पति-पत्नी के रिश्ते को निभाएं कैसे

अकसर छोटीछोटी बातों को ले कर पतिपत्नी इस हद तक झगड़ पड़ते हैं कि उन की जिंदगी में सिर्फ तनाव ही रह जाता है, जो उन पर इस हद तक हावी हो जाता है कि दोनों का एक छत के नीचे जीवन बसर करना मुश्किल हो जाता है और नौबत तलाक तक पहुंच जाती है. आम जिंदगी में यदि पतिपत्नी कुछ बातों को ध्यान में रखें तो तनाव से बच कर अपने घरेलू जीवन को खुशियों से भर सकते हैं. यदि पतिपत्नी के बीच कभी झगड़ा हो तो दोनों में से एक को शांत हो जाना चाहिए, जिस से बात आगे न बढ़े और फिर पतिपत्नी का झगड़ा तो पानी के बुलबुलों की तरह होता है, जो पल भर में ही खत्म हो जाता है.

आइए, जानते हैं कुछ नुसखे, जिन को अमल में ला कर जीवन को खुशगवार बनाया जा सकता है:

पतिपत्नी को चाहिए कि वे एकदूसरे को समझें, एकदूसरे की भावनाओं की कद्र करें.

अपने रिश्ते में कभी भी ‘मैं’ भाव को हावी न होने दें.

कभीकभी चुप्पी भी बहुत कुछ ऐसी बातें कह जाती है, जिन्हें बोलने से सिर्फ कड़वाहट ही पैदा हो और फिर इस तरह दूसरे तक आप का संदेश सहजता से पहुंच जाता है.

घर का झगड़ा घर में ही सुलझा लें. बाहर वालों को इस की भनक तक न लगने दें वरना बात बिगड़ सकती है.

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यदि पति को औफिस से आने में देर हो जाए तो उन से लड़ें नहीं, न ही शक करें, पर एकदम विश्वास भी न करें, सामान्य बनी रहें.

कभीकभी पत्नी की नाजायज मांगों से तंग आ कर पति कुंठित हो जाते हैं खास तौर से तब जब वे उन मांगों को पूरा कर पाने में असमर्थ होेते हैं. इस कारण भी झगड़े होते हैं.

पत्नी को पति की सीमित आय में रहना सीखना चाहिए और सुखमय जीवन व्यतीत करना चाहिए.

तानों से बचें

1. एकदूसरे को ताना न दें. जैसे, मुझे तो बहुत अमीर घरानों से रिश्ते आ रहे थे. मैं तो तुम से विवाह कर के फंस गई आदि. इस से पति का सम्मान चोटिल होता है, जो अंतत: झगड़े का कारण बनता है.

2. पतिपत्नी दोनों ही एकदूसरे को हर रूप में अपनाएं.

3. दोनों ही एकदूसरे की इच्छाओं की कद्र करें और एकदूसरे के मातापिता को समान रूप से सम्मान दें, क्योंकि अकसर देखने में आता है कि पतिपत्नी के बीच झगडे़ का एक बड़ा कारण मातापिता के सम्मान को ले कर भी होता है.

4. पतिपत्नी आपस में समर्पित रहें, अपनी इच्छाओं को दबाएं नहीं, व्यक्त करें, मगर उन्हें एकदूसरे पर थोपें नहीं.

5. कभी भी एकदूसरे के अतीत को न कुरेदें. आप का भविष्य ज्यादा महत्त्व रखता है. कल आप क्या थे, इस पर झगड़ना बेवकूफी है, आज आप क्या हैं और आज के आधार पर कल क्या होंगे, यह ज्यादा महत्त्व रखता है.

6. अगर कोई बात आप को तकलीफ पहुंचा रही है तो शांत हो कर, आराम से अपने पति से बातचीत करें. झगड़ा किसी परेशानी का हल नहीं बल्कि तनाव की जड़ है.

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फैमिली के लिए स्नैक्स में बनाएं पनीर टिक्की

अगर आप स्नैक्स में अपनी फैमिली के लिए टेस्टी और हेल्दी रेसिपी ट्राय करना चाहती हैं तो पनीर टिक्की आपके लिए अच्छा औप्शन साबित होगा.

सामग्री

300 ग्राम पनीर के टुकड़े

, 1 प्याज बारीक कटा,

1 कप धनियापत्ती कटी हुई,

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1 हरीमिर्च कटी हुई,

1/2 छोटा चम्मच लालमिर्च पाउडर,

1/2 कप मैदा, नमक स्वादानुसार.

विधि

एक कटोरे में मैदे के अलावा सभी सामग्री मिला कर अच्छी तरह से मैश करें. फिर छोटीछोटी गोल टिक्की बना लें. इन्हें मैदे से लपेट कर फ्राई करें. फिर पुदीना चटनी, कैचप और प्याज के साथ परोसें.

अरवी कोरमा

सामग्री

–  100 ग्राम प्याज कटा

–  थोड़ा सा अदरकलहसुन का पेस्ट

–  10 ग्राम धनिया पाउडर

–  10 ग्राम लालमिर्च पाउडर

–  1 किलोग्राम अरवी

–  250 ग्राम रिफाइंड औयल

–  3 हरी इलाइची

–  3 लौंग

–  थोड़ी सी कालीमिर्च

–  50 मिलिग्राम टोमैटो प्यूरी

–  थोड़ा सा काजू का पेस्ट

–  नमक स्वादानुसार.

विधि

अरवी को छील कर उन में चाकू की मदद से छेद कर सुनहरा होने तक गरम तेल में फ्राई करें. पैन में कटे हुए प्याज को फ्राई कर के पेस्ट तैयार करें. अब हलकी आंच पर पैन में तेल गरम कर साबूत मसाले डालते हुए अदरकलहसुन का पेस्ट मिलाएं और तब तक रोस्ट करें जब तक मिश्रण हलका सुनहरा न हो जाए. अब इस में धनिया पाउडर, लालमिर्च पाउडर डाल कर अच्छे से 1-2 मिनट तक चलाएं और फिर टोमैटो प्यूरी और नमक डाल कर 4-5 मिनट तक पकाएं. प्याज का पेस्ट और गरममसाला भी ऐड करें. तेल छोड़ने तक मसाला पका लें. अब इस में अरवी और पानी डाल कर पकाएं और काजू का पेस्ट व उबला हुआ दूध डाल कर 5 मिनट तक और पकाएं. रोटी के साथ गरमगरम सर्व करें.

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तलाक के बाद Rakhi Sawant को आंसू बहाना पड़ा भारी, लोगों ने कही ये बात

ड्रामा क्वीन राखी सावंत (Rakhi Sawant) इन दिनों सुर्खियों में हैं, जिसका कारण उनकी शादीशुदा जिंदगी है. दरअसल, हाल ही में राखी सावंत ने अपने पति रितेश (Rakhi Sawant Husband) से अलग होने का फैसला लिया था, जिसके चलते वह खबरों में थीं. वहीं इसके बाद मीडिया में उनका इमोशनल होना उनके लिए मुसीबत साबित हो रहा है. आइए आपको बताते हैं पूरी खबर…

ट्रोलर्स ने कही ये बात

 

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दरअसल, हाल ही में सोशल मीडिया पर राखी सावंत का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह रितेश का जिक्र करके मीडिया के सामने रोती नजर आ रही हैं. वीडियो में राखी सावंत कहती दिख रही हैं कि वो रितेश से बहुत प्यार करती हैं. सारी गलती उनकी ही है और वह कभी भी रितेश को भुला नहीं पाएंगी. ये बात कहते हुए राखी सावंत रो पड़ीं. जहां कुछ फैंस राखी सावंत का इमोशनल साइड देखकर हैरान हैं तो वहीं वह ट्रोलिंग का शिकार भी हो गई हैं. राखी सावंत की ये वायरल वीडियो ट्रोलर्स कह रहे हैं कि वह ओवरएक्टिंग करना बंद करें.

 

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रितेश संग आईं थीं नजर

 

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बीते दिनों अलग होने के फैसले से पहले राखी सावंत, रितेश संग नजर आईं थीं. वहीं इस दौरान मीडिया के सामने दोनों ने कपल के तौर पर नजर आए थे. वहीं फैंस ने दोनों की जोड़ी की तारीफ भी की थी.

बता दें, राखी सावंत बिग बौस 15 में पति रितेश के संग नजर आईं थीं. जहां रितेश के बर्ताव से होस्ट सलमान खान भी खफा होते हुए नजर आए थे. वहीं शो से बाहर रितेश की पहली पत्नी ने भी उन पर हिंसा के आरोप लगाए थे, जिसके बाद सेलेब्स और फैंस राखी सावंत के सपोर्ट में दिखे थे.

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वीडियो एंड फोटो क्रेडिट- viralbhayani

Anupama और अनुज की हुई नोकझोंक तो मालविका ने कही गुलछर्रे उड़ाने की बात

स्टार प्लस के सीरियल ‘अनुपमा’ (Anupamaa) के स्टार्स आए दिन सुर्खियों में रहते हैं. जहां सीरियल में जल्द ही अनुपमा (Rupali Ganguly), अनुज (Gaurav Khanna) की लव स्टोरी शुरु होने के चलते दोनों फैंस के बीच छाए हुए हैं तो वहीं औफस्क्रीन रुपाली गांगुली और गौरव खन्ना की मस्ती फैंस को एंटरटेन कर रही है. इसी बीच शो के सेट से एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिस पर मालविका यानी अनेरी वजानी गुलछर्रे उड़ाने की बात कहती नजर आ रही हैं. आइए आपको बताते हैं पूरी खबर…

भाई-भाभी की नोकझोंक पर मालविका ने दिया रिएक्शन

 

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दरअसल, रुपाली गांगुली और गौरव खन्ना सीरियल अनुपमा के सेट से फैंस के लिए नई नई #reels भेजते हैं, जिसे फैंस काफी पसंद करते हैं. वहीं हाल ही में दोनों ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें अनुपमा, अनुज को छेड़ती हुई नजर आ रही है. वहीं  गौरव खन्ना अपनी पिंक टीर्शट को लेकर शिकायत करते दिख रहे हैं. हालांकि अनुज की शिकायतों को मजाक उड़ाते हुए रुपाली गांगुली ने एक्टर को पिंकी के नाम से चिढ़ाती नजर आ रही हैं. इसी बीच रुपाली गांगुली और गौरव खन्ना की ये वीडियो देखकर अनुज की बहन मालविका यानी अनेरी वजानी वीडियो पर कमेंट करके लिखती हैं कि लोग उनको तलाश रहे हैं और उनके भाई और भाभी गुलछर्रे उड़ा रहे हैं.

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वाइफ को किस करते नजर आए थे गौरव खन्ना

 

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सोशलमीडिया पर एक्टिव रहने वाले अनुपमा के एक्टर गौरव खन्ना अक्सर वाइफ संग वीडियो शेयर करते रहते हैं. वहीं हाल ही गौरव खन्ना ने वेलेंटाइन डे पर वाइफ संग एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वह अपनी रियल वाइफ अकांक्षा को किस करते हुए पूल में गिरते हुए नजर आ रहे थे. वहीं फैंस को दोनों का ये अंदाज काफी पसंद आया था.

 

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हार्ट फेल्योर से जुड़े सवालों का जवाब दें?

सवाल-

मेरे सहकर्मी को हार्ट फेल्योर की शिकायत रहती है. इस का क्या मतलब है? क्या हृदय वाकई काम करना बंद कर देता है?

जवाब-

हार्ट फेल्योर एक स्थिति है जिस में कमजोर हृदय खून की सामान्य मात्रा पंप करने में सक्षम नहीं होता. इस से वह पूरे शरीर में औक्सीजन और पोषक तत्त्व प्रभावी ढंग से नहीं पहुंचा पाता. हार्ट फेल्योर को बीमारी नहीं कहा जा सकता. यह एक क्रौनिक सिंड्रोम है, जो आमतौर पर धीरेधीरे विकसित होता है. इस से शरीर को सामान्य ढंग से काम करते रहने के लिए पोषण मिलना कम होता जाता है.

हार्ट फेल्योर की स्थिति अकसर इसलिए बनती है कि या तो आप की मैडिकल स्थिति ऐसी बन जाती है या फिर पहले से ऐसी होती है. इस में कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हार्ट अटैक या उच्च रक्तचाप शामिल है. इस से आप का हृदय क्षतिग्रस्त हो गया होता है या उस पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ गया होता है. इसे भले ही हार्ट फेल्योर कहा जाता है पर इस का मतलब यह नहीं कि आप का हृदय काम करना बंद करने वाला है. इस का मतलब है कि आप के हृदय को आप के शरीर की जरूरतें पूरी करने में खासकर गतिविधियों के दौरान मुश्किल हो रही है.

सवाल-

मुझे रात में सांस लेने में असुविधा होती है. क्या यह हार्ट फेल्योर का लक्षण है?

जवाब-

हार्ट फेल्योर के आम लक्षण हैं:

खांसी, थकान, कमजोरी, बेहोशी के लक्षण व भूख नहीं लगना.

नब्ज का तेज या अनियमित चलना या फिर हृदय की धड़कन तेज होने का एहसास होना.

आप जब सक्रिय हों या लेटे हों तो सांस तेज चलना.

सूजा हुआ लिवर (यकृत) या फूला हुआ पेट.

सवाल-

हार्ट फेल्योर के कारण क्या हैं?

जवाब-

हार्ट फेल्योर कई भिन्न कारणों से हो सकता है. इस में लंबे समय से उच्च रक्तचाप रहना, कोरोनरी आर्टरी डिजीज, कभी हार्ट अटैक होना, हार्ट वाल्व का बीमार होना, हृदय की अनियमित धड़कन, अनियंत्रित डायबिटीज, शराब का सेवन, अवैध नशा (जैसे कोकीन) और कुछ दवाएं (जो कीमोथेरैपी में उपयोग में लाई जाती हैं उन के जैसी), हृदय से जुड़ी जन्मजात समस्याएं (कोजेनीटेल हार्ट डिजीज) और हृदय की मांसपेशियों में संक्रमण या सूजन जैसी चीजें शामिल हैं. हार्ट फेल्योर किसी भी ऐसी समस्या के कारण हो सकता है, जो आप के हृदय को क्षतिग्रस्त कर सकता है तथा इस के अच्छे ढंग से काम करने को प्रभावित कर सकता है.

सवाल-

मैं 45 साल का हूं और शराब पीता रहा हूं. हाल के दिनों में मुझे हार्ट फेल्योर जैसे लक्षण महसूस हुए हैं. मुझे यह कैसे पता चलेगा कि यह गंभीर है कि नहीं? क्या हार्ट फेल्योर का पता लगाया जा सकता है और इसे ठीक किया जा सकता है?

जवाब-

हार्ट फेल्योर को ठीक नहीं किया जा सकता पर टैक्नोलौजी में नई प्रगति और दवाओं की खोज का नतीजा है कि इस पर कंट्रोल किया जा सकता है. जीवनशैली में उपयुक्त परिवर्तन से इस बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है, इसलिए बीमारी का समय रहते पता चलना और उपचार महत्त्वपूर्ण है. चिकित्सक कुछ परीक्षणों के जरीए इस का पता लगाता है जिन में सीने का एक्सरे, खून और पेशाब की जांच और एक इलैक्ट्रोकार्डियोग्राम शामिल है. इस जांच में दर्द नहीं होता. इस के लिए छोटेछोटे चिपचिपे टुकड़े जो कंप्यूटर से जुड़े होते हैं, आप के सीने पर रखे जाते हैं और कंप्यूटर आप के सीने की सूचना रिकौर्ड करता है.

इस के अलावा, डाक्टर इकोकार्डियोग्राम कर सकता है. इस में एक प्रोब को आप के सीने पर घुमाना होता है. इस से डाक्टर जान सकता है कि आप का हृदय कितनी अच्छी तरह पंपिंग (इजैक्शन फ्रैक्शन) कर सकता है, वाल्व ठीक काम कर रहे हैं कि नहीं, हृदय की दीवार की मोटाई कितनी है और चैंबर का आकार क्या है.

इजैक्शन फ्रैक्शन एक माप है जिस से पता चलता है कि आप का हृदय कितनी अच्छी तरह पंपिंग कर रहा है. स्वस्थ हृदय वाले लोगों का इजैक्शन फ्रैक्शन अमूमन 60% या कम होता है. हार्ट फेल्योर वाले ज्यादातर लोगों का इजैक्शन फ्रैक्शन 40% या इस से भी कम होता है.

सवाल-

हार्ट फेल्योर का उपचार कैसे किया जाता है?

जवाब-

हार्ट फेल्योर के उपचार की दिशा में इधर कुछ महत्त्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, इसलिए हार्ट फेल्योर के शिकार कई लोग सामान्य जीवन जी सकते हैं और अस्पताल में दाखिल किए जाने का जोखिम भी कम रहता है. अगर आप के हार्ट फेल्योर होने का पता चला है तो कई दवाएं ऐसी हैं, जो आप के लक्षण ठीक करने के लिए एकसाथ काम करती हैं और आप के हार्ट फेल्योर को और खराब होने से बचाए रखने में सहायता करती हैं. सही भोजन और नियमित व्यायाम के साथ इन दवाओं के सेवन से आप को अपना स्वास्थ्य ठीक करने में सहायता मिलती है. इस के अलावा कार्डियैक रिसिंक्रोनाइजेशन थेरैपी (सीआरटी) को हार्ट फेल्योर के प्रभावी उपचारों में से एक माना जाता है. इस में इंप्लाट किए जाने वाले उपकरण का उपयोग किया जाता है, जो हृदय की पंप करने की कार्यकुशलता बेहतर करता है.

सवाल-

मेरे पिताजी को पिछले साल एक बार हार्ट फेल्योर हुआ था. हाल में मेरी मां ने वैसे ही लक्षण महसूस करने शुरू कर दिए हैं. क्या महिलाओं में भी हार्ट फेल्योर होता है? क्या मेरी मां जोखिम में हैं?

जवाब-

आमतौर पर महिलाओं में हार्ट फेल्योर का जोखिम वही होता है, जो पुरुषों में है. लेकिन कुछ जोखिम महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले अलग तरह से प्रभावित कर सकते हैं. जैसे डायबिटीज महिलाओं में हार्ट फेल्योर का जोखिम ज्यादा बढ़ाता है. इस के अलावा कुछ जोखिम जैसे गर्भ नियंत्रण की गोलियां और रजोनिवृत्ति सिर्फ महिलाओं को प्रभावित करते हैं.

– डा. जे.एस. मक्कड़

इटरनल हार्ट केयर सैंटर ऐंड रिसर्च इंस्टिट्यूट, जयपुर

माइग्रेन में फायदेमंद हैं ये पांच फूड

माइग्रेन की प्रॉब्लम बहुत कॉमन हो गई है. ये दर्द कभी भी और कहीं भी हो सकता है. यूं तो माइग्रेन होने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन ये एक अनुवांशिक बीमारी भी है. मतलब, अगर आपके घर में कोई माइग्रेन का पेशेंट रह चुका है तो हो सकता है कि उसकी ये प्रॉब्लम ट्रांसफर हो जाए.

माइग्रेन में सिर के एक ओर तेज दर्द उठता है. इस दर्द को बर्दाश्त कर पाना वाकई बहुत मुश्क‍िल है. उल्टी आना, चक्कर आना और थकान महसूस होना माइग्रेन के प्रमुख लक्षण हैं. माइग्रेन का दर्द सिर के एक हिस्से में होता है इसलिए इसे आम बोलचाल में अधकपारी भी कहते हैं.

माइग्रेन के दर्द को कम करने के लिए कई तरह की दवाइयां मौजूद हैं लेकिन आप चाहें तो कुछ घरेलू उपाय अपनाकर भी माइग्रेन के दर्द को कम कर सकते हैं. कुछ डाइट्स ऐसी हैं जो माइग्रेन की प्रॉब्लम को कम करने का काम करती हैं. खाने-पीने की इन चीजों से आप चाहें तो माइग्रेन की प्रॉब्लम को काफी हद तक कंट्रोल कर सकती हैं.

माइग्रेन होने के कई कारण हो स‍कते हैं. कई बार ये टेंशन की वजह से हो जाता है और कई बार हमारी अस्त-व्यस्त लाइफस्टाइल के चलते. ऐसे में कोशिश करें कि टाइम पर खाएं, सही खाएं और पूरी नींद लें .

इन चीजों को डाइट में शामिल करके आप भी कम कर सकते हैं माइग्रेन का दर्द

1. हरी पत्‍तेदार सब्‍जियां खाकर

हरी पत्तेदार सब्ज‍ियों में पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशि‍यम पाया जाता है. माइग्रेन के दर्द में मैग्नीशियम बहुत ही कारगर तरीके से काम करता है. अनाज, सी-फूड और गेंहूं में भी भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम होता है.

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2. मछली खाना भी रहेगा फायदेमंद

मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड और विटामिन ई पाया जाता है. ये दोनों ही चीजें माइग्रेन के दर्द को कंट्रोल करने में मदद करते हैं.

3. डाइट में जरूर शामिल करें दूध

माइग्रेन में फैट फ्री दूध पीना बहुत फायदेमंद रहेगा. दूध में विटामिन बी पाया जाता है. जो सेल्स को एनर्जी देने का काम करता है. कई बार ऐसा होता है कि दिमाग की नसें सुस्त पड़ जाती हैं और माइग्रेन का दर्द शुरू हो जाता है. ऐसे में में विटामिन बी उन्हें एनर्जी देने का काम करता है.

4. कॉफी पीना भी है फायदेमंद

जिस तरह नॉर्मल सि‍र दर्द में कॉफी और चाय पीना फायदेमंद है उसी तरह माइग्रेन में भी ये काफी मददगार है. माइग्रेन अटैक  आने पर कॉफी पीने से राहत मिलेगी.

5. रेड वाइन भी है बेहतर विकल्प

वाइन और बीयर में टायरामाइन पाया जाता है जो माइग्रेन के दर्द को दूर करने में मदद करता है.

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6. ब्रॉकली

ब्रॉकली में भरपूर मात्रा में मैग्नीशि‍यम पाया जाता है. जिससे माइग्रेन के दर्द में राहत मिलती है.

पछतावा: क्या सही थी लालपरी की गलती

लेखिका- मंजू सिन्हा

सब को चाय पिला कर मैं ने जूठी प्यालियां टेª में समेट लीं. घडी़ सुबह के 7 बजा रही थी. मैं ने टीवी खोल दिया. समाचार देखने सारा परिवार ड्राइंगरूम में आ गया. यह तो रोज का रुटीन है. समाचार देखने के समय मैं चाकू ले कर सब्जियां काटने बैठती हूं. पतिदेव सोफे पर आराम से बैठ कर सेंटर टेबिल पर आईना रख कर शेव करने बैठते हैं. पिकी और मीनी एकदूसरे को चिढा़ती, मुंह बिचकाती, जीभ दिखाती टीवी देखती रहती हैं.

फ्भई, आज सेकंड राउंड चाय नहीं हो रही है? इन्होंने दाढी़ बनाते हुए पूछा.

फ्आज लालपरी नहीं आई है. मुझे आटा गूंधना है, मसाला पीसना है. बच्चों का टिफिन, आप का खाना, नाश्ता—

फ्समझ गया सरकार, लालपरी होती है तब तो आप कहती हैं, ‘निकम्मी है यह, सारा काम मुझे ही संभालना पड़ता है,’ और एक दिन नहीं आई तो–. बीच में ही बात रोक कर उन्होंने मेरी नकल उतारी और हंसने लगे.

फ्लालपरी अभी किशोरी है. उसे ऐसे नहीं कहूंगी तो वह काम में तेजी कैसे लाएगी. काम तो करती ही है बेचारी. मूर्ख पति मिला है उस बदनसीब को, मैं ने ठंडी आह भरी.

साढे़ 9 बजतेबजते घर खाली सा हो गया. बच्चे स्कूल और पतिदेव आफिस जा चुके थे. मैं ने घर के बाकी काम समेटने शुरू किए. झाड़न्न् लगाना आसान था, पर पाेंछा लगाने में तो कमर ही जैसे टूट गई, ‘कोई होता तो लालपरी के घर भेज कर उस का हाल पुछवा लेती. क्या करूं, अभी तो खैर कालिज बंद हैं पर जिस रपतार से यह नागा करने लगी है उस से तो काम नहीं चलेगा. लगता है किसी और को रखना होगा. आने दो, मैं स्वयं बात करती हूं इस सिलसिले में,’ मैं ने मन ही मन सोचा.

शाम को लालपरी आई. आते ही नजरें नीची किए बंगले के पिछवाडे़ जाने लगी. मेरी सास के जमाने से यह सिलसिला चला आ रहा है कि मुख्यद्वार से दाईं ओर नौकर अंदर नहीं जाते. रसोई के पीछे नल है, वहां साबुन, तौलिया रखा रहता है, आने पर हाथपैर साबुन से अच्छी तरह धोकर ही रसोई में घुसना होता है. लालपरी अपनी मां के साथ आती थी. मां जब सोहन रिकशे वाले के साथ भाग गई तब मैं ने इसे ‘सहारा’ दिया या इस ने मुझे ‘सहारा’ दिया, कहना मुश्किल है. 14 साल की नन्ही उम्र में बाप ने इस की शादी कर दी इसी टोले में. अब यह अपने पति के साथ रहती है.

Short Story: आखिर कहां तक?

फ्लालपरी, जरा इधर आना, मैं ने आवाज दी.

फ्जी, भाभीजी, कह कर वह सामने आ कर खडी़ हो गई.

मैं ने उस के चेहरे पर नजरें जमा दीं. बाप रे, उस का चेहरा बुरी तरह सूजा हुआ था. आंखें लाललाल अंगारों की तरह दहक रही थीं. नाक की कील गायब थी और उस जगह कटे का ताजाताजा सा निशान चीखचीख कर हाल बयान कर रहा था.

फ्क्या हुआ तुझे? राजदेव ने तुझे फिर मारा है? तेरा चेहरा तो सूज कर पुआ बन गया री, मेरे शब्द डगमगा गए. इस युवती को 3 साल की छोटी उम्र से मैं ने लगभग पाला ही तो है. मां कपडे़ धोती और यह रोने लगती तब मैं कभी इसे बिस्कुट देती, कभी टाफी, कभी खाली डब्बे, क्रीम की खाली बोतलें, पुरानी कंघी जैसे बेकार पडे़ घरेलू सामान देती और जरा सा पुचकारती, यह झट से मुसकरा देती.घ्और इस की मासूम मुसकान से बंगले का कोनाकोना महक उठता. उन दिनों घर की मालकिन मेरी अम्मांजी थीं इसलिए नौकरचाकर, धोबी, दूध वाला, पेपर वाला सब मुझे ‘भाभीजी’ कहते. ससुराल में इस से सुंदर, सरस भला और क्या संबोधन हो सकता है. मां से सुनसुन कर यह भी ‘भाभीजी’ ही कहने लगी थी.

मैं ने लालपरी की ठोडी़ ऊपर उठाई, मेरे हाथों को पकड़ कर वह फफकफफक कर रो पडी़. उस की आंखों से आंसुओं की धारा बह निकली. मैं ने उसे हाथ पकड़ कर बिठाया. टेबिल पर रखी बोतल में से एक गिलास पानी दिया और कहा, फ्मैं तेरी मां जैसी हूं, मुझे अपना दुख नहीं बताएगी क्या.

पानी के 4-6 घूंट पी कर वह थोडी़ शांत हुई थी. उस ने नजरें नीची किए ही कहा, फ्वह बोलता है मैं बांझ हूं. आज अमावस्या है न, आज इमलीचौक वाले मठ पर विलसवा की देह पर भूत आता है, उसी से झड़वानेफुंकवाने ले जाना चाह रहा था. मैं ने मना कर दिया, बस, वह फिर रोने लगी.

फ्अरी, तो चली जाती, राजदेव का मन ही रखने के लिए. इतनी मार से तो बच जाती नादान लड़की.

फ्कैसे चली जाती भाभीजी. विलसवा की आंखों में, उस की बातों में गंदगी दिखाई देती है हमें. वह कई बार हमें इंद्रासन का सुख दिखाने की बात कह चुका है. मूछड़ हमें देख कर आंख मारता है और इस हरामी मरद को वह ‘परमात्मा का अवतार’ लगता है.

लालपरी गुस्से और उत्तेजना से कांप रही थी. मैं ने कहा, फ्तुम ने राजदेव से विलास की हरकतों के बारे में बातें कीं कभी. कौन पति ऐसा होगा जो किसी कामुक, हवस के भूखे के पास अपनी बीवी को भेज देगा.

फ्मूर्ख है, जाहिल है, भेजे में भूसा भरा हुआ है उस के. कहता है, ‘ओझा की आंखों में भूतप्रेत बसते हैं, तू उन में झांकती क्यों है री छिनाल,’ उस की इसी गाली पर हम ने कहा, ‘तू जान ले ले पर बदचलनी का दोष मत लगा हमारे चरित्र पर. बस, इसी बात पर लातघूंसों से टूट पडा़ वह हमारे ऊपर. मुंह पर मारता रहा और चिल्लाता रहा, ‘तू जबान चलाती है साली’—

लालपरी अपने पति की दी गालियों को एक सांस में दोहरा गई और उस के बाद फिर वही लावा जो भीतर कैद था, आंसुओं के रूप में बाहर आने लगा. और कोई रास्ता न देख मैं ने कहा, फ्ऐ लालपरी, ऐ सब्जपरी, तू रोती क्यों है री. भाभीजी को चाय नहीं पिलाएगी क्या?

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जैसे नींद से जाग गई लालपरी. उस ने मेरी ओर देख कर कहा, फ्अभी तुरंत हाजिर करती हूं. आप हमें अभी भी बच्चा समझती हैं, लालपरी, सब्जपरी कह कर तो आप बचपन में हमें चुप कराती थीं, कहती हुई 20 साल की युवती, जिस के रगरग से यौवन, सरलता, सरसता, प्राकृतिक, अनुपम सौंदर्य छलक रहा था, अंदर चली गई.

रात में इन से लालपरी का जिक्र किया, उस की सारी परेशानियां बयान कीं. सुन कर ये उदास हो गए और थोडी़ देर चुप रहने के बाद बोले, फ्राजदेव पागल हो गया है क्या. उसे कल दोपहर में किसी बहाने बुलाना, मैं बात करूंगा उस से. लालपरी इस घर के सदस्य की तरह है. जब इस महल्ले में मेरे दादाजी ने यह बंगला बनवाया था तब गांव से ही इस के दादादादी को ले आए थे. दादी बताती थीं कि इस का खानदान पूरे इलाके में अपने चरित्र की उज्ज्वलता के लिए ‘वफादारईमानदार’ की उपाधि से संबोधित किया जाता था. यह लड़की कष्ट सहे, यह तो पुरखों का अपमान है…

फ्राजदेव अर्थ का अनर्थ समझ लेगा तो, मैं ने आशंका जताई.

फ्उस के बाप का राज है क्या. बिना डाक्टरी जांच कराए उस ने इसे ‘बांझ’ घोषित कर दिया है. तुम इसे ले कर अपनी सहेली डाक्टर के पास चली जाना ताकि सचाई मालूम हो सके. उन के सुझाव पर जो भी उचित होगा, दवा या आपरेशन, हम करवाएंगे. इसे यों ही नहीं छोड़ सकते न.

दूसरे दिन अचानक गांव से रामू लौट आया. वह हर साल 2 माह की छुट्टी ले कर गांव जाता है. धान रोप आता है, गेहूं तैयार कर घर में रख आता है.घ्आते समय मालदा आम की 2 बोरियां ठेले पर ले आता है. मैं ने खुश हो कर कहा, फ्रामू, 8 दिन पहले आ गए तुम.

फ्बरसात समय पर हो गई. आप के खेतों में धानरोपाई हो गई, आम बेच दिया. काम खत्म हो गया तो अम्मां ने कहा, ‘चला जा. यहां बुधनी तो है ही, उस के बच्चे भी आ गए हैं, खूब चहलपहल है.’

फ्तेरी बीवी कैसी है? मैं ने पूछा.

फ्अच्छी है, भाभीजी, उसे फिर लड़का हुआ है, कह कर रामू शरमा गया.

फ्अरे, लड्डू बांटने की जगह शरमा रहे हो तुम. बहुतबहुत बधाई हो रामू. तुम 2 बेटों के बाप बन गए 3 साल में ही, मैं स्वयं ही यह कह कर मुसकराने लगी.

फ्अम्मां ने कहा है इस साल आप मेरा आपरेशन करवा दें, रामू गमछे से मुंह पोंछने का बहाना कर शरमाता हुआ अंदर चला गया. 25-26 साल का रामू मन से 10 साल का बालक है. बिलकुल भोलाभाला, सीधासादा.

रामू को भेज कर राजदेव को बुलवाया. वह आ गया तो इन्होंने कहा, फ्राजदेव, क्या हालचाल हैं?

फ्ठीक हैं, वकील साहब, उस ने कहा.

फ्आजकल आतेजाते नहीं हो, क्या बात है, उन्होंने कहा.

फ्रामू की तरह बेटों का बाप हूं क्या जो खुशियां मनाता फिरूं, उसने कहा.

फ्तुम्हारी और लालपरी की अभी उम्र ही क्या है. प्रेम और शांति से रहो, इसी में गृहस्थी का सुख है. जब मन सुखी होगा तभी तो मांबाप बनता है कोई, धीरज रखो.

फ्वह छिनाल बांझ है, उस पर नखरा यह कि ओझा विलास के पास नहीं जाती, उस ने कहा.

फ्गालियां क्यों दे रहे हो, वह तुम्हारी पत्नी है. अपनी पत्नी की इज्जत तुम स्वयं नहीं करोगे तो दूसरे कैसे करेंगे. बच्चा चाहिए तो डाक्टर के पास जाओ, ओझा क्या करेगा. विलास तो एक नंबर का गंजेडी़ है. कल तक स्मगलरों का मुखबिर था. आज ओझा कैसे हो गया?

फ्यह हमारा घरेलू मामला है. इस में आप बडे़ लोग न बोलें तो ही ठीक है. ओझा को हम मानते हैं, बस.

फ्ठीक है, तुम उसे चाहे जो मानो परंतु लालपरी मेरी बहन जैसी है. उस पर इस तरह हाथलात मत उठाया करो.

फ्क्या कर लेंगे आप. वह मेरी बीवी है कि आप की बहन जैसी है, हूं. मैं सब समझता हूं, आप चाहते ही नहीं कि लालपरी को औलाद हो. आप के बरतन कौन घिसेगा इतने चाव से, वह जाने लगा.

फ्पागल मत बनो. दुनिया में कानून भी कोई चीज है या नहीं. जिस दिन हवालात पहुंच जाओगे, सारी अकड़ निकल जाएगी, समझे. लालपरी पर हाथ उठाने से पहले हजार बार सोच लेना. जाओ, दफा हो जाओ, इन के स्वर में क्रोध साफ झलक रहा था.

रामू पर घरद्वार, रसोई छोड़ कर मैं लालपरी को ले कर शहर में डाक्टर केघ्पास आ गई. डाक्टर शोभनाजी क्लीनिक में ही मिल गईं. सारी बात जाननेपूछने के बाद उन्होंने लालपरी की जांच की. कुछ टेस्ट कराए और मेरे पास आ कर बैठती हुई बोलीं, फ्सीता दीदी, आप बेफिक्र रहें. इस लड़की में कोई कमी नहीं है. टेस्ट की रिपोर्ट भी कल तक आ जाएगी. वैसे इस का पति भी टेस्ट करवा लेता तो इलाज में सुविधा होती.

फ्वह नहीं आएगा, मैं ने कहा.

शोभना ने हंस कर कहा, फ्लालपरी समझा कर, प्यार से कहेगी तो मान जाएगा, क्यों लालपरी.

शोभना के साथ हम दोनों भी हंसने लगीं. थोडी़ देर इधरउधर की बात कर के हम दोनों वापस आ गए.

कुछ दिनों तक राजदेव शांत रहा. शांत क्या, बल्कि मुंह फुलाए रहा. लालपरी रोज उस का किस्सा सुनाती और खूब खिल- खिलाती. रामू शोभना के यहां से रिपोर्ट ले आया था. लालपरी ने जब राजदेव से कहा, फ्हम में कोई खराबी नहीं है, हमतुम जिस दिन चाहेंगे बच्चा होगा पर तुम एक बार डाक्टरनी के पति से दिखा लेते तो…

फ्ऐ, कहना क्या चाहती है तू. मैं नामर्दघ्हूं, बोल, मैं नपुंसक हूं, वह चिल्लाने लगा.

फ्चिल्लाओ मत, हम में खराबी नहीं है, तुम में खराबी नहीं है तो इंतजार करो. ओझागुणी का चक्कर छोडो़, लालपरी ने कहा.

रात में राजदेव विलास को बुला लाया. लालपरी से कहा, फ्बढि़या सी कलेजी भून दे, एक लोटा ठंडा पानी, 2 खाली गिलास रख यहां और भाभीजी के यहां से बर्फ ले आ जा कर.

फ्तुम भैयाजी से झगडा़ करते रहो और हम बर्फ—, उस ने बच्चों की तरह ठुनक कर कहा.

फ्अरे, वो तो नशे में बोल गया था. उन का 20 हजार रुपया लगा है हमारी बीमारी में, कौन देता बिना सूद के इतने पैसे? तेरे तो वह सगे भाई थे पिछले जन्म के. जा, जा कर बर्फघ्ले आ.

लालपरी ने आ कर मुझ से सारा किस्सा कहा और अपनी स्वाभाविक हंसी हंसने लगी. मैं ने कहा, फ्तू बहुत प्यार करती है राजदेव से, है न.

फ्हां, भाभीजी. हम यह भी जानते हैं कि वह कभी बाप नहीं बन पाएगा. बचपन में ताड़ के पेड़ से गिर गया था न, कल उस की बडी़ बहन मीठनपुरा बाजार में मिली थी, बता कर रोने लगी. बोली, ‘डाक्टर टी.के. झा ने कहा था, राजदेव कभी बाप नहीं बनेगा.’ पर हम हर हाल में उस के साथ खुश हैं भाभीजी. बच्चा नहीं हुआ तो क्या, आप के बच्चे हैं, मेरी ननद के बच्चे हैं, उस का स्वर छलछला उठा.

फ्बर्फ के साथ थोडा़ प्याज, टमाटर, नीबू भी लेती जाना, राजदेव अकसर मंगवाता था. आज झिझक से नहीं बोला होगा, मैं ने लालपरी के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा.

सामान ले कर लालपरी चली गई. सुबह आई तो सुस्तसुस्त सी लगी. मैं ने सोचा थकी होगी. बेचारी बरतन घिसने बैठी तो थोडी़ देर बार सिर पकड़ कर बोली, फ्रामू भैया, एक प्याली चाय पिला दो, सिर बहुत भारी है.

फ्क्या सिरदर्द है? मैं ने पूछा.

फ्न, ऐसे ही, उस के शब्द लड़खडा़ रहे थे. मुझे बडा़ अजीब लगा. लालपरी जरूर कुछ छिपा रही है. मैं ने रामू से कहा, फ्रामू, तुम बरतन धो लो और उसे चाय पीने के बाद मेरे पास भेज दो.

10 मिनट बाद लालपरी आ कर कमरे में खडी़ हुई. मैं ने कहा, फ्क्या बात है, आंखें आज फिर लाल हैं, क्या फिर मारा राजदेव ने?

फ्मारता तो दुख नहीं होता पर मुझे धोखे से नशा करवा कर जाने क्या किया- कराया है उस ने.

फ्क्या किया है? खुल कर बताओ तभी तो समझूंगी.

फ्भाभीजी, भैयाजी का शरीर, उन के शरीर की गंध, उन के प्यार करने का तरीका सब आप को मालूम है न. आंखें बंद हों या खुली उन्हें तो आप कैसे भी पहचान ही लेंगी न? लालपरी ने सवाल के बदले सवाल किया.

फ्हां, बिलकुल, अपने पति को तो अंधी स्त्री भी पहचानती है.

फ्बस, यही हमारा दुख है भाभीजी. हमें लगता है रात में मेरे साथ वह खुद नहीं विलसवा सोया था, पर वह बोलता है यह हमारा भ्रम है, शक है, सचाई नहीं. पर हमें पूरा विश्वास है भाभीजी, रात में हमारी इज्जत, हमारी आबरू इस हरामी ने बेच दी एक किलो कलेजी और एक बोतल शराब के वास्ते. हम तो अपनी नजर में ही गिर गए हैं भाभीजी, लालपरी बिलखबिलख कर रोने लगी.

मैं ने उसे तसल्ली देते हुए कहा, फ्देख लालपरी, कत्ल भी अनजाने में, बेहोशी में या पागलपन में होता है तो कानून उसे कत्ल नहीं मानता, फांसी नहीं देता. जब तू ठीकठीक जानती ही नहीं कि क्या हुआ, कैसे हुआ तो इतना विलाप क्या उचित है? तूने तो धर्म नहीं छोडा़ न, तू तो नहीं गई किसी के पास, फिर अपने को अपराधी क्यों मानती है?

मैं ने समझाबुझा कर उसे सामान्य बनाने की पूरी कोशिश की और वह जाते समय तक सामान्य दिखने भी लगी थी.

2 दिन यों ही बीत गए. इस घटना की चर्चा मैं ने लालपरी का वहम समझ कर किसी से नहीं की. पता नहीं क्यों, मेरा मन इसे सत्य मानने को तैयार नहीं था, राजदेव इतना पतित नहीं हो सकता. यह बेचारी जाए तो कहां जाए. बाप 2 साल पहले ही मर चुका है. एक भाई है जो 7-8 साल से बाहर है. कौन जाने जीवित भी है या नहीं. मां जो भागी तो आज तक पता नहीं चला वह पृथ्वी के किस कोने में समा गई. सोहना का भी ठिकाना नहीं.

सुबहसुबह रामू ने कहा, फ्रात दुसाध टोले से लालपरी के चीखनेचिल्लाने की आवाज आ रही थी, जरा जा कर देख आता हूं.

आया तो कुछ उदास, परेशान सा था. बोला, फ्लालपरी थोडी़ देर बाद खुद आएगी पर उस के घर का हाल बेहाल था. कल राजदेव का सिर फोड़ दिया है लालपरी ने. लालपरी के घुटने एवं गरदन में बहुत चोट है.

लालपरी दोपहर में आई और उस ने बिना किसी भूमिका के कहा, हमारा शक सही था भाभीजी. कल रात भूत झाड़ने का बहाना कर उस ने विलास को बुलवाया. मुझे जो ‘दवा’ दी उसे मैं ने नजरें बचा कर नीचे गिरा दिया. 2 दिन मैं इस पापी की ‘दवा’ के शक में जी चुकी थी. मैं ने सोचा तीसरी बार बेहोशी में इज्जत नहीं लुटाऊंगी. जो होगा जान लूं, समझ लूं. इस ने विलास से कहा, ‘हम पर लगा कलंक धो दे यार. बस, 1 बच्चा पैदा कर दे ताकि मैं भी मरद बन कर जी सकूं.’ मुझे गुस्सा आया, मैं ने उस के सिर पर बेलन दे मारा. उस ने भी मुझे खूब मारा होता मगर विलास ने कहा,  ‘औरत को मार कर मरद नहीं बना जाता,’ बस, हम ने भी ठान ली और कहा, ‘विलास, तुझ में हिम्मत है तो आ, मुझे ले कर कहीं भाग चल, गृहस्थी बसा कर लौटेंगे,’ फिर वह बिना बोले चला गया.

मुझे लगा, लालपरी गुस्से  में बोल रही है, पर वह सही थी. दूसरे दिन राजदेव रोता हुआ आ कर इन के पैरों में गिर गया, फ्मालिक, लालपरी को हम ने ही गलत रास्ता दिखा दिया. वह विलसवा के साथ भाग गई, जेवर कपडा़ ले कर. मैं तो पछता रहा हूं.

इन्होंने ठंडी सांस ले कर कहा, फ्पछतावे का भी एक समय होता है अब क्या लाभ?

फैमिली के लिए बनाएं वैजी सोयाबीन

अगर आप स्नैक्स में हैल्दी रेसिपी ट्राय करना चाहती हैं तो बनाएं वैजी सोयाबीन. ये रेसिपी आपकी फैमिली के परफेक्ट औप्शन साबित होगा.

सामग्री

– 1/2 कप सोयाबीन की बडि़यां

– 1 शिमलामिर्च – 1 प्याज

– 1 छोटा चम्मच अदरकलहसुन व हरीमिर्च का पेस्ट

– 1/2 पैकेट चिली पनीर मसाला

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– 1 टमाटर

– 1 बड़ा चम्मच तेल

– 1/2 कप दूध

– नमक स्वादानुसार.

विधि

न्यूट्रिला को कुछ देर गरम पानी में भिगोए रखने के बाद अच्छी तरह निचोड़ कर रख लें. एक पैन में तेल गरम कर अदरक पेस्ट डाल कर भूनें. प्याज के मोटे टुकड़े काट कर पैन में डालें. कुछ नर्म होने तक भूनें. टमाटर के मोटे टुकड़े काट कर मिलाएं. जरा सा गलने तक पकाएं. सोया चंक मिला कर कुछ देर भूनें. चिली पनीर मसाला को 1 बड़े चम्मच पानी में मिला कर लगातार चलाते हुए सब्जी में डाल दें. इस में नमक मिलाएं. दूध डाल कर सब्जी को कुछ देर ढक कर पकाएं.

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Cousin की शादी में Shivangi Joshi ने जीता फैंस का दिल, देखें फोटोज

सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ (Yeh Rishta Kya Kehlata Hai) की नायरा यानी एक्ट्रेस शिवांगी जोशी (Shivangi Joshi) इन दिनों ‘बालिका वधू 2’ में आनंदी के रोल से फैंस का दिल जीत रही हैं. वहीं मोहसिन खान संग उनके हाल ही में रिलीज होने वाला है, जिससे पहले शिवांगी जोशी का ब्राइडल लुक फैंस के बीच छा गया है. आइए आपको दिखाते हैं शिवांगी जोशी के का नया पोस्ट…

बहन की शादी में कुछ यूं सजीं शिवांगी

हाल ही में शिवांगी जोशी (Shivangi Joshi) ने वेलेंटाइन डे के मौके पर अपनी कजन की शादी से जुड़ी कुछ फोटोज शेयर की हैं. दरअसल, अपनी बहन की शादी में शिवांगी जोशी पिंक लहंगा पहनें नजर आईं. वहीं इस लुक के साथ हैवी ज्वैलरी पहनकर शिवांगी बेहद खूबसूरत लग रही थीं. इसके साथ शिवांगी जोशी अपनी फोटोज खिंचवाते हुए शर्माती नजर आईं.

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मोहसिन संग गाने में दिखा सिमरन का अंदाज

 

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शिवांगी जोशी (Shivangi Joshi) और मोहसिन खान (Mohsin Khan) का गाना ‘तेरी अदा सॉन्ग’ 17 फरवरी को रिलीज होने वाला है, लेकिन इससे पहले गाने का टीजर फैंस के बीच वायरल हो रहा है. गाने के टीजर में शिवांगी जोशी का अंदाज दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे की सिमरन वाला अंदाज देखने को मिल रहा है. इस लुक में शिवांगी जोशी बेहद खूबसूरत लग रही हैं. पिंक हो या सफेद हर सूट हर लुक में शिवांगी जोशी बेहद खूबसरूत लग रही हैं.

 

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नायरा हो या आनंदी हर लुक में लगती हैं खूबसूरत

 

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ये रिश्ता क्या कहलाता है में नायरा का लुक हो या बालिका वधू 2 की नायरा. हर रोल में शिवांगी जोशी का इंडियन लुक बेहद खूबसूरत लगता है. फैंस को शिवांगी का ये अंदाज बेहद पसंद आथा है.

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जानें शादी से जुड़ी जिज्ञासाओं का जवाब

शादी तय होते ही हर लड़की के मन में जहां एक तरफ अनकही खुशी होती है वहीं दूसरी ओर मन में डर भी रहता है कि न जाने नया घर, वहां के रीतिरिवाज, घर के लोग कैसे होंगे? क्या मैं उस माहौल में सहज महसूस कर पाऊंगी? ऐसे तमाम सवालों के साथसाथ एक अहम पहलू यानी सैक्स जीवन को ले कर भी मन में अनगिनत जिज्ञासाएं होती हैं, जिन के बारे में वह हर बात को शेयर करने वाली मां से भी नहीं पूछ पाती है और न ही भाभी अथवा बहन से.

सैक्स संबंधी जिज्ञासाएं एक विवाहयोग्य लड़की के मन में होना आम बात है. इसी विषय पर बात करते हुए 2 महीने पूर्व विवाह के बंधन में बंधी रीमा कहती है कि विवाह तय होते ही मैं ने मां से पूछा कि मां पहली रात के बारे में सोच कर घबराहट हो रही है, क्या होगा जरा बताइए? तब मां ने झुंझलाते हुए जवाब दिया कि घबराओ नहीं, सब ठीक होगा. जब विवाहित सहेली से पूछा तो उस ने कहा कि संबंध बनाते समय बड़ा दर्द होता है. पर अब अपने अनुभव से कह सकती हूं कि यदि आप मानसिक और शारीरिक रूप से सहज हैं, साथ ही पति का स्नेहपूर्ण स्पर्श है, तो कोई समस्या नहीं आती.

भले आज कितनी ही प्रीमैरिटल काउंसलिंग संस्थाएं खुल गई हों पर जरूरी नहीं कि हर लड़की का परिवार एक बड़ी फीस दे कर अपनी बेटी को वहां भेज सके. मगर सवाल उठता है कि भावी दुलहन अगर मन की जिज्ञासाओं को अपनी मां से नहीं पूछ सकती, भाभी, बहन और सहेली भी उसे ठीक से नहीं बताएंगी और बताएंगी भी तो वे उन के निजी अनुभव होंगे और जरूरी नहीं कि भावी दुलहन के साथ भी वैसा ही हो, ऐसे में वह क्या करे? हम ने विवाहयोग्य लड़कियों व जिन के विवाह होने वाले हैं, ऐसी कई लड़कियों से उन के मन की जिज्ञासाओं को जाना कि वे मोटेतौर पर मन में किस प्रकार की जिज्ञासाएं रखती हैं. प्रस्तुत हैं, उन की जिज्ञासाएं…

जिज्ञासाएं कैसी कैसी

हर लड़की के मन में जिज्ञासा उपजती है कि क्या प्रथम मिलन के दौरान रक्तस्राव होना जरूरी है? क्या यही कौमार्य की पहचान है? क्या प्रथम मिलन पर बहुत दर्द होता है? इन के अलावा यदि विवाहपूर्व किसी और से शारीरिक संबंध रहा है तो क्या पति को उस का पता चल जाएगा? क्या माहवारी के दौरान सैक्स किया जा सकता है? क्या रात में 1 से अधिक बार शारीरिक संबंध स्थापित करने पर शरीर में कमजोरी आ जाती है? कौन सा गर्भनिरोधक उपाय अपनाएं ताकि तुरंत गर्भवती न हो, आदि.

इन सभी प्रश्नों के उत्तर देते हुए मदर ऐंड चाइल्ड हैल्थ स्पैशलिस्ट व फैमिली प्लानिंग काउंसलर डा. अनीता सब्बरवाल ने बताया कि प्रथम समागम के समय खून आने का कौमार्य से कोई संबंध नहीं होता. दरअसल, बढ़ती उम्र में खेलकूद या व्यायाम आदि के दौरान भी हाइमन नाम की पतली झिल्ली फट जाती है और लड़कियों को इस का पता भी नहीं चलता. इस के अलावा जो लड़कियां हस्तमैथुन करती हैं उन की झिल्ली भी फट सकती है. अत: विवाहयोग्य लड़कियों को मन से यह बात निकाल देनी चाहिए कि खून न आने से कौमार्य पर प्रश्नचिह्न लग सकता है.

इसी तरह प्रथम मिलन पर दर्द होना भी जरूरी नहीं है. अकसर शर्म और झिझक के कारण लड़कियां सैक्स के दौरान सहज नहीं हो पातीं, जिस के कारण योनि में गीलापन नहीं आ पाता और शुष्कता के कारण दर्द होता है. इसलिए संबंध बनाते समय पति का साथ दें. विवाहपूर्व बने शारीरिक संबंधों के बारे में पति को तब तक पता नहीं चल सकता जब तक पत्नी स्वयं न बताए.

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ऐसे ही माहवारी के दौरान सैक्स करने से कोई हानि नहीं होती. फिर भी सैक्स न किया जाए तो अच्छा है, क्योंकि एक तो पत्नी वैसे ही रक्तस्राव, पीएमएस जैसी तकलीफों से गुजर रही होती है, उस पर कई पति ओरल सैक्स पर जोर डालते हैं, जो सही नहीं है. अधिकांश लड़कियों के मन में यह जिज्ञासा भी बहुत रहती है कि सैक्स अधिक बार करने से कमजोरी आती है. दरअसल, ऐसा नहीं है, पत्नियां पतियों की सैक्स आवश्यकता से अनजान होती हैं. इस कारण उन्हें लगता है कि अधिक बार सैक्स करना हानिकारक होगा, जबकि ऐसा कुछ नहीं है. हां, फैमिली प्लानिंग उपाय के लिए अच्छा होगा कि पत्नी किसी स्त्रीरोग विशेषज्ञा से मिले ताकि वह शादी के बाद तुरंत गर्भवती न हो कर वैवाहिक जीवन का पूर्ण आनंद उठा सके.

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ध्यान देने योग्य बातें

सैक्स संबंधी जानकारी इंटरनैट पर आधीअधूरी मिलती है. अत: उस पर ध्यान न दें.

फैंटेसी में न जिएं और ध्यान रखें कि हर चीज हर किसी को नहीं मिलती.

यदि कोई बीमारी है जैसे डायबिटीज, अस्थमा आदि तो उस की जानकारी विवाहपूर्व ही भावी पति को होनी चाहिए. इसी तरह पति को भी कोई बीमारी हो तो उस का पता पत्नी को होना चाहिए.

मन की यह जिज्ञासा कि ससुराल वाले कैसे होंगे तो ध्यान रखें, हर घर के तौरतरीके अलग होते हैं. जरूरी यह है कि बड़ेबुजुर्गों को सम्मान दें, घर के तौरतरीकों को अपनाने की कोशिश करें तथा अपनी मुसकराहट व काम से सब का दिल जीतें. मन में जितनी भी सैक्स संबंधी जिज्ञासाएं हैं उन्हें किसी अच्छी पत्रिका के सैक्स कालम के अंतर्गत प्रकाशित होने वाले लेखों को पढ़ कर शांत करें.

यदि किसी समस्या का समाधान लेखों में न मिले तो उसे किसी पत्रिका के ‘सैक्स कालम’ में लिख कर भेजें. ऐसे कालमों की समस्याओं के समाधान योग्य डाक्टरों से पूछ कर ही प्रकाशित किए जाते हैं.

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