उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव में जन्मी और पलीबढ़ी सादिया आज एक सफल उद्यमी के रूप में स्थापित हो चुकी हैं. उन्होंने भारत का पहले ब्रांडेड बजट सलून की चेन, ग्लैम स्टूडियो की शुरुआत की. उन्होंने 2007 में martjack.com की शुरुआती टीम में शामिल हो कर अपनी इंटरनेट यात्रा शुरू की थी. इस के बाद एमजीएच में लीडरशिप सदस्य के रूप में छह साल बिताये और कंपनी को अपने डोमेन में सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप के रूप में शामिल कराने में कामयाब रहीं. बाद में दिसंबर 2014 में सादिया भारत की सब से बड़ी ब्रांडेड श्रृंखला oyorooms.com से जुड़ीं. 2016 में उन के द्वारा शुरू किये गए ग्लैम स्टूडियोज के साथ आज भारत में 160 से ज्यादा सलून जुड़े हुए हैं.

सवाल- आप खुद को दुसरो से अलग कैसे मानती हैं ?

मेरा मानना है कि मैं एक इंटरप्रेन्योर हूं और यही चीज़  मुझ को दूसरों अलग बनाती है. एंटरप्रेन्योरशिप अपने आप में एक कम्युनिटी है और और इस का पैशन उसे लोगों से अलग करता है l जब कोई इंटरप्रेन्योरशिप के रास्ते पे निकलता है तो लाख परेशानियां आए, पीछे पलटने का कोई मतलब नहीं बनता और उन का यह ज़ज़्बा सिर्फ उन्हें लोगो से अलग ही नहीं करता बल्कि लोगो को इंस्पायर भी करता है.

सवाल- बेटी के साथ कितना क्वालिटी टाइम बिता पाती हैं?

मेरी एक 9 साल की बेटी है और यह बात सच है कि काम के कारण मैं अपनी बेटी को ज़्यादा वक़्त नहीं दे पाती. मगर मैं कोशिश करती हूं कि उस के साथ जो समय गुजारूं वह क्वालिटी टाइम हो.

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सवाल- आप ने जिंदगी में किस तरह के संघर्षों का सामना किया?

चाहे आप महिला हो या पुरुष अगर आप को एक इंटरप्रेन्योर बनना है और ज़िंदगी में कुछ अलग करना है तो चुनौतियों के लिए तो तैयार रहना ही होगा. मेरी पढाई एटा के एक छोटे से सरकारी स्कूल से हुई है जहां अंग्रेजी भी हिंदी में पढाई जाती थी. अच्छी अंग्रेजी बोलना भी मेरे लिए एक चुनौती से कम  नहीं था. लेकिन में इस में भी मै नें एक अवसर देखा. जब मैं ऐ ऍम यू  से अपना ग्रेजुएशन कर रही थी तब मैं ने श्योर सक्सेस क्लब नाम की एक कोचिंग संस्था शुरू की जहां मैं लड़कियों को मुफ्त में अंग्रेजी पढ़ाया करती थी. करीब एक साल में 10 हजार लड़कियों ने इस के अंतर्गत ट्रेनिंग ली.

फिर जब मैं ने ग्लैम स्टूडियोज शुरू किआ तब भी बहुत सारी चुनौतियां मेरे सामने थीं क्यों कि हम एक बिलकुल नया कांसेप्ट ले कर आ रहे थे और वह भी एक ऐसी इंडस्ट्री में जिस के तीनो पार्टनर्स में से किसी को भी अनुभव नहीं था. इस के अलावा मध्यवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने की वजह से फंड्स अर्रेंज करना भी किसी चुनौती से कम नहीं था.

सवाल- क्या कोई पल ऐसा आया जब आपने परिवार के लिए काम छोड़ देने का फैसला किया?

कभी नहीं, मेरा परिवार ही मेरी सब से बड़ी ताकत है. मेरी कामयाबी का सब से ज्यादा श्रेय मेरे पति को जाता है जिन्होंने मेरे लिए अपनी अच्छेखासे चलते हुए करियर को त्याग कर मेरी बेटी की देखभाल की और मेरे कामों में मेरा साथ दिया.

सवाल- ज़िंदगी में आप सब से ज़्यादा किस पर विश्वास करती हैं?

ज़िंदगी में मैं ने सब से ज़्यादा खुद पर विश्वास किया है और करती रहूंगी. अगर आप खुद पर विश्वास रखते हो तो जो आप को चाहिए उसे हर हाल में पा लोगे चाहे कितनी ही परेशानियों का सामना करना पड़े.

सवाल- अपनी सफलता का श्रेय आप किस को देना चाहेंगी

मुझे लगता है जिस दिन आप खुद को सफल मान लेते हैं वह आप की असफलता का पहला दिन होता है. इसलिए मैं यह बिलकुल भी नहीं कहूंगी कि मैं अभी सफल हुई हूं मगर हाँ जो कुछ भी मैं हूं उस का श्रेय मैं अपने दोस्त दरक्शां और फ़ीरोज़ (बिज़नेस पार्टनर्स) और मेरे परिवार को दूंगी.

सवाल- ज़िन्दगी का वह पल जब आप की ज़िंदगी ने अपना रुख बदला था?

मेरी ज़िंदगी ने एक नया मोड़ लिए जब मैं ने पहली बार अपनी बेटी को हाथों में लिया.  वो ऐसी ख़ुशी का पल था जब मेरी आँखों में मेरे खुद के स्टार्टअप का सपना था और गोद में मेरी बेटी को अच्छी परवरिश देने की ज़िम्मेदारी भी. उस को देख कर एक अजीब सा कॉन्फिडेंस मेरे अंदर आया था कि मैं अब जीवन में कुछ भी कर सकती हूं.

सवाल- अपनी कंपनी के बारे में कुछ बताईये. इस की यू इस पी क्या है ?

मेरी कंपनी का नाम ग्लैम स्टूडियोज है. यह इंडिया की सब से तेज़ी से बढ़ती हुई सैलून चेन है. ग्लैम स्टूडियोज इंडिया का सब से पहला सैलून ब्रांड हे जो खासकर बजट एंड क्वालिटी कॉन्सियस कस्टमर्स के लिए बना है.  हम ने ये कंपनी 2016 में शुरू की थी जिस की अब 150 से ज़्यादा फ्रेंचाइजी लगभग 20 शहरों में हैं. हमारी यू इस पी  है अफ्फोर्डबिलिटी. कस्टमर को काफी कम दामों में एक ब्रांड का एक्सपीरियंस मिलता हैं, उस के साथ ही इन्वेस्टर्स को काफी  कम निवेश में एक नए बिज़नेस की शुरुवात करने का मौका भी मिलता  है.

सवाल- आप इस काम में नई टेक्नोलॉजी का प्रयोग कैसे कर रही हैं

हमारे पास हमारा खुद का सॉफ्टवेयर है जिसे ग्लैमोस कहते हैं.इस की मदद से सारे सैलून ओनर्स अपना बिज़नेस मैनेज करते हैं और ग्लैमोस को हम ने अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप से कनेक्ट किया हुआ है जिस पर आ कर सारे कस्टमर्स सैलून में अपॉइंटमेंट्स बुक कर सकते हैं. यह सब हम और हमारे सैलून ओनर्स रन टाइम पर देख सकते हैं. इस के अलावा बहुत जल्द हम वर्चुअल रियलिटी एंड आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के साथ कुछ प्रोजेक्ट्स लांच करने वाले  हैं.

सवाल- एक औसत इंडियन वुमन को आप की क्या सलाह है ?

हर हिंदुस्तानी औरत को मेरी यह सलाह है कि वह समाज के और परिवार के डर से सपने देखने न छोड़े. न सिर्फ सपने देखे बल्कि उन्हें साकार करने का पूरा प्रयास भी करे. अगर उसे खुद पर पूरा विश्वास है तो उस के सपनो को साकार होने से कोई नहीं रोक सकता.

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सवाल- कंपनी की शुरुआत कैसे हुई और इस मुकाम तक पहुँचने के क्रम में किस तरह की परेशानिओ का सामना करना पड़ा ?

इंडिया में ब्यूटी इंडस्ट्री काफी अनऑर्गनाइज़्ड है जहाँ लगभग 3 लाख सलोन्स हैं जिस मे से कुछ 3 हजार ही ब्रांडेड सलोन्स हैं. इस के साथ ही  यूथ की परचेजिंग पावर बढ़ रही है, उन के अंदर अच्छा दिखने की इच्छा भी पनप रही है लेकिन मुश्किल ये थी कि इंडिया में कोई भी सैलून ब्रांड मिडिल क्लास सेगमेंट को कवर नहीं कर रहा था.

हम ने उसे एक ओपरचुनिटी की तरह देखा और ये रियलाइज किया कि इस इंडस्ट्री को एक प्लेटफॉर्म पर लाना बहुत ज़रूरी है. इसी कांसेप्ट पर ग्लैम स्टूडियोज की शुरुआत हुई.

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