मेरे लिए आकाश ही सबकुछ था. मैं उसे खोना नहीं चाहती थी. लेकिन समझदार बेटे को भ्रमित करना आसान न था. मैं ने आत्मचिंतन किया तो पाया कि आज नहीं तो कल, मुझे इस सत्य से उस को परिचित करवाना ही पड़ेगा. वह कल आ गया. एकएक कर मैं ने सारी घटनाओं का खुलासा कर दिया.
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