Morning after pill : असुरक्षित योन समबन्ध बनाये जाने पर या फिर कंडोम आदि के फट जाने पर जब प्रेगनेंसी का डर सताएं तो यह पिल लाभकारी होती है. दरअसल, ‘मॉर्निंग आफ्टर पिल’ इसी मानसिक तनाव को दूर करने और अवांछित गर्भधारण को रोकने का एक असरदार साधन है. सही समय पर और सही तरीके से ली गई यह एक गोली महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करती है. आइए जानते हैं कि यह दवा कैसे काम करती है, इसे कब लेना चाहिए और इससे जुड़ी कौन-कौन सी जरूरी बातें ध्यान रखना आवश्यक है.”
कहते है इस पिल को 72 घंटे के अंदर कभी भी लिया जा सकता है? यह सच है या भ्रम?
इस पिल को असुरक्षित यौन संबंध बनाने के बाद जितनी जल्दी हो सके लिया जाना चाहिए. असुरक्षित यौन संबंध के 12-24 घंटों के अंदर यदि इन्हें लिया जाता है, तो बहुत अच्छा रहता है. तब आप प्रेगनेंट नहीं होगी इसकी 95% तक की गारंटी होती है हालाँकि अपवाद कही भी हो सकता है. इसके बाद अगर आपने 48 घंटे बाद इसे लिए तो यह गारंटी 85% तक रह जाती है और 48-72 घंटों के बीच लगभग 58% तक इसकी गारंटी रह सकती है. इसे असुरक्षित यौन संबंध के जितनी जल्दी हो सके लिया जाना चाहिए.
यह एबॉर्शन (गर्भपात) पिल नहीं है
कई लोगों को लगता है कि यह पिल लेने से अबॉशन हो सकता है लेकिन ऐसा नहीं है iयह पिल केवल गर्भधारण को रोकती है. यदि महिला पहले से Pregnant हो चुकी है, तो यह दवा गर्भावस्था को समाप्त नहीं कर सकती और न ही भ्रूण को कोई नुकसान पहुंचाती है.
यह कैसे काम करती है?
यह मुख्य रूप से ओव्यूलेशन यानी अंडाशय से अंडे के निकलने की प्रक्रिया को कुछ समय के लिए टाल देती है या रोक देती है. यदि अंडा रिलीज़ ही नहीं होगा, तो शुक्राणु के लिए निषेचन के लिए कुछ उपलब्ध नहीं होगा.
यह गोली कब काम नहीं करती है
यदि दवा लेने से पहले ही अंडा रिलीज़ हो चुका है और फर्टिलाइज हो गया है, तो यह गोली काम नहीं करेगी. इसलिए इसे जितनी जल्दी लिया जाए, यह उतनी ही अधिक प्रभावी होती है.
ध्यान दें- यदि गर्भधारण पहले ही हो चुका है, तो यह गोली काम नहीं करती और न ही यह गर्भपात करती है.
यह गोली कैसे ली जाती है?
इस गोली को पानी के साथ गटक कर खाया जाता है यानी कि मौखिक रूप से ये दवाई ली जाती है. इसे खाना खाने के बाद ली जाती है ताकि वोमिट आदि ना हो. लेकिन फिर भी अगर वोमिट हो जाएँ तो दूसरी गोली लें.
इस गोली को लेने के साइड इफेक्ट क्या है
जी मिचलाना, सिरदर्द, तनाव, पेट के निचले हिस्से में दर्द, ब्रेस्ट में दर्द और पीरियड्स के समय ज़्यादा रक्त स्राव होना आदि. वहीं इसका लगातार और लंबे समय तक अनावश्यक उपयोग महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर भी असर डाल सकता है. इसलिए इमरजेंसी पिल्स लेने के बाद यदि कोई भी समस्या को तो महिला रोग विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेना चाहिए.
कुछ धयान देने योग्य बातें-
दवा लेने के बाद आपका अगला पीरियड तय तारीख से कुछ दिन पहले या 1-2 हफ्ते देर से आ सकता है.
इस बात को समझना जरुरी है कि यह पिल सामान्य गर्भनिरोधक गोली नहीं है. इसका इस्तेमाल आप नियमित रूप से नहीं कर सकते बल्कि इमेरजेंसी की सिचुएशन में लेना चाहिए.
इन दवाइयों के पैकेट पर लिखा होता है की इनका सेवन 72 घंटों तक किया जा सकता है लेकिन संबंध बनाने के 24 घंटे के भीतर इनका उपयोग ज्यादा कारगर रहता है. गोली लेने में देरी करने पर गर्भ धारण की आशंका बढ़ सकती है.
यह आमतौर पर सभी मेडिकल स्टोर पर सरलता से मिल जाती हैं और इन्हे खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची की आवश्यकता नहीं होती है.
यह दवाई अबॉर्शन पिल नहीं है बल्कि प्रेगनेंसी होने से पहले उसे रोकने का काम .करती है.
यदि गोली खाने के 2 से 3 घंटे के भीतर उल्टी हो जाती है, तो शरीर दवा को पूरी तरह सोख नहीं पाता. ऐसी स्थिति में आपको तुरंत दूसरी गोली लेनी होगी.
यह गोली केवल बीते हुए असुरक्षित संबंध से सुरक्षा देती है. इसके सेवन के बाद किए गए किसी भी नए संबंध से गर्भधारण का जोखिम बना रहता है.
अगर गोली लेने के 3 हफ्ते (21 दिन) बाद भी पीरियड्स न आएं, तो ‘होम प्रेगनेंसी टेस्ट’ ज़रूर करें.
डॉक्टर से कब संपर्क करें?
गोली लेने के बाद पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द हो (जो ठीक न हो रहा हो).
3 हफ्ते तक पीरियड न आए.
लगातार कई दिनों तक हैवी ब्लीडिंग होती रहे.
