Relationship : दोस्तो, यह महिलाओं का युग है. वे अब नौकरी और पढ़ाई की तरह प्रेम संबंधों में भी पुरुषों पर हावी होना चाहती है. आधुनिक महिलाएं अब प्रेम संबंधों के लिए अपने से युवा साथियों को खोजने लगी हैं क्योंकि उन पर रोब जमाने और अपने अनुसार चलाने में उन्हें आसानी होती है. 60% महिलाएं युवा लड़कों के साथ डेट करना चाहती हैं. 63% महिलाएं प्यार में उम्र की परवाह नहीं करतीं. आज ज्यादातर महिलाएं खुद से कम उम्र के युवाओं के साथ डेट करने के लिए तैयार हैं. 35% महिलाएं रिश्ते में सैक्स के साथ इमोशनल इंटिमेसी को भी महत्त्वपूर्ण मानती हैं जिस के लिए वे अपने से 10 से 15 साल छोटे पुरुष को ज्यादा सुरक्षित मानती हैं.

ये कुछ बातें हैं जो डेटिंग ऐप के नए सर्वे में सामने आई हैं. दुनियाभर के 27 हजार से ज्यादा सिंगल्स और कपल्स पर हुई इस रिसर्च में इस तरह की कई नई रोचक जानकारी सामने आई है.

रिश्ते की दुनिया में क्या कुछ चल रहा है, रिश्ते के बारे में महिलाओं की सोच में क्या परिवर्तन आया है? रिश्ते के बाजार में नया ट्रेंड क्या है? पौपुलर डेटिंग ऐप की यह रिसर्च नए रिश्ते गांठने और पुरानों को धार देने में मददगार साबित हो सकती है.

इतिहास में ऐसी कई शक्तिशाली और प्रभावशाली महिलाएं हुई हैं, जिन्होंने अपने से कम उम्र के पुरुषों के साथ संबंध बनाए. इन संबंधों को अकसर समाज के नियमों के विरुद्ध माना जाता था लेकिन इन महिलाओं ने सामाजिक अपेक्षाओं की परवाह नहीं की.

यहां कुछ ऐसी महान महिलाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है, जिन्होंने युवा पुरुषों के साथ संबंध रखा था:

क्लियोपेट्रा और मार्क एंटनी की जोड़ी विश्वप्रसिद्ध है. मिस्र की रानी अपनी बुद्धि, आकर्षण और राजनीतिक कौशल के लिए जानी जाती थीं. उन का सब से प्रसिद्ध प्रेम प्रसंग रोमन जनरल मार्क एंटनी के साथ था. जब वे मिले, तब क्लियोपेट्रा की उम्र एंटनी से 10 साल ज्यादा थी. दोनों के बीच एक गहरा प्यार और राजनीतिक गठबंधन था, जिस ने रोमन साम्राज्य को भी प्रभावित किया.

दूसरा प्रसिद्ध नाम है कैथरीन द ग्रेट और ग्रिगोरी पोटेमकिन रूस की महारानी कैथरीन द ग्रेट. वे इतिहास की सब से शक्तिशाली शासकों में से एक थीं. उन के कई प्रेमी थे, जिन में से ज्यादातर उन से छोटे थे. उन के सब से करीबी और भरोसेमंद प्रेमी ग्रिगोरी पोटेमकिन थे जो उन से लगभग 10 साल छोटे थे. उन का संबंध केवल शारीरिक नहीं था बल्कि एक गहरा भावनात्मक और राजनीतिक गठबंधन भी था.

तीसरा प्रसिद्ध नाम मैरी क्यूरी और पाल लैंग्विन. महान वैज्ञानिक मैरी क्यूरी, जिन्होंने 2 बार नोबेल पुरस्कार जीता, अपने पति पियरे क्यूरी की मृत्यु के बाद एक और वैज्ञानिक पौल लैंग्विन के साथ रिश्ते में आईं. पौल लैंग्विन उन से 5 साल छोटे थे. उस समय पौल लैंग्विन शादीशुदा थे, जिस कारण यह रिश्ता सार्वजनिक तौर पर एक बड़ा विवाद बन गया था. इस के बावजूद यह रिश्ता विज्ञान और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन की एक मिसाल पेश करता है.

भारतीय संदर्भ में सब से प्रसिद्ध उदाहरण राधा और कृष्ण का है. राधा और कृष्ण का प्रेम संबंध हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति में एक पवित्र, आध्यात्मिक और प्रतीकात्मक प्रेम की मिसाल है. यह संबंध भक्ति, प्रेम और आत्मिक एकता का प्रतीक माना जाता है जो भौतिक सीमाओं से परे है. राधाकृष्ण का प्रेम मुख्य रूप से भक्ति साहित्य जैसे गीत गोविंद, भागवत पुराण और अन्य पुराणों में वर्णित है.

राधाकृष्ण की प्रेम लीलाएं मुख्य रूप से वृंदावन, बरसाना और गोकुल में हुईं. रासलीला, जिस में राधा और गोपियों के साथ कृष्ण का नृत्य और प्रेम भरा व्यवहार वर्णित है, उन की आत्मिक निकटता को दर्शाता है. राधा को कृष्ण की प्रिय सखी और प्रेमिका माना जाता है. कुछ ग्रंथों में उन्हें श्रीकृष्ण की पत्नी के रूप में भी देखा जाता है लेकिन अधिकांश परंपराओं में वे अविवाहित रह कर कृष्ण के प्रति अपनी भक्ति को दर्शाती हैं.

राधा और कृष्ण की उम्र के अंतर के बारे में विभिन्न ग्रंथों और परंपराओं में अलगअलग उल्लेख मिलते हैं. हालांकि, यह अंतर सटीक रूप से निर्धारित नहीं है क्योंकि उन की लीलाएं आध्यात्मिक और अलौकिक संदर्भ में देखी जाती हैं. राधा कृष्ण से लगभग 4 साल बड़ी थीं, यह उम्र का अंतर उन की प्रेम लीलाओं में महत्त्वपूर्ण नहीं माना जाता क्योंकि उन का संबंध शारीरिक उम्र से परे था.

इन महिलाओं के जीवन से यह पता चलता है कि प्यार और रिश्ते सिर्फ उम्र से तय नहीं होते बल्कि आपसी समझ, सम्मान और भावनाओं से बनते हैं.

अपने से 10-15 साल छोटे पुरुषों के साथ प्रेम संबंध रखने के लाभ व्यक्तिगत परिस्थितियों, जीवनशैली और अपेक्षाओं पर निर्भर करते हैं.

यह एक संवेदनशील विषय है और हमें इसे सामान्य, सम्मानजनक और तटस्थ दृष्टिकोण से संबोधित करना चाहिए. यहां कुछ संभावित लाभ दिए गए हैं जो सामान्य सामाजिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित हैं. कृपया ध्यान दें कि ये लाभ हर व्यक्ति या स्थिति पर लागू नहीं हो सकते:

ऊर्जा और उत्साह: छोटी उम्र के पुरुष अकसर अधिक ऊर्जावान और जीवन के प्रति उत्साही हो सकते हैं. ये रिश्ते में नई ताजगी और रोमांच ला सकते हैं, जिस से जीवन में नई गतिविधियों और अनुभवों का आनंद लिया जा सकता है.

नया दृष्टिकोण: छोटी उम्र के लोग अकसर आधुनिक विचारों, तकनीक और रु?ानों से अधिक जुड़े होते हैं. यह रिश्ते में नई सोच और दृष्टिकोण ला सकता है जो दोनों पक्षों के लिए सीखने का अवसर हो सकता है.

जीवन में रोमांच: उम्र के अंतर के कारण रिश्ता अधिक गतिशील और रोमांचक हो सकता है. अलगअलग पीढि़यों के अनुभवों का मिश्रण रिश्ते को अनोखा बना सकता है.

आत्मविश्वास में वृद्धि : अपने से छोटे व्यक्ति के साथ प्रेम संबंध में होना कुछ लोगों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है क्योंकि यह उन की आकर्षण शक्ति और व्यक्तित्व की पुष्टि करता है.

स्वतंत्रता और लचीलापन : छोटी उम्र के पुरुष कभीकभी कम पारंपरिक या बंधनकारी दृष्टिकोण रखते हैं, जिस से रिश्ते में अधिक स्वतंत्रता और लचीलापन हो सकता है. हालांकि यह भी महत्त्वपूर्ण है कि प्रेम संबंधों में आपसी सहमति, सम्मान और भावनात्मक परिपक्वता सर्वोपरि होनी चाहिए. उम्र के अंतर के साथ आने वाली चुनौतियां जैसे सामाजिक दृष्टिकोण, जीवन के लक्ष्यों में भिन्नता या पारिवारिक स्वीकृति को भी ध्यान में रखना चाहिए.

जैनरेशन ऐक्स, वाई तथा जेड

यदि प्रेम संबंध अगली पीढ़ी के व्यक्ति से किया जा रहा है तो नई तरह की चुनौतियों और समस्याओं का सामना करना पड़ता है. जैनरेशन  ऐक्स उन लोगों को कहा जाता है जो सामान्यत: 1965 से 1980 के बीच जन्मे हैं. यह शब्द समाजशास्त्र और जनसांख्यिकी में उपयोग होता है जो उस पीढ़ी को दर्शाता है जो बेबी बूमर्स (1946-1964) और मिलेनियल्स (1981-1996) के बीच आती है.

जैनरेशन ऐक्स की खास विशेषताएं उन्हें अपनी अगली पीढि़यों से उत्कृष्ट बनाती हैं. ये हर तरह के तकनीकी बदलाव के साक्षी हैं. यह पीढ़ी एनालाग से डिजिटल युग की ओर बदलाव की गवाह रही है. इस ने पर्सनल कंप्यूटर, इंटरनैट और मोबाइल फोन के शुरुआती विकास को देखा.

ऐक्स जैनरेशन आज स्वतंत्र और आत्मनिर्भर है, ये लोग ऐसे समय में बड़े हुए जब मातापिता दोनों कामकाजी थे, जिस कारण इन्हें ‘लैचकी किड्स’ भी कहा गया. यह पीढ़ी पौप संस्कृति जैसे ग्रंज संगीत, एमटीवी, और वैकल्पिक फैशन से प्रभावित है. जैनरेशन ऐक्स को काम और निजी जीवन में संतुलन की चाह रखने वाली पहली पीढ़ी माना जाता है. ये लोग सामाजिक और आर्थिक बदलावों जैसे वैश्वीकरण और आर्थिक अनिश्चितता, के बीच बड़े हुए, जिस ने इन्हें अनुकूलनीय और व्यावहारिक बनाया. भारत में जैनरेशन ऐक्स ने आर्थिक उदारीकरण (1991) के दौर को देखा, जिस ने उन के कैरियर और जीवनशैली को प्रभावित किया. यह पीढ़ी अकसर परंपराओं और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाती दिखती है.

इस के बाद की पीढ़ी को जैनरेशन वाई या मिलेनियल्स कहा जाता है, जिन का जन्म 1981 से 1996 के बीच हुआ. मिलेनियल्स वह पहली पीढ़ी हैं जिस ने इंटरनैट, मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के व्यापक उपयोग को अपने जीवन में देखा. ये लोग उच्च शिक्षा और कैरियर की विविधता को महत्त्व देते हैं लेकिन अकसर आर्थिक अनिश्चितता (जैसे 2008 की मंदी) का सामना इन्होंने किया. मिलेनियल्स सामाजिक न्याय, पर्यावरण और व्यक्तिगत स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर अधिक ध्यान देते हैं. वर्कलाइफ को बैलेंस करने में इन्हें माहिर माना जाता है. ये लोग नौकरी में लचीलापन और अर्थपूर्ण काम को प्राथमिकता देते हैं.

इस के बाद की पीढ़ी को जैनरेशन जेड कहा जाता है, जिस का जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ. जैनरेशन जेड की मुख्य विशेषता यह है कि यह पूर्ण डिजिटल नेटिव्स है. इसे स्मार्टफोन, सोशल मीडिया और डिजिटल तकनीक के साथ बड़ी होने वाली पहली पीढ़ी माना जाता है. ये लोग वैश्विक मुद्दों जैसे जलवायु परिवर्तन और सामाजिक समानता के प्रति जागरूक हैं. जैनरेशन जेड में स्वरोजगार, स्टार्टअप और फ्रीलांसिंग की प्रवृत्ति अधिक देखी जाती है. ये लोग मानसिक स्वास्थ्य और आत्म देखभाल को महत्त्व देते हैं.

भारत में मिलेनियल्स और जैनरेशन जेड ने डिजिटल क्रांति (जैसे जियो और सस्ते स्मार्टफोन) और स्टार्टअप संस्कृति को अपनाया. मिलेनियल्स अकसर परंपराओं और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाते हैं, जबकि जैनरेशन जेड  अधिक वैश्विक और स्वतंत्र दृष्टिकोण रखती है.

सुपीरियोरिटी औफ जेन ऐक्स

भले जेन जेड को बहुत ही आकर्षक और ऊर्जावान माना जाता है लेकिन जेन ऐक्स के पास सुपर नेचुरल पावर है. यह पीढ़ी तकनीकी परिवर्तन की गवाह है. जेन वाई जहां आरामतलब और सुविधा पसंद है वही जेन वाई ने न सिर्फ तकनीकी परिवर्तन को देखा है बल्कि उस के अनुरूप परिवर्तन भी किए हैं. यह वह पीढ़ी है जिस ने स्कूल की गंदी टंकी का पानी पीने के बाद अब बोतल बंद पानी पीना शुरू किया. इसे कबूतर से संदेश भेज कर प्रेम कहानी को आगे बढ़ाने तक के तजरबे हैं तो मैं आप को यह बताना चाहती हूं कि फ्लर्ट करना आप के डीएनए में है. फ्लर्ट करना एक जैविक प्रवृत्ति है जो हमारी प्रजनन की मानवीय इच्छा से जुड़ी है तो आप का फ्लर्टिंग गेम कहीं न कहीं मौजूद है, आप को बस यह जानना है कि इस का इस्तेमाल कैसे करें और इसे कैसे उजागर करें.

जब आप किसी ऐसे लड़के के साथ फ्लर्ट करने के बारे में सोच रही हैं जो आप से छोटा है तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. आत्मविश्वास के साथ फ्लर्ट करें और दिखाएं कि आप कौन हैं. यहां कुछ सु?ाव प्रस्तुत हैं जो आप की मदद कर सकते हैं:

आत्मविश्वास और सहजता

फ्लर्ट करने का सब से अच्छा तरीका है कि आप खुद सहज रहें. जब आप सहज होती हैं तो सामने वाला भी आप के साथ सहज महसूस करता है. सब से जरूरी है कि आप सम्मान और सीमाओं का ध्यान रखें. अगर आप को कोई चीज पसंद नहीं है तो सीधे और विनम्रता से बताएं.

आई कौंटैक्ट

आंखों की भाषा को जैनरेशन के अलावा और कौन हथियार की तरह इस्तेमाल करता है. जब आप बात कर रही हों तो उस की आंखों में देखें. यह दिखाता है कि आप आत्मविश्वास से भरपूर हैं. आंखों की भाषा में बात करने से आप किसी असहज स्थिति से आसानी से बच सकती हैं.

मुसकराएं

मुसकराना सब से सरल और प्रभावी तरीका है. इस की ताकत का नई जैनरेशन कभी प्रयोग ही नहीं करती. एक सच्ची मुसकान आप के फ्लर्ट को और भी आकर्षक बनाती है.

बातचीत की शुरुआत

अगली पीढ़ी के पुरुष से बातचीत शुरू करने के लिए आप को ऊपर सु?ाए गए उन के पसंदीदा टौपिक से प्रारंभ करना चाहिए, सामान्य और सहज विषयों का इस्तेमाल करें.

उन की रुचियों के बारे में पूछें

नई पीढ़ी बहुत कम इन बातों का ध्यान करती है. उन से उन के पसंदीदा खेल, फिल्मों या शौक के बारे में पूछें. इस से उन्हें लगेगा कि आप उन में रुचि ले रही हैं.

मजेदार और हलकीफुलकी बातें करें

अपने से बड़ों को बोरिंग समझना युवाओं के दूर भागने की सब से बड़ी वजह होती है. तनावपूर्ण या गंभीर विषयों से बचें. हलकीफुलकी और मजेदार बातचीत से रिश्ता मजबूत होता है. पर साथ ही उन की व्यक्तिगत जगह का सम्मान करें और उन की सीमाओं को पार न करें.

उम्र के अंतर को स्वीकार करें

उम्र का अंतर कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन इसे स्वीकार करना और मजाक में लेना दोनों के लिए सहज हो सकता है. आप कह सकती हैं कि तुम मु?ा से छोटे हो पर मु?ा से ज्यादा सम?ादार लगते हो. इसे ज्यादा गंभीरता से न लें बल्कि एकदूसरे की उम्र को एक मजेदार पहलू के रूप में देखें.

याद रखें, फ्लर्ट करने का मतलब है कि आप दोनों को मजा आना चाहिए तो मजा करें और खुल कर बात करें. आपसी सहमति और सम्मान सब से ज्यादा महत्त्वपूर्ण हैं.

अगर आप अपने से छोटे लड़के के साथ सैक्स के बारे में सोच रही हैं तो सब से पहले उस से खुल कर बात करें, साफ और सीधी बातचीत करें. अपनी इच्छाओं को साफसाफ बताएं लेकिन यह भी जानें कि वह क्या चाहता है और कैसा महसूस करता है. सैक्सुअल रिलेशनशिप में कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है खासकर जब उम्र का फासला हो. उम्र के अंतर से ज्यादा जरूरी है कि दोनों पार्टनर परिपक्व हों और हर कदम सहमति के साथ उठाएं. इस संदर्भ में निम्नलिखित बातें महत्त्वपूर्ण हैं:

सहमति का सम्मान करें

अगर वह अभी इस के लिए तैयार नहीं है या मना करता है तो उस के फैसले का सम्मान करें. नहीं का मतलब नहीं होता है. किसी भी तरह का दबाव न डालें. यह सम?ाना महत्त्वपूर्ण है कि किसी भी रिश्ते में आपसी सहमति सब से ज्यादा जरूरी है. यह सुनिश्चित करें कि आप दोनों सहज और सुरक्षित महसूस करें, और कोई भी निर्णय लेने से पहले आप दोनों इस पर पूरी तरह सहमत हों. दोनों की पूर्ण और स्पष्ट सहमति होनी आवश्यक है. रिश्ते में पारदर्शिता बनाए रखें. एकदूसरे के प्रति ईमानदार रहें.

जल्दबाजी न करें

किसी भी रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए समय लगता है. अगर आप दोनों को लगता है कि अभी सही समय नहीं है तो जल्दबाजी न करें. जब दोनों तैयार हों तभी आगे बढ़ें. यह सुनिश्चित करें कि आप के पार्टनर की उम्र 18 साल से ज्यादा हो क्योंकि भारत में 18 साल से कम उम्र के व्यक्ति के साथ यौन संबंध बनाना कानूनी तौर पर अपराध है भले ही उस की सहमति हो. हर कदम पर यह सुनिश्चित करें कि आप का पार्टनर सहज महसूस कर रहा है और किसी भी तरह का दबाव नहीं है.

यौन स्वास्थ्य और सुरक्षा

सुरक्षित सैक्स हर उम्र के लिए जरूरी है. यौन संचारित संक्रमण (स्ञ्जढ्ढ) और अनचाहे गर्भ से बचने के लिए हमेशा कंडोम का उपयोग करें. यह सब से प्रभावी तरीका है. अगर आप को या आप के पार्टनर को किसी भी तरह का संदेह हो तो डाक्टर से सलाह लें और जांच करवाएं. यौन संबंध बनाने से पहले और बाद में व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना जरूरी है ताकि संक्रमण का खतरा न रहे.

भावनात्मक परिपक्वता

उम्र का फासला होने पर भावनात्मक परिपक्वता भी अलग हो सकती है. इस के लिए अपने पार्टनर से खुल कर बात करें. अपनी पसंद, नापसंद और सीमाओं के बारे में बताएं. उस का सम्मान करें, अपने पार्टनर के शरीर और भावनाओं का सम्मान करें. यह सुनिश्चित करें कि आप दोनों एकदूसरे की इच्छाओं और सीमाओं को सम?ाते हैं. किसी भी रिश्ते का आधार विश्वास और सम्मान होता है. शारीरिक संबंध के साथसाथ भावनात्मक संबंध भी मजबूत होना चाहिए. एकदूसरे की भावनाओं को सम?ों और उन का समर्थन करें. यह याद रखना जरूरी है कि स्वस्थ यौन संबंध तभी संभव है जब दोनों लोग शारीरिक और भावनात्मक रूप से तैयार हों और हर कदम पर आपसी सहमति हो.

यह भी जानें

आज के बदलते युग में और टैक्नोलौजी के कारण कल्चर में भी बदलाव देखने को मिल रहा है. इस वजह से जेन जेड के बीच डेटिंग की दुनिया में भी बहुत सारे बदलाव आए हैं.

आइए जानते हैं कि वे किसकिस तरह डेटिंग करना पसंद करते हैं:

सिचुएशनशिप

आज के समय में तेजी से टैक्नोलौजी और कल्चर में बदलाव देखने को मिल रहा है. इस वजह से जेन जेड के बीच डेटिंग की दुनिया में भी बहुत सारे बदलाव आए हैं. जहां पहले जमाने में लोग सच्चा प्यार ढूंढ़ते थे और एक ही इंसान से जिंदगीभर प्यार करते थे, वहीं अब लोग हर हर हफ्ते अपना पार्टनर बदलते हैं. आज के डिजिटल युग में प्यार भी सोशल मीडिया पर होने लगा है और डेटिंग भी ऐप्स के जरीए होने लगी है. मिलेनियल्स के लिए जब एक लड़कालड़की एकदूसरे से प्यार करते हैं तो उसे डेट कहा जाता है, लेकिन इन जेन जेड ने डेटिंग को भी कई तरह के लेबल्स दिए हैं.

सिचुएशनशिप एक ऐसा रिलेशनशिप टर्म है जो जेन जेड के बीच दोस्ती और कमिटेड रोमांटिक पार्टनरशिप के बीच एक ग्रे एरिया में मौजूद रिलेशनशिप को बताता है. इस में बिना इमोशंस के फिजिकल इंटीमेसी हो जाती है. सिचुएशनशिप में आप किसी रिश्ते में बंधे नहीं होते हैं और न ही डेट कर रहे होते हैं. इस में अकसर एकसाथ समय बिताना, बातें करना और अन्य चीजें शामिल होती हैं.

ब्रैडक्रंबिंग

ब्रैडक्रंबिंग एक ऐसा शब्द है जिस का मतलब यह है कि किसी इंसान के साथ थोड़ाथोड़ा कम्यूनिकेशन कर के उसे बांध कर रखना, लेकिन कभी भी किसी रिलेशनशिप के लिए पूरी तरह से कमिटमैंट नहीं देना. अगर कोई इंसान आप के सोशल मीडिया पोस्ट पर कमैंट या मीम भेजता है लेकिन वह कभी आपसे मिलने या सीरियस रिलेशनशिप की प्लानिंग नहीं करता है तो उसे ब्रैडकंबिंग कहा जा सकता है.

बैंचिंग

बैंचिंग का मतलब होता है जब कोई इंसान अपनी रिलेशनशिप को किनारे रख कर दूसरे औप्शन की तलाश करता है. वह कभीकभी आप को मैसेज या कौल कर लेता है और आप जब उस से मिलने की बात करते हैं तो वह कोई बहाना बना कर आप को टाल देता है. वह आप के साथ कमिटेड नहीं है. आप को बैकअप के रूप में रखता है ताकि जब उस का ब्रेकअप हो तो आप के साथ अपना रिलेशनशिप शुरू कर सके.

-पूर्णिमा अतुल गोयल 

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