नई चीजें खरीदने की जरूरत व शौक सभी को होता है पर बढ़ती महंगाई के इस दौर में हर तरफ सामंजस्य रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. ऐसे में साल की शुरुआत में ही यदि वित्तीय प्रबंधन कर लिया जाए तो कई मुश्किलें सुलझ जाती हैं. हर परिवार की अपनी आवश्यकताएं व खर्चे होते हैं पर सामान्य नियम सभी पर लागू होते हैं.

लक्ष्य तय करें

आप को आने वाले वर्ष में जरूरत के मुताबिक कहां और कितना निवेश करना है और घर के लिए क्या खरीदना है, तय कर लें. एलसीडी लेना है या फ्रिज, बच्चे के लिए मोटरसाइकिल लेनी है या पत्नी के लिए स्मार्टफोन. सभी के लिए एक निश्चित राशि की जरूरत होती है, इतना पैसा अलग से निकाल कर रख लें. अच्छा होगा यदि आप दीवाली पर मिले बोनस या सालाना इन्क्रीमैंट से ये चीजें खरीदें. इस से आप का बजट नहीं गड़बड़ाएगा.

आमदनी बढ़ाएं

मौजूदा दौर में पतिपत्नी दोनों कामकाजी हों तो घर के खर्चे अच्छी तरह पूरे हो सकते हैं. पत्नी में छोटामोटा हुनर हो और घरपरिवार की जिम्मेदारियों से मुक्त हो तो वह पार्टटाइम जौब तलाश सकती है.गृहिणियां स्वरोजगार से या टाइमपास नौकरी से आमदनी बढ़ा सकती हैं. घर के पास कोई स्कूल हो या हौबी सैंटर, जौइन कर सकती हैं. टाइपिंग आती हो तो घर बैठे कंप्यूटर पर काम कर के पैसे कमा सकती हैं. ट्यूशन ले सकती हैं. इन सब से टाइमपास के साथसाथ कमाई भी होगी.

डिगरी का उपयोग करें

शादी से पहले की कोई डिगरी, जो व्यस्तता के चलते आप के काम नहीं आ सकी, अब आप उस का उपयोग करें. इस के अलावा कार्ड बनाना, कागज के फूल बनाना, अचार डालना और केक बनाना जैसे छोटे काम भी कई बार आप को पहचान दिला सकते हैं. इन से आप मुनाफा भी कमा सकती हैं.

हुनर पहचानें

हाथों में कोई हुनर हो, जैसे सौस, जैम, अचार आदि बनाना या स्वैटर बुनना, क्रोशिए से आइटम बनाना, सौफ्ट टौय बनाना वगैरह तो उन्हें बना कर बाजार में बेच सकती हैं. इस अतिरिक्त आमदनी से आप पति का घर चलाने में हाथ बंटा सकती हैं या खुद के खर्चे निकाल सकती हैं.

खर्चे कम करें

फाइनैंशियल मैनेजमैंट सिर्फ पैसा कमाना ही नहीं, खर्चे कम करना भी होता है. देखें व परखें कि आप की कौन सी आदत फुजूलखर्ची करवाती है. उसे हमेशा के लिए बदल डालें. महीनेभर का राशन आप एकसाथ किसी थोक की दुकान से खरीद सकती हैं. एकसाथ सामान लाने पर पैसे के अलावा पैट्रोल की भी बचत होती है. बच्चे को आप पुरानी किताबें दिलवा सकते हैं. सीनियर स्टूडैंट्स की किताबें यदि अच्छी अवस्था में हों या सैकंडहैंड किताबें ठीक हों तो ले कर पढ़ाई की जा सकती है. नल, बिजली, टैलिफोन व अन्य सभी बिल टाइम पर भरें. अनावश्यक रूप से पैनल्टी देने से आप बचेंगे. सौंदर्य प्रसाधनों के सब्स्टीट्यूट घर पर बना सकें तो बनाएं. गुणवत्ता का भरोसा भी रहेगा और पैसे भी बचेंगे. गैस बचाने के लिए सब्जियां, दालें, अनाज, चावल भिगो कर रखें. गैस पर काम करते वक्त अनावश्यक न बतियाएं. चाहें तो बिजली से चलने वाला इंडक्शन कुकर भी खरीद सकती हैं. रात में गैस सिलैंडर बंद कर दें. पैट्रोल की खपत पर भी ध्यान दें. कम सवारी हो तो टूव्हीलर इस्तेमाल करें. अधिक सवारी में फोरव्हीलर इस्तेमाल करें.

शौपिंग सोच कर करें

विंडो शौपिंग करते वक्त ‘काम आ जाएगी’ की मानसिकता से बचें. शौपिंग करते वक्त दिमाग से काम लें, दिल से नहीं. अकसर महिलाएं कपड़े या कौस्मेटिक्स पसंद आने पर बिना आवश्यकता के खरीद लेती हैं, जो बाद में आउटडेटेड होने पर नौकरों के ही काम आते हैं.

अनावश्यक शगल न पालें

जिम जौइन करने के बजाय घर के काम खुद करने की कोशिश करें. लिफ्ट का उपयोग न कर के सीढि़यां चढ़ें, बाई के न आने पर झाड़ूपोछा खुद ही करने का प्रयास करें. अकसर देखने में आता है कि ‘टे्रडमिल’ खरीदने के बाद वह घर में ड्राइंगरूम की शोभा बढ़ाती है. गिफ्ट में आए सामान, यदि आप उपयोग में न लेना चाहें तो उन्हें  आवश्यकतानुसार मित्रों व रिश्तेदारों को दे सकते हैं. सभी उपहारों को खोलें नहीं, उन्हें संभाल कर रखें. आड़े वक्त आप उन्हें काम में ले सकते हैं.

इंटीरियर संवारें

घर के इंटीरियर को महंगी साजसज्जा के बजाय अपने आइडियाज से संवारें. कम पैसों में आप लोगों की तारीफ पाएंगी. पुरानी हैवी साडि़यों से आप ड्राइंगरूम के परदे बना सकती हैं अथवा डैकोरेटिव वाल पीस बना कर दीवार को सजा सकती हैं.

बीमा अवश्य करवाएं

फाइनैंशियल मैनेजमैंट का एक पहलू आड़े वक्त के लिए पैसा बचाना भी है. इस के लिए बीमा करवाएं. आजकल मैडिक्लेम, दुर्घटना बीमा, प्रौपर्टी इंश्योरैंस और लाइफ इंश्योरैंस सभी प्रचलित हैं. आपात स्थिति में ये पौलिसियां बहुत काम आती हैं. इन्कम टैक्स की धाराओं में छूट मिलने से इन का वैसे भी काफी फायदा रहता है.

विदेश घूमें पर…

देशविदेश घूमने का यदि प्रोग्राम हो तो औफ सीजन में जाएं. ग्रुप में जाने पर यात्रा काफी सस्ती पड़ती है. ग्रुप डिस्काउंट के साथ सीजन डिस्काउंट भी मिलता है. जांचपड़ताल कर के अपना ट्रैवल एजेंट चुनें और देखपरख कर पेमेंट करें.

क्रैडिट कार्ड

क्रैडिट एवं डेबिट कार्ड से शौपिंग का आइडिया लुभावना तो है पर लिक्विड कैश न होने पर भी खरीदारी करने पर पैसा अनावश्यक खर्च हो जाता है. इंटरनैट शौपिंग पर भी यही बात लागू होती है. अपनी परिस्थितियों के अनुसार खुद आकलन करें कि अनावश्यक खर्च कम से कम हो और बचत ज्यादा से ज्यादा हो. पैसा कमाना ही नहीं, उसे खर्च करना भी एक कला है. सोचसमझ कर किया गया खर्च भविष्य के लिए काफी मददगार सिद्ध होता है.