तथागत कुमार, (नई दिल्ली)
मेरे पापा बहुत ही मेहनती, दयालु, प्यारे और सही का साथ देने वाले इंसान हैं, उनका नाम श्री मान राकेश कुमार योगी है. वे दिन में 14 घंटे काम करते हैं फिर भी थकान उनके चेहरे पर नहीं दिखती. वे अपनी जरूरतों को छोड़ पहले हमारा ध्यान रखते हैं.
मम्मा ने कैंसर के दौरान नहीं खोई हिम्मत…
जब मेरी मम्मा को मल्टीपलमायलोमा (ब्लड कैंसर) जैसी खतरनाक बीमारी हो गई थी और डाक्टरों ने भी जवाब दे दिया था तब पापा ही थे जिन्होंने हिम्मत नहीं हारी, मेरी मम्मा को भरपूर सपोर्ट किया… अपने प्यार से, अपने साथ से. मेरी मम्मा की विल पावर को बढ़ाने में पापा ने हमेशा मदद की. आज मेरी मम्मा बिल्कुल ठीक हो गई हैं. मां की बीमारी के वक्त पापा ने मुझे कभी भी मम्मा का मेरे पास न होने का अहसास तक नहीं होने दिया.

हर जन्म में आपका बेटा होना चाहूंगा…
मैं उस वक्त मात्र पांच साल का था. 2016 में मम्मा जब ठीक हो गयी तब हम सबको बहुत खुशी हुई, घर में जश्न भी हुआ. पापा ने हमेशा हमारा ख्याल रखा, पर वे हमें थोड़ा कम ही समय दे पाते हैं क्योंकि पापा अपनी मेहनत और काम करके हमारी जिन्दगी को कुशल और बेहतर रखना चाहतें हैं. आप दुनिया के सबसे अच्छे पापा हैं और मेैं हर जन्म में आपका ही बेटा होना चाहूंगा. लव यू पापा…
मैं अपनी इस कहानी के माध्यम से संदेश देना चाहता हूं कि अपने मां-पापा का हमेशा ध्यान रखें, आप कभी भी साथ मत छोड़ना क्योंकि उन्होंने भी कभी आपका साथ नहीं छोड़ा और ना छोड़ेंगे…
Father’s Day 2019: घर,परिवार और बच्चों की नींव हैं पिता
Father’s Day 2019: वह बात जो कभी पापा से कह नहीं पायी…
‘गृहशोभा’ दे रहा है आपको मौका अपनी बात उन तक पहुंचाने का. अपनी कहानी आप हमे इस ईमेल पर भेजें- [email protected]
