Summer Special: चंदन फेस पैक से निखर उठेगी आपकी स्किन

चंदन पाउडर और उससे बना फेस पैक चेहरे पर पड़े गहरे दाग धब्बों, झाइयां और झुर्रियों को भी दूर करता है. यह स्‍किन को टाइट बनाता है और त्‍वचा में निखार भर कर उसे चमकदार बनाता है. बहुत सी महिलाओं की त्‍वचा औयली होती है, जिस कारण हर समय उन्‍हें पिंपल का दर्द झेलना पड़ता है. ऐसे में चंदन पाउडर का फेस पैक उनके बहुत काम आ सकता है. अगर आपको सुंदर और गोरी त्‍वचा चाहिये तो अभी से ही चंदन फेस पैक लगाना शुरु कर दें.

अगर आप समझ नहीं पा रही हैं कि चंदन पाउडर को कौन कौन सी सामग्रियों के साथ मिला कर फेस पैक बनाएं तो, नीचे आपकी मदद के लिये ऐसे फेस पैक दिये हुए हैं जो आसानी से घर में बनाए जा सकते हैं और आपको त्वाचा संबंधी समस्याओं से छुटकारा दिला सकते हैं और उनमें बिल्‍कुल खर्च भी नहीं होगा.

1. चंदन पाउडर, हल्‍दी और कपूर

अगर आपके चेहरे पर बुरी तरह से मुंहासे हो गए हैं तो, चंदन पाउडर, हल्‍दी और कपूर को मिला कर एक पेस्‍ट तैयार कीजिये और लगाइये. नियमित लगाने से आपकी यह समस्‍या काफी हल हो जाएगी.

2. गुलाब जल और चंदन पाउडर

गुलाब जल यह बहुत ही साधारण सा फेस पैक है, जिसमें चंदन पाउडर को गुलाब जल के साथ मिला कर प्रयोग किया जाता है. इसे तब लगाएं जब आप बाहर से आई हों, जिससे इसे लगा कर गंदगी और डेड स्‍किन से छुटकारा मिल सके.

3. मुल्‍तानी मिट्टी और दही

आधा चम्‍मच मुल्‍तानी मिट्टी को आधे चम्‍मच चंदन पाउडर के साथ मिलाइये. फिर इसमें या तो दही या फिर दूध की मलाई मिला कर पेस्‍ट बना कर लगाइये. सूख जाने पर पानी से धो लें.

4. बादाम पाउडर और दूध

एक कटोरे में बादाम पाउडर को चंदन पाउडर और हल्‍के से दूध के साथ मिलाइये. इसे चेहरे पर लगा कर सुखा लें और फिर पानी से धो लें.

5. हल्‍दी और नींबू के साथ

आप हल्‍दी और चंदन पाउडर मिला कर चमकदार त्‍वचा पा सकती हैं. इसमें नींबू की भी कुछ बूंदे डालें, जिससे त्‍वचा साफ हो जाए.

6. लेवेंडर का तेल

अपनी थकान भरी त्‍वचा को रिलैक्‍स बनाने और डार्क स्पाट को हटाने के लिये आप लेवेंडर के तेल और चंदन पाउडर को मिला कर पेस्‍ट बनाइये. इससे स्‍किन भी टाइट होती है.

7. टमाटर

टमाटर काट कर उसका पल्‍प निकालिये और उसमें मुल्‍तानी मिट्टी और चंदन पाउडर मिलाइये. इस पैक को लगाने से चेहरे की रंगत में निखार आता है.

8. अंडा और शहद

अगर चेहरे पर झुर्रियां पड़ गई हों तो अंडे को शहद और चंदन पाउडर के साथ मिलाएं और चेहरे पर लगाएं. इससे स्‍किन टाइट बन जाएगी.

9. दही

चंदन पाउडर को दही के साथ मिला कर लगाने से चेहरा गोरा बनता है और सन टैनिंग भी मिटती है.

10. दूध

अगर आपकी त्‍वचा पिंपल होने कि वजह से लाल पड़ चुकी है और उसमें जलन होती है तो, फिर चंदन और दूध मिला कर पेस्‍ट बना कर चेहरे पर लगाइये. इससे आपको काफी राहत मिलेगी.

अपने ब्यूटी टिप्स में अपनाएं नीबू, कई चीजों में है लाभकारी

नीबू एक ऐसा फल है, जिस की खुशबू मात्र से ही ताजगी का एहसास होता है. चाट हो या दाल, कोई भी व्यंजन इस के प्रयोग से स्वादिष्ठ हो जाता है. यह फल खट्टा होने के साथसाथ बेहद गुणकारी भी है. आइए जानते हैं इस के कुछ प्रयोगों के बारे में:

कृमि रोग: 10 ग्राम नीबू के पत्तों के रस (अर्क) में 10 ग्राम शहद मिला कर पीने से 10-15 दिनों में पेट के कीड़े मर जाते हैं. नीबू के बीजों के चूर्ण की फंकी लेने से भी कीड़े मर जाते हैं.

सिरदर्द : नीबू के पत्तों का रस निकाल कर अच्छी तरह सूंघें. जिस व्यक्ति को हमेशा सिरदर्द बना रहता है, उसे भी इस से शीघ्र आराम मिलता है.

चेहरे की सुंदरता के लिए : 10 ग्राम नीबू का रस, 10 बूंदें ग्लिसरीन तथा 10 ग्राम गुलाबजल को मिला कर रख लें. इस लोशन को प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद तथा रात को सोने से पहले चेहरे पर हलकेहलके मलने से चेहरा कोमल बन जाएगा.

नीबू के रस में बराबर मात्रा में गुलाबजल मिला कर चेहरे पर लगाएं. आधे घंटे बाद ताजे पानी से धो लें. चेहरे के मुंहासे बिलकुल साफ हो जाएंगे. यह प्रयोग करीब 10-15 दिनों तक करें.

जीभ विकार : नीबू के रस में थोड़ा सेंहुड़ का दूध मिला कर मुंह में लगाने से जीभ के सभी प्रकार के विकार मिट जाते हैं.

नकसीर : ताजे नीबू का रस निकाल कर नाक में पिचकारी देने से नाक से खून निकलता हो, तो बंद हो जाएगा.

तृष्णा : किसी कारण से बारबार प्यास लगती हो, तो नीबू चूसने या शिकंजी पीने से तुरंत प्यास बंद हो जाती है. इसे तेज बुखार में भी दिया जा सकता है.

बालों का झड़ना व रूसी : नीबू के रस में दोगुना नारियल का तेल मिला कर हलके हाथों से सिर की मालिश करने से बाल झड़ना बंद हो जाते हैं व वे मुलायम भी हो जाते हैं, साथ ही रूसी से भी मुक्त हो जाते हैं. यदि सिर में रूसी हो, तो नीबू के रस में नारियल का तेल मिला कर रात को सिर में मलें और सुबह कुनकुने पानी और रीठे के पानी से सिर को धोएं. 2-4 बार यह क्रिया करने से खुश्की खत्म हो जाती है.

मिरगी : चुटकी भर हींग को नीबू में मिला कर चूसने से मिरगी रोग में लाभ होगा.

पायरिया : नीबू का रस व शहद मिला कर मसूड़ों पर मलते रहने से रक्त व पीप आना बंद हो जाते हैं.

दांत व मसूड़ों का दर्द : दांत दर्द होने पर नीबू को 4 टुकड़ों में काट लीजिए, इस के बाद ऊपर से नमक डाल कर सभी टुकड़े गरम कीजिए, फिर 1-1 टुकड़ा दांत व दाढ़ में रख कर दबाते जाएं व चूसते जाएं. दर्द में राहत महसूस होगी. मसूड़े फूलने पर नीबू को पानी में निचोड़ कर कुल्ले करने से अत्यधिक लाभ होगा.

दांतों की चमक : नीबू के रस व सरसों के तेल को मिला कर मंजन करने से दांतों की चमक निखर जाएगी.

हिचकी : 1 चम्मच नीबू का रस व शहद मिला कर पीने से हिचकी बंद हो जाएगी. इस प्रयोग में स्वादानुसार कालानमक भी मिलाया जा सकता है.

खुजली : नीबू में फिटकरी का चूर्ण मिला कर खुजली वाले स्थान पर रगड़ें. खुजली समाप्त हो जाएगी.

जोड़ों का दर्द : नीबू के रस को दर्द वाले स्थान पर मलने से दर्द व सूजन समाप्त हो जाएगी.

पीड़ारहित प्रसव : गर्भधारण के चौथे माह से प्रसवकाल तक अगर स्त्री 1 नीबू की शिकंजी रोज पिए तो प्रसव बिना कष्ट होता है.

मूत्रावरोध : नीबू के बीजों को महीन पीस कर नाभि पर रख कर ठंडा पानी डालें, रुका हुआ पेशाब खुल कर व साफ आ जाता है.

तपोदिक : नीबू के 25 ग्राम रस में 11 तुलसी के पत्ते तथा जीरा, हींग व नमक सब को गरम पानी में मिला कर पीने से तपेदिक रोग में लाभ होगा.

सांस फूलना : नीबू के रस में शहद मिला कर चाटने से काफी राहत महसूस होगी.

डायबिटीज और प्रजनन: क्या आप डायबिटीज के साथ गर्भधारण कर सकते हैं?

एक परिवार की शुरूआत करना, जीवन के सबसे खुशनुमा सफर में से एक होता है! वैसे यह थकाने वाला भी हो सकता है. इस पर हैरानी होना, स्वाभाविक बात है कि क्या यह पुरानी बीमारी आपकी प्रजनन यात्रा को प्रभावित कर सकती है, खासकर यदि आप टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित हैं.

डायबिटीज आप पर और आपके बच्चे के लिये गंभीर परिणाम खड़ी कर सकती है और इसलिए जानकारी हासिल करना और सावधानी बरतना, आपके प्रजनन को आसान बनाने के लिये बेहद जरूरी हो जाता है. अच्छी बात ये है कि समय से पहले इसके बारे में प्लानिंग करने और अपने डॉक्टर की मदद लेने से इससे जुड़े जोखिमों को काफी हद तक कम करने में मदद मिल सकती है. इसके परिणामस्वरूप, आप हेल्दी प्रेग्नेंसी का अनुभव ले पाएंगी और एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे पाएंगी.

डॉ.अस्वति नायर,आईवीएफ स्पेशलिस्ट, नोवा साउथेंड आईवीएफ एंड फटिर्लिटी, राजौरी गार्डन की बता रही हैं टाइप 1 या टाइप 2 डायबिटीज के साथ प्रेग्नेंसी के लिये कैसे तैयारी करें.

गर्भधारण करने का प्रयास शुरू करने के कम से कम 6 महीने पहले अपने गाइनकोलॉजिस्ट या फर्टिलिटी विशेषज्ञ से परामर्श लें. उनसे पूछें कि कैसे ब्लड शुगर को अच्छी तरह नियंत्रित रखा जा सकता है, वहीं जरूरी सप्लीमेंट जैसे फोलेट के बारे में पूछें. आपको दवाइयां बदलने को लेकर भी सलाह मिल सकती है.

यदि आपकी सेहत अच्छी है, आप गर्भवती हैं और आपका डायबिटीज पूरी तरह नियंत्रित है तो एक सामान्य प्रेग्नेंसी और प्रसव की बेहतर संभावना है. यदि प्रेग्नेंसी के दौरान डायबिटीज अच्छी तरह नियंत्रित ना हो तो आपको आगे चलकर स्वास्थ्य संबंधी गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं और यह आपके बच्चे के लिये भी खतरनाक हो सकता है.

डायबिटीज किस तरह प्रजनन को प्रभावित करता है?
डायबिटीज, महिलाओं और पुरुषों दोनों में ही प्रजनन को प्रभावित करता है और इसका संबंध खराब स्पर्म क्वालिटी, एम्ब्रयो का क्षतिग्रस्‍त होना और डीएनए के क्षतिग्रस्‍त होने से है. डायबिटीज की वजह से होने वाला हॉर्मोनल अवरोध, इम्प्लांटेशन और गर्भधारण में होने वाली देरी का प्रमुख कारण है.

डायबिटीज, महिला प्रजनन अंगों की नसों और रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करके यौन रोग का कारण बन सकता है.यह मासिक धर्म चक्र में व्यवधान पैदा कर सकता है, जिसके परिणामस्वरूप समय से पहले मोनोपॉज हो सकता है. डायबिटीज, इस प्रकार एक महिला की प्रजनन अवधि को कम कर देता है.इसके अलावा, ब्लड ग्लूकोज का उच्च स्तर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर से इरेक्शन की समस्या होती है.इसे इरेक्टाइल डिसफंक्शन कहा जाता है. डायबिटीज मेलिटस, स्पर्म में डीएनए के विखंडन को बढ़ा सकता है, जोकि बेहद खतरनाक है क्योंकि यह गर्भधारण की संभावना को कम कर सकता है और कुछ मामलों में गर्भपात के जोखिम को बढ़ा सकता है. खंडित शुक्राणु द्वारा निषेचित अंडा एक अस्वास्थ्यकर भ्रूण के जन्म का कारण बनता है.

एक स्वस्थ गर्भावस्था का सफर-
टाइप 1 वाली कुछ महिलाओं को उनके इंसुलिन डोज को बदलने या फिर इंसुलिन पंप लेने की सलाह दी जा सकती है. वहीं, टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित महिलाओं को प्रेग्नेंसी के शुरूआती चरणों में बिना किसी दवा के केवल आहार के माध्यम से अपना ब्लड शुगर नियंत्रित करने की सलाह दी जा सकती है. नीचे, लाइफस्टाइल में बदलाव के कुछ और कारक दिए गए हैं जोकि आपको अपने डायबिटीज को नियंत्रित करने में थोड़ी और मदद कर सकते हैं.
1. आहार विशेषज्ञ/डाइटिशियन से सलाह लेना
2. मादक पदार्थ (धूम्रपान, शराब) का इस्तेमाल करने से बचना
3. दवाओं में बदलाव
4.विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट लेना

सेहतमंद गर्भावस्था सुनिश्चित करने के लिये नीचे कुछ कारक दिए गए हैं, जिन्हें आपको नियंत्रित करने की जरूरत है.

ब्लड ग्लूकोज का स्तर: हो सकता है आप पहले से ही अपना अच्छी तरह ख्याल रख रहे हों, लेकिन गर्भावस्था के लिये यह और भी जरूरी हो जाता है. यह आपके और आपके बच्चे की सेहत के लिये महत्वपूर्ण है कि आपके ब्लड ग्लूकोज का स्तर स्थिर रहे.उपवास (भोजन से पहले) के दौरान आदर्श ब्लड ग्लूकोज का स्तर 4.0 और 5.5 mmol/L के बीच होता है और भोजन के 2 घंटे बाद 7.0 mmol/L से कम होता है. यदि आपको डायबिटीज है, तो स्वस्थ रहने और स्वस्थ बच्चे को जन्म देने के लिये गर्भावस्था से पहले और गर्भावस्था के दौरान जितना हो सके अपने ब्लड ग्लूकोज के स्तर को सामान्य रखना जरूरी है.

HbA1c स्तर:
आपके प्रजनन के शुरूआत में, आपके HbA1c का स्तर आवश्यक रेंज के अंदर रहना जरूरी है. ऐसा इसलिए है, क्योंकि HbA1c का अधिक स्तर आपके बच्चे के विकास को प्रभावित कर सकता है. खासातौर से गर्भावस्था की पहली तिमाही (पहले आठ हफ्ते) के दौरान यह महत्वपूर्ण है, जब बच्चे के अंगे विकसित हो रहे होते हैं.

HbA1c के स्तर को 48 mmol/mol से नीचे रखना बेहद आवश्यक है.यदि इसका स्तर 48 mmol/mol से अधिक हो जाता है तो खतरे को कम करने के लिये आपको सावधानियां बरतनी चाहिए.

फॉलिक एसिड:
अपने बच्चे के खतरों को कम करने के लिये गर्भधारण करने से पहले कम से कम 12 हफ्तों के लिये हर रोज 5 एमजी डोज लेना जरूरी है.

आहार और एक्सरसाइज:
एक्सरसाइज और संतुलित आहार, ब्लड ग्लूकोज के लक्ष्य तक पहुंचने में आपकी मदद कर सकते हैं. शारीरिक सक्रियता, तनाव को दूर कर, आपके दिल और हड्डियों को मजबूती देकर, मांसपेशियों की ताकत बढ़ाकर और आपके जोड़ों को लचीला बनाए रखकर, एक सेहतमंद ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है.गर्भावस्था के दौरान हर दिन 30 मिनट का ब्रिस्क वॉक भी रक्तसंचार को नियमित बनाए रखने का एक बेहतरीन तरीका है. अपनी मेडिकल टीम से बात करें कि वो आपको प्रभावी गतिविधियों के बारे में बताएं जोकि गर्भावस्था के दौरान आपके लिये सबसे अच्छे हैं.

मुसकान : क्यों टूट गए उनके सपने

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Eid special : चिकन मलाई टिक्का

ईद के इस अवसर में खाने-पीने में अगर हेल्दी खाना हो तो फिर क्या कहना. अगर आप अपने परिवार की हेल्थ को लेकर हमेशा परेशान रहती हैं, आपको यह समझ नहीं आ रहा कि इस ईद में क्या बनाएं. तो फिर इस बात की टेंशन छोड़ दें और घर पर ही रेस्टोरेंट जैसा खाना बनाकर अपने परिवार को खुश कर दें. बनाइए चिकन मलाई टिक्का जिसमें अधिक मात्रा में कैल्शियम तथा वसा होता है जो स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अच्‍छी होती है.

सामग्री

1. एक किलों बोनलेस चिकन

2. तीन चम्मच बटर

3. तीन चम्मच क्रीम

4. एक चम्मच दही

5. दो चम्मच हरी इलायची

6. एक चम्मच अदरक लहसुन का पेस्ट

7. थोड़ी घिसी हुई जायफल

8. एक चम्मच जीरा

9. कटी हरी मिर्च

10. नींबू का रस

11. आवश्यकतानुसार तेल

12. स्वादानुसार नमक

ऐसे बनाएं

सबसे पहले चिकन को मिक्सी में पीसकर उसमें नमक और नींबू निचोड़ कर इसे ढ़क कर रख दें. फिर एक बाउल में दही, अदरक लहसुन का पेस्ट, थोडा सा बटर, क्रीम, जीरा, इलायची, जायफल, हरी इलायची और थोड़ा सा तेल को मिला कर इसका पेस्ट बनाएं. अब इस पेस्ट को पहलें से रखे हुए चिकन पर मैरीनेट करने के लिये लगाएं. फिर इस चिकन को एक घंटे के लिए फ्रिज में रख दें. फिर थोडी देर बाद इस चिकन को 15 मिनय के लिए ग्रिल्ल करें और फिर इस चिकन में बटर लगाते हुए इसे ओवन में 180 डिग्री सेल्सियस पर कर दें. जब चिकन बेक हो जाए तब इसे निकाल कर सर्व करें.

Eid Special: ईद पर ऐसे रखे अपनी सेहत का ख्याल

रोजेदारों का इंतजार अब खत्म होने को है. ईद की खुशियां छाने लगी हैं, लोग तैयारी में जुटे हुए हैं. गर्मी भी अपने शबाब पर है. ऐसे में ईद वाले दिन खानपान को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है. लापरवाही से सेहत बिगड़ सकती है. चिकित्सकों का कहना है कि खूब जश्न मनाएं, पर सेहत को नजरंदाज बिल्कुल न करें. कुछ बातों का ख्याल रखकर त्योहार के दौरान बीमारी की चपेट में आने से बचा जा सकता है। एक रिपोर्ट..

पोषक आहार के साथ करें दिन की शुरुआत

ईद के दिन घर-घर पकवान बनाए जाते हैं। सामूहिक ईद मिलन समारोहों का दौर भी शुरू हो जाता है। ऐसे माहौल में एक माह तक रोजे रखने वालों को एकाएक गरिष्ठ भोजन करने से बचना चाहिए।

जिला अस्पताल के डॉ. अमित सिंह का कहना है कि ईद पर पोषक आहार के साथ दिन की शुरुआत करना बेहतर रहेगा। भारी खाने से बचें, ज्यादा तला-भुना और नमकीन खाने से परहेज करें

  • ब्राउन राइस

ब्राउन राइस में वाइट राइस की तुलना में कहीं अधि‍क फाइबर पाए जाते हैं. अगर सेहत की बात करें तो विशेषज्ञ भी मानते हैं कि वाइट राइस की तुलना में ब्राउन राइस खाना ज्यादा फायदेमंद होता है.

  • हरी सब्जियां

पत्तीदार हरी शाक-सब्जियाँ शरीर के उचित विकास एवं अच्छे स्वास्थ के लिए आवश्यक होती है,क्योंकि इसमें सभी जरूरी पोषक तत्व उपस्थित होते हैं.  पालक, तोटाकुरा, गोंगुरा, मेथी, सहजन की पत्तियाँ और पुदिना इनमें से एक हैं.

  • लीन मीट
  • मछली
  • अंडे
  • फल जैसे- तरबूज, खरबूजा, आम केला व सेब मेहमानों का स्वागत कराना अच्छा रहेगा.

मेरे चेहरे पर बहुत जल्दी रैशेज हो जाते हैं, रैशेज से बचने के लिए मैं क्या करुं?

सवाल 

मैं नेपाल की हूं. मेरे चेहरे पर बहुत जल्दी रैशेज हो जाते हैं. रैशेज से बचने के लिए मुझे क्या करना चाहिए और क्या कोई उपाय है जिस से मेरा चेहरा साफ-सुथरा और स्किन शाइन करे?

जवाब 

अगर आप की त्वचा का रंग लाल हो रहा है या फिर उस में खुजली या रैशेज हो रहे हैं तो ये सब ऐलर्जी होने के लक्षण हैं. त्वचा में ऐलर्जी किसी को भी हो सकती है. ऐलर्जी का मुख्य कारण हमारी जीवनशैली और दिनचर्या है. साथ ही प्रदूषण जैसे कारक भी ऐलर्जी का कारण बन सकते हैं. आप को जान कर हैरानी होगी कि खाने सेहवा सेपानी सेप्रदूषण से त्वचा ऐलर्जी का शिकार हो जाती है.

अगर ऐलर्जी है तो आप  त्वचा में खुजली न करें. ऐलर्जी होने पर त्वचा को केवल पानी से धोएं. जिस साबुन या फेसवाश का आप नियमित रूप से इस्तेमाल कर रही हैं उस का इस्तेमाल करना बंद कर दें. साबुन के कारण त्वचा रूखी हो जाती है और खुजली बढ़ जाती है. रोज नहाएं और डाक्टर की सलाह से साबुन का इस्तेमाल करें.

सब से महत्त्वपूर्ण बात यह कि अगर आप को पता लगे कि किस चीज से आप को ऐलर्जी होती है तो उस से दूर रहें. ऐलर्जी होने पर फिटकरी के पानी से प्रभावित स्थान को धो कर साफ करें. आंवले की गुठली जला कर राख कर लें. उस में 1 चुटकी फिटकरी और नारियल का तेल मिला कर पेस्ट बना लें. इसे लगाती रहें. कैलामाइन लोशन फायदेमंद रहता है. डाक्टर की सलाह से ऐंटीऐलर्जिक दवाएं लें.

Eid special: दीपिका से लेकर आलिया तक, ईद पर ये लुक लगाएंगे आपके हुस्न पर चार-चांद

लोग घर ईद की तैयारियों में लगे हुए हैं. वहीं कपड़ों की बात करें तो लड़कियां अपने आपको सजने-संवरने के लिए नए-नए आउटफिट्स ट्राय कर रही हैं. आज हम आपको ईद के लिए कुछ बौलीवुड एक्ट्रेसेस के फैशन के कुछ लुक बताएंगे, जिसे आप ईद पर ट्राय कर सकती हैं.

1. Sara Ali Khan का शरारा लुक है परफेक्ट

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बॉलीवुड में धमाल मच रहीं एक्ट्रेस सारा अली खान ने अपनी फिल्म केदारनाथ में एक से बढ़कर एक ट्रेडिशनल ड्रेस पहने नजर आईं थीं, जिनमें उनका शरारा लुक काफी पौपुलर हुआ था. यह ड्रेस फेस्टिवल के मौके के लिए परफेक्ट है.

2. Madhuri Dixit का लॉन्ग पाकिस्तानी स्टाइल सूट

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डांसिंग क्वीन माधुरी दीक्षित भी इंडियन लुक में अपने फैशन से हर किसी को इंस्पायर करती रहती हैं. वहीं हाल ही में उनका लंबे पाकिस्तानी स्टाइल सूट में लुक बेहद खूबसूरत लगीं.

3. Alia Bhatt का अनारकली सूट

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ईद हो या शादी हर जगह अनारकली सूट हर मौके की शान है. ऐसे में आप आलिया भट्ट की तरह इस तरह के अनारकली सूट में खुद को इस मौके के लिए संवार सकती है.

4. Deepika Padukone का ट्रेडिशनल लुक

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ईद के मौके पर हैवी एम्ब्रॉयडरी वाली लौंग सूट उनके लुक पर चार चांद लगा सकता है. अपनी शादी की सालगिरह पर दीपिका का ये सूट उनके लुक पर चार चांद लगाया था.

5. कपूर डौटर्स का लुक है परफेक्ट औप्शन

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करिश्मा कपूर ने बीते साल गणपति उत्सव के मौके पर पाकिस्टानी शौर्ट सूट पहना था, जिसमें उनका लुक देखने लायक था. इतना ही नहीं, करीना कपूर खान (Kareena Kapoor) का नवाबी लुक भी सेलिब्रेशन के मौके पर परफेक्ट औप्शन है.

फेसपैक लगाते समय ध्यान रखें ये 5 बातें

चेहरे को साफ और चमकदार बनाएं रखने के लिए हम अक्‍सर ही फेसपैक लगाते हैं. फेसपैक चेहरे की त्‍वचा को स्‍वस्‍थ बनाएं रखने में मदद करता है. लेकिन फेसपैक लगाते समय कई बातों को ध्‍यान में रखना बेहद आवश्‍यक होता है ताकि त्‍वचा को इससे कोई नुकसान न हो.

फेसपैक लगाते समय हम बहुत छोटी-छोटी ग‍लतियां कर देते हैं. ब्‍यूटी एक्‍सपर्ट रंजना निगम बता रही हैं फेसपैक लगाने के कुछ आसान टिप्स ताकि फेसपैक चेहरे की रौनक बढ़ाए न कि त्‍वचा संबंधी समस्‍याओं का कारण बन जाए.

जानें फेसपैक लगाते समय किन बातों का रखना चाहिए:

1. फेसपैक को बिल्कुल सूख जाने के बाद हटाना, ऐसा करने से बचें. इससे त्‍वचा रूखी हो जाती है और उसमें झुर्रियां जल्‍दी आती हैं. फेसपैक जैसे ही हल्‍का सूखने लगे, उसी वक्त चेहरे को गुनगुने पानी या फिर ताजे पानी से धो लें.

2. फेसपैक हमेशा नहाने के बाद लगाएं. अधिकतर लोग नहाने से पहले ही फेसपैक लगाते हैं लेकिन ऐसा करने से बचें. नहाने से पहले फेसपैक लगाने से चेहरे की नमी कम होने लगती है. जबकि नहाने के बाद त्‍वचा के पोर्स खुल जाते हैं और फेसपैक चेहरे के अंदर तक पहुंचकर इसकी रौनक बढ़ाने का काम करता है.

3. फेसपैक को सीधे ब्रश से लगाने की बजाय इसे मसाज करते हुए लगाएं. ऐसा करने से फेसपैक चेहरे की अंदरूनी सतह तक पहुंचकर काम करता है. 10 मिनट की मसाज देते हुए पैक को 15 मिनट के लिए चेहरे पर लगा छोड़ दें. इसके बाद पानी से चेहरा साफ कर लें.

4. फेसपैक लगाने के बाद साफ चेहरे पर टोनर या गुलाबजल कॉटन से अच्‍छी तरह लगाएं. इससे त्‍वचा में ग्‍लो आएगा.

5. फेसपैक लगाने के बाद आंखें बंद करके थोड़ी देर रिलैक्‍स होकर बैठें. ऐसा करने से चेहरे की त्‍वचा को आराम पहुंचता है. फेसपैक लगाने के बाद बातचीत करने से बचें क्‍योंकि इस तरह चेहरा सिकुड़ता है. यह सिकुड़न आपके चेहरे की त्‍वचा को ढीला कर देती है.

मेरे पति पुरुष नसबंदी कराना चाहते हैं. लेकिन इससे वैवाहिक जीवन पर कोई असर तो नहीं होगा?

सवाल

मैं 29 वर्षीय और 2 बच्चों की मां हूं. हम आगे बच्चा नहीं चाहते और इस के लिए मेरे पति स्वयं पुरुष नसबंदी कराना चाहते हैं. कृपया बताएं कि इस से वैवाहिक जीवन पर कोई असर तो नहीं होगा?

जवाब

आज जबकि सरकारें पुरुष नसबंदी को प्रोत्साहन दे रही हैं, आप के पति का इस के लिए स्वयं पहल करना काफी सुखद है. आमतौर पर पुरुष नसबंदी को ले कर समाज में अफवाहें ज्यादा हैं. आप को यह जान कर आश्चर्य होगा कि भारत में पुरुष नसबंदी कराने वालों का प्रतिशत काफी निराशाजनक है.

दरअसल, पुरुष नसबंदी अथवा वासेक्टोमी पुरुषों के लिए सर्जरी द्वारा परिवार नियोजन की एक प्रक्रिया है. इस क्रिया से पुरुषों की शुक्रवाहक नलिका अवरुद्ध यानी बंद कर दी जाती है ताकि शुक्राणु वीर्य (स्पर्म) के साथ पुरुष अंग तक नहीं पहुंच सकें.

यह बेहद ही आसान व कम खर्च में संपन्न होने वाली सर्जरी है, जिस में सर्जरी के 2-3 दिनों बाद ही पुरुष सामान्य कामकाज कर सकता है. सरकारी अस्पतालों में तो यह सर्जरी मुफ्त की जाती है. अपने मन से किसी भी तरह का भय निकाल दें और पति के इस निर्णय का स्वागत करें.

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सवाल

मैं 42 वर्षीय हूं. 1 बेटा है जो होस्टल में रह कर पढ़ाई करता है. मैं और मेरी पत्नी दोनों कामकाजी हैं. समस्या वृद्ध पिता को ले कर है. वे चलनेफिरने में लाचार हैं और उन की विशेष देखभाल करनी पड़ती है. समय की कमी की वजह से हम उन की उचित देखभाल नहीं कर पा रहे. क्या उन्हें किसी वृद्धाश्रम में रख सकते हैं? किसी वृद्धाश्रम की जानकारी मिले तो हमारा काम आसान हो जाएगा?

जवाब

बेहतर यही होगा कि आप अपने वृद्ध पिता की देखभाल के लिए दिन में कोई केयर टेकर रख लें. इस अवस्था में वृद्धों को सिर्फ आर्थिक ही नहीं शारीरिक व मानसिक रूप से भी अपनों का साथ पसंद होता है. फिर सुबहशाम और छुट्टी के दिन तो उन्हें आप का साथ मिल ही रहा है. इस से वे बोर भी नहीं होंगे और उचित देखभाल की वजह से स्वस्थ भी रहेंगे.

पाठक अपनी समस्याएं इस पते पर भेजें : गृहशोभा, ई-8, रानी झांसी मार्ग, नई दिल्ली-110055.

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