बंगाल की फेमस साड़ी है तांत. ‘तांत’ शब्द बंगाली भाषा के ‘तंतु’ (धागा) या हथकरघा (लूम) से आया है जिस पर यह बुनी जाती है. बौलीवुड में यह साड़ी काफी पसंद की जाती है. तांत साड़ियों की लोकप्रियता की सब से बड़ी वजह यह है कि यह बिना किसी तड़कभड़क के पहनने वाले को एक ग्रेसफुल, इंटेलैक्चुअल और कल्चरल वाइब देती है.
आप ने नोट किया होगा मुंबई की मशहूर दशहरे के दौरान रानी मुखर्जी और काजोल अकसर लाल बौर्डर वाली सफेद तांत और गरद साड़ियों में पारंपरिक बंगाली लुक में नजर आती हैं. विद्या बालन भी कई इवेंट्स और फिल्म प्रमोशन के दौरान पेस्टल और ब्राइट कलर्स की तांत साड़ियों को बोल्ड सिल्वर ज्वैलरी के साथ स्टाइल करती हैं. फिर इस बार हम क्यों न तांत की साड़ी खरीदें.
फिल्मों में भी फेमस है तांत साड़ियां
कहानी : इस फिल्म में विद्या बालन ने साधारण सूती तांत साड़ियों को बड़ी लाल बिंदी और नो मेकअप लुक के साथ पहना था. इस लुक ने तांत साड़ी को युवाओं के बीच एक नया स्टाइल स्टेटमैंट बना दिया.
पीकू : इस फिल्म में दीपिका पादुकोण का मौडर्न मीट्स ट्रैडिशनल लुक, जिस में उन्होंने हलकी तांत और कौटन साड़ियों को ओवरसाइज्ड कुरतों, श्रग्स और ब्लैक ग्लासेस के साथ पेयर किया था, काफी सराहा गया.
परिणीता : इस फिल्म में पुराने बंगाल के माहौल को दर्शाने के लिए विद्या बालन को महीन तांत और बंगाली कौटन साड़ियों में दिखाया गया था, जिस ने इस साड़ी के विंटेज चार्म को उभारा.
बंगाल की पारंपरिक तांत सूती साड़ी
यह साङी वजन में बहुत हलकी होती है. हलकी होने के साथसाथ मुलायम और हवादार होती है, जो भारत की गरमी और उमस भरे मौसम के लिए बहुत आरामदायक है.
इस पर जालीदार बुनाई की जाती है. इस के चौड़े बौर्डर और पल्लू पर आमतौर पर फूलों, पत्तियों और पैस्ले (अंबी) के सुंदर मोटिफ बुने जाते हैं, जो इसे गरम और उमस भरे मौसम के लिए बेहद आरामदायक बनाते हैं.
कैसे बनती है यह साड़ी
यह साड़ी सूती धागों से बनाई जाती है. बुनाई की प्रक्रिया के दौरान धागों में मांङ लगाया जाता है, जिस से साड़ी में एक खास तरह का कड़कपन और फूला हुआ लुक आता है. सूती होने के कारण यह त्वचा के लिए बेहद अनुकूल और हवादार होती है.
इस का डिजाइन कैसा होता है
तांत की साड़ी अपने चौड़े बौर्डर और बेहद कलात्मक पल्लू के लिए पहचानी जाती है. इस के डिजाइनों में बंगाली संस्कृति की झलक मिलती है. इन में आमतौर पर ‘भोमरा’ (भंवरा), ‘ताबिज’ (ताबीज), ‘राजमहल’ (शाही महल), ‘अर्धचंद्र’ (आधा चांद), ‘चांदमाला’, और पैस्ले (अंबी) जैसे पारंपरिक रूपांकनों को उकेरा जाता है.
किन रंगों से सजती है ये साड़ियां
पारंपरिक रूप से तांत की साड़ियां औफ व्हाइट या कोरे (क्रीम) रंग के बेस पर चमकीले बौर्डर (जैसे लाल, हरा या नीला) के साथ आती थीं. हालांकि, आधुनिक समय में यह लगभग हर पेस्टल (हलके) और चटक रंग में उपलब्ध हैं, जिस में सर्जरी और बौर्डर डिफरैंट कलर के भी आते हैं.
कहां पहन सकते हैं
वैसे तो इस साड़ी को दशहरा में विशेषरूप से पहनी जाती है. लाल बौर्डर वाली सफेद तांत साड़ी (जिसे लाल पार साड़ी भी कहा जाता है) पहनना बंगाली महिलाओं की एक अहम परंपरा है. वैसे इसे औफिस में भी पहना जा सकता है.
किस तरह की ज्वैलरी और ऐक्सैसरीज के साथ पहनें तांत की साड़ी
ज्वैलरी कैसी पहनें :
-यदि आप ‘पीकू’ या ‘कहानी’ जैसा मौडर्न और आर्टिस्टिक लुक चाहती हैं, तो औक्सिडाइज्ड सिल्वर के बड़े झुमके, स्टेटमैंट चोकर और सिल्वर कड़े सब से बेहतरीन विकल्प हैं.
-शादीब्याह या उत्सव के दौरान, विशेषकर लाल, सफेद (लाल पार) तांत साड़ी के साथ सोने का हार, कान के बाले (झुमके) और कंगन एक क्लासिक बंगाली लुक देते हैं.
-तांत की नैचुरल बनावट के साथ मिट्टी, कौड़ियों, लकड़ी और धागों से बनी ज्वैलरी बहुत ही सुंदर और इंडोफ्यूजन वाइब देती है.
-औफिस या फौर्मल मीटिंग्स के लिए तांत साड़ी के साथ एक सिंपल पर्ल स्ट्रैंड (मोती की माला) या छोटे पर्ल स्टड्स बहुत ही सोबर और एलिगेंट लगते हैं.
बिंदी और मेकअप
-तांत की साड़ी हो और माथे पर बड़ी लाल बिंदी न हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता. इस साड़ी के साथ अपना लुक कंपलीट करने के लिए लाल बिंदी जरूरी है.
-आंखों में गहरा काजल या क्लासिक विंग्ड आईलाइनर तांत साड़ी के ऐथनिक चार्म को बढ़ा देता है.
बैग्स और फुटवियर
-चमड़े के भारी बैग्स के बजाय जूट का टोट बैग, हैंड ऐंब्रौयडर्ड कौटन पोटली या ब्लौक प्रिंटेड क्लच/स्लिंग बैग इस के साथ परफैक्ट मैच होते हैं.
-कोल्हापुरी चप्पलें, ऐथनिक जूतियां या लेदर स्ट्रैप फ्लैट्स तांत साड़ी के कंफर्टेबल लुक को पूरा करते हैं. पेंसिल हील्स के बजाय फ्लैट्स या ब्लौक हील्स ज्यादा सूट करती हैं.
ब्लाउज कैसा पहने
-तांत साड़ी के साथ सब से क्लासिक और एवरग्रीन लुक कुहनी तक की लंबाई वाली आस्तीन से आता है. आस्तीन के बौर्डर पर साड़ी का ही बौर्डर (पार) लगवाने से लुक बहुत ग्रेसफुल दिखता है.
-कंधे पर हलकी चुन्नटों (pleats) वाली फूली हुई आस्तीन पारंपरिक बंगाली फैशन की पहचान है. दशहरा या पारिवारिक आयोजनों में तांत साड़ी के साथ पफ स्लीव ब्लाउज बहुत ही प्यारा और विंटेज लुक देता है.
-यदि तांत साड़ी प्लेन या हलके डिजाइन की है, तो उस के साथ सूती कलमकारी, अजरख, बागरू या हैंड ब्लौक प्रिंटेड ब्लाउज पहनें. यह एक बहुत ही सुंदर ऐथनिक फ्यूजन और आर्टिस्टिक वाइब देता है.
हेयरस्टाइल
-बालों का लो बन (नीचा जूड़ा) बना कर उस में ताजे मोगरे का गजरा लगाना फैस्टिव लुक में चार चांद लगा देता है.
