असमय पति को खो देने वाली सविता को ओंकार का साथ मिला तो वह उस पल को जी लेना चाहती थी. मगर यह इतना आसान भी नहीं था और फिर एक रात...
'गृहशोभा' पर आप पढ़ सकते हैं 10 आर्टिकल बिलकुल फ्री , अनलिमिटेड पढ़ने के लिए Subscribe Now
The Planet