Preeti Jhangiani : खूबसूरत, हंसमुख और शांत स्वभाव की मॉडेल और अभिनेत्री प्रीति झंगियानी से कोई अपरिचित नहीं. म्यूजिक वीडियो ‘ये है प्रेम’, ‘छुई मुई सी तुम’ आदि से उनकी लोकप्रियता बढ़ी और इसी से उन्होंने ऐक्टिंग कैरियर की शुरुआत की, इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम किया. फिल्म मोहब्बतें उनकी सफल फिल्म रही, जिसमें उन्होंने जिमी शेरगिल के साथ काम किया और ‘स्टार डेब्यू ऑफ द ईयर’ का अवार्ड जीता. इसके बाद आवारा पागल दीवाना और एलओसी: कारगिल आदि फिल्मों में भी काम किया है. हिन्दी के अलावा उन्होंने मलयालम तमिल, तेलगू फिल्मों में भी काम किया है. काम के दौरान उनका परिचय ऐक्टर, डायरेक्टर और मॉडेल प्रवीण डबास से हुई प्यार हुआ, शादी की और दो बेटों की माँ बनी. अभिनय के साथ – साथ वह एक खेल प्रेमी भी है और प्रो पंजा लीग की स्थापना की है. उन्होंने खास गृहशोभा के साथ बात की, आइए जानते है, उनकी कहानी उनकी जुबानी.
अभिनय की गहराई है पसंद
प्रीति इन दिनों अपने कई प्रोजेक्ट लेकर व्यस्त है वह कहती है कि फिल्म उदयपुर फाइल्स ने बहुत सारे न्यूज क्रियेट किये है और अभी मैँ ऐसी ही फिल्में करना चाह रही हूं, जिसकी कोई स्टोरी हो कोई मकसद हो, अभिनय की गहराई हो, जिसमें मेरे काम से समाज पर कोई फ़र्क पड़े. मैँ थोड़ी सिलेक्टिव हो चुकी हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स के फील्ड में बिजी हो गई हूं, मैंने आर्म रेसलिंग का पंजा लीग शुरू किया है, जिसके दो सीजन पूरे हो चुके है, जिसमें नैशनल फेडरैशन आर्म रेसलिंग की मैँ अध्यक्ष भी हूं. 5 साल से अधिक समय मैंने इस स्पोर्ट को दिया है, क्योंकि ये एक देसी स्पोर्ट है, इसे पूरे दुनिया में फैला रहे है, अभी मैँ इस स्पोर्ट को टीम इंडिया के रूप में विदेशों में भी ले जा रहे है. इसमें मेरा बहुत सारा समय इसमें चला जा रहा है, क्योंकि मैँ इसे ग्राउन्ड से ऊपर ला रही हूं. इसके साथ – साथ ऐक्टिंग भी चल रहा है, क्योंकि वह मेरा पैशन है.
सिनेमा का मैजिक
फिल्मों में कहानियों के बदलते दौर को लेकर प्रीति का कहना है कि आज की फिल्मों का दौर बदला नहीं है, धुरंधर जैसी फिल्में थिएटर में ही देख सकते है इसे टीवी सेट पर देखकर उस आनंद को प्राप्त नहीं किया जा सकता. सिनेमा का मैजिक कभी जाएगा नहीं, लोगों ने डीवीडी के समय कहा था कि सिनेमा खत्म हो जाएगा, ओटीटी आने पर भी सबकी प्रतिक्रियाँ वैसी ही रही, लेकिन सिनेमा का जो आउटिंग है, जिसमें परिवार और दोस्तों के साथ फिल्म देखने का जो मज़ा है, वह कभी जा नहीं सकता. बिग स्क्रीन की एक अलग महिमा होती है.
मिली प्रेरणा
ऐक्टिंग में आने की प्रेरणा के बारें में पूछे जाने पर प्रीति हँसती हुई कहती है कि मुंबई में पली – बड़ी होने के बावजूद मैंने कभी फिल्मों में काम करने के बारें में नहीं सोचा था. मेरे परिवार के किसी का भी फिल्मों से कोई कनेक्श्न नहीं है. यह मेरी डेस्टिनी रही है, क्योंकि 16 – 17 साल की उम्र में मैंने ऐड फिल्म का ऑडिशन कॉलेज बंक करने के लिए दिया था, वह ऐड फिल्म मुझे मिल गई, उसकी शूटिंग करने गई और वही से कमर्शियल मौडलिंग का सिलसिला शुरू हुआ. मैंने जो भी म्यूजिक विडिओ किये, सभी बहुत पोपुलर हो गए, जबकि उसे बनाने वालों ने भी सोचा नहीं था. मैँ बिल्कुल नई थी, मुझे ऐक्टिंग नहीं आती थी, लेकिन एक अच्छी टीम जिसमें निर्देशक कुणाल कोहली, कोरियोग्राफर सरोज खान और निर्माता राजश्री वाले थे, इन सभी ने मुझे सबकुछ सीखा दिया और मैँ सफल रही.
इसके बाद तमिल, तेलगु फिल्मों के ऑफर आने लगे, जिसे मैंने किया. इसके बाद यशराज वालों का घर पर फोन आया, बिना कुछ जाने मैँ अपने पिता के साथ आदित्य चोपड़ा के सामने बैठकर फिल्म मोहब्बते की स्क्रिप्ट सुन रही थी. सबकुछ बहुत फास्ट और अन एक्सपेक्टेड हुआ. कभी सोचा नहीं था कि मैँ फिल्मों में ऐक्टिंग करूंगी, मैँ तो मौडलिंग से ही खुश थी. बचपन से ही मैँ आर्टिस्टिक थी और कंप्युटर ग्राफिक्स में काफी रुचि थी, उस लाइन में जाने की इच्छा रखती थी, लेकिन डेस्टिनी ऐक्टिंग की रही, जिससे कामयाबी मिलती गई.
परिवार का सहयोग
मेरे परिवार में सभी खुले विचार के है, मेरे पिता ने कभी कुछ पहनने खाने – पीने, घूमने से मना नहीं किया है. उन्होंने हमेशा मुझे लाइफ में कुछ इक्स्पीरीयंस करने की सलाह दिया है, मौडलिंग के समय भी उन्होंने ही मुझे कुछ नया ट्राइ करने की सलाह दी थी, जिससे मैँ नए लोग और नई परिवेश को समझ सकूँ. ये है प्रेम के म्यूजिक वीडियो में मेरे पिता ही उसमें मेरे फादर की भूमिका निभा रहे है. वे खुद बहुत ही इन्स्पाइरिंग पर्सनैलिटी के है. मैँ और मेरी बहन को उन्होंने हमेशा हर काम के लिए बहुत प्रेरित किया है. मेरी शुरुआत की फिल्मों में मेरे पिता हमेशा मेरे साथ आए है. मेरी माँ मुंबई की एक कॉलेज में लेक्चरार और वाइस प्रिन्सपल थी, उन्होंने हमेशा दोनों बहनों को आगे बढ़ने के लिए सहयोग दिया है.
प्रवीण डबास और मेरा सही मैच
अभिनेता प्रवीण डबास से मिलना मेरे लिए बहुत लकी रहा है, उनका और मेरा रहन – सहन बहुत मैच करता है, किसी भी काम को हम दोनों ने साथ में ही शुरू किया है, मसलन शादी होने के बाद मैंने अपनी कॉम्पनी खोली, जिसमें मैँने कई फिल्में प्रोड्यूस किया, उसके बाद मैंने डिजिटल कॉम्पनी शुरू किया, इसके बाद स्पोर्ट्स कॉम्पनी खोली. असल ने प्रवीण ने मुझे हर काम के लिए बहुत प्रोत्साहन दिया है. स्पोर्ट्स के क्षेत्र में मुझे कई सारे एवार्ड्स भी मिले है. इन सारे पुरस्कार में मेरे पति और परिवार का सहयोग रहा है. मेरे दो छोटे बच्चे होने के बावजूद मैंने काम नहीं छोड़ा और आज तक करती आ रही हूं. इस दौरान मैंने पिछले कई सालों से व्यवसाय को बढ़ाने के लिए नॉन – स्टॉप ट्रैवल किया है. हम दोनों की एक अच्छी मैच है. परिवार के सहयोग के बिना काम करना आसान नहीं. मेरी माँ मेरी बहन सभी एक ही बिल्डिंग में रहते है, मेरे ससुराल पक्ष का भी बहुत सहयोग रहता है. इसलिए मुझे बच्चों के बारें में अधिक सोचना नहीं पड़ा.
रही चुनौती
प्रीति के लिए अभिनय के क्षेत्र में नाम कमाना आसान नहीं था. वह कहती है कि अभिनय के क्षेत्र में काम करना कितना चुनौतीपूर्ण है, ये तब पता चलता है, जब आप उस फील्ड में उतरते है. मेरी लाइफ बहुत प्रोटेक्टिव रही है, मुझे कभी घर का रेंट पे नहीं करना पड़ा, जैसा अधिकतर लड़कियों को करना पड़ता है, क्योंकि मैँ मुंबई की हूं, लेकिन संघर्ष का पता तब चला जब मैंने अपनी कॉम्पनी शुरू की, फिल्मों में काम करना शुरू किया. देखा जाय, तो कोई भी काम आसान नहीं है, एक कलाकार को बहुत मेहनत करनी पड़ती है, हर सिचुएशन में काम करने के अलावा हर तरीके के लोगों के साथ इंटरेक्ट करना पड़ता है. ठंडी, गर्मी, दुःख, सुख आदि सभी परिस्थितियों में काम करते रहना पड़ता है. ये सारी चीजें खुद में विश्वास के साथ करनी पड़ती है.
सही स्क्रिप्ट चुनना जरूरी
प्रीति आगे कहती है कि किसी सही फिल्म को चुनना वाकई बहुत कठिन होता है, क्योंकि कई बार स्क्रिप्ट में जो लिखी होती है, वह फिल्म में होती नहीं, ऐसे में निर्देशक के विजन को समझना आवश्यक होता है और एक चरित्र में घुसकर उसे सही तरीके से फ़िल्माना कठिन होता है. जब मैंने अभिनय की शुरुआत की थी, तो चरित्र पर इतना रिसर्च नहीं होता था, गाने शूट कर लिए, थोड़ी ऐक्टिंग की बस हो जाता था, लेकिन अब फिल्मों में चरित्र पर काफी रिसर्च होता है, जैसा मैंने ओटीटी फिल्म ‘कफ़स’ में काम करते हुए पाया है, जहां एक लड़की कहाँ से आई है, उसकी बैक स्टोरी क्या है, उसकी जिंदगी कैसी होगी आदि पर काम होता है, जिसमें चरित्र में घुसना ही कठिन और जरूरी हो गया है.
किये कम ग्लैमरस रोल
प्रीति हँसती हुई कहती है कि शुरू में मैंने हमेशा स्वीट और सॉफ्ट रोल किये ग्लैमरस रोल कम ही किये है, क्योंकि मेरा क्यूट चेहरा दर्शकों ने अधिक पसंद किया. मैंने एक फिल्म विक्टोरिया नंबर 203 फिल्म की थी, जिसमें मैंने पूरा निगेटिव रोल किया था, उसमें मेरा ग्लैमरस रोल था, लेकिन अधिकतर लोग मेरा सॉफ्ट लुक पसंद करते है. मैंने बहुत काम किये है इसलिए कोई रिग्रेट नहीं है, मुझे दर्शकों का बहुत प्यार मिला है, अवॉर्ड मिला, जो मेरे लिए अनएक्सपेक्टेड था. इस साल में मैँ आर्म रेसलिंग की वर्ल्ड चॅम्पियन लेकर आ रहे है, जिसे इंडिया पहली बार होस्ट करेगा. ये लीग 3 रहेगा, जिसकी प्रैक्टिस जारी है. मुझे इस बात की खुशी है कि क्रिकेट के अलावा अभी दूसरे स्पोर्ट्स भी आगे आ रहे है. प्रो पंजा लीग की पहले सीजन में 32 मिलियन लोगों ने देखा है. इसके अलावा फिल्मों की कहानियाँ भी मैँ पढ़ रही हूं, ताकि एक अच्छी फिल्म दर्शकों को दे सकूँ. Preeti Jhangiani
