14 साल की समीक्षा का हाथ जल गया था, उसने कई जगह इलाज करवाई पर ठीक न हो सकी. एक डॉक्टर ने उसकी जांच कर बताया कि उसकी इम्युनिटी कम है उसका प्रोटीन लॉस हो रहा था, क्योंकि उसे मोटापा था, इसलिए उसके हाथ के घाव भर नहीं रहे है, ऐसे में समीक्षा न्यूट्रिशनिस्ट के पास गयी. दवा और डाइट को फोलो करने के बाद उसकी इम्म्युनिटी बढ़ाई गयी और घांव ठीक हो गया.

ये सही है कि रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होने से व्यक्ति कम बीमार पड़ता है या बीमार होने पर जल्दी ठीक भी हो जाता है. वर्ल्ड इम्युनिटी वीक पर मुंबई की अपोलो हॉस्पिटल की क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट और डाइटिंशियन जिनल पटेल कहती है कि आज हर उम्र के व्यक्ति की इम्युनिटी कम हो चुकी है, इसकी वजह समय से भोजन न करना, जंक फ़ूड का अधिक सेवन करना और तनाव युक्त जीवन बिताने से है.

हालाँकि हमारे यहां खाने की पारंपरिक पद्यति बहुत अच्छी है, जिसमें हर प्रकार के मसाले और हर्ब्स प्रयोग होते है. जिससे रोगप्रतिरोधक क्षमता व्यक्ति में बढती है, लेकिन आज की जीवन शैली में बदलाव की वजह से इसमें कमी आने लगी है. ये क्षमता हर इंसान में अलग-अलग होती है, जिसमें जलवायु में परिवर्तन और मोटापा सबसे अधिक जिम्मेदार है. मोटापे से शरीर की इम्युनिटी कम हो जाती है, जिसे कंट्रोल करने की जरुरत है.

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