गृहशोभा विशेष

‘कपूर एंड संस’, ‘हम्टी शर्मा की दुल्हनिया’ व दस मार्च को प्रदर्शित होने वाली फिल्म ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ में भी परिवार और रिश्तों की बात की गयी है. अलिया भट्ट ने इन तीनों ही फिल्मों में अभिनय किया है. निजी जिंदगी में आलिया भट्ट के लिए पारिवारिक रिश्ते बहुत अहमियत रखते हैं. पर उन्हें इस बात का गम है कि आज की पीढ़ी परिवार को नजरंदाज कर मोबाइल से चिपकी रहती है.

आलिया भट्ट ने कहा कि ‘‘आज की युवा पीढ़ी के लिए रिश्ते नाते परिवार मायने नहीं रखता. आज की पीढ़ी मोबाइल वाली पीढ़ी है, डिनर टेबल पर पूरे परिवार के साथ बैठकर भी यह सभी अपने अपने मोबाइल से चिपके रहते हैं. देखिए,मैं भी यंग हूं. मैं भी इसी पीढ़ी की हूं. पर जब भी मैं अपने परिवार के साथ होती हूं, तो फोन को हाथ कम लगाती हूं. एक तो मुझे परिवार के साथ समय बिताने का समय कम मिलता है. इसलिए मैं अपना मोबाइल हमेशा साइलेंट पर रखकर रख देती हूं. मुझे अपने परिवार की कीमत पता है. आज की पीढ़ी से कहना चाहूंगी कि मोबाइल फोन वास्तविकता नहीं है. यह एक ऐसी सुविधा है, जिसका उपयोग इमरजेंसी में किया जाना चाहिए, 24 घंटे नहीं. यदि आप अपने माता पिता के साथ बैठे हैं और उनसे बातें कर उनके अनुभवों से कुछ सीखने की बजाए आप मोबाइल फोन पर लगे हैं, तो इसके मायने यह हैं कि आप अपना भविष्य खराब कर रहे हैं.’’

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