एक गांव ऐसा भी…

हमारे देश में संस्कृत को स्कूल, कॉलेज में विषय के तौर पर ही पढ़ाया जाता था. इसके अलावा इसे सिर्फ पुराने श्लोकों में ही सुना जाता है. फिर भी कुछ लोगों की मेहनत और कोशिशों की वजह से संस्कृत का उपयोग आज भी होता है. कुछ युवाओं ने ‘ध्रुवा’ नाम से संस्कृत बैंड भी बनाया है.

पर जरा सोचिए एक गांव जहां तुंगभद्रा नदी प्राचीन काल से बहती है, जिसके किनारे पर सुपारी के पेड़ों की खेती की जाती है, अपनी प्राचीन जड़ों को अभी भी अपने में संजोय हए है. संस्कृत भाषा का यहां पर बसेरा है और संस्कृत यहां की मातृभाषा होने के साथ-साथ एक औपचारिक भाषा भी है. कुछ लोगों के लिए इस बात पर यकीन करना मुश्किल होगा पर मत्तूर और होसाहल्ली गांव में ब्राह्मण परंपराओं को ही महत्व दिया जाता है.

करीब 600 सालों पूर्व तमिलनाडु के पुदुक्कोट्टई गांव के ब्राह्मणों के एक समूह ने इस गांव में आकर बस गए. ब्राह्मणों का यह समूह जिसे संकेती के नाम से भी जाना जाता है, अग्राहरम जीवन व्यतीत करता है. यह सिर्फ मत्तूर ही नहीं, इसकी जुड़वा बहन कहलाने वाली होसाहल्ली गांव की भी परंपरा है.

जरा सोचिए कैसा लगता होगा अपनी प्राचीनतम भाषा को अपनी मातृभाषा के रूप में उपयोग करना? पर इसका मतलब यह नहीं है की यहां के लोग मोडर्न नहीं हैं. यहां पर भी हर घर में कम से कम एक सॉफ्टवेयर इंजिनियर है और गांव के बच्चे शिक्षा के हर फिल्ड में टॉपर्स भी होते हैं.

बल्कि यहां के कुछ बच्चों का तो मानना है की वेद के इन संस्कृत श्लोक के जाप से उनकी एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ती है.

मत्तूर की यात्रा क्यों करें?

मत्तूर, तुंगभद्रा नदी के किनारे बसा शिमोगा का एक खूबरसूरत गांव है. आप यहां पर अग्राहरम, जीने के तरीके को भी जान सकते हैं जो कई वर्षों पूर्व ही भारत के और स्थानों से खत्म हो चुका है. सबसे मजेदार होता है यहां के लोगों के से संकेती , संस्कृत और कन्नड़ भाषा में बातें सुनना जो आज के जमाने में हमारे लिए बिल्कुल ही नया और अलग है.

मॉडर्न जमाने के साथ-साथ वैदिक जीवनयापन आपको मत्तूर और होसाहल्ली में आने को आमंत्रित करता है. यह गांव होसाहल्ली नदी के दूसरे किनारे पर बसा है जो अपने गमाका कला(गाने और कथा कहने के कला) के लिए प्रसिद्ध है. अपने तरह के इस गांव की यात्रा आपको प्राचीनकाल में ले जाएगी जहां आपको इस पुराने भाषा की शक्ति का भी अनुभव होगा.

मत्तूर कैसे पहुंचे?

शिमोगा मत्तूर से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर है. यह शहर इस गांव के सबसे नजदीक है.

कुछ निजी बसें शिमोगा से मत्तूर के लिए चलती हैं. पर अगर आप कैब बुक कर लेंगे तो यह आपके लिए सुविधाजनक होगा.

वरुण को लगा झटका, टूट गई 300 करोड़ की डील!

अपनी डांसिंग और कॉमिक टैलेंट की वजह से वरुण धवन को आज के जनरेशन के एक्टर्स में सबसे प्रॉमिसिंग माना जाता है. हाल ही में उन पर करीब 300 करोड़ रूपये का दांव लगाया जाने वाला था लेकिन खबर है मामला खटाई में पड़ गया है.

दरअसल कुछ दिनों पहले एक खबर आई थी कि एक एंटरटेनमेंट टेलीविजन चैनल ने वरुण धवन के साथ 300 करोड़ रूपये की डील की है जिसके तरह अगले पांच साल में उनकी आने वाली फिल्मों के सारे टेलीविजन राइट्स उनके पास होंगे.

इन फिल्मों में जुड़वा 2 को शामिल नहीं किया गया था. लेकिन सूत्रों के मुताबिक ये डील फिलहाल नहीं हुई है और इसमें कुछ दिक्कतें है जिसे दूर करने की कोशिश की जा रही है. सूत्रों के मुताबिक 300 करोड़ की फिगर को भी बढ़ा चढ़ा कर पेश किया जा रहा है.

लेकिन वरुण से होने वाली डील अगर सफल होती है तो वो सलमान खान के बाद बॉलीवुड में इतनी बड़ी डील करने वाले नई जनरेशन के एकमात्र अभिनेता होंगे.

बता दें कि कुछ समय पहले इसी एंटरटेमेंट टेलीविजन ने सलमान खान के साथ 500 करोड़ रूपये की डील की थी जिसके तरह टेलीविजन पर ‘बजरंगी भाईजान’ और ‘प्रेम रतन धन पायो’ दिखाई गई.

कृति ने सबके सामने सुशांत को जड़ा थप्पड़

सुशांत सिंह राजपूत इन दिनों अपनी फिल्म ‘एमएस धोनीः द अनटोल्ड स्टोरी’ की सफलता से बेहद खुश हैं. फिल्म भारत ही नहीं विदेशों में भी अच्छा बिजनेस कर रही है. भारत में ही फिल्म ने 100 करोड़ रुपये से ऊपर का कलेक्शन कर लिया है.

सुशांत आज जहां हैं, वहां तक पहुंचने के लिए उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है. खबरों की मानें तो ना चाहते हुए भी उन्हें हीरोइन का थप्पड़ तक खाना पड़ा.

सुशांत की जो अगली फिल्म रिलीज होगी, वो है ‘राबता’. दिनेश विजन की इस फिल्म में सुशांत, कृति सेनन के अपोजिट नजर आएंगे. सूत्रों की मानें तो ‘राबता’ की शूटिंग के दौरान सुशांत को एक सीन में कृति से थप्पड़ खाना था. सुशांत इसके लिए तैयार नहीं थे लेकिन सीन की डिमांड के चलते उन्हें इसके लिए तैयार होना पड़ा.

सूत्रों की मानें तो सुशांत ने पहले तो कृति से थप्पड़ खाने के लिए मना कर दिया था. इसके लिए वह फिल्म के डायरेक्टर दिनेश विजन से भी मिले. सुशांत ने बताया कि वह ऑनस्क्रीन कृति से थप्पड़ नहीं खाना चाहते, इससे उनकी इमेज पर असर पड़ेगा. लेकिन डायरेक्टर ने सीन की डिमांड को देखते हुए इसे नहीं हटाया. दरअसल, सीन में कृति को अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए सुशांत को थप्पड़ मारना था.

हालांकि ‘राबता’ के डायरेक्टर दिनेश ने इन खबरों को बकवास बताया है. उन्होंने कहा, ‘देखिए, सुशांत सिंह राजपूत डायरेक्टर के एक्टर हैं. वह डायरेक्टर के विजन को पूरा करने के लिए कुछ भी करने को तैयार नजर आते हैं. मैंने अभी तक कई फिल्में की हैं, इनमें सबसे ज्यादा कंफर्टेबल मैं सुशांत के साथ रहा.’

बता दें कि ‘राबता’ की ज्यादातर शूटिंग बुडापेस्ट और मॉरिशियस में हुई है. फिल्म अगले साल फरवरी में रिलीज हो रही है.

ऐश्वर्या मेरी वजह से खूबसूरत हैं: रेखा

फिल्मफेयर ग्लैमर एंड स्टाइल अवॉर्ड की रात सितारों की रात थी. बॉलीवुड के ज्यादातर कलाकार इस रात के साक्षी बने लेकिन रात रही ऐश्वर्या के नाम. रेड कार्पेट पर ब्लैक गाउन पहनकर जब ऐश ने कदम रखा तो देखने वाले ठिठक गए.

फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ की इस ऐक्ट्रेस को मोस्ट ग्लैमरस स्टार (फीमेल) के सम्मान से भी नवाजा गया. पर क्या आप जानते हैं उन्हें ये ट्रॉफी दी किसने? बॉलीवुड दीवा रेखा ने ऐश को इस खिताब से नवाजा.

ये तो हम सभी जानते हैं कि ऐश और रेखा के बीच एक खास लगाव है लेकिन कल दोनों को साथ देखकर इस बात की पुष्टि हो गई कि उनके बीच एक स्ट्रॉन्ग बॉन्ड है.

ऐश को ट्रॉफी देते हुए हुआ रेखा ने कहा ‘जब ऐश पैदा होने वाली थीं तो उनकी मां लगातार मेरी फोटो देखती रहती थीं और देखिए नतीजा सामने है.’ वैसे रेखा ने ये बात मजाक में ही कही.

ये कोई पहला मौका नहीं है जब ऐश और रेखा ने मंच साझा किया है. इसी साल एक अवॉर्ड शो में रेखा ने ऐश को ट्रॉफी दी थी. जिसके बाद ऐश ने कहा था ‘मां के हाथ से ये अवॉर्ड मिलना बहुत ही खास है.’

बिग बॉस के लिए इस एक्टर ने लिए 1 करोड़

भारत का सबसे मशहूर टीवी शो ‘बिग बॉस 10’ आपके टीवी स्क्रीन पर दस्तक दे चुका है. इस बार इस शो में आधिकारिक तौर पर 15 कंटेस्टेंट होंगे. इस बार बिग बॉस में ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ के नैतिक यानी की करन मेहरा भी हैं. सूत्रों के मुताबिक करन मेहरा को काफी फोर्स और चापलूसी करके शो में लाया गया है.

करन लंबे समय से ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ सीरियल से जुड़े हुए थे. इस सीरियल ने उन्हें इतना मशहूर किया कि वो देखते ही देखते दर्शकों के दिलों पर राज करने लगे. एक खबर के मुताबिक करन को बिग बॉस में आने के लिए पूरे एक करोड़ रुपए दिए गए हैं.

वैसे आपको बता दें कि ‘बिग बॉस 10’ में करन के ऑनस्क्रीन बेटे नक्ष भी हैं. ये देखना मजेदार रहेगा कि ऑनस्क्रीन पापा और बेटा बिग बॉस के घर में एक-दूसरे के साथ कैसा बर्ताव करते हैं.

किब्बर गांव की जादुई यात्रा

हमारे लिए कम जनसंख्या वाले क्षेत्र के बारे में सोचना थोड़ा मुश्किल होगा. खासकर की शहर में रहने वालों के लिए जहां हर तरफ वे भीड़ और बड़ी बड़ी इमारतों से घिरे रहते हैं. आज हम आपको बता रहे हैं भारत के ही कुछ खास, कमजनसंख्या वाले, शांत और गुप्त प्राकृतिक दृश्य वाले क्षेत्रों के बारे में. स्पिति में बसा किब्बर गांव दुनिया में सबसे ऊंचाई पर बसा गांव है.

किब्बर गांव बहुत सारी चीज़ों की वजह से यूनीक है. यह सबसे ऊंचाई पर बसा गांव होने के साथ-साथ दुनिया का सबसे ऊंचा क्षेत्र है जहां वाहनों की आवाजाही आराम से होती है.

सबसे दिलचस्प होता है, यहां पर बने घरों को देखना जो पहाड़ों की उंचाई पर बड़ी ही खूबसूरती से बसे हुए हैं. यहां पर एक बौद्ध मठ भी है जो गांव के सबसे शीर्ष बिंदु पर स्थित है. हालांकि किब्बर का यह मठ उतना बड़ा नहीं है, पर जहां यह बसा है, वह स्थान पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है.

किब्बर गांव में अगर आप कुछ दिनों के लिए रहना चाहते हैं, तो वहां कुछ लौज और गेस्ट हाउस भी हैं. हालांकि, क्ये मठ जो रास्ते में ही पड़ता है, और किब्बर गांव की पूरी यात्रा आप काजा से सिर्फ एक दिन में ही पूरी कर सकते हैं.

किब्बर गांव पहुंचें कैसे?

काजा से किब्बर गांव के लिए चलने वाली एच.आर.टी.सी की सिर्फ एक ही बस की सुविधा उपलब्ध है, जिसके द्वारा आप एक घंटे का सफर तय कर इस गांव तक पहुंच सकते हैं. आपके लिए बेहतर होगा, अगर आप काजा से ही कोई प्राइवेट टैक्सी या कैब बुक कर के यहां की यात्रा करें क्योंकी एच.आर.टी. सी की बस यात्रा द्वारा आप क्ये मठ की यात्रा नहीं कर पाएंगे, इसलिए बेहतर होगा की आप कोई निजी कैब बुक करा लें जो आपके लिए आरामदायक भी होगा. पर अगर एडवेंचर माइंडेड हैं तो बस ही ऑप्ट करें.

क्ये मठ

क्ये मठ स्पिति घाटी में बसा सबसे बड़ा मठ है. क्ये मठ पुराने भित्ति चित्रों और चित्रकलाओं की वजह से जाना जाता है. तो अब आप अपनी हिमाचल प्रदेश की यात्रा में इस अद्भुत मठ और गांव की यात्रा करना बिल्कुल भी ना भूलें.

जब किब्बर गांव की यात्रा के साथ-साथ ताशिगांग और गेटे गांवों भी घूम आयें. आपकी यह पूरी यात्रा, सबसे यादगार होगी.

अन्य आकर्षक केंद्र

किब्बर वन्यजीव अभ्यारण्य, स्पिति नदी, कनामो शिखर, पारंग ला( पुराना व्यवसायिक मार्ग), किब्बर गांव के आसपास ही स्थित आकर्षण के केंद्र हैं.

किब्बर गांव की यात्रा का सबसे सही समय

स्पिति और किब्बर गांव की यात्रा के लिए गर्मी का मौसम सबसे सही मौसम है. दूसरे मौसम में यहां की जलवायु बहुत ही ज्यादा ठंडी होती है. मई-जुलाई के महीने में यहां जायें और शहर की भाग-दौड़ को कुछ दिनों के लिए भूल जायें.

त्योहारों के मौसम में जरूरी है त्वचा की देखभाल

त्योहारों पर त्वचा को स्वस्थ बनाने और उसकी अतिरिक्त देखभाल के लिए इसे हाइड्रेटेड और मॉइस्चराइज रखने की जरूरत है. इसके लिए सबसे पहले गर्म पानी से नहाना बंद कर देना चाहिए. आज हम त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए कुछ उपाए आपके साथ साझा कर रहे हैं.

हाइड्रेटेड: अपनी त्वचा को हाइड्रेट रखने और इसे और अधिक युवा दिखाने के लिए खूब सारा पानी पिएं, पानी अधिक पीने से आप अपनी त्वचा की कमियों को दूर कर सकते हैं. इससे विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं, इसलिए रोजाना 8 से 10 ग्लास पानी का सेवन करना चाहिए.

सूरज के संपर्क से बचें: त्योहारों पर खरीदारी भले ही खास होती है, लेकिन सूरज की सीधी किरणों से दूर रहें. सूरज की मजबूत यूवी किरणें आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं और इसे सुस्त और बेजान बना देती है.

धूप से बचने के लिए छतरी का इस्तेमाल करें, एसपीएफ 45 सनस्क्रीन लगाएं, धूप का चश्मा लगाएं और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें.

त्वचा को मॉइस्चराइज रखें: अपने चेहरे को दिन में दो बार धोएं, चेहरा को नमी प्रदान करने और हाइड्रेटेड रखने के लिए अच्छे हर्बल का इस्तेमाल करें.

सीटीएम जरूरी: दिन में एक बार सफाई, टोनिंग, मॉइस्चराइजिंग जरूरी है. सफाई के लिए दूध का इस्तेमाल किया जा सकता है और टोनिंग अपनी त्वचा के अनुरूप करें और त्वचा की मॉइस्चराइजिंग के लिए जैतून के तेल का इस्तेमाल करें.

गर्म पानी से स्नान न करें: स्नान के लिए गर्म पानी की तुलना में गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें, क्योंकि गर्म पानी त्वचा को खुश्क कर देता है.

स्किनटोन के हिसाब से लगाएं फाउंडेशन

आज हर कोई स्मार्ट और खूबसूरत दिखना चाहता है. इस रेस में सबसे आगे लड़कियां होती हैं. वह कभी किसी से कम नहीं दिखना चाहती हैं. लेकिन कभी-कभी उनके खूबसूरत दिखने की चाहत एक चूक के कारण बदसूरती में बदल जाती है. इसमें सबसे अहम चीज होती है फाउंडेशन. अगर आपने ठीक ढंग से फाउंडेशन का इस्तेमाल न किया तो आपको यह भारी पड़ सकता है. 

स्किन के अनुकूल सही फाउंडेशन का पता लगाने के लिए आपको अंडरटोन के बारे में सही से पता होना चाहिए, ताकि त्वचा की बाहरी रंगत और आंतरिक रंगत में अंतर न पता चले. अंडरटोन गर्म, तटस्थ और ठंडा तीन प्रकार के होते हैं.

अंडर टोन का पता आप अपनी कलाई की नसों के रंग से कर सकती हैं अगर आपके कलाई की नस की रंगत नीली या बैंगनी है और यह सूरज की रोशनी में लाल पड़ जाती है तो आपका अंडरटोन ठंडा है. गर्म अंडरटोन वालों का नस हरा व हल्का पीले रंग का होता है और तटस्थ अंडरटोन वालों का नीला, हरा और बैंगनी मिक्स रंग होता है. जानिए किस स्किन के लिए कौन सा फाउंडेशन ठीक होगा.

मिनरल फाउंडेशन: यह फाउंडेशन मुंहासों वाले और सवंदनशील त्वचा के लिए उपयुक्त होता है. यह लंबे समय तक टिका भी रहता है.

फाउंडेशन स्टिक: यह फाउंडेशन दाग-धब्बों वाली त्वचा के लिए सही होता है. इसे ब्रश से या सीधे चेहरे पर लगाकर सही से मिला ले.

मूस फाउंडेशन: यह क्रीमी-बेस फाउंडेशन सामान्य व तैलीय त्वचा के लिए सही है. यह त्वचा में चमक लाता है.

लिक्विड फाउंडेशन: यह विभिन्न प्रकार जैसे मैट और सैटिन आदि में उपलब्ध होते हैं. यह सभी प्रकार की त्वचा के लिए उपयुक्त है.

ट्विटर से करें कमाई

इंटरनेट पर कमाई करने के कई तरीके हैं, लेकिन हाल के वर्षों में सोशल मीडिया ऑनलाइन कमाई का बड़ा जरिया बन गया है. बड़े सेलिब्रिटी तो एक क्लिक के बदले कंपनियों से लाखों रुपए वसूलते हैं. वहीं, सोशल मीडिया का अगर आम आदमी सही इस्तेमाल करे तो वह भी इससे लाखों रुपए कमा सकता है. कई लोग तो फुलटाइम ट्विटर पर बैठकर पैसे कमा रहे हैं. इसके लिए जरूरत है बस थोड़ी सी क्रिएटिविटी की. यहां हम आपको कुछ ऐसे ही तरीके बता रहे हैं, जिनके जरिए आप ट्विटर पर कमाई कर सकते हैं.

क्राउडसोर्स

क्राउडसोर्सिंग सोशल मीडिया पर अपना आइडिया दूसरे लोगों को बताने का तरीका है. इसके जरिए आप अपने आइडिया के बदले फंड जुटा सकते हैं. किसी बड़े ग्रुप या कम्युनिटी के सामने अपने आइडिया या बिजनेस को अच्छे तरीके से पेश करके फंडिंग की गुजारिश कर सकते हैं. सोशल मीडिया पर यह एक बड़ा ट्रेंड बनता जा रहा है. कई लोग इसके जरिए अपने बिजनेस के लिए लाखों रुपए जुटा चुके हैं. अगर आप भी ऐसा करना चाहते हैं तो पहले इससे जुड़े केस स्टडी को पढ़ें, फिर अपने काम को आगे बढ़ाएं. इसकी वजह यह है कि सोशल मीडिया पर आपके बिजनेस आइडिया को ठीक ढंग से पेश करना बहुत जरूरी है.

प्रोडक्ट बिक्री

सोशल मीडिया का इस्तेमाल लोग प्रोडक्ट बेचने के लिए भी कर रहे हैं. ग्राहक बिना किसी डिस्काउंट के प्रोडक्ट खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखाते. ट्विटर के जरिए आप अपने प्रोडक्ट का फ्री में प्रचार कर सकते हैं. कई बड़ी कंपनियां ट्विटर पर अपने प्रोडक्ट बेचने के लिए बड़े सेलिब्रिटी को मोटा भुगतान करती हैं.

ट्विटर से जुड़ी अपनी सर्विस बनाएं

आपके साथ ट्विटर पर लोग जुड़े हैं तो आप ये जान सकते हैं कि वे फ्री टाइम में क्या करते हैं. इसका फायदा उठाकर आप कोई ट्विटर प्रोडक्ट बना सकते हैं जैसे कई ट्विटर यूजर एक ऐसे एप का इस्तेमाल करते हैं जो उनके लिए पॉपुलैरिटी के हिसाब से हैशटैग बना देता है. कई बार ऐसा प्रोडक्ट पहले से ट्विटर पर बना होता है लेकिन आप अपने प्रोडक्ट को उससे बेहतर बनाकर आगे निकल सकते हैं. ट्विटर अपनी उपस्थिति दर्ज करने के लिए आप फीवर वेबसाइट का इस्तेमाल लोगों से चार्ज करने के लिए कर सकते हैं. 100 फॉलोवर्स के लिए आप 5 डॉलर (335 रुपए) तक या उससे ज्यादा भी चार्ज कर सकते हैं.

स्पॉन्सर्ड ट्वीट का इस्तेमाल करें

क्या आप जानते हैं कि आप ट्वीट करने के बदले भी कमाई कर सकते हैं. इसके लिए आपको स्पॉन्सर को खोजना होगा जो किसी प्रोडक्ट के बदले आपके किए ट्वीट के लिए आपको भुगतान करेगा, लेकिन इसके लिए आप सावधानी बरतें जो आप देख रहे हैं वही ट्वीट करें. सोशल मीडिया पर कई ऐसे लोग हैं जो गलत जानकारी पर भड़क जाते हैं. ऐसे में वे लोग आपकी कंपनी के साथ रिलेशनशिप हमेशा के लिए खत्म कर सकते हैं.

ट्विटर पर करें कॉन्टेस्ट

किसी भी कॉन्टेस्ट में प्राइज एक ऐसी चीज है जो ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपनी ओर जोड़ता है. किसी ऐसे बिजनेस को ढूंढे जो ट्विटर पर अपना प्रमोशन चाहता है. आप उसे टविटर पर कॉन्टेस्ट का आइडिया दें. जिसमें आप कुल बिक्री का कुछ परसेंट मांग सकते हैं या एक निश्चित फीस तय कर सकते हैं. ट्विटर कई तरह की प्रतियोगिता कराई जा सकती है. आप लोगों से जज बनने के लिए कह सकते हैं या किसी प्रोडक्टर को री-ट्वीट करने के लिए कह सकते हैं.

बन के तितली दिल उड़ा…

प्रकृति की सबसे अद्भुत रचनाओं में से एक है तितली. तितलियां काफी छोटी होती हैं, पर ये प्रकृति की सबसे खूबसूरत रचना हैं जो हमेशा हमारा दिल जीत लेती हैं. कभी आपने इनको ध्यान से देखा है? ऐसा लगता है भगवान ने अलग से कुछ खास रंग बनाए हैं इनमें भरने के लिए. एक तितली के जन्म लेने की प्रतिक्रिया किसी जादू से कम नहीं है.

पर दुख की बात यह है की आज तितलियां भी तेजी से आधुनिकीकरण की वजह से होने वाले बदलावों की चपेट से नहीं बच पा रही हैं. इसलिए अब जरूरी है की इनकी सुरक्षा पर ध्यान दिया जाए. इसके लिए भारत के कई जगहों पर तितली पार्क स्थापित किए गए हैं.

बन्नेरघाटा तितली पार्क, बेंगलूरु

बन्नेरघाटा तितली पार्क को 2007 में स्थापित किया गया था, यहां तितलियों का संरक्षण कर उन पर रिसर्च किया जाता है, और इनका प्रजनन भी किया जाता है. बन्नेरघाटा तितली पार्क भारत का सबसे पहला तितली पार्क है और बेंगलूरु के सबसे प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों में से एक है.

ओवालेकर वाड़ी तितली बाग, ठाणे

राजेन्द्र ओवालेकर कि वजह से मुंबई जैसे व्यस्त शहर में तितली पार्क स्थापित हो पाया. दिलचस्प बात यह है कि यहां की तितलियां कृत्रिम नस्ल की नहीं हैं, ये प्राकृतिक हैं. ओवालेकर वाड़ी तितली बाग, ठाणे( मुंबई) की सरहद पर एक खेतिहर भूमि को ही बदल कर बनवाया गया था. यात्री इस बाग में लगभग 70 प्रकार  की तितलियों को एक साथ देखने का मजा ले सकते हैं जो यहां आजादी से उन्मुक्त घूमती हैं. यह भारत के महत्वपूर्ण तितली पार्कों में से एक है.

तितली पार्क, शिमला

भारत के दूसरे सबसे प्रसिद्ध तितली पार्क शिमला में है. बन्नेरघाटा तितली पार्क के ही तर्ज पर बने इस तितली पार्क के मॉडल का मेन फोकस इन उड़ने वाले रत्नों का संरक्षण पर है.

बटरफ्लाइ कन्सर्वेटरी, पोंडा

मसालों के खेत और मंदिरों के साथ ही पोंडा में बटरफ्लाइ कन्सर्वेटरी पार्क की भी यात्रा करना न भूलें. इस खूबसूरत पार्क की यात्रा आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाएगी. आपको यहां लगभग 133 प्रकार की तितलियां मिलेंगी. इन खूबसूरत प्राकृतिक रचना को आराम से धैर्य के साथ देखकर एक यादगार पल को अपनी लाइफ का हिस्सा बनायें.

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