धर्म के नाम पर दानदक्षिणा देने के पाखंड के चलते आज हर धार्मिक स्थान पर ऐसे व्यापारी बैठे हैं जो पूजापाठ का सहारा ले कर न सिर्फ लोगों की भावनाओं और विश्वास के साथ खेलते हैं वरन उन्हें कंगाल भी बना देते हैं.

ये बाबा, ज्योतिषी, पंडित लोगों के दुखों को दूर करने की बात करते हैं और बदले में अपनी जेबें भरते हैं. इन्हें लोगों को अपने जाल में फंसाना भलीभांति आता है.

सोनाली को भी एक ऐसे ही बाबा ने फंसाने की कोशिश की. कानपुर की रहने वाली गृहिणी सोनाली की शादी को 6 साल हो गए हैं और उस की एक 4 साल की बेटी भी है. सोनाली के पति का खुद का साइकिल का स्टोर है. शादी के 4 साल बाद सोनाली के जीवन में सबकुछ बदलने लगेगा, ऐसा उस ने शायद ही सोचा होगा.

सोनाली को जब इस बात की जानकारी मिली कि उस के पति का किसी और के साथ अफेयर चल रहा है, तो उस के पैरों तले की जमीन खिसक गई. यह बात उसे तब पता चली जब वह एक दिन अपने पति के फोन से अपनी मां से बात कर रही थी. तभी उस लड़की का मैसेज आ गया.

सोनाली ने जब पूरा चैट पढ़ा तो वह हैरान रह गई. हालांकि उस ने उस वक्त सम झदारी दिखाई और पति से कोई सवालजवाब नहीं किया.

कुछ महीने बाद सोनाली के पति की हरकतें कुछ ज्यादा ही बढ़ने लगीं. रात को देर से आना, कभी शराब पी कर आ जाना, पूरा दिन फोन पर व्यस्त रहना, बातबात पर सोनाली को डांटना, ये सब देख कर सोनाली बहुत परेशान हो गई.

सोनाली अपने पति को उस लड़की के चंगुल से दूर करना चाहती थी, लेकिन कोई उपाय नहीं सू झ रहा था. एक दिन उस की नजर अखबार के विज्ञापन पर गई तो वह चौंक पड़ी. उस में लिखा था, ‘‘शक्ति चमत्कार देखें. घर बैठे 2 घंटों में समाधान, गुरु सिकंदर कलकत्ते वाला, मेरे किए की कोई काट नहीं, घर बैठे 2 घंटों में समाधान. प्रेम विवाह, मनचाहा प्यार, ग्रहकलेश, सौतन, दुश्मन आदि से छुटकारा पाएं. ऐसी सभी समस्याओं का चुटकियों में हल. बस एक बार फोन करें. नंबर है-+++7096520.’’

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यह पढ़ते ही सोनाली को लगा शायद इस से सब ठीक हो जाए. अत: उस ने उस विज्ञापन में दिए गए नंबर पर फोन किया. एक आदमी ने फोन उठाया. सोनाली ने उसे अपनी सारी दुखभरी कहानी सुना दी.

सोनाली की बात सुनने के बाद उस व्यक्ति ने उस से कहा, ‘‘बेटी, तू चिंता मत कर. सब ठीक हो जाएगा. अगले दिन तेरा पति तेरे आसपास घूमेगा. हम तेरे, तेरे पति और उस लड़की के नाम पर हवन करेंगे. इस हवन से तेरा पति हमेशा के लिए तेरा हो जाएगा.’’

यह सुन कर सोनाली खुश हो गई. उस ने फिर एक सवाल किया, ‘‘मैं हवन के लिए कब आऊं?’’

यह सुन कर उस व्यक्ति ने कहा, ‘‘आप को आने की जरूरत नहीं है, बस आप को हवन सामग्री और जाप के लिए पैसे देने होंगे.’’

सोनाली ने जब पूछा कि कितने तो उस ने कहा कि क्व3 हजार. सोनाली ने पूजा के लिए हां कर दी. फोन कटने से पहले उस व्यक्ति ने सोनाली को सम झाया कि इस पूजा में बहुत शक्ति है. सब ठीक हो जाएगा. मैं अभी आप के मोबाइल नंबर पर बैंक अकाउंट डिटेल भेज रहा हूं. उस में क्व3 हजार डाल दो आप का काम हो जाएगा और फिर उस बाबा ने बिना देरी किए सोनाली के फोन पर बैंक अकाउंट की डिटेल भेज दी.

बाबा का बैंक अकाउंट नंबर +++200608 और आईएफएससी कोड ++++0000148 था, साथ ही बाबा ने इस बैंक अकाउंट यूजर का नाम नफीस लिख कर भेजा था.

पूजा के नाम पर धोखा

सोनाली ने सोचा कि पति और अपने परिवार के लिए वह इतना तो कर ही सकती है. अत: उस ने उस व्यक्ति के अकाउंट में क्व3 हजार ट्रांसफर कर दिए. पैसे ट्रांसफर करने के बाद उस व्यक्ति का फिर फोन आया. बोला, ‘‘बेटी, अब तेरा काम हो जाएगा.’’

सोनाली को भी लगा कि अब उस की जिंदगी बदल जाएगी और पति पहले की तरह उसे प्यार करने लगेगा.

इधर सोनाली का पति कुछ दिनों के लिए अपने गांव गया था. वहां से वह रोज सोनाली को फोन कर बहुत प्यार से हालचाल पूछता. सोनाली को यकीन होने लगा कि अब सब ठीक हो रहा है.

2-3 दिनों के बाद जब सोनाली का पति घर आया तो उस के व्यवहार में कुछ बदलाव नहीं दिखा. वह पहले की ही तरह हरकतें करता. रोज शराब पी कर आता. उस युवती के भी बराबर संपर्क में रहता. ये सब देख कर सोनाली सोच में पड़ गई कि सबकुछ पहले जैसा ही क्यों है? उस बाबा ने तो कहा था सब ठीक हो जाएगा. अत: उस ने उस बाबा से फिर से बात करने के लिए फोन उठाया ही था कि तभी गांव से उस की सासूमां का फोन आ गया.

सोनाली ने भावुक हो कर अपनी सारी कहानी अपनी सासूमां को बता दी. तब उस की सासूमां ने सोनाली को बताया कि उस का पति अपनी मरजी से सोनाली को फोन नहीं करता था. उस के कहने पर करता था. बाबा वाली बात सुन कर सोनाली की सास ने बहुत गुस्सा किया और फिर उसे सम झाया कि कोई बाबा रिश्तों को नहीं जोड़ सकता. उस ने तो सिर्फ तुम्हें ठगा है. अगर उस बाबा की बात सच होती तो अभी तुम्हारा पति तुम्हारे साथ बैठा होता.

सोनाली की सास ने उसे यह भी सम झाया कि रिश्तों को जोड़ना और तोड़ना हमारे हाथ में होता है. तुम जा कर अपने पति से बात करो पहले. बात करने से समस्या का समाधान जरूर निकलता है.

सोनाली जैसी कई औरतें आए दिन ऐसे बाबाओं के जाल में फंसती रहती हैं. आधुनिक दौर में इन लुटेरों ने लूटने का तरीका भी बदल लिया है. वे अब आधुनिक तरीके अपनाने लगे हैं. टीवी हो या यूट्यूब ये ढपोरशंखी अपना पिटारा खोल कर बैठ जाते हैं और अपनी लच्छेदार बातों से लोगों को खूब मूर्ख बनाते हैं.

ठगी का आधुनिक तरीका

मीनू भी एक ऐसे ही ढपोरशंखी के जाल में फंसी. मीनू वैसे तो मथुरा की रहने वाली है, लेकिन पिछले 3 सालों से नौकरी की वजह से दिल्ली में अपने दोस्तों के साथ रहती है. अंधविश्वासी मीनू की एक अजीब आदत है कि वह दिन की शुरुआत अखबार में राशिफल पढ़ने से करती है या फिर सुबहसुबह टीवी पर ज्योतिषी का कार्यक्रम देख कर. कई बार तो वह यूट्यूब पर भी भविष्यवाणी बताने वाले वीडियोज देखने लग जाती है.

मीनू एक बार ऐसे ही यूट्यूब पर वीडियो देख रही थी, जिस में ज्योतिषी ओमप्रकाश राशि के अनुसार आने वाला दिन कैसा होगा, क्या करना चाहिए, उस से कैसे बचें, बता रहा था. मीनू इस वीडियो को बहुत ध्यानपूर्वक देख रही थी. जब ज्योतिषी मीनू की राशि पर आए तो उन्होंने बहुत कुछ अच्छा तो बहुत कुछ ऐसा बताया जिसे सुन कर वह परेशान हो गई. उस वीडियो में ज्योतिषी का नंबर भी दिया गया था.

मीनू ने ++++654519 उस नंबर पर फोन किया. जब मीनू ने ज्योतिषी से बात की तो वह मीनू का  जन्मदिन, मातापिता का नाम आदि पूछने लगा. मीनू ने सब बता दिया. सबकुछ देखने के बाद ज्योतिषी का कहना था कि आप मांगलिक हो, आप पर शनि ग्रह भी है, जिस से आगे चल कर आप के जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है. फिर कहा कि कुंडली बना कर देगा. लेकिन इस के लिए उसे यहां आना होगा.

जब मीनू ने खर्चा पूछा तो क्व3 हजार बताए. मीनू ने ये सारी बातें जब अपने दोस्तों को बताईं तो सब ने उसे उस ज्योतिषी के पास जाने से मना कर दिया. वे उसे सम झाने लगे कि ये लोग पैसों के लिए बातों को बढ़ाचढ़ा कर बताते हैं. ये सब इन का धंधा है.

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दोस्तों की बात मीनू मान तो गई, लेकिन ज्योतिषी की बात सुन कर वह बहुत परेशान हो गई थी. उस के व्यवहार में भी चिड़चिड़ापन आ गया था, जबकि उस के जीवन में सबकुछ अच्छा चल रहा था.

कह सकते हैं कि आज के समय में लोगों का खुद पर से भरोसा ही उठ गया है. उन्हें भरोसा है तो उंगलियों में रंगबिरंगी अंगूठियां पहनने वालों और राम नाम का चोला लटका कर घूमने वाले बहुरुपियों पर. यदि जिंदगी में कुछ ठीक नहीं चल रहा, पतिपत्नी में लड़ाई हो रही है तो यहां इन ज्योतिषियों के अनुसार राहु और शनि की महादशा चल रही होती है. जीवन में कुछ भी हो रहा है तो माना जाता है कि वे सब ग्रहनक्षत्रों का खेल है. धर्म के नाम पर लूट मचाने वाले इन बहुरुपियों की संख्या बढ़ती ही जा रही है और इन्हें बढ़ावा देने वाला हमारा समाज ही है.

बाबाओं की हकीकत

टीवी पर लोग कई बाबाओं को देखते और सुनते हैं. एक समय के बाद वे उन्हें अपना ईश्वर मान बैठते हैं. लोगों के अंदर इन के प्रति आस्था जाग उठती है. लेकिन ऐसे कई बाबा और ज्योतिषी हैं, जिन्होंने धर्म के नाम पर खूब पैसा कमाया. लेकिन इन की हालत ऐसी है कि ये खुद अपने दुखों को दूर नहीं कर सकते.

खुद को साधूसंत कहने वाले राम रहीम को कोई कैसे भूल सकता है. धर्म के नाम पर बड़ीबड़ी बातें करने वाला, धर्म के नाम पर फिल्म बनाने वाला आज जेल में है.

ऐसा ही आसाराम बापू है. खुद को धर्मगुरु बताने वाला आसाराम भी कई सालों से जेल में है. बलात्कार जैसे अपराध को अंजाम देने वाले इन दोनों ही तथाकथित पाखंडियों ने लोगों की आस्था के साथ जम कर खिलवाड़ किया था. जो बाहर हैं वे सब भी यही काम करते हैं पर उन पर पुलिस, प्रशासन, सरकार व पार्टी का वरदहस्त है.

देखने में लगता इन का जीवन सादे भोजन की तरह है, लेकिन ये सब तो सिर्फ दिखावा होता है. असल में ये इतनी ऐय्याशी करते थे, जिस का किसी को शायद ही अंदाजा हो. इन के पास पैसों की कमी नहीं. धर्म के नाम पर इन की कमाई इतनी अधिक होती कि इन की जेबें नोटों से भरी रहती हैं. ऐसे अनेक बाबा हैं जो अभी भी टीवी पर आते हैं और बेतुकी बातें करते हैं, फिर भी लोग उन्हें सुनते हैं.

जबरदस्ती करवाते हैं दान

जिन पंडितों, बाबाओं या गुरुओं को लोग भगवान का दर्जा देते हैं वही इन लोगों को लूटने का प्रयास सब से ज्यादा करते हैं. भारत में कई धार्मिक स्थल हैं, जिन में मथुरा, वृंदावन, गोकुल भी हैं. गोकुल में जो मंदिर है वहां एक बहुत अजीब मान्यता है. वहां के मंदिर में लोग दीवारों, जमीन और मंदिर के अंदर नाम लिखवाते हैं. ऐसा कहा जाता है कि नाम लिखवाने से सभी कष्ट और दुख दूर हो जाते हैं.

अगर आप जमीन पर नाम लिखवाते हैं तो इस की दक्षिणा कम ली जाती है, दीवार पर लिखवाते हैं तो दक्षिणा थोड़ी ज्यादा होती है और अगर आप मंदिर के अंदर नाम लिखवाते हैं तो इस के लिए आप को सब से ज्यादा दक्षिणा देनी होती है. आप को मंदिर में जगहजगह पंडित दिखेंगे, जो लोगों को इस के बारे में बताते हैं और अगर कोई मना करे तो ये उसे सुखी जीवन का लालच देते हैं. नाम लिखवाने से जीवन में कई तरह से लाभ होगा ऐसा बोल कर जबरदस्ती अपना उल्लू सीधा कर लेते हैं.

मगर ये सब सुनने के बाद अगर कोई व्यक्ति नाम लिखवाने से मना करता है तो ये उस के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते. अचानक इन के व्यवहार में बदलाव दिखाई देने लगता है.

नाम लिखवाना, जानवरों के नाम पर बाबाओं की जेबें भरना, टीवी पर गुरु या बाबा को पूजना सब आस्था के नाम पर लोगों को मूर्ख बनाने का जरीया है.

चढ़ावे से व्यापार

मंदिरों में कितना चढ़ावा चढ़ता है, क्या आपने कभी सोचा है और इतना चढावा रोज जाता कहां है? दरअसल, वह सारा चढ़ावा बाजार में जा कर दोबारा बिकता है. किसी भी धार्मिक त्योहार के समय मंदिरों में अधिक भीड़ होती है. ऐसे में लोग अधिक से अधिक फूलफल चढ़ाते हैं और फिर बाद में यही फूलफल फिर बाजार में बिकने के लिए दे दिए जाते हैं.

धर्म एक व्यापार है. लोगों की धार्मिक सोच है कि जितना चढ़ावा चढ़ाएंगे उतना ही लाभ होगा. पंडितों को खुश रखो. ईश्वर अपनेआप खुश हो जाएंगे. मगर ये ईश्वर हैं कहां और कैसे दिखते हैं, यह शायद ही किसी को पता हो.

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