Public Place : मुंबई की एक पौश एरिया में वन बैडरूम वाले फ्लैट में रहने वाली निशा अपना अधिकतर सामान उस फ्लोर के कोरिडोर में रख देती है. 4 मैंबर के इस परिवार के लिए फ्लैट छोटा पड़ता है। ऐसे में प्रयोग में न आने वाली सारी वस्तुओं को वह कोरीडोर में रखना पसंद करती है.
हाउस कीपिंग सुपरवाइजर के मना करने पर वह उन से लड़ पड़ती है कि क्या उन का समान पैसेज में रखना गलत है? समझाने पर भी वह इस बात को समझना नहीं चाहती. संयोग से ऐसा हुआ कि 15वीं मंजिल पर आग लगी और लोगों को नीचे उतरने के लिए सीढ़ी का रास्ता मिलना मुश्किल हो गया
क्योंकि सामानों की वजह से कोरीडोर पतले हो गए थे और एक समय में इतने लोगों का साथ उतरना मुश्किल था. फायर ब्रिगेड को भी वहां तक पहुंचना मुश्किल हो रहा था, हालांकि किसी की जान नहीं गई, लेकिन एक बड़ी पेनाल्टी निशा दंपति को चुकानी पड़ी.
इतना ही नहीं तीसरे माले पर रहने वाली पढ़ीलिखी लड़की नेहा अपने अधिकतर सामान घर से बाहर कोरीडोर में रखती है। हाउसिंग सोसाइटी वालों ने जब ऐसा करने से मना किया, तो वह भी उन से लड़ पड़ी क्योंकि उन के घर में जगह नहीं है, इसलिए उन्होंने बाहर रखा हुआ है। उन के हिसाब से यह गलत नहीं. बच्चों की साइकिल नीचे पार्किंग में इसलिए नहीं रख सकती क्योंकि कोई उठा ले जाएगा। ताला लगाने की बात कहने पर वह चुप रही और कहती रही कि इस से किसी भी फ्लैट वालों को परेशान होने की जरूरत नहीं होनी चाहिए. नेहा ने अपनी बात भले ही रख दी हो, लेकिन बीमार 70 वर्षीय बुजुर्ग को घर से निकल कर लिफ्ट तक पहुंचना मुश्किल हो रहा था क्योंकि रास्ते में बच्चों की साइकिलें पड़ी हुई थीं.
आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
डिजिटल
गृहशोभा सब्सक्रिप्शन के फायदे
- गृहशोभा मैगजीन का सारा कंटेंट
- 2000+ फूड रेसिपीज
- 6000+ कहानियां
- 2000+ ब्यूटी, फैशन टिप्स
24 प्रिंट मैगजीन + डिजिटल
गृहशोभा सब्सक्रिप्शन के फायदे
- 24 प्रिंट मैगजीन + मोबाइल पर पढ़ने की सुविधा
- डिजिटल सब्सक्रिप्शन के बेनिफिट्स
- गृहशोभा इवेंट्स का फ्री इन्विटेशन
