अब वह जमाना गया जब डिजाइनर इंटीरियर होटलों या रेस्तराओं में ही देखने को मिलता था. अब तो घरों को भी उस के द्वारा मौडर्न लुक दिया जाने लगा है. यानी घरों के लिए भी वह आजकल ट्रैंड में है.

वी.एम. डिजाइन ग्रुप के संचालक, इंटीरियर डिजाइनर और सीनियर आर्किटैक्ट मोहन बताते हैं कि वैसे तो घर की थीम व्यक्तिगत इच्छा पर निर्भर करती है पर आज की बदलती जीवनशैली में हर कोई ट्रैंडी लुक ज्यादा पसंद करता है. अब बहुत से ऐसे क्रिएटिव तरीके हैं, जिन से आप अपने घर को नया लुक दे सकती हैं.

डिजाइनर दीवारें: पेंट कराने के बदलते तरीकों व अन्य कलाआें से दीवारों को बेहतरीन रूप में पेश किया जा सकता है. 

मौडर्न पेंटिंग ट्रैंड्स: आजकल कौंबिनेशन कलर कराना ट्रैंड में है, जैसे डार्क रैड के साथ वाइट या ब्राउन कलर के साथ वाइट कलर का पेंट बहुत आकर्षक लगता है. कौंबिनेशन कलर में 2 दीवारें गहरे रंग की तो 2 दीवारें हलके रंग की करानी चाहिए.

ग्राफिकल पेंटिंग्स: ग्राफिकल पेंटिंग्स दीवारों को बहुत आकर्षक लुक देती हैं. इस में दीवार पर कई रंगों के पेंट के उपयोग से डौट्स, सर्क ल्स, क्यूब्स व स्ट्राइप्स को डिजाइन किया जाता है.

स्टाइलिश वौलपेपर: दीवारों पर लगने वाला वौलपेपर दीवारों की कमियों को तो छिपाता ही है, उन्हें ट्रैंडी लुक भी देता है. ऐनिमल प्रिंटेड, वुड लुकिंग, वैल्वेट फ्लोक्ड, ब्रिक्स ऐंड स्टोन वौलपेपर ट्रैंड में हैं, जिन्हें कमरों के फर्नीचर के रंग के अनुसार चुनना चाहिए. वौलपेपर लगाने से जहां दीवारों पर पेंट कराने क ी आवश्यकता नहीं रहती, वहीं इन्हें आसानी से साफ भी किया जा सकता है.

खास डिजाइनिंग:  किसी एक दीवार को स्टोन, टाइल्स, वुडवर्क से डिजाइन कराना बहुत अच्छा लुक देता है. 

स्मार्ट फ्लोरिंग: फ्लोरिंग पूरे घर का लुक बदल देती है. आजकल लैमिनेटिड वुड फ्लोरिंग ट्रैंड में है. इस को साफ करना तो आसान होता ही है, इस पर स्क्रैच भी नहीं पड़ते. इस के अलावा मार्बल व टाइल्स फ्लोरिंग भी आकर्षक रंगों व शेप्स में उपलब्ध है. ऐक्रेलिक कारपेट, ऐंब्रौयडरी व स्टोन वर्क वाले कारपेट से भी फर्श को सजाया जा सकता है.

लाइटनिंग: घर को लग्जरी लुक देने के लिए हैंगिंग पेंडैंट, शैंडलेयर (छत से लटकने वाली ब्रांच्ड लाइटिंग), वौल लैंटर्न व वौल लाइट्स लगाएं, जिन्हें आमतौर पर ड्राइंगरूम में लगाया जाता है. ऐसेंट लाइटस किसी खास जगह को हाईलाइट करने के लिए लगाई जाती है. यह लिविंगरूम के लिए अच्छा औप्शन होती है.

आर्किटैक्ट और इंटीरियर डिजाइनर मोहन बताते हैं कि बैडरूम में डिम लाइट अच्छी लगती है, वहीं बैडरूम में फुट लाइट फिर से ट्रैंड में आ रही है. मोहन ईको फ्रैंडली लाइट जैसे सीएफएल इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं.

फंकी फर्नीचर: फंकी फर्नीचर की खासीयत इस का कलर कौंबिनेशन और क्रिएटिव शेप्स होती है. यह तरहतरह की स्टाइलिश शेप, जैसे राउंड, फ्लावर, लीफ शेप में बना होता है. फंकी सोफा, बैड, अलमारी, ड्रैसिंग टेबल आदि की ढेरों वैराइटी आप को मिल जाएंगी.

इंटीरियर डिजाइनर मोहन सुझाव देते हैं कि यदि फर्श हलके रंग का है, तो फर्नीचर गहरे रंग का अच्छा लगता है. 

डिजाइनर हैंडलूम: आकर्षक बैडशीट, पिलो व सोफाकवर्स से घर को स्मार्ट लुक दें. आज बाजार में तरहतरह की करटेन ऐक्सैसरीज उपलब्ध हैं, जैसे टसल्स, डिजाइनर रौड्स इत्यादि. 2 कंट्रास्ट रंगों के परदे लगाना भी ट्रैंडी लुक देता है. आजकल परदों को कमरे को डिवाइड करने केलिए भी इस्तेमाल किया जाता है, जिस से कमरे का लुक बदल जाता है. परदे मौसम के अनुसार लगाएं. गरमियों में परदों का रंग लाइट होना चाहिए, जबकि सर्दियों में गहरे रंग के लगाएं. इस के अलावा सोफाकवर्स व कुशंस सोफे के रंग से कंट्रास्ट कलर में अच्छे लगते हैं.

ग्रीन लुक: घर को ग्रीन लुक देना ज्यादातर लोगों को अच्छा लगता है. इस से घर आकर्षक तो लगता ही है, ऐसा इंटीरियर तनाव को भी कम करता है.

इनसाइड प्लांट्स: कुछ पौधे ऐसे होते हैं, जिन्हें सूरज की सीधी रोशनी की जरूरत नहीं होती. वे सजावट व घर को प्राकृतिक लुक देने के लिए बहुत बढि़या औप्शन होते हैं. उन्हें बालकनी में सजाएं.

झूलते उपवन: इन्हें कलरफुल प्लास्टिक रस्सी या तार से बांध कर बालकनी या आंगन में लगाया जाता है. कुछ हैंगिंग प्लांट्स घर के अंदर भी लगाया जा सकता है. बाजार में बास्केट प्लांट्स, फ्लोटिंग कंटेनर प्लांट्स काफी रंगों व शेप्स में उपलब्ध हैं.

आधुनिक रसोई: किचन का इंटीरियर स्फूर्ति से पूर्ण होना चाहिए. तकनीक के जमाने में मौडर्न किचन ही सब की पसंद है.

मौड्यूलर किचन: आजकल मौड्यूलर किचन ट्रैंड में है. जंग व दीमक से बचाव के लिए लकड़ी के लैमिनेटिड व स्लाइडिंग तकनीक वाले दराज व कैबिनेट्स, आधुनिक स्टोव, इलैक्ट्रिक चिमनी, डिजाइनर सिंक व कंटेनर्स के साथ फ्लोरिंग और दीवारों को भी स्मार्ट लुक दिया जाता है. ये खुली व हवादार तो होती ही हैं, वहीं मैनेजेबल और ईको फ्रैंडली भी. मौड्यूलर किचन कई तरह के डिजाइंस व कलर में उपलब्ध है. इस की स्वचालित किचन ऐक्सैसरीज, जैसे ओटोमैटिक डिस्पोजल सिस्टम, गैस समाप्त होने व तापमान बढ़ने पर अलार्म की सुविधाएं इसे खास बनाती हैं.

किचन ऐक्सैसरीज: किचन में खासतौर पर इस तरह की ऐक्सैसरीज लगानी चाहिए, जो फैशनेबल होने के  साथसाथ उपयोगी भी हों.

चिमनी: चिमनी की कई वैराइटी उपलब्ध हैं. इस से धुआं इकट्ठा नहीं होता और तापमान नियंत्रित रहता है. कुछ चिमनियां औटोमैटिक क्लीनिंग करती हैं तो कुछ को स्वयं साफ करना पड़ता है.

आधुनिक बरनर: आज मल्टीपल व औटो स्पार्क बरनर का ट्रैंड है. इस में एकसाथ कई तरह की डिशेज बनाई जा सकती हैं. इसे चलाने के लिए लाइटर की भी आवश्यकता नहीं होती.

डिजाइनर क्रौकरी: बाजार में कई तरह की मेलामाइन व माइक्रोवेव क्रौकरी मिल जाएगी, जो आकर्षक डिजाइनों व कलर में उपलब्ध है. यह अनब्रेकेबल होने के कारण लंबे समय तक चलती है. इस के अलावा डिजाइनर बरतन स्टैंड, कंटेनर्स व सिंक भी उपलब्ध हैं.

दीवारें व फर्श: वैसे तो किचन की दीवारें आमतौर पर कैबिनेट से ही घिरी रहती हैं, इसलिए कैबिनेट पर औयलबेस्ड पेंट कराएं ताकि इन्हें आसानी से साफ किया जा सके. बाकी दीवारों को गंदगी से बचाने के लिए उन पर गहरे रंग की टाइल्स लगवाएं. गहरे रंग की टाइल्स से किचन का फर्श भी बड़ा लगता है. ऊपरी दीवारों पर कोई भी ब्राइट कलर करा सकती हैं, जैसे औरेंज,ग्रीन, चिली रैड आदि. स्टोन, ग्लास टाइल्स व वुड की फ्लोरिंग किचन में बहुत अच्छी लगती है. दीवारों पर ईको फ्रैंडली वशेबल पेंट कराना उचित रहता है.

स्मार्ट स्टूडियो अपार्टमैंट: छोटे परिवारों के लिए स्टूडियो अपार्टमैंट परफैक्ट रहते हैं. इन  में ड्राइंगरूम, बैडरूम को अलग से स्थान नहीं मिलता. इस में एक ही बड़ा लिविंगरूम बना होता है, जिस के साथ अलग से किचन व बाथरूम जुड़ा होता है. इसीलिए ऐसे अपार्टमैंट का इंटीरियर ऐसा होना चाहिए जो कम जगह को भी आकर्षक ढंग से पेश करे.

स्लीक फर्नीचर: वैसे तो स्लीक फर्नीचर सभी घरों में पसंद किया जाता है पर खासतौर से छोटे घरों में इसे उपयोग में लाना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि यह जगह तो कम घेरता ही है, ऐलिगैंट भी लगता है.

क्रिएटिव फर्नीचर: ऐसा फर्नीचर किसे अच्छा नहीं लगेगा, जो आप की जरूरत के अनुसार ढल जाए, जैसे सोफा कम बैड. इस के लिए आप को अलग से बैड नहीं लेना पड़ेगा. जहां दिन के समय यह सोफे का काम करेगा, वहीं रात को इसे पूरा खोल कर बैड बना लें. इसी तरह क्रिएटिव फोल्डेड टेबल, चेयर, स्टूल भी बाजार में उपलब्ध हैं, जिन्हें जब मन करे बिछा लें बाकी समय कैबिनेट में रख दें.

फैशनेबल डिवाइडर:  आजकल बड़े हौल को पार्टीशन के जरिए डिजाइनर लुक दिया जाता है. स्टूडियो अपार्टमैंट में तो फैशनेबल डिवाइडर काफी उपयोगी सिद्ध होते हैं, क्योंकि इस से प्राइवेसी भी मैंटेन होती है और एक कमरे को आसानी से 2 भागों में भी बांटा जा सकता है. आजकल  स्लाइडिंग ग्लास या फिर डिजाइनर वुड वौल के जरिए पार्टीशन करना ट्रैंड में है.

मिनिमल आर्ट ऐक्सैसरीज: मिनिमल आर्ट 1950 में प्रचलित हुआ था. तब यह सिर्फ मूर्तियों व पेंटिंग्स के संदर्भ में बाजार में आया था. यह आर्ट जापान के पारंपरिक डिजाइन व आर्किटैक्ट से प्रभावित है. ?बाजार में मिनिमल आर्ट वाले शोपीस, पेंटिंग्स, ऐंटिक्स के  साथसाथ फर्नीचर की भी काफी वैराइटी हैं. इन की खासीयत है कि ये स्लीक, स्टाइलिश व उत्तम गुणवत्ता वाले होते हैं. घर को सिंप्लिसिटी के साथ क्लासी लुक देते हैं. ऐसी ऐक्सैसरीज घर को ओवरलोड होने से बचाती हैं. कमरा भी देखने में बड़ा लगता है और क्रिएटिव भी. खासतौर से छोटे घरों को डिजाइन करने के लिए मिनिमल आर्ट ऐक्सैसरीज और भी सराहनीय हैं.

इन नई तकनीकों से आप डिजाइन कर सकती हैं एक स्मार्ट, यंगर लुकिंग व यूथफुल होम.