Me and my life : आज के टीनएजर का अकेला रहना पसंद करना और मातापिता के साथ न रहना केवल "नापसंद" का विषय नहीं है, बल्कि यह बहुत कुछ पेरेंट्स पर निर्भर लरता है. वैसे तो हर मातापिता यही चाहते हैं कि उनका बौन्ड उनके टीनएजर के साथ हमेशा मजबूत रहे. लेकिन जाने अनजाने में मातापिता की कुछ गलतियों की वजह से टीनएजर उनसे दूर हो जाते हैं. यही वजह है कि कई बार टीनएजर अपने आप को अकेला और अनदेखा महसूस करते हैं। ऐसे में टीनएजर को अपनी आज़ादी ज्यादा अच्छी लगने लगती है, वह जहां चाहे वहां रह सके और जो चाहे वो कर सके. इसके लिए वे पैरंट्स से अलग रहने का ऑप्शन चुनते है. आइए जानें ऐसा क्यों होता है.
बच्चे अब अकेले रहना पसंद करते है माता पिता के साथ रहना उन्हें पसंद क्यों नहीं है ?
दरअसल आजकल के पेरेंट्स बहुत झगड़ रहें हैं. जब बच्चा छोटा होता है तब तक तो उसे पेरेंट्स का झगड़ा समझ नहीं आता. 5 -6 साल के बाद उसे समझ आने लगता है कि और जब वो 12 -13 का हो जाता है तब उसे ये पता चल जाता है की मेरे माँ बाप बिलकुल दोगले, कनिंग है, झूठे हैं, और सेल्फिश है, कोई रेस्पेक्ट के लायक है ही नहीं. क्यूंकि हमारी सोसाइटी ने ऐसे पेरेंट्स पैदा कर दिए हैं जो अब अपनी अपनी सोचते हैं जो मिया बीवी भी एक दूसरे की नहीं सोचते. ये कोई नई चीज नहीं है लेकिन पहले जॉइंट फॅमिली में ढक जाती थी.
पहले 15 -16 साल का जब तक लड़का होता था तो उसे काम धंधें पर लगा देते थे. आज 14 साल से लेकर 24 तक मां बाप उसको पैसे देकर पालते हैं और इन सारे सालों में वो गुस्सा रहता है कभी मां से कभी बाप से कभी बहिन से. लगातार उसका गुस्सा किसी ना किसी से बना रहता है. नहीं तो सामने वाला उससे गुस्सा होगा तूने ये नहीं किया? तूने वो नहीं किया? तू अच्छे नंबर नहीं लाया?
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