गृहशोभा विशेष

मौडलिंग से अपने कैरियर की शुरुआत करने वाले अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा ने करण जौहर की फिल्म ‘स्टूडैंट औफ द ईयर’ से फिल्मों में अपनी पहचान बनाई. दिल्ली के सिद्धार्थ मल्होत्रा को मौडलिंग के दौरान लगा कि कुछ अलग करने की आवश्यकता है और मुंबई आकर करण जौहर के साथ ‘माई नेम इज खान’ के लिए सहायक निर्देशक का काम किया.

इसके बाद करण जौहर ने उन्हें फिल्म का भी औफर दिया था. पहली फिल्म बतौर अभिनेता सफल होने के बाद उन्हें कई और फिल्मों में काम मिला, लेकिन इनमें कुछ सफल, तो कुछ असफल रहीं.

सिद्धार्थ लड़कियों के बीच अपने हैंडसम लुक के लिए काफी प्रसिद्ध हैं. पहली फिल्म ‘स्टूडैंट औफ द ईयर’ में आलिया भट्ट के साथ काम करने के बाद उनकी दोस्ती आलिया से काफी बढ़ी है, वे दोनों कई बार किसी रेस्तरां या क्लब में साथसाथ भी देखे गए. इस बात को सिरे से नकारते हुए सिद्धार्थ कहते हैं कि आलिया सिर्फ उनकी दोस्त हैं, इस से अधिक कुछ नहीं. वे अत्यंत शांतप्रिय हैं और हर बात का सोच-समझ कर जवाब देते हैं. इस समय वे न्यूजीलैंड टूरिज्म के दूसरी बार ऐंबैसडर बने हैं. पेश हैं, उन से हुई बातचीत के मुख्य अंश :

ट्रैवल करना क्यों जरूरी है और आप को क्यों पसंद है?

यहां मेरा सिर्फ यह मकसद नहीं कि मैं केवल यात्रा को प्रमोट करूं, बल्कि मुझे यहां आना भी अच्छा लगता है. अगर आप घर से निकल कर कहीं घूमने जाते हैं, तो आप की सोच बढ़ती है. आप को अच्छा महसूस होता है, साथ ही आप को ऐनर्जी भी मिलती है, जो आज की भागदौड़ भरी जिंदगी के लिए बहुत आवश्यक है. ये अनुभव आप को खुद करने की जरूरत है, जो आप में एक आत्मविश्वास जगाते हैं. जो चीजें मैं ने न्यूजीलैंड में देखी हैं, वे अद्भुत हैं. यह सब तनाव को कम करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम है. हमारे यहां भी ऐसी सोच पैदा करने की आवश्यकता है. न्यूजीलैंड की संस्कृति भी बहुत अच्छी है, इस से आप प्रेरित होते हैं. मुझे एडवैंचर करने में बहुत मजा आता है.

इस के अलावा दिल्ली में इतना अधिक पर्यावरण प्रदूषण है कि वहां से निकल कर कहीं भी जाने पर मैं ताजगी महसूस करता हूं.

आप का फिल्मी सफर उतना सफल नहीं रहा, जितना होना चाहिए था, इस की वजह क्या रही?

मैं मुंबई से नहीं हूं, दिल्ली से आया हूं. ऐसे में एक विजन रख कर हमेशा चलने की जरूरत होती है. मेरा कोई गौडफादर यहां नहीं है जो मेरे हिसाब से फिल्में लिखी जाएं, जो मिला करता गया. अब मैं थोड़ा ध्यान रखता हूं कि फिल्में वही करूं जो मेरे लिए ठीक हों. लेकिन यह सोचने के बाद भी कुछ गलत हो जाता है. फिल्में नहीं चल पातीं. अभी तो मेरे काम की शुरुआत है कोशिश रहेगी कि आगे एक अच्छी फिल्म करूं.

संघर्ष का दौर खत्म हुआ है या नहीं?

अभी भी कुछ खास काम नहीं किया है, इसलिए संघर्ष का दौर अभी जारी है, क्योंकि मैं तसल्ली से बैठ कर सफलता को ऐंजौय नहीं कर सकता. रेस जारी है, जितनी सफलता मिली वह काफी है, लेकिन आगे और अधिक काम करना चाहता हूं.

किस बात से आप को डर लगता है?

डर इस बात से लगता है कि जो भी फिल्म करूं वह दर्शकों को पसंद आए ताकि वे मुझे देखने एक बार फिर हौल में जाएं. इस के लिए कुछ अलग करने की कोशिश हमेशा रहती है, जिसे ऐक्स फैक्टर कह सकते हैं. उस पर मैं अधिक ध्यान देता हूं.

कोई ड्रीम प्रोजैक्ट है?

ड्रीम प्रोजैक्ट है, मैं एक सुपर हीरो और नैगेटिव भूमिका निभाना चाहता हूं. अभी मैं एक मर्डर मिस्ट्री ‘इत्तफाक’ कर रहा हूं. उस में एक झलक सुपर हीरो की है पर पूरी तौर पर नहीं है. यह पुरानी फिल्म ‘इत्तफाक’ की रीमेक नहीं है.

मैंने पुरानी फिल्म नहीं देखी. मर्डर मिस्ट्री आजकल बहुत कम बन रही है इसलिए मैं इस फिल्म को करने में खुश हूं. निर्देशक जोया अख्तर, राजू हिरानी, इम्तियाज अली आदि सभी के साथ काम करना चाहता हूं.

फिटनैस पर कितना समय दे पाते हैं?

सप्ताह में 3 या 4 दिन वर्कआउट करता हूं, जिस में 45 मिनट से 1 घंटा तक समय दे पाता हूं, इस से कई बार रिकवरी भी नहीं हो पाती. अगर डांस की प्रैक्टिस करते हैं तो व्यायाम अपने-आप ही हो जाता है. मैं हमेशा शेप को बनाए रखने की कोशिश करता हूं.

क्या आप कभी अपने आप को अकेला महसूस करते हैं?

ऐक्टिंग प्रोफैशन अपने-आप में अकेलेपन को लाता है, इसके लिए मैं अपने काम पर अधिक ध्यान देता हूं जिस में मैं अपने जोनर को बारबार बदलता रहता हूं. लवस्टोरी से ले कर ऐक्शन सब तरह की फिल्में करने की कोशिश करता हूं, उस से मुझे बहुत उत्साह मिलता है. इस के अलावा अगर समय मिलता है तो कुछ दोस्त जो इंडस्ट्री से नहीं हैं उन के साथ समय बिताता हूं. वे बहुत सहयोग देते हैं. काम के अलावा यात्रा करना व पंजाबी खाना बहुत पसंद है. वैसे भी मैं बहुत फूडी हूं इसलिए हर न्यू चीज ट्राई करना पसंद करता हूं.

आप कई बार आलिया भट्ट के साथ दिखे हैं, क्या कुछ बताना चाहते हैं?

किसी के साथ घूमना फिरना, इसमें कोई बुराई नहीं है और हम दोनों अच्छे दोस्त हैं.  लोग क्या कहते हैं इस की मैं परवा नहीं करता.

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