रश्मिका को बचपन में कॉन्जेनिटल हार्ट डिजीज यानि जन्मजात हृदय रोग था, जिसमे उनके हार्ट में एक छेद था, जिसे डॉक्टर्स ने इलाज किया और अब उसे कोई समस्या नहीं है, लेकिन जब वह बड़ी हुई, उसके शादी को लेकर समस्या होने लगी, क्योंकि हर लड़के वालों को लगता था कि उसे हार्ट की बीमारी है. शादी के बाद उसका मैरिटल लाइफ अच्छा नहीं होगा.

कई अच्छे-अच्छे रिश्ते टूट गए, इससे रश्मिका को डिप्रेशन होने लगा, उसके पेरेंट्स चिंतित होने लगे, लेकिन एक रिश्ता पक्का हुआ और आज रश्मिका दो बच्चों की माँ है और उसे किसी प्रकार की कोई समस्या हार्ट को लेकर नहीं है और न ही उनके बच्चों को हार्ट सम्बन्धी कोई बीमारी है. दरअसल ये कोई बीमारी नहीं, इसका शादी और बच्चे पैदा होने से कोई सम्बन्ध नहीं होता. ये एक प्रकार का दोष है, जिसका इलाज संभव है.

असल में किसी भी बच्चे के जन्म के समय उसके हार्ट में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी होने पर इस स्थिति को कॉन्जेनिटल हार्ट डिजीज कहा जाता है. इस बीमारी से पीड़ित बच्चे के दिल की बाहरी परत यानी दीवार, हार्ट वाल्व और ब्लड वैसल्स ज्यादा प्रभावित होते हैं.

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