प्रेम मानव जीवन की मुधरतम भावना है लेकिन इस को परिभाषित करना लगभग असंभव है. प्रेम को शब्दों में परिभाषित करना उचित भी नहीं है. जिस तरह बहती हवा को या फूलों की खुशबू को हम देख नहीं सकते जबकि उसे अनुभव कर सकते हैं उसी तरह प्रेम भी एक एहसास है. प्रेम का अर्थ अलगअलग व्यक्तियों के लिए, अलग उम्र के लोगों के लिए और अलग रिश्तों के लिए भिन्न हो सकता है.

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