लेखक- पूजा पाठक

क्षिप्रा के घर किट्टी पार्टी चल रही थी. अचानक घड़ी पर नजर पड़ते ही रागिनी उठ कर चल दी.

‘‘अरे अभी तो 5 ही बजे हैं, 6 बजे तक चली जाना,’’ क्षिप्रा ने उस का हाथ पकड़ कर चिरौरी की.

‘‘माफ करना. मुझे तो कल सुबह औफिस जाना है. अब तेरी तरह हाउसवाइफ तो हूं नहीं कि आराम की जिंदगी जी सकूं. मुझे तो घरबाहर दोनों देखना होता है,’’ रागिनी ने महीन ताना करते हुए कहा. अपनेपन से पकड़े गए हाथ की पकड़ ढीली हो गई. क्षिप्रा ने सामने कुछ नहीं कहा लेकिन इस एक व्यंग्य से दोनों सखियों की दोस्ती में एक अनकही दरार तो आ ही गई.

Digital Plans
Print + Digital Plans

साथ ही मिलेगी ये खास सौगात

  • 2000 से ज्यादा कहानियां
  • ‘कोरोना वायरस’ से जुड़ी सभी लेटेस्ट अपडेट
  • हेल्थ और लाइफ स्टाइल के 3000 से ज्यादा टिप्स
  • ‘गृहशोभा’ मैगजीन के सभी नए आर्टिकल
  • 2000 से ज्यादा ब्यूटी टिप्स
  • 1000 से भी ज्यादा टेस्टी फूड रेसिपी
  • लेटेस्ट फैशन ट्रेंड्स की जानकारी
Tags:
COMMENT