गुझिया , पिचकारियाँ, गुलाल, ठण्डाई और हँसी यही होली का प्रतीक है और  मार्च का महीना अपने साथ लेकर आता है होली के रंगों की धूम. यह वर्ष का वह समय होता है जिसका शायद हम सभी को बेशब्री से  इंतज़ार होता है और  जब हम रंगों से सराबोर हो जाते हैं.जबकि कुछ लोग ऐसे भी है जो इन रंगों से दूर भागते है कारण है स्किन खराब होने का डर .लेकिन इस दिन इन रंगों से कोई बच नहीं पाता .

अफसोस की बात है कि अब गुलाल का उपयोग होली खेलने के दौरान बहुत कम हो गया है. बाजारों में केमिकल रंग,हर्बल रंगों से कीमतों में ज्यादा सस्ते  होते है और अधिकतर लोग इसी कारण हर्बल रंगों का चयन न करके केमिकल रंगों का चयन करते हैं जो वाकई में बहुत ज्यादा हानिकारक साबित हो सकते हैं.

अब अक्सर लोग ब्राइट और केमिकल रंगों का प्रयोग करते हैं और विशेषज्ञों के अनुसार ये रंग अक्सर  गंभीर स्किन संक्रमण, आंखों में problem  और यहां तक कि बालों के झड़ने का कारण बन सकते हैं.

जाने-माने स्किन विशेषज्ञ और कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉ शेफाली तृसी नेरुरकर कहती हैं, '' होली के दौरान सिंथेटिक रंगों के इस्तेमाल से अक्सर स्किन में जलन, डर्माटाइटिस और स्किन rashes जैसी बहुत सी परेशानी हो  सकती है. कुछ मामलों में जलन इतनी गंभीर होती है कि यह बहुत ज्यादा परेशानी का सबब बन जाती है. “

अगर आप डरते हैं कि ये रंग आपकी स्किन और बालों को नुकसान पहुंचाएंगे तो इस होली अपनी स्किन और बालों की चिंता करना भूल जाएं और रंगों के त्योहार का आनंद लें क्योंकि हम आपके लिए लाए हैं बेहतरीन ब्यूटी टिप्स.चलिए जानते है की इस होली हम अपने स्किन और बालों की देखभाल कैसे करें-

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