Sex Safety Tips : क्या  आप ने कभी पानी में सैक्स का आनंद लिया है या क्या आप पानी में सैक्स करने की कल्पना करते हैं? आमतौर पर गरमियों के दिनों में पानी में सैक्स का आनंद लेने का विचार हर कपल की सैक्स लाइफ को और मजेदार बना सकता है. बैडरूम से बाहर निकल कर पर्सनल स्विमिंग पूल, शावर, बाथटब आदि जगहों पर सैक्स करना आजकल बहुत आम हो गया है. हालांकि यह विचार आप को मजेदार और रोमांचक लग सकता है लेकिन क्या पानी में सैक्स करना सुरक्षित है?

इस के फायदे भी हैं तो कई नुकसान भी हैं, जिन के बारे में जानना बेहद जरूरी है. अगर आप भी पानी में सैक्स करने की सोच रहे हैं तो थोड़े सावधान हो जाएं क्योंकि इस में कई तरह के हैल्थ रिस्क यानी स्वास्थ्य के जोखिम भी होते हैं. तो आइए जानते हैं कि पानी में सैक्स करना मजा है या सजा:

इंफैक्शन (संक्रमण)

अगर आप को पहले से ही यीस्ट इन्फैक्शन है तो हौट टब में सैक्स करने से स्थिति और बिगड़ सकती है, साथ ही जब आप पानी में सैक्स करते हैं तो यीस्ट इन्फैक्शन, बैक्टीरियल वैजिनोसिस या यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फैक्शन (यूटीआई) होने की संभावना बढ़ जाती है. वहीं अगर ठहरे हुए यानी स्थिर पानी की बात करें तो ऐक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे पानी में कीटाणु, बैक्टीरिया या कुछ ऐसे कैमिकल हो सकते हैं जो यूटीआई या किसी अन्य प्रकार के इन्फैक्शन का कारण बन सकते हैं.

योनि में जलन

क्या आप ने कभी पूल में तैरने के बाद अपनी आंखों में जलन महसूस की है? स्विमिंग पूल के पानी में क्लोरीन जैसे कैमिकल होते हैं जो जलन का कारण बनते हैं. अगर आप पूल में सैक्स करते हैं तो इस से त्वचा में या योनि में जलन हो सकती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि यह आप की योनि के सामान्य पीएच लैवल को बदल सकता है, इसलिए पूल के पानी में सैक्स करने से बचना चाहिए.

शावर सैक्स है बैस्ट

पूल या गरम पानी के टब में सैक्स की तुलना में शावर सैक्स थोड़ा सुरक्षित हो सकता है. पूल या टब में फिसलने और नीचे गिरने का जोखिम हो सकता है. ऐसी स्थिति में आप को बहुत सावधान रहने की जरूरत होती है. जब आप अपने पार्टनर के साथ शावर में होते हैं तो फोरप्ले या सैक्स का आनंद ले सकते हैं. शावर सैक्स में चोट लगने का डर कम होता है.

दर्दनाक सैक्स

अगर आप सैक्स का आनंद लेना चाहते हैं तो लूब्रिकेशन महत्त्वपूर्ण है लेकिन अगर आप पानी के अंदर सैक्स करते हैं तो पानी आप की वैजाइना में प्रवेश करेगा और आप के प्राकृतिक स्त्राव को कम कर सकता है. पानी में सैक्स के दौरान या बाद में दर्द हो सकता है.

सुरक्षा दांव पर लग सकती है

पानी में मौजूद कैमिकल और उस का तापमान लेटेक्स या कंडोम को कमजोर कर सकता है. कंडोम फटने के कारण प्रैगनैंसी या सैक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फैक्शन हो सकता है जबकि सैक्स के दौरान कंडोम बहुत जरूरी होता है.

ये सावधानियां रखें

सैक्स पोजीशन खास होनी चाहिए. पानी में सैक्स करते समय पोजीशन का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. पानी में मिशनरी पोजीशन के बजाय स्टैंडिंग सैक्स पोजीशन ट्राई करनी चाहिए. पानी में सैक्स करने के दृष्टिकोण से यह आसान हो सकता है. इस के अलावा सिर्फ फोरप्ले का विकल्प भी ज्यादा बेहतर हो सकता है.

रफ सैक्स से दूर रहें

इस से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप वाटर सैक्स, टब सैक्स, पूल या शावर सैक्स कर रहे हैं, पानी के कारण फिसलन हर जगह हो सकती है, इसलिए वाटर सैक्स के दौरान रफ सैक्स को अवौइड करें.

और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...