बने एकदूजे के लिए: भाग 1- क्या विवेक और भावना का प्यार परवान चढ़ा

घर में कई दिनों से चारों ओर मौत का सन्नाटा छाया था, लेकिन आज घर में खटपट चल रही थी. मामाजी कभी ऊपर, कभी नीचे और कभी गार्डन में आ जा रहे थे. उन के पहाड़ जैसे दुख को बांटने वाला कोई सगासंबंधी पास न था. घर में सब से बड़ा होने के नाते सभी जिम्मेदारियों का बोझ उन्हीं के कंधों पर आ पड़ा था. वे तो खुल कर रो भी नहीं सकते थे.

उन के भीतर की आवाज उन्हें कचोटकचोट कर कह रही थी कि अमृत, अगर तुम ही टूट गए तो बाकी घर वालों को कैसे संभालोगे? कितना विवश हो जाता है मनुष्य ऐसी स्थितियों में. उन का भानजा, उन का दोस्त विवेक इस संसार को छोड़ कर जा चुका था, लेकिन वे ऊहापोह में पड़े रहने के सिवा और कुछ कर नहीं पा रहे थे. अपने दुख को समेटे, भावनाओं से जूझते वे बोले, ‘‘बस उन्हीं की प्रतीक्षा में2 दिन बीत गए.

मंजू, पता तो लगाओ, अभी तक वे लोग पहुंचे क्यों नहीं? कोई उत्सव में थोड़े ही आ रहे हैं. अभी थोड़ी देर में बड़ीबड़ी गाडि़यों में फ्यूनरल डायरैक्टर पहुंच जाएंगे. इंतजार थोड़े ही करेंगे वे.’’‘‘मामाजी, अभीअभी पता चला है कि धुंध के कारण उन की फ्लाइट थोड़ी देर से उतरी.

वे बस 15-20 मिनट में यहां पहुंच जाएंगे. वे रास्ते में ही हैं.’’‘‘अंत्येष्टि तो 4 दिन पहले ही हो जानी चाहिए थी लेकिन…’’‘‘मामाजी, फ्यूनरल वालों से तारीख और समय मुकर्रर कर के ही अंत्येष्टि होती है,’’ मंजू ने उन्हें समझाते हुए कहा.‘‘उन से कह दो कि सीधे चर्च में ही पहुंच जाएं. घर आ कर करेंगे भी क्या? विवेक को कितना समझाया था, कितने उदाहरण दिए थे, कितना चौकन्ना किया था लोगों ने तजुर्बों से कि आ तो गए हो चमकती सोने की नगरी में लेकिन बच के रहना.

बरबाद कर देती हैं गोरी चमड़ी वाली गोरियां. पहले गोरे रंग और मीठीमीठी बातों के जाल में फंसाती हैं. फिर जैसे ही शिकार की अंगूठी उंगली में पड़ी, उसे लट्टू सा घुमाती हैं. फिर किनारा कर लेती हैं.’’‘‘छोडि़ए मामाजी, समय को भी कोई वापस लाया है कभी? सभी को एक मापदंड से तो नहीं माप सकते. इंतजार तो करना ही पड़ेगा, क्योंकि हिंदू विधि के अनुसार बेटा ही बाप की चिता को अग्नि देता है. सच तो यही है कि जेम्स विवेक का बेटा है.

यह उसी का हक है.’’‘‘मंजू, उस हक की बात करती हो, जो धोखे से छीना गया हो. तुम तो उस की दोस्त हो. उसी के विभाग में काम करती रही हो. बाकीतुम भी तो समझदार हो. तुम्हें तो मालूम है यहां के चलन.‘‘और भावना को देखो. उसे बहुत समझाया कि उस गोरी मेम को बुलाने की कोई जरूरत नहीं. अवैध रिश्तों की गठरी बंद ही रहने दो. अगर मेम आ गईं तो पड़ोसिन छाया बेवजह ‘न्यूज औफ द वर्ल्ड’ का काम करेगी, लेकिन वह नहीं मानी.’’‘‘मामाजी, आप बेवजह परेशान हो रहे हैं. ऐसी बातें तो होती रहती हैं इन देशों में. वे तो जीवन का अंग बन चुकी हैं. मैं ने भी भावना से बात की थी. वह बोली कि पोलीन भी तो विवेक के जीवन का हिस्सा थी.

दोनों कभी हमसफर थे. फिर जेम्स भी तो है.’’इतने में एक गाड़ी पोर्टिको आ खड़ी हुई.‘‘लो आ गई गोरी और उस की नाजायज औलाद,’’ मामाजी ने कड़वाहट से कहा.‘‘मामाजी, प्लीज शांत रहिए. यह भी विवेक का परिवार है. पोलीन उस की ऐक्स वाइफ तथा जेम्स बेटा है. उसे झुठलाया भी तो नहीं जा सकता,’’ मंजू ने समझाते हुए कहा.विवेक का पार्थिव शरीर बैठक में सफेद झलरों से सजे बौक्स में अंतिम दर्शन के लिए पड़ा था.

पैडेड अंडरगारमैंट्स दिलाएं कौन्फिडैंस

वर्ष 2008 में हिंदी फिल्म ‘टशन’ में जब करीना कपूर खान अपने जीरो साइज फिगर में आई तो सब के दिलों पर छा गई. उस वक्त हर लड़की जीरो साइज फिगर चाहती थी. लेकिन यह भी सच है कि जीरो साइज फिगर वाली और स्किनी लड़कियां अपनी स्किनी बै्रस्ट और स्किनी हिप को ले कर कौन्फिडैंट फील नहीं करती हैं. उन के कौन्फिडैंस को बनाए रखने के लिए देशीविदेशी फैशन डिजाइनर और अंडरगारमैंट्स प्रोडक्शन हाउस हर रोज नए प्रोडक्ट्स मार्केट में ला रहे हैं. वे न केवल अलगअलग डिजाइनों और रंगों की पैडेड ब्रा मार्केट में ले आए हैं, बल्कि सपाट कूल्हे को 36, 38 दिखाने के लिए पैडेड पैंटी और पैंटी एन्हान्सर्स भी मार्केट में आसानी से मिल जाते हैं.

  1. पैडेड ब्रा

पश्चिमी दिल्ली के वीरजी ऐंड संस नाम के अंडरगारमैंट्स हाउस की मालकिन मनमीत कौर का कहना है, ‘‘छोटी ब्रैस्ट वाली लड़कियां भी स्पैशल डिजाइन की गई पैडेड ब्रा से अपनी लो कट डै्रस में अपनी क्लीवेज उसी तरह दिखा सकती हैं जैसे कि बड़े ब्रैस्ट वाली लड़की विदेशी पैडेड ब्रा से जो ज्यादातर बिना सिलाई के बिना जोड़ के एक फोम से बनी होती है. इस से फायदा यह होता है कि टाइट टीशर्ट और पतली शर्ट के नीचे ब्रा की सिलाई की लाइनें नजर नहीं आतीं. जिन की ब्रैस्ट काफी कम है वे डबल पैडेड ब्रा का इस्तेमाल कर सकती हैं. ऐसी ब्रा में डबल फोम लगा हुआ होता है. इस से वे ज्यादा ब्यूटीफुल और कौन्फिडैंट फील करेंगी.’’

2. जैल साटिन पुशअप ब्रा

इस में ब्रा के अंदर जैलयुक्त कप और ऐसा फैब्रिक लगा होता है, जो आप की ब्रैस्ट को ऐसा उभार देता है जैसे कि नैचुरल हैवी बै्रस्ट हो. यह स्टै्रपलैस और बैकलैस दोनों ही तरह की ड्रैसेस को बहुत सुंदर शेप देती है.

मार्केट में ऐसी बहुत सारी कंपनियां हैं जो जैन साटिन पुशअप ब्रा बेचती हैं. अगर आप के पास मार्केट जा कर इसे खरीदने का समय नहीं है तो आप औनलाइन साइटों से भी इन्हें खरीद सकती हैं.

3. रिमूवेबल पैडिंग

सिलिकौन पैडिंग की तरह यह पैडिंग होती है लेकिन यह कपड़े से बनी होती है. इस के लिए अलग से ब्रा बनी होती है, जिस में पौकेट होती है. जब जरूरत हो तब इन जेबों में यह पैडिंग डाल लें. ये ऐसी महिलाओं के लिए बहुत अच्छी हैं, जिन का एक ब्रैस्ट छोटा हो और एक बड़ा हो या ऐसी महिलाओं के लिए जो कभीकभी किसी खास मौके पर पैडिंग वाली ब्रा पहनने की चाह रखती हों.

4. सिलिकौन पैडिंग

अब बाजार में ऐसी सिलिकौन पैडिंग आ गई हैं जिन्हें आप सीधे स्किन पर लगा सकती हैं. यह स्किन कलर की स्किन जैसी ही नरमनरम होती है. यह पैकिंग में आती है, इस की पैकिंग फेंकें नहीं. इसे प्रयोग करने के बाद सुखा कर या सूखे तौलिए से पोंछ कर वापस पैकिंग में ही रख दें. इसे 8 घंटे से ज्यादा प्रयोग में नहीं लाना चाहिए. जिन्हें स्किन एलर्जी हो, वे इस का प्रयोग न करें. यह कई बार प्रयोग में लाई जा सकती है. बहुत ज्यादा नमी के मौसम में यह खिसक सकती है, इसलिए वर्षा ऋतु में खास मौके पर ही इसे पहनें. बरसात के मौसम के लिए जल्दी सूखने वाली सिलिकौन पैडिंग भी आती हैं. वे महिलाएं जो अपने बेबी को फीड करा रही हों या जिन के निप्पल से किसी तरह का स्राव होता हो, वे इसे न पहनें.

ध्यान रखने वाली बातें

पैडेड ब्रा पहन कर आप मजाक का पात्र न लगें, इसलिए आप को सही बैंड साइज और सही कप साइज पता होना चाहिए. यदि वह ढीली हुई तो आप की ब्रैस्ट पुशअप नहीं होगी. पुशअप बीच में से होना चाहिए ताकि आप की क्लीवेज बन सके. अगर कप का साइज आप बड़ा ले लेंगी तो कसी हुई टीशर्ट पहनने पर इस के कप ऊपर से नजर आएंगे, जो देखने में अच्छे नहीं लगेंगे.

दूसरी बात यह देखें कि दोनों कप एकदूसरे से ज्यादा दूरी पर न स्थित हों. कई बार ऐसा होता है कि आप ने सही बैंड साइज और सही कप साइज भी खरीद लिया हो, लेकिन फिर भी आप की क्लीवेज नहीं बन रही है तो इस का सीधा सा मतलब यह है कि आप की ब्रा के दोनों कप ज्यादा दूरी पर हैं. इस का उपाय यह है कि ब्रा पहनें, थोड़ा सा आगे   झुकें और अपनी ब्रैस्ट्स को अपने हाथों से दबा कर देखें कि आप कहां क्लीवेज चाहती हैं. अब अपने अंगूठे और उंगली से दोनों कपों के बीच स्थित बैंड को खींच कर देखें कि कितना खींचने पर आप की ब्रैस्ट क्लीवेज बना रही है.

आप को जितना बैंड ज्यादा लग रहा है उसे मोड़ कर सिलाई लगा दें ताकि कप पास आ जाएं. इस बात का खास खयाल रखें कि पैडेड ब्रा को कभी भी वाशंगि मशीन में न धोएं.

सपाट कूल्हों के लिए पैडेड अंडरगारमैंट्स

पहले कंपनियों ने हौलीवुड, बौलीवुड की हीरोइनों के लिए कूल्हे पर पैड बांधने के प्रोडक्ट निकाले लेकिन इस से हीरोइनें सहज महसूस नहीं कर पाती थीं. लेकिन अब कंपनी निर्माताओं ने पैडेड पैंटी, हिपअप शेपर्स, बट बूस्टर्स, एन्हान्सर्स पैंटीज, पैडेड अंडरवियर, पैडेड शौर्ट्स, सिलिकौन पैडिंग और पैडेड शर्ट की तरह पैडेड लो कट जींस जैसे प्रोडक्ट कूल्हों को उभार देने के लिए बना दिए हैं.

इन पैडेड पैंटीज और दूसरे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर के आप जल्दी ही सहज और स्वाभाविक रूप से उभरे हुए बट्स पा लेती हैं. ऐसा नहीं है कि इस तरह के प्रोडक्ट मार्केट में कम हैँ. अब कई कंपनियों ने पैंडेट अंडरगारमैंट्स बनाने शुरू कर दिए हैं. इसलिए अब इन तक पहुंच आसान है. आप औनलाइन किसी भी लौंजरी स्टोर पर क्लिक कर के इन्हें खरीद सकती हैं. लेकिन ध्यान रहे इस तरह के अंडरगारमैंट्स खरीदते समय उन की तसवीर और उन की डिटेल ठीक से पढ़ लें.

ऐसा न करें कि एकसाथ कई सारे स्टाइल मंगा लें. सब से पहले किसी एक स्टाइल को मंगवाएं और यह जानकारी अवश्य ले लें कि क्या इसे रिटर्न किया जा सकता है. अब इस पैडेड पैंटी को अपनी सभी जींस के साथ पहन कर देखें. इन्हें पहन कर आप के बट्स बिग लगने लगेंगे.

डिंपल पाना है अब सिंपल

28 साल की ईशा अवस्थी देखने में बहुत अट्रैक्टिव है. उस की फीगर एकदम परफैक्ट है. लेकिन प्रोब्लम बस एक है. उस के फेस पर डिंपल नहीं है. बस एक यही कमी है जो उसे सताती है. जब भी वह दीपिका पादुकोण की कोई फोटो या रील देखती है तो उस की आंखें दीपिका के डिंपल पर आ कर रुक जाती हैं. इतना ही नहीं जब उसे इस बात का एहसास हुआ कि उस के पार्टनर आदित्य को डिंपल वाली लड़कियां अट्रैक्ट करती हैं तो वह कौस्मैटिक सर्जन डाक्टर नागेश्वरी के पास गालों पर डिंपल्स बनवाने पहुंच गई ताकि वह अपने पार्टनर को एक आकर्षक तोहफा दे सके. डाक्टर ने उस के गालों पर डिंपल्स बना दिए. असल में, डिंपल गाल के मांसल हिस्से में एक छोटा सा गड्ढा होता है, जो मामूली पेशी विकृति के कारण होता है. वैसे तो डिंपल्स ज्यादातर जींस पर डिपैंड करते हैं पर आजकल आधुनिक तकनीक के द्वारा इन्हें बनवाया भी जा रहा है.

मुंबई के बेथनी अस्पताल की डा. नागेश्वरी शर्मा कहती हैं, ‘‘यह एक पेशी की कमी है, जो सुंदरता को बढ़ाती है. इसीलिए पुरुषों से ज्यादा महिलाएं मेरे पास डिंपल्स बनवाने आती हैं. यह एक छोटा सा सर्जरी प्रोसैस है. इसे करवाने वाले गालों पर डिंपल्स की जगह या तो खुद बताते हैं या फिर मैं उन्हें खुद सजैस्ट कर देती हूं. ये ज्यादातर आंखों के कोनों से लाइन ड्रा कर मुंह के कोने से खींची जाने वाली लाइन के मिलने वाले बिंदु पर बनाए जाते हैं. ये 2 तरह के होते हैं – सर्कुलर और लंबे. पहले गालों पर मार्क लगाया जाता है फिर सर्जरी की जाती है.

कैसे होती है सर्जरी

जिस पौइंट पर डिंपल बनाना होता है उस पौइंट के बाहर से हाथ लगाना पड़ता है. इस सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले औजार को कोर बायोप्सी नीडल कहते हैं. इस औजार की हैल्प से मुंह के अंदर से 0.5 मिलीमीटर या 0.7 मिलीमीटर का कट लगा कर गोलाई या लंबाकार में मसल्स को ध्यान से निकालना पड़ता है.  फिर अंदर के दोनों भागों की स्किन को जोड़ कर गांठ बना कर मसल्स पर चिपका दिया जाता है. इस के बाद जब मसल्स हिलती हैं तो गालों पर डिंपल्स पड़ने लगते हैं.

एक तरफ डिंपल बनाने की पूरी प्रक्रिया में 20 से 30 मिनट का समय लगता है. इसे करने से पहले लोकल ऐनेस्थीसिया देना पड़ता है. इस सर्जरी के लिए नींद की दवा भी दी जाती है.

शुरू में डिंपल्स हर समय गालों पर दिखते हैं, लेकिन 3 हफ्तों के बाद जब घाव भर जाते हैं तब ये डिंपल हंसने पर ही पड़ते हैं. सर्जरी के बाद ऐंटीबायोटिक माउथवाश और पेनकिलर दी जाती है. पहले दिन बर्फ की सिंकाई करने की भी सलाह दी जाती है. बात करें अगर खर्चे की तो एक तरफ का डिंपल बनवाने का खर्चा 15 से 20 हजार रुपए तक आता है.

सुंदर दिखने की चाह

डा. नागेश्वरी कहती हैं, ‘‘18 साल से ज्यादा एज की कोई भी महिला या पुरुष इन्हें बनवा सकते हैं. लेकिन मैं उन्हीं के गालों पर डिंपल्स बनाती हूं, जो सुंदर दिखने की चाह रखते हैं. इन्हें बनवाने का किसी पर कोई दबाव तो नहीं है, मैं इस की पूरी जांच करती हूं. आप में कौन्फिडैंट होना बहुत जरूरी है.

सावधानियां

  •    सर्जरी करवाने वाला पर्सन अगर किसी तरह की मैडिसिन ले रहा है तो इस के बारे में डाक्टर को जरूर बताएं.
  •     सर्जरी से कम से कम 3 दिन पहले स्मोकिंग और ड्रिंकिंग से बचना चाहिए.
  •    सर्जरी के बाद कुछ दिनों तक नरम और लिक्विड डाइट लेने की सलाह दी जाती है.

इस बात का ध्यान रखें कि सर्जरी हमेशा प्रशिक्षित और हाइजीन से युक्त कौस्मैटिक सर्जन से ही करवाएं ताकि बाद में किसी भी प्रकार के इन्फैक्शन का खतरा न हो. डिंपल सर्जरी करवाने के बाद आप और अधिक अट्रैक्टिव लगते हैं.

8 लव मेकिंग मिस्टेक्स

क्या  औफिस से घर पहुंचने पर आप थक कर चूर हो जाते हैं और आप के पार्टनर का प्यार भरा स्पर्श भी आप में उत्तेजना पैदा नहीं करता? क्या उस के साथ प्यार करना आप को पहाड़ खोदने जैसा लगता है?

जी हां, शाम को थक कर चूर हुए कई कपल्स अकसर घर आ कर अपने पार्टनर से मुंह बिचकाते नजर आते हैं. अगर आप के साथ भी ऐसा होता है तो मुंह बिचकाने से पहले सोचें कि शादी का मतलब यह कतई नहीं है कि रोमांटिक फीलिंग्स ही हवा हो जाएं. प्यार का एहसास उस समय कंप्लीट होता है, जब 2 जिस्म 1 जान बन जाते हैं. तब उन के बीच लव की फीलिंग इतनी होती है कि उन की बौडी भी एकदूसरे को ऐक्सैप्ट कर लेती है और तब वे लव मेकिंग करने लगते हैं.

इस दौरान कपल्स ऐसी कई गलतियां कर बैठते हैं, जिस से वे सैक्स को पूरी तरह ऐंजौय नहीं कर पाते. जानिए कैसे इन गलतियों से बचा जाए और लव मेकिंग से पहले किन बातों का ध्यान रखा जाए, ताकि जोड़ा दुनिया की सब से प्यारी फीलिंग को सम झ पाए और उसे दिल से अपना सके.

डिस्कस करने में हिचकिचाहट

कभीकभी एक पार्टनर अपनी लव मेकिंग को स्पाइसी तो बनाना चाहता है, लेकिन वह अपने पार्टनर से कुछ कहने में हिचकिचाता है. हो सकता है आप के साथ भी ऐसा होता हो. आप मानें या न मानें 90प्रतिशत केसेज में आप का पार्टनर भी नई चीजें करना पसंद करता है, लेकिन आप की ही तरह उसे भी बात करने में हिचकिचाहट या घबराहट होती है.

डिस्कस करने से घबराएं नहीं और यह कोई रूल नहीं है कि मेल पार्टनर ही पहल करे. दोनों में से कोई भी पहल कर सकता है और दर्जनों तरीकों में से किसी एक तरीके को चुन कर पूरे जोश से उसे ट्राई कर सकता है. सैक्स के बारे में डिस्कशन से जोड़े लव मेकिंग तो ऐंजौय करेंगे ही, अपने रिश्तों में मिठास भी लाएंगे.

कनविंस करना न आना

अगर एक पार्टनर थका हुआ है और सैक्स के मूड में नहीं है तो दूसरा कई बार उसे रेडी करने में असफल हो जाता है. एक सच यह भी है कि सैक्स के लिए जब कोई रेडी होता है, तो उस समय उस की बौडी से ऐड्रीनलीन कैमिकल रिलीज होता है, जो प्यार या सैक्स करने की भरपूर ऐनर्जी देता है.

पार्टनर को शाम को मूड में लाने के लिए सुबह 9 से 10 बजे के बीच उसे मैनुअली कई बार बेमतलब छुएं. दिन भर में इस समय टैस्टोस्टेरौन अपने हाई लैवल पर होता है. शाम को बैटर रिजल्ट के लिए आप सैक्सी गारमैंट्स पहनना भी न भूलें. यह उन्हें जरूर पसंद आएगा. ऐसा कर के आप अपनी लव मेकिंग को हमेशा के लिए स्ट्रौंग बना सकेंगे और पार्टनर में दिन भर के काम में थकान के बावजूद सैक्स की इच्छा बनी रहेगी.

जल्दबाजी का चक्कर

तुरंत मजे के चक्कर में कई पुरुष फोरप्ले अवौइड कर देते हैं. उन की कोशिश होती है कि वे जल्द से एक ही बाइट में पूरा सेब खा लें. लेकिन क्या आप को पता है कि फोरप्ले और्गेज्म की ओर बढ़ने में बहुत मदद करता है? अपने पार्टनर के साथ किसिंग, लव बाइट और टच करना आप की लव मेकिंग को ज्यादा मजेदार बनाता है, इसलिए स्पीड कम करिए, पूरा टाइम दीजिए और अपने पार्टनर को छेडि़ए. यह फौर्मूला शर्तिया ही काम करेगा और दोनों का मजा दोगुना हो जाएगा.

अगर आप को लगे कि किसी खास भूमिका में आप के पार्टनर को ज्यादा मजा आ रहा है, तो रुकें और उसे दोबारा करें. जितना ज्यादा आप उसे करेंगे, उतना ज्यादा मजा उसे आएगा और यह आप को भी अच्छा लगेगा. इस ढंग से आप यह गेम खेल कर पार्टनर को पूरे तौर पर सैटिस्फाई कर सकते हैं. इस से प्यार का मजा दोगुना भी हो जाएगा.

पोर्न मूवीज या टौय इस्तेमाल करना

सैक्स के दौरान कई लोगों को लगता है कि पोर्न मूवीज, वीडियो या फिर प्लास्टिक या रबर के टौय से मजा चरम पर पहुंचेगा. ऐसा सोचना या ऐसा करना गलत है. हालांकि टौयज का लव मेकिंग में खास महत्त्व है, लेकिन उन पर निर्भर होना खतरनाक हो सकता है. प्लेजर के लिए बाहरी सोर्स आप को कम मजा देंगे क्योंकि यह तो आप भी नहीं चाहेंगे कि आप के पार्टनर को आप के बजाय किसी सैक्स टौय से प्लेजर मिले.

कपल्स को अपने पार्टनर को सैटिस्फाई करने के लिए बाहरी चीजों के बजाय अपनी बौडी की मदद लेनी चाहिए. सैक्स टौयज को महज स्पाइस के तौर पर इस्तेमाल करें.

और्गेज्म के बारे में गलतफहमी

फीमेल पार्टनर को सैक्स से सैटिस्फाई न कर पाना, कई मेल पार्टनर्स को अपनी तौहीन लगती है, लेकिन उन को सम झने की जरूरत है कि ज्यादातर औरतें सिंपल या नौर्मल सैक्स से और्गेज्म हासिल नहीं कर पाती हैं. अगर पुरुष यह बात सम झ लें तो उन का यह प्रैशर जरूर कम हो जाएगा. अगर स्त्री और्गेज्म तक नहीं पहुंचती है, तो इस से परेशान होने की जरूरत नहीं है. इस के बजाय पुरुष को बड़ी चतुराई के साथ स्त्री को डाउन पोस्चर में ला कर सैटिस्फाई करना चाहिए.

एकसाथ फिनिश करने की कोशिश

पार्टनर्स की एकसाथ फिनिश करने की कोशिश जैसी बातें हवाहवाई हैं. ऐसा होता नहीं है. इस के बजाय एक पार्टनर को पहले सैटिस्फाई करने की कोशिश होनी चहिए. इस में फीमेल पार्टनर पहले सैटिस्फाई हो तो बेहतर. ऐसे में दोनों को खूब मजा आएगा.

हर बार सैट रूटीन से चलना

अगर आप की सारी कसरत कपड़े उतारने और ‘प्लग’ को ‘सौकेट’ में फिट करने की कुछ मिनट की मेहनत तक है, तो यह काफी बासी और सैट रूटीन है. ऐसे में आप की लव मेकिंग चाहे कितनी भी फैंटास्टिक हो कुछ सालों के बाद बोरिंग हो ही जाती है, जिस का आप के रिश्ते पर भी असर पड़ सकता है. आप की लव लाइफ को बचाने का तरीका नए आइडियाज में छिपा है. अगर आप नए टिप्स और नई तकनीकें अपनाते हैं, तो इसे दोनों ऐंजौय करेंगे और आप हर बार प्यार में खो जाना चाहेंगे.

बेमतलब की बातें करना

अगर आप बिस्तर पर रोजाना लड़ाई झगड़े की या नैगेटिव बातें करेंगे, तो उस समय हो सकता है कि आप का मूड सैक्स से हट कर फ्यूचर प्लानिंग या लड़ाई झगड़े की बातें सुनने में रह जाए. अगर ऐसा कुछ करना हो तो बिस्तर

पर जाने के करीब 1 घंटा पहले कर लें. इस के लिए दोनों को यह बात गांठ बांध लेनी चाहिए. दोनों पार्टनर्स की यही कोशिश हो कि वे एकदूसरे के मूड को स्पाइसअप करें और दोनों को चिल रखें, ताकि आप के बीच का प्यार बढ़ता

मैं रोज मेकअप करती हूं, इसलिए पलकों पर फुंसी और खुजली हो गई है, मैं क्या करुं

सवाल

मैं 32 वर्षी कामकाजी महिला हूं. मेरे प्रोफैशन की वजह से मु झे मेकअप में रहना होता है. मु झे बारबार पलकों पर फुंसी और खुजली हो जाती है, बताएं क्या करूं?

जवाब

अगर आप रोज आई मेकअप करती हैं तो आप को अपनी आंखों का खास खयाल रखना चाहिए. अधिकतर मेकअप प्रोडक्ट्स में कई रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है जिन के कई साइड इफैक्ट्स होते हैं. आई मेकअप करने में ही नहीं उसे निकालने में भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. इस के कारण पलकों पर फुंसी, दर्द, खुजली या संक्रमण हो सकता है. रात को सोने से पहले अपनी आंखों से मेकअप जरूर निकालें वरना ये परेशानियां और बढ़ सकती हैं. जब जरूरत या प्रोफैशनल मजबूरी न हो तो मेकअप बिलकुल न करें.

आंखों को स्वस्थ रखने और संक्रमण से बचाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

अपनी आंखों को स्वस्थ रखने और संक्रमण से बचाने के लिए निम्न उपाय करें:

  •     संतुलित और पोषक भोजन का सेवन करें. अपने डाइट चार्ट में हरी सब्जियां और मौसमी फलों को जरूर शामिल करें.
  •    प्राकृतिक रूप से आंखों को तरोताजा करने के लिए 6-8 घंटे की नींद लें.
  •   आंखों में नमी बनाए रखने के लिए पानी और अन्य तरल पदार्थों का अधिक मात्रा में सेवन करें.
  •   एसी में अधिक देर न रहें, इससे आंखें ड्राई हो सकती हैं, और उन में जलन हो सकती है.
  •   आई हाइजीन के लिए अपनी आंखों को 2-3 बार ठंडे पानी से धोएं.
  •     आंखों के संक्त्रमण से बचने के लिए अपने टॉवेल, रूमाल, तकिए या मेकअप के सामान किसी से सा झा न करें.

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वजह: प्रिया का कौन सा राज लड़के वाले जान गए?

‘‘अरे,संभल कर बेटा,’’ मैट्रो में तेजी से चढ़ती प्रिया के धक्के से आहत बुजुर्ग महिला बोलीं. प्रिया जल्दी में आगे बढ़ गई. बुजुर्ग महिला को यह बात अखर गई. वे उस के करीब जा कर बोलीं, ‘‘बेटा, चाहे कितनी भी जल्दी हो पर कभी शिष्टाचार नहीं भूलने चाहिए. तुम ने एक तो मुझे धक्का मार कर मेरा चश्मा गिरा दिया उस पर मेरे कहने के बावजूद मुझ से माफी मांगने के बजाय आंखें दिखा रही हो.’’

अब तो प्रिया ने उन्हें और भी ज्यादा गुस्से से देखा. मैं जानती हूं, प्रिया को गुस्सा बहुत जल्दी आता है. इस में उस की कोई गलती नहीं. वह घर की इकलौती लाडली बेटी है.

गजब की खूबसूरत और होशियार भी. वह जल्दी नाराज होती है तो सामान्य भी तुरंत हो जाती है. उसे किसी की टोकाटाकी या जोर से बोलना पसंद नहीं. इस के अलावा उसे किसी से हारना या पीछे रहना भी नहीं भाता.

जो चाहती उसे पा कर रहती. मैं उसे अच्छी तरह समझती हूं. इसीलिए सदैव उस के पीछे रहती हूं. आगे चलने या रास्ते में आने का प्रयास नहीं करती.

मुझे जिंदगी ने भी कुछ ऐसा ही बनाया है. बचपन में अपनी मां को खो दिया था. पिता ने दूसरी शादी कर ली. सौतेली मां को मैं बिलकुल नहीं भाती थी. मैं दिखने में भी खूबसूरत नहीं. एक ही उम्र की होने के बावजूद मुझ में और प्रिया में दिनरात का अंतर है. वह दूध सी सफेद, खूबसूरत, नाजुक, बड़ीबड़ी आंखों वाली और मैं साधारण सी हर चीज में औसत हूं. जाहिर है, पापा की लाडली भी प्रिया ही थी. मेरे प्रति तो वे केवल अपनी जिम्मेदारी ही निभा रहे थे. पर मैं ने बचपन से ही अपनी परिस्थितियों से समझौता करना सीख लिया था. मुझे किसी की कोई बात बुरी नहीं लगती. सब की परवाह करती पर इस बात की परवाह कभी नहीं करती कि मेरे साथ कौन कैसा व्यवहार कर रहा है. जिंदगी जीने का एक अलग ही तरीका था मेरा. शायद यही वजह थी कि प्रिया मुझ से बहुत खुश रहती. मैं अकसर उस की सुरक्षाकवच बन कर खड़ी रहती.

आज भी ऐसा ही हुआ. प्रिया को बचाने के लिए मैं सामने आ गई, ‘‘नहींनहीं आंटीजी, आप प्लीज उसे कुछ मत कहिए. प्रिया ने आप को देखा नहीं था. वह जल्दी में थी. उस की तरफ से मैं आप से माफी मांगती हूं, प्लीज, माफ कर दीजिए.’’ ‘‘बेटा जब गलती तूने की ही नहीं तो माफी क्यों मांग रही है? तूने तो उलटा मुझे मेरा गिरा चश्मा उठा कर दिया. तेरे जैसी बच्चियों की वजह से ही दुनिया में बुजुर्गों के प्रति सम्मान बाकी है वरना इस के जैसी लड़कियां तो…’’

‘‘मेरे जैसी से क्या मतलब है आप का? ओल्ड लेडी, गले ही पड़ गई हो,’’ बुजुर्ग महिला को झिड़कती हुई प्रिया आगे बढ़ गई. मुझे प्रिया की यह बात बहुत बुरी लगी. मैं ने बुजुर्ग महिला को सहारा देते हुए खाली पड़ी सीट पर बैठाया और उन्हें चश्मा पहना कर प्रिया के पास लौट आई.

हम दोनों जल्दीजल्दी घर पहुंचे. प्रिया का मूड औफ हो गया था. पर मैं उसे लगातार चियरअप करने का प्रयास करती रही. मैं सिर्फ प्रिया की रक्षक या पीछे चलने वाली सहायिका ही नहीं थी वरन उस की सहेली और सब से बड़ी राजदार भी थी. वह अपने दिल की हर बात सब से पहले मुझ से ही शेयर करती. मैं उस के प्रेम संबंधों की एकमात्र गवाह थी. उसे बौयफ्रैंड से मिलने कब जाना है, कैसे इस बात को घर में सब से छिपाना है और आनेजाने का कैसे प्रबंध करना है, इन सब बातों का खयाल मुझे ही रखना होता था.

प्रिया का पहला बौयफ्रैंड 8वीं क्लास में उस के साथ पढ़ने वाला प्रिंस था. उसी ने पीछे पड़ कर प्रिया को प्रोपोज किया था. उस की कहानी करीब 4 सालों तक चली. फिर प्रिया ने उसे डिच कर दिया. दूसरा बौयफ्रैंड वर्तमान में भी प्रिया के साथ था. अमीर घर का इकलौता चिराग वैभव नाम के अनुरूप ही वैभवशाली था. प्रिया की खूबसूरती से आकर्षित वैभव ने जब प्रोपोज किया तो प्रिया मना नहीं कर सकी. आज भी प्रिया उस के साथ रिश्ता निभा रही है पर दिल से उस से जुड़ नहीं सकी है. बस दोनों के बीच टाइमपास रिलेशनशिप ही है. प्रिया की नजरें किसी और को ही तलाशती रहती हैं.

उस दिन हमें अपनी कजिन की शादी में नोएडा जाना था. मम्मी ने पहले ही ताकीद कर दी थी कि दोनों बहनें समय पर तैयार हो जाएं. प्रिया के लिए पापा बेहद खूबसूरत नीले रंग का गाउन ले आए थे जबकि मैं ने अपनी पुरानी मैरून ड्रैस निकाल ली. नई ड्रैस प्रिया की कमजोरी है. इसी वजह से जब भी पापा प्रिया को पार्टी में ले जाना चाहते तो इसी तरह एक नई ड्रैस उस के बैड पर चुपके से रख आते.

आज भी प्रिया ने नई डै्रस देखी तो खुशी से उछल पड़ी. जल्दी से तैयार हो कर निकली तो सब दंग रह गए. बहुत खूबसूरत लग रही थी. ‘‘आज तो तू बहुतों का कत्ल कर के आएगी,’’ मैं ने प्यार से उसे छेड़ा तो वह मुझे बांहों में भर कर बोली, ‘‘बहुतों का कत्ल कर के क्या करना है, मुझे तो बस अपने उसी सपनों के राजकुमार की ख्वाहिश है जिसे देखते ही मेरी नजरें झपकना भूल जाएं.’’

‘‘जरूर मिलेगा मैडम, मगर अभी सपनों की दुनिया से जरा बाहर निकलिए और पार्टी में चलिए. क्या पता वहीं कोई आप का इंतजार कर रहा हो,’’ मैं ने उसे छेड़ते हुए कहा तो वह हंस पड़ी. पार्टी में पहुंच कर हम मस्ती करने लगे. करीब 1 घंटा बीत चुका था. अचानक प्रिया मेरी बांह पकड़ कर खींचती हुई मुझे अलग ले गई और कानों में फुसफुसा कर बोली, ‘‘प्रज्ञा वह देखो सामने. ब्लू सूट पहने मेरे सपनों का राजकुमार खड़ा है. मुझे तो बस इसी से शादी करनी है.’’

मैं खुशी से उछल पड़ी, ‘‘सच प्रिया? तो क्या तेरी तलाश पूरी हुई?’’ ‘‘हां,’’ प्रिया ने शरमाते हुए कहा.

सामने खड़ा नौजवान वाकई बहुत हैंडसम और खुशमिजाज लग रहा था. मैं ने कहा, ‘‘मुझे तेरी पसंद पर नाज है प्रिया, मैं पता लगाती हूं कि यह है कौन? वैसे तब तक तुझे उस से दोस्ती करने का प्रयास करना चाहिए.’’ वह रोंआसी हो कर बोली, ‘‘यार यही तो समस्या है. वह पहला लड़का है जो मुझे भाव नहीं दे रहा. मैं ने 1-2 बार प्रयास किया पर वह अपने घर वालों में ही व्यस्त है.’’

‘‘यार कुछ लड़के शर्मीले होते हैं. हो सकता है वह दूसरे लड़कों की तरह बोल्ड न हो जो पहली मुलाकात में ही दोस्ती के लिए उतावले हो उठते हैं.’’ ‘‘यार तभी तो यह लड़का मुझे और भी ज्यादा पसंद आ रहा है. दिल कर रहा है कि किसी भी तरह यह मेरा बन जाए.’’

‘‘तू फिक्र मत कर. मैं इस के बारे में सारी बात पता करती हूं. सारी कुंडली निकलवा लूंगी,’’ मैं ने उस लड़के की तरफ देखते हुए कहा. जल्द ही कोशिश कर के मैं ने उस लड़के से जुड़ी काफी जानकारी इकट्ठी कर ली. वह हमारी कजिन के फ्रैंड का भाई था. उस का नाम मयूर था.

वह कहां काम करता है, कहां रहता है, क्या पसंद है, घर में कौनकौन हैं जैसी बातें मैं ने प्रिया को बता दीं. प्रिया ने फेसबुक, लिंक्डइन जैसी सोशल मीडिया साइट्स पर जा कर उस लड़के के बारे में और भी जानकारी ले ली. प्रिया ने फेसबुक पर मयूर को फ्रैंड रिक्वैस्ट भी भेजी पर उस ने स्वीकार नहीं की. अब तो मैं अकसर देखती कि प्रिया उस लड़के के ही खयालों में खोई रहती है. उसी की तसवीरें देखती रहती है या उस की डिटेल्स ढूंढ़ रही होती है. मुझे समझ में आ गया कि प्रिया को उस लड़के से वास्तव में प्यार हो गया है.

एक दिन मैं ने यह बात पापा को बता दी और आग्रह किया कि वे उस लड़के के घर प्रिया का रिश्ता ले कर जाएं. पापा ने उस के परिवार वालों से बात चलाई तो पता चला कि वे लोग भी मयूर के लिए लड़की ढूंढ़ रहे हैं. पापा ने अपनी तरफ से प्रिया के लिए उन्हें प्रपोजल दिया.

रविवार के दिन मयूर और उस के परिवार वाले प्रिया को देखने आने वाले थे. प्रिया बहुत खुश थी. अपनी सब से अच्छी ड्रैस पहन कर वह तैयार हुई. मैं ने बहुत जतन से उस का मेकअप किया. मेकअप कर के बालों को खुला छोड़ दिया. वह बेहद खूबसूरत लग रही थी.

मगर आज पहली दफा प्रिया मुझे नर्वस दिखाई दे रही थी. जब प्रिया को उन के सामने लाया गया तो मयूर और उस की मां एकटक उसे देखते रह गए. मैं भी पास ही खड़ी थी. मयूर ने तो कुछ नहीं कहा पर उस की मां ने बगैर किसी औपचारिक बातचीत के जो कहा उसे सुन कर हम सब सकते में आ गए. लड़के की मां ने कहा, ‘‘खूबसूरती और आकर्षण तो लड़की में कूटकूट कर भरा है, मगर आगे कोई बात की जाए उस से पहले ही क्षमा मांगते हुए मैं यह रिश्ता अस्वीकार करती हूं.’’

प्रिया का चेहरा उतर गया. पापा भी इस अप्रत्याशित इनकार से हैरान थे. अजीब मुझे भी बहुत लग रहा था. आखिर प्रिया जैसी खूबसूरत और पढ़ीलिखी बड़े घर की लड़की को पाना किसी के लिए भी हार्दिक प्रसन्नता की बात होती और फिर प्रिया भी तो इस रिश्ते के लिए कितनी उत्साहित थी. पापा ने हाथ जोड़ते हुए धीरे से पूछा, ‘‘इस इनकार की वजह तो बता दीजिए. आखिर मेरी बच्ची में कमी क्या है?’’

लड़के की मां ने बात बदली और मेरी तरफ इशारा करते हुए कहा, ‘‘मुझे यह लड़की पसंद है. यदि आप चाहें तो मैं इसे अपनी बहू बनाना पसंद करूंगी. आप घर में बात कर के जब चाहें अपना जवाब दे देना.’’ पापा ने उम्मीद के साथ मयूर की ओर देखा तो वह भी हाथ जोड़ता हुआ बोला, ‘‘अंकल, जैसा मम्मी कह रही हैं मेरा जवाब भी वही है. मैं भी चाहूंगा कि प्रज्ञा जैसी लड़की ही मेरी जीवनसाथी बने.’’

प्रिया रोती हुई अंदर भाग गई. मैं भी उस के पीछेपीछे अंदर चली गई. उन्हें बिदा कर मम्मीपापा भी जल्दी से प्रिया के कमरे में आ गए. मगर प्रिया किसी से भी बात करने को तैयार नहीं थी. रोती हुई बोली, ‘‘प्लीज, आप लोग बाहर जाएं, मैं अभी अकेली रहना चाहती हूं.’’

हम सब बाहर आ गए. इस समय मेरी स्थिति अजीब हो रही थी. समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या कहूं. कुसूरवार न होते हुए भी आज मैं सब की आंखों में चुभ रही थी. मम्मी मुझे खा जाने वाली नजरों से देख रही थीं तो प्रिया भी नजरें चुरा रही थी. मुझे रात भर नींद नहीं आई.

अगली सुबह भी प्रिया बहुत उदास दिखी. उस की नजरों में दोषी मैं ही थी और यह बात सहन करना मेरे लिए बहुत कठिन था. मैं ने तय किया कि मैं मयूर के घर वालों के इनकार की वजह जान कर रहूंगी. प्रिया को छोड़ कर उन्होंने मुझे क्यों चुना जबकि प्रिया मुझ से लाख गुना ज्यादा खूबसूरत और स्मार्ट है, होशियार है. मैं तो कुछ भी नहीं. बात की तह तक पहुंचने का फैसला कर मैं मयूर के घर पहुंच गई. बहुत आलीशान और खूबसूरत घर था उन का. महरी ने दरवाजा खोला और मुझे अंदर आने को कहा. घर बहुत करीने से सजा था. मैं ड्राइंगरूम का जायजा ले रही थी कि तभी बगल के कमरे से चश्मा पोंछती बुजुर्ग महिला निकलीं.

मुझे उन्हें पहचानने में एक पल भी नहीं लगा. यह तो मैट्रो वाली वही बुजुर्ग महिला थीं जिन का चश्मा कुछ दिन पहले प्रिया ने गिरा दिया था. मैं ने उन्हें चश्मा उठा कर दिया था. मुझे सहसा सारी बात समझ में आने लगी कि क्यों प्रिया को रिजैक्ट कर उन्होंने मुझे चुना. सामने से मयूर की मां निकलीं. मुसकराती हुई बोलीं, ‘‘बेटा, मैं समझ सकती हूं कि तू क्या पूछने आई है. शायद तुझे अपने सवाल का जवाब मिल भी गया होगा. दरअसल, उस दिन मैट्रो में

मैं भी वहीं थी और सब कुछ अपनी नजरों से देखा था. खूबसूरती, रंगरूप, धन, इन सब से ऊपर एक चीज होती है और वह है संस्कार. हमें एक सभ्य और व्यवहारकुशल बहू चाहिए बिलकुल तुम्हारे जैसी.’’ मैं ने आगे बढ़ कर दोनों के पांव छूने चाहे पर अम्मांजी ने मुझे गले से लगा लिया.

घर पहुंची तो प्रिया ने पहले की तरह रूखेपन से मेरी तरफ देखा और फिर अपने काम में लग गई. मैं उस के पास जा कर धीरे से बोली, ‘‘कल के इनकार की वजह जानने मैं मयूर के घर गई थी. तुझे याद हैं वे बुजुर्ग महिला, जिन का चश्मा मैट्रो में तेरी टक्कर से नीचे गिर गया था? दरअसल, वे बुजुर्ग महिला मयूर की दादी हैं और इसी वजह से उन्होंने तुझे न कह दिया. पर तू परेशान मत हो प्रिया. तेरी पसंद के लड़के को मैं कभी अपना नहीं बनाऊंगी. मैं न कह कर आई हूं.’’

प्रिया खामोशी से मेरी तरफ देखती रही. उस की आंखों में रूखेपन की जगह बेचारगी और अफसोस ने ले ली थी. थोड़ी देर चुप बैठने के बाद वह धीरे से उठी और मुझे गले लगाती हुई बोली, ‘‘पागल है क्या? इतने अच्छे रिश्ते के लिए कभी न नहीं करते. मैं करवाऊंगी मयूर से तेरी शादी.’’

मैं आश्चर्य से उसे देखने लगी तो वह मुसकराती हुई बोली, ‘‘आज तक तू मेरे लिए जीती रही है. आज समय है कि मैं भी तेरे लिए कुछ अच्छा करूं. खबरदार जो न कहा.’’ मेरे दिल पर पड़ा बोझ हट गया था. मैं ने आगे बढ़ कर उसे गले से लगा लिया.

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सपना-भाग 2: कैसा था नेहा का सफर

बस ने एक झटका लिया. उस की तंद्रा उसे मदहोशी में घेरे हुए थी. उसे अपने आसपास तूफानी सांसों की आवाज सुनाई दी. वह फिर से मुसकराने लगी, तभी पता नहीं कैसे 2 अंगारे उसी के होंठों से हट गए. वह झटके से उठी… आसपास अब भी अंधियारा फैला था. बस की खिड़की का परदा पूरी तरह तना था. उस की सीट ड्राइवर की तरफ पहले वाली थी, इसलिए जब भी सामने वाला परदा हवा से हिलता तो ड्राइवर के सामने वाले शीशे से बाहर सड़क का ट्रैफिक और बाहरी नजारा उसे वास्तविकता की दुनिया से रूबरू कराता. वह धीरे से अपनी रुकी सांस छोड़ती व प्यास से सूखे होंठों को अपनी जबान से तर करती. उस ने उड़ती नजर अपनी सहेली पर डाली, लेकिन वह अभी भी गहन निद्रा में अलमस्त और सपनों में खोई सी बेसुध दिखी.

उस की नजर अचानक अपनी साथ वाली सीट पर पड़ी. वहां एक पुरुष साया बैठा था. उस ने घबरा कर सामने हिल रहे परदे को देखा. उस की हथेलियां पसीने से लथपथ हो उठीं. डर और घबराहट में नेहा ने अपनी जैकेट को कस कर पकड़ लिया. थोड़ी हिम्मत जुटा कर, थूक सटकते हुए उस ने अपनी साथ वाली सीट को फिर देखा. वह साया अभी तक वहीं बैठा नजर आ रहा था. उसे अपनी सांस गले में अटकी महसूस हुई. अब चौकन्नी हो कर वह सीधी बैठ गई और कनखियों से उस साए को दोबारा घूरने लगी. साया अब साफ दिखाई पड़ने लगा था. बंद आंखों के बावजूद जैसे वह नेहा को ही देख रहा था. सुंदरसजीले, नौजवान के चेहरे की कशिश सामान्य नहीं थी. नेहा को यह कुछ जानापहचाना सा चेहरा लगा. नेहा भ्रमित हो गई. अभी जो स्वप्न देखा वह हकीकत था या… कहीं सच में यह हकीकत तो नहीं? क्या इसी ने उसे सोया हुआ समझ कर चुंबन किया था? उस के चेहरे की हवाइयां उड़ने लगीं.

‘क्या हुआ तुम्हें?’ यह उस साए की आवाज थी. वह फिर से अपने करीब बैठे युवक को घूरने लगी. युवक उस की ओर देखता हुआ मुसकरा रहा था.

‘क्या हुआ? तुम ठीक तो हो?’ युवक पूछने लगा, लेकिन इस बार उस के चेहरे पर हलकी सी घबराहट नजर आ रही थी. नेहा के चेहरे की उड़ी हवाइयों को देख वह युवक और घबरा गया. ‘लीजिए, पानी पी लीजिए…’ युवक ने जल्दी से अपनी पानी की बोतल नेहा को थमाते हुए कहा. नेहा मौननिस्तब्ध उसे घूरे जा रही थी. ‘पी लीजिए न प्लीज,’ युवक जिद करने लगा.

नेहा ने एक अजीब सा सम्मोहन महसूस किया और वह पानी के 2-3 घूंट पी गई.

‘अब ठीक हो न तुम?’ उस ने कहा.

नेहा के मुंह से एक भी शब्द नहीं निकला. पता नहीं क्यों युवक की बेचैनी देख कर उसे हंसी आने लगी. नेहा को हंसते देख वह युवक सकपकाने लगा. तनाव से कसे उस के कंधे अब रिलैक्स की मुद्रा में थे. अब वह आराम से बैठा था और नेहा की आंखों में आंखें डाल उसे निहारने लगा था. उस युवक की तीक्ष्ण नजरें नेहा को बेचैन करने लगीं, लेकिन युवक की कशिश नेहा को असीम सुख देती महसूस हुई.

‘आप का नाम पूछ सकती हूं?’ नेहा ने बात शुरू करते हुए पूछा.

‘आकाश,’ युवक अभी भी कुछ सकपकाया सा था.

‘मेरा नाम नहीं पूछोगे?’ नेहा खनकते स्वर में बोली.

‘जी, बताइए न, आप का नाम क्या है?’ आकाश ने व्यग्र हो कर पूछा.

‘नेहा,’ वह मुसकरा कर बोली.

‘नेहा,’ आकाश उस का नाम दोहराने लगा. नेहा को लगा जैसे आकाश कुछ खोज रहा है.

‘वैसे अभी ये सब क्या था मिस्टर?’ अचानक नेहा की आवाज में सख्ती दिखी. नेहा के ऐसे सवाल से आकाश का दिल बैठने लगा.

‘जी, क्या?’ आकाश अनजान बनते हुए पूछने लगा.

‘वही जो अभीअभी आप ने मेरे साथ किया.’

‘देखिए नेहाजी, प्लीज…’ आकाश वाक्य अधूरा छोड़ थूक सटकने लगा.

‘ओह हो, नेहाजी? अभीअभी तो मैं तुम थी?’ नेहा अब पूरी तरह आकाश पर रोब झाड़ने लगी.

‘नहीं… नहीं, नेहाजी… मैं…’ आकाश को समझ नहीं आ रहा था कि वह अब क्या कहे. उधर नेहा उस की घबराहट पर मन ही मन मुसकरा रही थी. तभी आकाश ने पलटा खाया, ‘प्लीज, नेहा,’ अचानक आकाश ने उस का हाथ थामा और तड़प के साथ इसरार भरे लहजे में कहने लगा, ‘मत सताओ न मुझे,’ आकाश नेहा का हाथ अपने होंठों के पास ले जा रहा था.

‘क्या?’ उस ने चौंकते हुए अपना हाथ पीछे झटका. अब घबराने की बारी नेहा की थी. उस ने सकुचाते हुए आकाश की आंखों में झांका. आकाश की आंखों में अब शरारत ही शरारत महसूस हो रही थी. ऐसी शरारत जो दैहिक नहीं बल्कि आत्मिक प्रेम में नजर आती है. दोनों अब खिलखिला कर हंस पड़े.

बाहर ठंड बढ़ती जा रही थी. बस का कंडक्टर शीशे के साथ की सीट पर पसरा पड़ा था. ड्राइवर बेहद धीमी आवाज में पंजाबी गाने बजा रहा था. पंजाबी गीतों की मस्ती उस पर स्पष्ट झलक रही थी. थोड़ीथोड़ी देर बाद वह अपनी सीट पर नाचने लगता. पहले तो उसे देख कर लगा शायद बस ने झटका खाया, लेकिन एकदम सीधी सड़क पर भी वह सीट पर बारबार उछलता और एक हाथ ऊपर उठा कर भांगड़ा करता, इस से समझ आया कि वह नाच रहा है. पहले तो नेहा ने समझा कि उस के हाथ स्टेयरिंग पकड़ेपकड़े थक गए हैं, तभी वह कभी दायां तो कभी बायां हाथ ऊपर उठा लेता. उस के और ड्राइवर के बीच कैबिन का शीशा होने के कारण उस तरफ की आवाज नेहा तक नहीं आ रही थी, लेकिन बिना म्यूजिक के ड्राइवर का डांस बहुत मजेदार लग रहा था. आकाश भी ड्राइवर का डांस देख कर नेहा की तरफ देख कर मुसकरा रहा था. शायद 2 प्रेमियों के मिलन की खुशी से उत्सर्जित तरंगें ड्राइवर को भी खुशी से सराबोर कर रही थीं. मन कर रहा था कि वह भी ड्राइवर के कैबिन में जा कर उस के साथ डांस करे. नेहा के सामीप्य और संवाद से बड़ी खुशी क्या हो सकती थी? आकाश को लग रहा था कि शायद ड्राइवर उस के मन की खुशी का ही इजहार कर रहा है.

‘बाहर चलोगी?’ बस एक जगह 20 मिनट के लिए रुकी थी.

‘बाहर… किसलिए… ठंड है बाहर,’ नेहा ने खिड़की से बाहर झांकते हुए कहा.

‘चलो न प्लीज, बस दो मिनट के लिए.’

‘अरे?’ नेहा अचंभित हो कर बोली. लेकिन आकाश नेहा का हाथ थामे सीट से उठने लगा.

‘अरे…रे… रुको तो, क्या करते हो यार?’ नेहा ने बनावटी गुस्से में कहा.

‘बाहर कितनी धुंध है, पता भी है तुम्हें?’ नेहा ने आंखें दिखाते हुए कहा.

‘वही तो…’ आकाश ने लंबी सांस ली और कुछ देर बाद बोला, ‘नेहा तुम जानती हो न… मुझे धुंध की खुशबू बहुत अच्छी लगती है. सोचो, गहरी धुंध में हम दोनों बाइक पर 80-100 की स्पीड में जा रहे होते और तुम ठंड से कांपती हुई मुझ से लिपटतीं…’

‘आकाश…’ नेहा के चेहरे पर लाज, हैरानी की मुसकराहट एकसाथ फैल गई.

‘नेहा…’ आकाश ने पुकारा… ‘मैं आज तुम्हें उस आकाश को दिखाना चाहता हूं… देखो यह… आकाश आज अकेला नहीं है… देखो… उसे जिस की तलाश थी वह आज उस के साथ है.’

टीवी सीरियल ‘अनुपमा’ से हुआ पाखी का पत्ता साफ! एक्ट्रेस ने दिया हिंट

रुपाली गांगुली और गौरव खन्ना स्टारर ‘अनुपमा’ जब से टेलीकस्ट हुआ है तभी से टीआरपी में सबसे आगे बना हुआ है. शो के मेकर्स ‘अनुपमा’  में नए-नए ट्विस्ट और टर्न्स लेकर आते रहते है. इन दिनों ‘अनुपमा’ में फैमिली ड्रामा चल रहा है. वहीं शो में पाखी के गायब हो जाने से काफी कयास लगाए जा रहे है कि क्या पाखी शो छोड़ रही है.

पाखी के गायब होने से खलबली

टीवी सीरियल ‘अनुपमा’ में कुछ दिनों से अनुपमा की धाकड़ बेटी स्वीटी यानी पाखी गायब है. वहीं अब शो में हिंट मिल रही है शाह परिवार में जल्द ही कोई अनहोनही होने वाली है. दर्शकों को शक हो रहा है कि शो के मेकर्स पाखी की मौत दिखा सकते है. ऐसे में खलबली मच गई है कि क्या मुस्कान बामने शो छोड़ने वाली है.

 

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मुस्कान ने दी अपनी प्रतिक्रिया

अभी हाल ही में स्टार परिवार ऑवर्ड्स 2023 में एक्ट्रेस मुस्कान बामने पहुंची. इस ऑवर्ड शो में उन्हें बेस्ट बहन का ऑवर्ड मिला. मीडिया ने जब मुस्कान मे सवाल किया कि वह शो में कहां गायब है. इस पर एक्ट्रेस ने कहा ये तो मुझे भी नहीं पता पाखी कहां गायब है. मुझे पता चलेगा तो जरुर बताऊंगी. शो छोड़ने के अटकलों पर मुस्कान ने कहा कि फिलहाल तो ऐसा कुछ नहीं है, क्या बोलूं मैं भाई.

 

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धमाकेदार होगी पाखी की एंट्री

आगे मुस्कान ने कन्फर्म बताया कि पाखी जरुर वापस आएगी. अभी गायब है तो नहीं दिख रही लेकिन वापस आएगी जरुर. मुझे लग रहा है कुछ धमाकेदार जरुर होगा. अब शो से पाखी गायब हुई है तो उसका कामबैक धमाकेदार होगा. इसके लिए देखते रहिए अनुपमा.

Riteish-Geneila तीसरी बार पेरेंट्स बन जा रहे है क्या! वायरल वीडियो में दिखा Baby Bump

बॉलीवुड के सबसे पसंदीदा जोडी रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा इन दिनों काफी सुर्खियों में है. इस कपल को फैंस से खूब प्यार मिलता है. बॉलीवुड इंडस्ट्री के सबसे क्यूट कपल में से एक है. इनकी केमिस्ट्री औऱ बॉन्डिग पर सभी लोग फिदा है. हर कोई इस जोडे की तारीफे करता रहता है. हाल ही एक इवेंट में ये दोनों कपल सुर्खियों में आ गए है.

इवेंट के वायरल वीडियों में रितेश देशमुख और जेनेलिया को देखकर लोगों की निगाहें बेबी बंप पर टिक गई. अब इस वीडियों को देखकर सबको यहीं लग रहा है यह कपल अपने तीसरे बच्चे को इस दुनिया में स्वागत करना चाहते है.

क्या सच मे जेनेलिया प्रेग्नेंट है?

बॉलीवुड के क्यूट कपल रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा का हाल ही में एक इवेंट का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में जेनेलिया डिसूजा और रितेश देशमुख मुंबई में एक फैशन स्टोर के लॉन्च के मौके पर नजर आ रहे हैं. वे हाथ में हाथ डाले पहुंचे.

 

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जहां जेनेलिया ने नीली पैंट के साथ सफेद शर्ट पहनी थी, वहीं जेनेलिया ने बैंगनी रंग की टियर वाली मिनी ड्रेस पहनी थी. इस वीडियो में सबकी नजर जेनेलिया के बेबी बंप पर टिकी है. एक्ट्रेस जेनेलिया का थोड़ा फूला हुआ पेट की वजह से सब लोग  अभिनेत्री की तीसरी प्रेग्नेंसी के बारे में अटकलें तेज हो गईं.

यूजर्स दे रहे अपनी प्रतिक्रिया  

वायरल वीडियो तेजी से वायरल हो रही है. इस वीडियो को देखकर लोग रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा की प्रेंग्नेसी का कयास लगा रहे है. लोग इस वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे है. कुछ ने कहा कि वह गर्भवती हैं तो कुछ ने कहा कि उनका पेट फूला हुआ है. जबकि एक उपयोगकर्ता ने लिखा, “क्या वह गर्भवती है?” दूसरे ने टिप्पणी की, “फिर से गर्भवती?”

वेड फिल्म में रितेश- जेनेलिया नजर आए थे

मराठी सिनेमा की फिल्म वेड में दोनों कपल साथ में नजर आए थे. इस फिल्म का हिंदी वर्जन डिजनी हॉट स्टार पर रिलीज हुई थी. जेनेलिया काफी सालों बाद इस फिल्म से कमबैक किया. रितेश- जेनेलिया दो बेटे है और वह अपने परिवार के साथ काफी खुश है.

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