.

अच्छे बालों के लिए ऑयलिंग करना भी बहुत जरूरी है. अच्छा तो यह है कि सप्ताह में चार बार ऑयलिंग की जाए.

बहुत सारे लोगों को यह शिकायत होती है कि हम ऑयलिंग भी करते हैं इसके बावजूद हमारे बाल बहुत सूखे हैं. नीति बताती हैं कि यह इसलिए होता है क्योंकि हम तेल लगा तो लेते हैं लेकिन उसे निकालने के लिए तीन-चार बार शैंपू भी कर लेते हैं. यह गलत है. आप एक बार ही शैंपू अच्छे से यूज करें. अगले दिन बेशक फिर से शैंपू से बाल धो लें लेकिन एक ही समय में तीन-तीन बार शैंपू लगाकर बालों को धोना ठीक नहीं है. कई लोगों की यह आदत भी होती है बेशक उन्होंने सर पर तेल न भी लगाया हो तो भी वे पहले एक बार शैंपू लगाते हैं फिर उसे धोकर फिर से शैंपू लगाते हैं. फिर से धोते हैं. तीसरी बार भी ऐसा ही करते हैं. उन्हें लगता है कि ऐसा करने से सर अच्छी तरह साफ हो जाएगा. यह बालों की सेहत के लिए बहुत ही गलत है. आप जब भी नहाएं चाहे आपने बालों में तेल लगाया हो या न लगा हो, नहाते वक्त शैंपू एक बार ही यूज़ करें. अगर किसी के बहुत घने और लंबे बाल हैं वो इंसान बेशक दो बार यूज़ कर लें, लेकिन बाकी लोग नहीं. यह बाल टूटने की बड़ी वजहों में से एक है.

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बीच-बीच में बालों की जरूरत के अनुसार हेयर स्पा जरूर कराएं. महीने में कम से कम एक बार सैलून जाकर सर जरूर धुलवाएं.

क्या हर किसी को हेयर स्पा की जरूरत होती है? नीति बताती हैं कि  हेयर स्पा एक ट्रीटमेंट है हमारी बालों की देखभाल करने के लिए. हेयर स्पा के बहुत सारे वैरिएशन आते हैं. इसे आप ऑयल मसाज के साथ भी ले सकते हैं. यह अलग-अलग ब्रॉड के होते हैं. सबसे जरूरी यह समझना है कि सामने वाले ने आपकी बालों की दिक्कत को अच्छी तरह समझा या नहीं? अगर आप किसी समस्या को लेकर किसी सैलून में गए लेकिन वहां वो इंसान आपकी समस्या को अनंदेखा कर किसी और ही सर्विस के बारे में आपको बताने लगे तो वहां दिक्कत आती है. लेकिन अगर वह आपके बालों की समस्या के आसपास ही कोई सर्विस सजेस्ट करे तो वो बिल्कुल फायदा रहेगी. हेयर स्पा में बहुत सारी चीज़ें आती हैं इसलिए यह किसी न किसी रूप में हर किसी को सूट करती ही है.

हेयर केयर को लेकर कुछ और बातों की जानकारी होना भी जरूरी है. जैसे जिन लोगों को हेयर फॉल हो रहा होता है उन्हें अपने सर पर चंपी नहीं करानी चाहिए. हेड मसाज करानी चाहिए वह भी सॉफ्ट हाथों से. हेड मसाज के साथ-साथ में शोल्डर मसाज भी करानी चाहिए.

9 टिप्स: गरमी में रखें बालों का ख्याल

कई बार नए हेयर लुक के चक्कर में नुकसान वाले कैमिकल या ऐलर्जी वाले प्रौडक्ट्स से बालों को नुकसान उठाना पड़ता है. इसके अलावा बालों को रोजाना पौल्यूशन, धूल, गंदगी और धूप का सामना भी करना पड़ता है, जिससे यह नुकसान कई गुना बढ़ सकता है. कोई भी इस तरह के नुकसान झेलना नहीं चाहता. लिहाजा अगर आप ड्रायर, ब्लोअर और स्ट्रेटनर जैसे स्टाइलिंग प्रोडक्ट्स या जैल या अल्कोहल वाले स्प्रे या अन्य खतरनाक कैमिकल प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से अपने बालों पर बहुत ज्यादा इस्तेमाल कर रही हैं, तो सावधान हो जाएं और अपने बालों की अतिरिक्त देखभाल पर ध्यान देना शुरू कर दीजिए. इसीलिए आज हम आपको कैम्कल वाले प्रोडक्टस से बालों की केयर कैसे करें इसके बारे में बताएंगे.

1. हेयर की सफाई है जरूरी

देखभाल की बुनियादी शुरुआत बालों की सफाई से होती है. यदि आप अपने बाल नियमित रूप से नहीं धोती हैं और उन्हें साफ नहीं रखतीं तो बालों की जड़ें कमजोर पड़ जाएंगी और हेयरस्टाइलिंग प्रोडक्ट्स का नियमित इस्तेमाल बालों का नुकसान बढ़ा देगा. इसके अलावा डीप कंडीशनिंग का नियमित इस्तेमाल आप के बालों को स्वस्थ रखेगा. उससे हेयरस्टाइलिंग उत्पादों के अत्यधिक इस्तेमाल से बेजान और शुष्क नजर आने वाले बाल भी सुरक्षित और पोषित रहेंगे.

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2. बालों की केयर के लिए डर्मेटोलौजिस्ट से मिलें

विटामिन ए, फौलिक ऐसिड, विटामिन बी कौंप्लैक्स, प्रोटीन तथा कैल्सियम जैसे सप्लिमैंट्स बालों के लिए अच्छे होते हैं. यदि आपके बाल पतले हो रहे हैं, तो किसी अच्छे डर्मेटोलौजिस्ट से मिलें, जो आप को उचित विटामिन लेने की सलाह दे सके.

3. बालों को सुखाने के लिए ड्रायर के इस्तेमाल से बचें

गरम हवा वाले ड्रायर का इस्तेमाल कम करना ही अच्छा होता है. इसके बजाय आप बालों से टपकते पानी को सावधानी से निचोड़ लें और फिर तौलिए से पोंछ लें. यदि आप को ड्रायर का इस्तेमाल करना ही पड़ जाए तो याद रखें कि ब्लोअर से निकलने वाली गरम हवा बालों पर तेजी से पड़ती है और इस प्रक्रिया में रोमकूपों (हेयर फौलिकल्स) को काफी नुकसान पहुंचता है. इस नुकसान से बचने के लिए नर्म मूस (एक प्रकार का जैल) लगा कर बालों को ड्रायर से सुखाएं. कोई भी मूस जहां बालों के स्टाइल बदलने में कारगर होता है, वहीं नर्म मूस बालों की बेहतर सुरक्षा भी करता है.

4. अल्कोहल या कैमिकल प्रौडक्टस के इस्तेमाल से बचें

अल्कोहल या अन्य हानिकारक रासायनिक तत्त्वों वाले स्टाइलिंग प्रोडक्ट्स भी बालों को नुकसान पहुंचाते हैं. इसलिए ऐसे तत्त्वों वाले उत्पादों के इस्तेमाल से बचें या जहां तक संभव हो सके, इन का कम से कम इस्तेमाल करें.

5. हेयर कलरिंग का करें कम इस्तेमाल

बालों की स्टाइलिंग के लिए हेयर कलरिंग करने का चलन भी बढ़ा है, लेकिन हमें सिलिकौन युक्त हेयर कलर और अल्कोहल युक्त हेयर कलर के इस्तेमाल से बचना चाहिए. इन से बालों में रूसी, खुजली तथा बालों के झड़ने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

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6. हीट वाले प्रौडक्टस की बजाय बालों में करें औयलिंग

बालों को हीट देने, आयरनिंग करने या घुंघराला बनाने के लिए स्टाइलिंग उत्पादों के इस्तेमाल से बचें. बालों को पोषण देने का खयाल भी रखें. इस के लिए अपनी स्कैल्प की नियमित रूप से मालिश करें. स्कैल्प और बालों की मालिश के लिए कुनकुने औलिव औयल या नारियल तेल का इस्तेमाल करें. इस से बालों में नमी लौट आएगी और बालों का सूखापन दूर होगा. बहुत ज्यादा तेल लगाना भी अच्छा नहीं होता. सप्ताह में एक बार ही तेल लगाना पर्याप्त होता है. पूरी रात बालों में तेल लगाए रखना भी जरूरी नहीं है, बल्कि 2-3 घंटे ही पर्याप्त होते हैं. बालों पर बहुत ज्यादा मालिश या बहुत ज्यादा तेल का इस्तेमाल न करें, क्योंकि तब आप को तेल से छुटकारा पाने के लिए बहुत ज्यादा शैंपू लगाना होगा और इस का भी बालों पर बुरा असर ही होगा.

7. मैडिकल थेरैपीज भी रहेगा बालों के लिए बेस्ट

स्कैल्प में नई ऊर्जा का संचार करने वाली कुछ मैडिकल थेरैपीज हमेशा अच्छी मानी जाती हैं. मसलन स्टेम सेल थेरैपी, पेप्टाइड थेरैपी, एलईडी थेरैपी और रिजुविनेटिंग औरेंज लाइट थेरैपी. ये बालों के विकास में तेजी लाती हैं और रूसी तथा बालों से संबंधित अन्य समस्याओं से बचाए रखती हैं.

8. नेचुरल कंडीशनर का करें इस्तेमाल

नेचुरल कंडीशनर का इस्तेमाल भी फायदेमंद रहता है. दही, अंडे की सफेदी, हिना आदि चीजें प्राकृतिक कंडीशनर का काम करती हैं और बालों को स्वस्थ बनाए रखने में कारगर होती हैं. इन से आप के बेजान और शुष्क बालों को भी नवजीवन मिलता है.

9. अपनी रेगुलर डाइट का करें इस्तेमाल

पौष्टिक खानपान का पालन करें क्योंकि आप के बालों की सेहत इस पर भी निर्भर करती है. अंडा, चिकन, ओमेगा 3 फैटी ऐसिड जैसे प्रोटीनयुक्त भोजन और मछली, बादाम और अखरोट जैसी आयरन युक्त चीजों के अलावा गाजर और दालों का सेवन करें, जिन में विटामिन और फौलिक ऐसिड की प्रचुरता होती है. इन चीजों से आप के बाल स्वस्थ बने रहेंगे.

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Edited by Rosy

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