अगर हमारे हार्मोन संतुलित न हों तो हमें इसका अहसास होने लगता है, हालांकि हम इसके कारण से अनजान होते हैं. मूड में बदलाव, रोशनी के लिए संवेदनशीलता, औयली त्वचा और बाल, कुछ खाने का मन करना, नींद न आना, चिंता, तनाव और चिड़चिड़ापन ये सब हार्मोनल बदलावों के संकेत हो सकते हैं. महिलाओं में हामोनल संतुलन बदलने की संभावनाएं अधिक होती हैं, खासतौर पर जब वे गर्भवती हों, तनाव में हों या विशेष उम्र के बाद महिलाओं में हार्मोनल संतुलन बदलने लगता है. लेकिन हार्मोनों को फिर से सामान्य करना कोई मुश्किल बात नहीं. आइए कुछ तरीके जानें, जिनके द्वारा आप प्राकृतिक तरीकों से अपने हार्मोनों को संतुलित रख सकती हैं.

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