गर्मियों में गुलकंद खाने से बौडी को ठंडक मिलती है. बौडी को गुलकंद डीहाइड्रेशन से बचाता है और स्किन को भी तरोताजा रखने के साथ यह पेट को भी ठंडक पहुंचाता है. गुलकंद में विटामिन सी, ई और बी अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. इसमें एंटीऔक्सीडेंट्स भरपूर होते है, जो बौडी की इम्यूनिटी पावर को बढ़ाता है और थकान दूर भी करता हैं. खाने के बाद गुलंकद माउथ फ्रेशनर का काम करने के साथ पाचन से जुड़ी प्रौब्लम्स को भी दूर करता है.

सामग्री

चौड़े मुंह वाला कांच का जार

गुलाब की पत्तियां

दानेदार चीनी

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इलायची के दाने

पर्ल पाउडर आवश्यक्तानुसार

बनाने का तरीका

-गुलकंद बनाने के लिए गुलाब की पत्तियों को साफ करें, ध्यान रहे कि इस पर कीड़े बिल्कुल नहीं होने चाहिए. पत्तियों को अच्छी तरह से धोकर सुखा लें.

-जार में गुलाब की पत्तियों को डालकर इसकी परत बनाएं.

-गुलाब की परत के ऊपर दानेदार चीनी की एक परत बनाएं.

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-अब जार में आधे से ऊपर तक गुलाब की पत्तियों और चीनी की परत बना लें और जार को ढ़क्कन से कसकर ढ़क दें.

-4 हफ्ते तक लगभग हर रोज 7 घंटे तक जार को धूप में रखें.

-हर दूसरे दिन एक लकड़ी की चम्मच से जार में गुलाब और चीनी के पेस्ट को अच्छी तरह मिला लिया करें.

-4 हफ्ते के बाद गुलकंद तैयार हो जाएगा, अब गुलाब का जैम यानी गुलकंद आपके खाने के लिए तैयार है.

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