कई बार बच्चा अपनी जिद्द मनवाने के लिए रोता है. आप ने न कहा तो उस ने अपना सिर पटका, आप ने फिर न कहा. लेकिन जब वह जमीन पर लोटने लगा तो आप ने घबरा कर उसे हां कह दिया. यहीं से बच्चा समझ जाता है कि रोने से कुछ नहीं होता. जमीन पर लोटने से जिद मनवाई जा सकती है. बस, तब से वह वही काम करने लगता है. इस प्रकार मूल बात है कि बिहेवियर मौडिफिकेशन या मोल्डिंग अर्थात जिस तरह से आप उसे आकार देंगे वह वैसा ही करेगा. जैसा कि कुम्हार करता है. जो घड़ा उसे चाहिए उसे वह अपनी तरह से आकार देता है. लेकिन यहां बात बच्चे की है. अगर बच्चे को आप ने किसी वस्तु के लिए न कहा है तो आप उस का कारण अवश्य बताइए. बच्चा कितना भी रोएचिल्लाए, आप अपनी बात पर कायम रहें, दृढ़ रहें ताकि उसे अपनी सीमा रेखा पता चले. यह काम बचपन से ही करना चाहिए.

साथ ही मिलेगी ये खास सौगात

  • 2000 से ज्यादा कहानियां
  • ‘कोरोना वायरस’ से जुड़ी सभी लेटेस्ट अपडेट
  • हेल्थ और लाइफ स्टाइल के 3000 से ज्यादा टिप्स
  • ‘गृहशोभा’ मैगजीन के सभी नए आर्टिकल
  • 2000 से ज्यादा ब्यूटी टिप्स
  • 1000 से भी ज्यादा टेस्टी फूड रेसिपी
  • लेटेस्ट फैशन ट्रेंड्स की जानकारी
COMMENT