सवाल-

मैं 34 साल का हूं और प्राइवेट सैक्टर में काम करता हूं. घर की टैंशन और औफिस की टैंशन की वजह से मुझे रात को नींद नहीं आती है. इस वजह से मैं ने नींद की गोलियां खानी शुरू कर दीं. मगर कुछ प्रौब्लम खत्म नहीं हुई, बल्कि और बढ़ गई. प्लीज मुझे गाइड करें?

जवाब-

हैल्दी जीवन गुजारने के लिए यह बहुत जरूरी है कि हम कम से कम तनाव लें. सब से पहले तो आप अपने थौट्स और फीलिंग्स पर गौर करें. जानें कि आप को क्या बात परेशान कर रही है. फिर उन्हें दूर करने की कोशिश करें. मैडिटेटिंग ऐक्टिविटीज जैसे ब्रीदिंग ऐक्सरसाइज करने से आप का माइंड रिलैक्स होगा और आप अपने काम पर फोकस कर पाएंगे. अपनी फैमिली के साथ समय बिताएं. उन से बातचीत करें, उन को समझें. धीरेधीरे आप अपनी लाइफ ऐंजौय करने लगेंगे.

एकल परिवारों में जहां मातापिता दोनों नौकरीपेशा होते हैं वहां बच्चे अपनी समस्या का हल खुद ही निकालने की कोशिश करते हैं और जब वे इस में कामयाब नहीं हो पाते हैं तब कई बार आत्महत्या जैसा कदम भी उठा लेते हैं.

रंजना एक सिंगल पेरैंट हैं. अपनी बेटी श्रेया को ले कर वे बहुत महत्त्वाकांक्षी रही हैं. वे उसे डाक्टर बनाना चाहती थीं, परंतु श्रेया की साइंस में बिलकुल दिलचस्पी नहीं थी. यह बात वह कभी रंजना को खुल कर नहीं बता पाई. धीरेधीरे वह कुंठित होती गई. घंटों कमरे में बंद रहती. धीरेधीरे डिप्रैशन में चली गई.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- [email protected]
 
सब्जेक्ट में लिखे…  गृहशोभा-व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...