शादी हो या कोई खास अवसर गहने सभी महिलाओं को पसंद है और हो भी क्यों न? परिधान के साथ गहने ही महिला को और अधिक खूबसूरत बनाते है, पर आजकल महिलाओं का शौक फैशनेबल गहनों की ओर अधिक जा रहा है, इसकी वजह सोने के गहनों के बढ़ते दाम है. ये  गहने आजकल कारीगर हूबहू गोल्ड के गहनों की तरह बनाते है. उसकी डिजाइनिंग, पोलिशिंग पूरी तरह से सोने की गहनों की तरह होते है. नए डिजाईन को क्रिएट करने के लिए पूरी टीम उस पर पूरे साल काम करती है और ये केवल भारत में ही नहीं, विदेशों में चर्चित गहनों के ट्रेंड को देखकर बनाती है. खासकर औफिस और कौलेज में जाने वाली लडकियां इस तरह के गहनों को अधिक पसंद करती है. इतना ही नहीं आज वेडिंग में दुल्हने भी ऐसे गहनों को अलग-अलग सेरिमोनी के साथ मैच करते हुए पहनना पसंद करती है.

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इस बारें में वोयला के ज्वेलरी एक्सपर्ट अभिषेक तिवारी बताते है कि आजकल फाइन ज्वेलरी और गोल्ड की ज्वेलरी को लाकर के गहने कही जाती है, क्योंकि इसे लोग पहन कर कही जाने से घबराते है. ये ज्वैलरी काफी महंगे होते है. जब वे ट्रेवल करते है, डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए, तो उन्हें नए गहनों की तलाश अधिक होती है. इसके अलावा एक बार सोशल मीडिया पर आने वाली किसी भी गहने को वे पहनना पसंद नहीं करती. फैशन ज्वेलरी में हर अवसर के लिए गहने मिलते है. मसलन प्री वेडिंग ज्वेलरी, संगीत, मेहन्दी, शादी के दिन के अलावा हनीमून के लिए रिसोर्ट वेयर कलेक्शन आदि सभी अलग-अलग तरह के गहने मिलते है. ये अलग और कंटेम्पररी होते है,जिसे सभी महिलाएं पसंद करती है. इसमें मैसिव चोकर, थ्री डी हेयर बैंड,पटियाला नेकलेस, मांगटीका, रिंग्स आदि सभी ट्रेंड में है.

दरअसल ये गहने ओरिजिनल लगे, इसके लिए कारीगर को बहुत मेहनत करनी पड़ती है, इसकी मेकिंग रियल की तरह ही होती है. इस बारें में अभिषेक का आगे कहना है कि इन गहनों को बनाने वाले सभी कारीगर फाइन ज्वेलरी बनाने वाले होते है, वैसी ही लुक आये, इसके लिए वे उसी तरह के सेमी प्रिसियस स्टोन का प्रयोग करते है, जो दिखने में रियल लगता है. करीब तीन हज़ार डिजाईन ज्वेलरी की है, जिसमें अधिकतर महिलाएं है. इसके अलावा ज्वेलरी ब्रास, सिल्वर या अलॉय बेस होने से स्किन के लिए अच्छा होता है. किसी प्रकार की एलर्जी का डर नहीं रहता.

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वर्किंग वुमन के लिए ओक्सिडाइज गहने भी आज ट्रेंड में है, जिसे कभी भी कही भी पहना जा सकता है. सभी तरह के पहनावे के साथ सही रहता है. ये डेनिम के साथ भी जाता है. कुछ ज्वेलरी में महिला ऐड कर गहने को हैवी बना सकती है या कुछ में इसे कम कर अवसर के अनुसार हल्का बनाकर पहन सकती है.इस तरह की सारी सुविधायें ऐसे गहनों में आजकल मिलने लगी है. वेडिंग के मौसम में ख़ासकर डोली कलेक्शन की मांग अधिक है, इसकी कारीगरी बहुत अलग होती है. इसे सूट, लहंगा और साड़ी किसी के साथ भी पहना जा सकता है. कपड़े अगर हैवी है, तो गहने हलके पहनने से अधिक अच्छा लगता है. आजकल ब्राइडल में पेस्टल रंग फैशन में है. शैम्पेन कलर के गहने ऐसे पोशाक के साथ आसानी से मैच कर जाते है, बहुत अधिक चमक धमक वाले गहने और परिधान फैशन में नहीं है, क्योंकि आज की दुल्हन किसी भी गहने और पोशाक को शादी के बाद भी पहनना पसंद करती है.

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इसके अलावा टेम्पल ज्वेलरी भी आजकल ब्राइडल फैशन में अधिक है, इसे बनाते वक़्त किस बात का ध्यान रखना पड़ता है पूछने पर अभिषेक बताते है कि टेम्पल ज्वेलरी दक्षिण भारत से आया है और दक्षिण के ब्राइड ही नहीं बल्कि पूरे भारत में इसे पहनना दुल्हन पसंद कर रही है. ये सिल्क की साड़ी और  कांजीवरम के साथ अच्छी लगती है. टेम्पल ज्वेलरी डल मैट फिनिश गोल्ड पर होती है. उसमें लक्ष्मी, गणेश आदि की मोटिफ्स होती है,जो दुल्हन की लुक को सबसे अलग बनाती है.

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फैशनेबल गहनों का रख-रखाव अधिक मुश्किल नहीं. इसे परफ्यूम और कोलोन से बचाकर ज्वेलरी बॉक्स में पैक कर रखने से सालोंसाल अच्छे रहते है.

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