दमदार अभिनय से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाने वाली अभिनेत्री दीपिका पादुकोण मशहूर बैडमिंटन खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण की बेटी हैं.  मौडलिंग से करियर की शुरूआत करने वाली दीपिका ने 2006 में प्रदर्शित कन्नड़ फिल्म ‘ऐश्वर्या’ से दीपिका ने अपने फिल्मी कैरियर की शुरुआत की. बौलीवुड में 2013 दीपिका के कैरियर के लिए बेहतरीन वर्ष साबित हुआ. इस साल उन की फिल्म ‘रेस-2,’ ‘ये जवानी है दीवानी,’ ‘चेन्नई ऐक्सप्रैस’ और ‘गोलियों की रासलीला रामलीला’ आदि फिल्में रिलीज हुईं. सभी फिल्मों ने 100 करोड़ से ऊपर कमाई की. रोचक बात यह थी कि इन फिल्मों की शूटिंग के दौरान दीपिका की अपने को-स्टार रणवीर सिंह से नजदीकियां बढ़ीं और फिर दोनों ने शादी भी कर ली. दीपिका और रणवीर की बौंडिंग इतनी मजबूत है कि दोनों की सोच भी लगभग एक जैसी ही है. कुछ अरसा पहले में रणवीर ने इस बारे में बात करते हुए कहा था कि जब से हम दोनों डेटिंग कर रहे हैं तभी से अपनी लाइफ और फिल्मों के चयन इत्यादि पर एक-दूसरे से बात करते रहते हैं. कमाल की बात यह है कि इन मुद्दों पर हमारी राय एक जैसी ही होती है. यदि मुझे लगता है कि कोई फिल्म मेरे लिए सही नहीं है तो दीपिका का भी यही सोचना होता है. दीपिका इन दिनों फिल्म ‘छपाक’ की शूटिंग में व्यस्त हैं. उन से बात करना रोचक रहा. प्रस्तुत हैं, बातचीत के कुछ अंश:

मैरिड लाइफ के बारे में क्या कहना चाहेंगी?

शादी से पहले मैं ने लगभग 6 साल रणवीर को डेट किया. हम दोनों का कैरियर अलगअलग पड़ाव पर था. हम शादी के पहले भी एकदूसरे की पर्सनल लाइफ और चौइस का सम्मान करते थे और आज भी करते हैं. कुल मिला कर रणवीर के साथ शादी मेरी जिंदगी के खूबसूरत लमहों में से एक है.

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आप सफल अभिनेत्री मानी जाती हैं, इस बात से कितनी सहमत हैं?

मुझे जो भी प्रोजैक्ट मिलता है मैं उसे अच्छी तरह करने की कोशिश करती हूं. पर कई बार ऐसा नहीं हो पाता. उतार-चढ़ाव आता रहता है. मैं इसे सहजता से लेती हूं. मैं अपने किरदार के साथ न्याय करने के लिए उसे पूरी तरह खुद के अंदर उतार लेती हूं. मेरे फैन मुझे सफल अभिनेत्रियों में मानते हैं इस के लिए मैं उन की शुक्रगुजार हूं.

जब आप ने पहली बार अभिनय करने की मंशा जताई तो परिवार की प्रतिक्रिया क्या थी?

मुझे फिल्मों में नहीं आना था. मैं बैंगलुरु में 12वीं कक्षा में पढ़ती थी. पिता के साथ बैडमिंटन खेलती थी. उसी समय हमारे परिचित ऐड गुरु प्रसाद बेडप्पा ने मेरा फोटो शूट किया. फोटो का रिजल्ट बहुत अच्छा आया. फिर उन्होंने ही मुझे कुछ विज्ञापनों के औफर भी दिलवा दिए. शौकिया तौर पर काम करतेकरते मुझे अच्छा लगने लगा. एक दिन जब मैं ने पिता से कहा कि मैं फिल्मों में काम करूंगी तो उन्होंने मना कर दिया. उन्होंने कहा कि तुम बैडमिंटन अच्छा खेलती हो. इसी को प्रोफैशन बनाओ. फिर छोटी बहन भी धीरेधीरे इसी में आ जाएगी. तब मैं ने मां को समझाया कि अगर मैं अभिनय में सफल नहीं हो पाई तो वापस स्पोर्ट में आ जाऊंगी. मां ने पिता को राजी कर लिया. मैं अकेली मुंबई आ गई. मेरे पास प्रसाद बेडप्पा का शूट किया पोर्टफोलियो था, जिसे मैं ने सभी प्रोडक्शन हाउस में डाल दिया. इसी दौरान फराह की निगाह मुझ पर पड़ी और मैं अभिनेत्री बन गई.

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मुश्किलों से निबटने की ताकत दीपिका को कहां से मिलती है?

मेरे पेरेट्स बेहद सपोर्टिव हैं. जब मैं अवसाद के दौर से गुजर रही थी तब मेरे पिता ने मुझे मेरी इनर स्ट्रैंथ से परिचित कराया और धीरेधीरे मैं इस दौर से उबर सकी. रणवीर भी काफी सपोर्टिव हैं. मुश्किलों का दौर हर किसी की जिंदगी में आता है. ऐसे में अपने आप को अंदर से मजबूत बनाए रखना और मुश्किलों से उबरने का हौसला दिल में जगाए रखना बेहद जरूरी है. परिवार और दोस्तों के साथ हमेशा अच्छे संबंध बना कर रखें, क्योंकि मुश्किल में वे ही काम आते हैं.

Edited by Rosy

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