गृहशोभा विशेष

फिल्म ‘ओम शांति ओम’ से कैरियर की शुरूआत करने वाली अभिनेत्री दीपिका पादुकोण लोकप्रिय और आकर्षक अभिनेत्री हैं. परिवार के बेहद करीब रहने वाली दीपिका बैडमिंटन प्लेयर प्रकाश पादुकोण और उजाला की बेटी हैं.

सफलता का सफर

साल 2013 दीपिका के कैरियर का बेहतरीन वर्ष साबित हुआ. इस साल उन की फिल्म ‘रेस टू’, ‘ये जवानी है दीवानी’, ‘चेन्नई ऐक्सप्रैस’ और ‘गोलियों की रासलीला रामलीला’ आदि फिल्में हिट हुईं. इस के बाद आई फिल्म ‘बाजीराव मस्तानी’ और अब ‘पद्मावत.’

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हर फिल्म में अपनी बेहतरीन अदाकारी से दीपिका ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है. दीपिका कहती हैं, ‘‘मैं किसी भी फिल्म को अपने हिसाब से चुनती हूं. मुझे पता होता है कि कब क्या करना है और उस के लिए जितनी मेहनत करनी पड़े, मैं करती हूं. हर फिल्म की सफलता मेरे लिए एक चुनौती ले कर आती है. यह सही है कि हर फिल्म से मैं ग्रो कर रही हूं. क्योंकि हर फिल्म से कुछ न कुछ सीखने को जरूर मिलता है. 10 साल के फिल्मी कैरियर में ‘पद्मावत’ दीपिका के जीवन की सब से कठिन फिल्म है. फिल्म की शूटिंग से ले कर रिलीज होने तक उन्हें काफी मानसिक तनाव से गुजरना पड़ा. इस बाबत दीपिका बताती हैं, ‘‘हालांकि हर दिन अखबारों की सुर्खियों में फिल्म को ले कर काफी चर्चा और आक्रोश दिखाई पड़ता था पर मैं ने और पूरी टीम ने इसे सहजता से लिया, क्योंकि सब को पता था कि यह फिल्म कभी न कभी रिलीज होगी. कई बार मायूसी हुई कि कला और कलाकार की आजादी कम हो रही है, पर सच्चे दिल से किए गए किसी भी काम में जीत सच्चाई की ही होती है.’’

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दीपिका एक सफल अभिनेत्री होने के साथसाथ अपने परिवार के बेहद करीब हैं. वे मानती हैं कि अगर फिल्म सफल नहीं होती है, तो दुख होता है कि मैं दर्शकों के अनुरूप काम नहीं कर पाई. नाम, पैसा, शोहरत, प्यार और पैसा तो आतेजाते रहते हैं, मगर पुरस्कार मिलने से मन प्रसन्न होता है कि एक सम्मान तो मिला. मेरे परिवार वालों ने जब फिल्म ‘पद्मावत’ देखी तो वे इतने भावविभोर हो गए थे कि उन के पास मुझे कहने को कुछ नहीं था. मुझे जब भी समय मिलता है परिवार के साथ समय बिताना पसंद करती हूं. पिता के साथ बैडमिंटन खेलना पसंद करती हूं. मेरे जीवन के लिए ये सब अनमोल हैं.’’

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आत्मनिर्भरता जरूरी है

दीपिका अपनी कामयाबी का श्रेय फैशन स्टाइलिस्ट और इमेज कंसल्टैंट प्रसाद बिदप्पा को देती हैं जिन्होंने दीपिका को समझाया कि वे ऐक्टिंग कर सकती हैं. इस के बाद फराह खान, जिन्होंने अभिनय का मौका दिया. दीपिका को आज की महिलाओं का आत्मनिर्भर होना बहुत पसंद है. वे कहती हैं कि ऐसी महिलाओं के बारे में पढ़ना और उन से मिलना पसंद करती हूं. महिलाएं हमेशा से ही घर की प्रमुख सदस्य हैं पर उन पर ध्यान नहीं दिया जाता. ऐसे में कई बार उन्हें तनाव झेलना पड़ता है. इस के लिए मैं ने ‘द लाइव लव लाफ’ फाउंडेशन की स्थापना की है, जिस में हर महिला अपनी समस्या को बता कर प्रोफैशनल हैल्प पा सकती है. मैं इसे कारपोरेट सैक्टर में भी ले जाना चाहती हूं. इसे आगे लाने के लिए मैं अपना सारा समय मुफ्त में देती हूं. मैं लोगों की मानसिकता को बदलना चाहती हूं.

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