दुनियाभर में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. कैंसर आज लोगों के मौत के सबसे बड़े कारणों में से एक है. कैंसर 100 से भी अधिक प्रकार के होते हैं. इनमें सबसे आम फेफड़े, ब्रेस्ट, प्रोस्टेट, मुंह और सर्वाइकल कैंसर है. कुछ रिपोर्टों की माने तो मध्य वर्ग की 50 फीसदी महिलाओं में ह्यूमन पेपिलोमावायरस (HPV) होने का खतरा सबसे अधिक होता है. सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित अधिकतर महिलाओं में इस वायरस का इन्फेक्शन पाया गया है.

आपको बता दें कि HPV कई तरह के वायरसों का समूह होता है, जो गर्भाशय ग्रीवा को संक्रिमित करता है. ये वायरस सेक्शुअल रिलेशन बनाने से एक से अगले व्यक्ति में फैलता है.

दो प्रकार के ह्यूमन पेपिलोमावायरस से सर्वाइकल कैंसर होने का खतरा 70 फीसदी अधिक हो जाता है. इस वायरस के टेस्ट रिपोर्ट में ये सामने आया है कि साल 2014 और 2018 में 31 से 45 वर्ष की लगभग 4,500 महिलाओं में 47 फीसदी महिलाओं में ह्यूमन पेपिलोमावायरस से पीड़ित थीं. जबकि16 से 30 वर्ष की आयु वाली 30 फीसदी  महिलाओं में इस कैंसर का प्रभाव देखा गया है.

लोगों की जान के लिए खतरनाक कैंसरों के प्रकार में सर्वाइकल कैंसर प्रमुख है. भारत में महिलाओं की मौत का दूसरा बड़ा कारण है सर्वाइकल कैंसर. जानकारों की माने तो अगर शुरुआती चरणों में इसका इलाज किया जाए तो इसके बहुत से लोगों की जान बचाई जा सकती है.

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