पामेला ग्रैविएट

 (सीनियर मार्केटिंग डाइरैक्टर, कैलिफोर्निया वालनट कमीशन)

अखरोट यानी वालनट्स स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं. भारत में इन की उपयोगिता दिनों दिन बढ़ती जा रही है. 5 साल पहले कैलिफोर्निया वालनट ने भारत में प्रवेश किया था. उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले इन वालनट्स की मांग आज इतनी है कि उसे पूरा कर पाना मुश्किल हो रहा है. असल में अखरोट व्यक्ति की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के अलावा और कई बीमारियों को भी आने से रोकते हैं. इसीलिए इन का नियमित सेवन अपनी डाइट में करना बहुत जरूरी है ताकि आप स्वस्थ रह सकें. इस बारे में कैलिफोर्निया वालनट कमीशन की सीनियर मार्केटिंग डाइरैक्टर इंटरनैशनल, पामेला ग्रैविएट से अखरोटों की उपयोगिता और इन की क्वालिटी के बारे में बातचीत हुई. आइए, जानते हैं वे क्या कहती हैं:

कैलिफोर्निया वालनट में जौइन करने के बाद आप की प्लैनिंग क्या रही?

पिछले 5 सालों से वालनट्स के बारे में सब को शिक्षित करना मेरा मुख्य उद्देश्य रहा है ताकि वे इन की गुणवत्ता को समझ सकें. भारत में इस की उपयोगिता धीरेधीरे बढ़ रही है. इस में मैं लोगों को इन से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी लाभों को अधिक समझाने की कोशिश करती हूं, क्योंकि लोग यह जानते नहीं हैं. मैं ने 4 साल तक इस बारे में पहले लोगों को शिक्षित किया और उस से संबंधित इवैंट्स जानकारी युक्त कार्ड्स, डाक्टर्स, डाइटीशियन आदि का सहारा लिया. इस के बाद मैं ने इन्हें स्टोर करने की विधि समझाई ताकि वे समय रहते इन का उपयोग करें.

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अखरोट कब और कितने लेने चाहिए ताकि स्वास्थ्य ठीक रहे?

अगर हम प्रौपर मात्रा की बात करें तो 6-7 अखरोट एक इंसान के लिए 1 दिन के लिए काफी होते हैं और इन का सेवन दिन में कभी भी किया जा सकता है. कुछ लोग सुबह, तो कुछ रात में लेना पसंद करते हैं. दोनों ही समय ठीक हैं. 1 मिट्ठी अखरोट एक व्यक्ति के लिए सही मात्रा होती है, जो 28 से 30 ग्राम तक होती है. बच्चों के लिए भी उन की मुट्ठी के अनुसार ही लेना उचित रहता है और कम से कम सप्ताह में 3 बार लेने जरूरी हैं.

ये किस तरह की बीमारी को कम कर सकते हैं और कितना रिसर्च वर्क इस में होता है?

इन के सेवन से रक्त की धमनियों की इलास्टिसिटी बढ़ती है, जिस से ब्लड अच्छी तरह पूरे शरीर में दौड़ता है और आप कई बीमारियों से बच जाते हैं. डायबिटीज के मरीजों के लिए ये ब्लड शुगर को स्थिर रखने का काम करते हैं. मस्तिष्क के लिए भी ये अच्छे फैट का संचार करते हैं. बच्चों के विकास और उम्रदराज लोगों की यादाश्त को अच्छा बनाते हैं.

अखरोट खाने से किसी बीमारी का इलाज नहीं होता वरन हार्ट हैल्थ, ब्रेन हैल्थ, ब्रैस्ट कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर या कोलोन कैंसर होने पर ये शरीर को उस से लड़ने की क्षमता को बढ़ाते हैं. इन के अलावा ये वजन को भी मैंटेन करने में मदद करते हैं. इतना ही नहीं, ये पुरुषों में रिप्रोडक्शन की क्षमता को भी बढ़ाते हैं.

हैल्थ की दिशा में पिछले 26 साल पहले से हम इस पर रिसर्च कर रहे हैं और अब तक करीब 17 मिलियन डौलर इस पर खर्च कर चुके हैं.  इस में पूरे विश्व के वैज्ञानिक इस दिशा में काम कर रहे हैं. 55 यूनिवर्सिटीज इस पर रिसर्च कर रही हैं. प्रोडक्शन की दिशा में 50 साल से इन की फार्मिंग हो रही है. नई वैराइटी लाने की लगातार कोशिश की जा रही है,

जो स्ट्रौंग और स्वास्थ्यवर्धक हो.

एक अच्छे अखरोट के पेड़ को विकसित करने के लिए 20 से 40 साल लगते हैं. इस के लिए करीब 20 से 40 पौधों को लगा कर उन में से एक अच्छी क्वालिटी के अखरोट देने वाले पौधे को बड़ा करना आसान काम नहीं होता.

आप अखरोटों की गुणवत्ता को कैसे बनाए रखती हैं?

इसे उगाने वाले किसान पीढ़ीदरपीढ़ी इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं और वे अच्छी क्वालिटी के अखरोट को अच्छी तरह पहचानते हैं. इस के अलावा विश्व में हम फूड सेफ्टी पर भी काम करते हैं. इसलिए जमीन से ले कर प्लेन तक पहुंचने तक इन की पूरी क्वालिटी को बनाए रखते हैं.

‘यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमैंट औफ ऐग्रीकल्चर’ के स्टैंडर्ड को मानते हुए काम करते हैं. अब यह पूरा काम मशीन से होता है,

जिस से इन की क्वालिटी को मैंटेन करना और अधिक आसान हो गया है. सैंट्रल वैली में इस की अधिक खेती होती है,  क्योंकि यह बहुत ही उपजाऊ घाटी है.

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भारत में इन का परिचय करवाने में कितनी चुनौती रही?

भारत में इन का परिचय करवाना मुश्किल नहीं था. हम इन्हें शेल के साथ लाते हैं, क्योंकि यहां लोग खुले अखरोट पसंद नहीं करते. शिप से पहले इन्हें कोल्ड स्टोरेज में रखा जाता है. इस तरह हार्वेस्ंिटग के 5 महीने तक ये कोल्ड स्टोरेज में रहते हैं. यहां गरमी में कोल्ड स्टोरेज कर के ही लाए जाते हैं, पर ठंड में अधिक समस्या नहीं होती.

हर घर में कैलिफोर्निया अखरोट पहुंचाने के लिए क्या करती हैं, क्योंकि आज की महिलाएं औनलाइन सर्च बहुत करती हैं?

मैं इस की फूड सेफ्टी, स्वास्थ्य लाभ और हार्वेस्टिंग के बारे में अधिक समझाती हूं. इस से सब को इन की अच्छाइयां समझ में आ जाती हैं. इस के अलावा आप कहीं से भी अखरोट खरीदें, इन्हें सही तरीके से स्टोर करने की जरूरत होती है. अखरोटों को नमी पसंद नहीं, इसलिए इन्हें फ्रिज में रखने की जरूरत

होती है और 12 महीने के अंदर कंज्यूम कर लेना चाहिए. फ्रिज में एअरटाइट कंटेनर में रखें ताकि इन का स्वाद और सुगंध सही बनी रहे.

आप खुद अपनी डाइट में वालनट्स को कितनी मात्रा शामिल करती हैं?

मैं सप्ताह में 3 दिन अपने ब्रेकफास्ट में इन्हें शामिल करती हूं. गरमी के मौसम दही के साथ अखरोट और फ्रैश फ्रूट की ब्रेकफास्ट करती हूं या फिर सलाद के रूप में लेती हूं. जाड़े में खिचड़ी, सूप आदि के साथ या फिर इन की स्मूदी बनाती हूं. मैं 1 बार में 1 मुट्ठी अखरोट लेती हूं.

आगे की योजना क्या है?

अधिक से अधिक लोग इन का सेवन अपनी डाइट में करें. इस के लिए मैं ने कई शैफ को अपनी टीम में शामिल किया है, जो औनलाइन अलगअलग रैसिपीज की सहायता से अखरोटों का सेवन करने के बारे में बताते हैं. भारत में इन की बहुत मांग है, जिसे पूरा करना बहुत मुश्किल हो रहा है. यही मेरी चुनौती और प्लैनिंग है. ये लोकल किराने की दुकानों, खुदरा विक्रेताओं, शौपिंग मौल्स, औनलाइन आदि हर जगह आसानी से मिलते हैं.

अखरोट खरीदते समय किस बात का ध्यान रखना जरूरी है?

यहां बहुत सारी कंपनियों के  अखरोट मिलते हैं, पर 99% अखरोट कैलिफोर्निया में उगाए जाते हैं. इसलिए कैलिफोर्निया वालनट्स की स्टैंप देख कर ही खरीदना सही रहता है.  इस से अच्छी क्वालिटी के वालनट्स मिलने की गारंटी होती है.

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