यह मामला पारस अस्पताल का है जहाँ हिसार के रहने वाले जंगबीर ने शिकायत दर्ज कराई कि सुनील कुमार नाम का उन का 24 वर्षीय भांजा 6 महीने पारस अस्पताल में भरती रहा. इस दौरान डॉक्टरों के गलत इलाज के कारण वह वेंटिलेंटर पर पहुंच गया.

जंगबीर के अनुसार एक हादसे में सुनील के गर्दन और सिर पर चोट आई थी. पहला इलाज हिसार में हुआ जहां उन की गर्दन का ऑपरेशन कराया गया. बाद में वहां के डॉक्टरों ने कहा कि सिर में चोट की वजह से सुनील को न्यूरो सर्जन की जरूरत है. इस के बाद उसे गुरुग्राम के पारस अस्पताल में ले जाया गया जहां के डॉक्टरों ने कहा कि मरीज को न्यूरो सर्जन की नहीं बल्कि एक नेक-स्पाइन सर्जन की जरूरत है.

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