ऐंड्रोजेनेटिक ऐलोपेसिया में बाल गिरना कैसे रोकें?

सवाल-

मैं 28 वर्षीय युवक हूं. पिछले 5 सालों से मेरे सिर के आगे के बाल लगातार गिर रहे हैं. डाक्टर ने इसे ऐंड्रोजेनेटिक ऐलोपेशिया बताया है. उन की सलाह पर मैं पिछले 3 साल से सिर पर सुबहशाम मिनोक्सीडिल लोशन लगा रहा हूं, लेकिन मेरे बाल गिरना बंद नहीं हुए हैं. मैं क्या करूं?

जवाब-

सिर पर बाल उगना, उन का बढ़ना और गिरना आम बात है. आमतौर पर जितने बाल गिरते हैं, उन की जगह पर उतने ही नए बाल उग जाते हैं और ज्यादातर लोगों में किसीकिसी समय सिर के 90% बाल बढ़ने और 10% गिरने के दौर में होते हैं. पर ऐंड्रोजेनेटिक ऐलोपेशिया होने पर बाल गिरने का दौर लंबा खिंच जाता है और सिर गंजा दिखने लगता है. यह एक आनुवंशिक विकार है, जिस का कोई पक्का इलाज नहीं है. यदि आप को मिनोक्सीडिल लोशन से लाभ नहीं पहुंच रहा तो संभव है फिनेस्ट्रौयड की गोली लाभ पहुंचाए. आप इस बाबत अपने डाक्टर से सलाह लें. अगर 12 से 15 महीने के इलाज के बाद भी आराम न मिले तो हो सकता है कि आप को हेयर ट्रांसप्लांट कराना पड़े.

फिनेस्ट्रौयड और मिनोक्सीडिल के साथ कुछ सावधानियां अमल में लाना जरूरी है. उन के बारे में डाक्टर से पूरी जानकारी जरूर प्राप्त कर लें. इन दवाओं के साथ यह भी है कि जैसे ही हम इन्हें बंद करते हैं, बाल फिर से गिरना शुरू हो जाते हैं.

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गंजापन को ऐलोपेसिया भी कहते हैं. जब असामान्य रूप से बहुत तेजी से बाल  झड़ने लगते हैं तो नए बाल उतनी तेजी से नहीं उग पाते या फिर वे पहले के बालों से अधिक पतले या कमजोर उगते हैं और उन का कम होना शुरू हो जाता है. ऐसी हालत में बालों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए क्योंकि स्थिति गंजेपन की ओर जाती है. अपोलो हौस्पिटल के सीनियर कंसल्टैंट (प्लास्टिक कौसमैटिक ऐंड रिकंस्ट्राक्टिव सर्जरी) डाक्टर कुलदीप सिंह के अनुसार:

गंजेपन के प्रकार ये हैं

ऐंड्रोजेनिक ऐलोपेसिया: यह स्थायी किस्म का गंजापन है और एक खास ढंग से खोपड़ी पर उभरता है. इस किस्म के गंजेपन के लिए मुख्यतया टेस्टोस्टेरौन हारमोन संबंधी बदलाव और आनुवंशिकता जिम्मेदार होती है.

यह महिलाओं से ज्यादा पुरुषों में होता है. यह कनपटी और सिर के ऊपरी हिस्से से शुरू हो कर पीछे की ओर बढ़ता है और यह जवानी के बाद किसी भी उम्र में शुरू हो सकता है.

ऐलोपेसिया ऐरीटा: इस में सिर के अलगअलग हिस्सों में जहांतहां के बाल गिर जाते हैं, जिस से सिर पर गंजेपन का पैच लगा सा दिखता है. यह स्थिति शरीर की रोगप्रतिरोधी शक्ति कम होने के कारण होती है.

टै्रक्शन ऐलोपेसिया: यह लंबे समय तक बालों को एक ही स्टाइल में बांधने के कारण होता है, लेकिन हेयरस्टाइल बदल देने से बालों का  झड़ना रुक जाता है.

हारमोन परिवर्तन से: यह किसी खास चिकित्सीय कारण जैसे कैंसर कीमोथेरैपी, अत्यधिक विटामिन ए के प्रयोग से, इमोशनल या फिजिकल स्ट्रैस की वजह से या गंभीर रूप से बीमार पड़ने अथवा बुखार होने की वजह से होता है.

अच्छे बाल और स्किन के लिए डाइट बताएं?

सवाल- 

मैं 44 साल की महिला हूं. मुझे बाल झड़ने, महीन रेखाएं और झुर्रियों की काफी समस्या है. बेहतर त्वचा और बालों का झड़ना रोकने के लिए मुझे अपने आहार में क्या बदलाव लाने चाहिए?

जवाब-

जैसेजैसे उम्र बढ़ती है, वैसेवैसे हमारा मैटाबौलिज्म रेट कम होता जाता है. हमारी मांसपेशियां कम होने लगती हैं और हारमोन का स्तर थोड़ा कम हो जाता है, जिस से वजन बढ़ने, मूड में बदलाव आने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है.

ऐंटीऔक्सिडैंट युक्त खाना खाने से आप को अपने समग्र स्वास्थ्य में सुधार करते हुए भूख और क्रेविंग पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है. अलसी, चिया सीड्स, सालमन, ऐवोकाडो, नट्स, हरी पत्तेदार सब्जियां, गोभी, डार्क चौकलेट, बेरीज, ग्रीक योगर्ट, ऐक्स्ट्रा वर्जिन औलिव औयल, अंडे, चिकन, बींस, खट्टे फल शरीर को पोषण देने में मदद कर सकते हैं.

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महिलाओं को 2 चीजें सब से ज्यादा प्यारी होती हैं- हैल्दी बौडी और मेकअप. इस से न केवल उन में निखार आता है, बल्कि वे स्मार्ट और ऐक्टिव भी नजर आती हैं और अगर वे औफिस में काम करती हैं तो अपनी ब्यूटी को ले कर ज्यादा ही सतर्क रहती हैं.

इस सतर्कता में अच्छा खाना और सही मेकअप बहुत ज्यादा माने रखता है वरना स्वाति जैसा हाल भी हो सकता है.

स्वाति एक मल्टीनैशनल कंपनी में काम करती है, पर औफिस में किस तरह का मेकअप करना है या क्या खानापीना है, इसे ले कर वह बेपरवाह हो जाती है. एक तो वह अपने आकार में कुछ ज्यादा ही हैल्दी है और उस पर मेकअप भी हैवी कर लेती है, इसलिए पीठ पीछे उस का बहुत मजाक बनता है.

मगर इस का हल क्या है? क्या औफिस के लिए कोई खास तरह का मेकअप होता है? क्या सही खानपान किसी औफिस गर्ल को सब की चहेती बना सकता है? ऐसा क्या किया जाए  कि कोई महिला अपने औफिस में हंसी का पात्र न बने?

इन सब सवालों के जवाब देते हुए डाइटीशियन और मेकअप आर्टिस्ट नेहा सागर कहती हैं, ‘‘किसी लड़की खासकर औफिस गर्ल के लिए अच्छा खानपान और मेकअप में बैलेंस बनाना कोई रौकेट साइंस यानी मुश्किल काम नहीं है. औफिस में काम का तनाव होने की वजह से अपनी डाइट पर पूरा ध्यान देना चाहिए. कुछ छोटीछोटी बातों का ध्यान रख कर कोई भी औफिस गर्ल खुद को सेहतमंद रख सकती है.

‘‘जहां तक मेकअप की बात है तो औफिस में ज्यादा हैवी मेकअप जरूरी नहीं है. अपने रंगरूप और बौडी शेप के हिसाब से मेकअप करने से भी बात बन सकती है.’’

Winter Special: झड़ते बाल कैसे रोके

हर महिला की चाहत होती है कि उस के सुंदर, घने, काले बाल हों जो उस की खूबसूरती को बढ़ा जाएं. जब ये बाल उम्र से पहले ही झड़ने लग जाएं तो दिल पर क्या बीतती है यह तो कोई युवा महिला ही बता सकती है. सिर्फ औरतें ही नहीं बल्कि पुरुषों को भी इस मुसीबत का सामना करना पड़ता है. वर्तमान समय में हर दूसरा व्यक्ति बाल झड़ने की समस्या से जूझ रहा है. इस समस्या से

निजात पाने के लिए कोई घरेलू नुस्खों को अपनाता है तो कोई आयुर्वेदिक तेल और तरह तरह के शैंपू आजमाता है. कोई सप्प्लिमेंट्स लेने लगता है तो कोई बालों की कटिंग ही करा लेता है. लेकिन समस्या जस की तस बनी रहती है. औसत वयस्क के सिर में लगभग 100,000 से 150,000 बाल होते हैं. अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार प्रतिदिन 50 से 100 बालों का गिरना सामान्य है. अगर आप के बाल इस से ज्यादा गिरते हैं और गुच्छों में निकलते हैं तो समझ जाइए कि आप के बाल झड़ने लगे हैं.

समय पर ध्यान नहीं दिया गया तो परिणाम के रूप में गंजेपन की सौगात मिल सकती है. वैसे महिलाओं में गंजापन कम ही देखा जाता है. मगर ज्यादा समय तक बाल झड़ने की समस्या बने रहने से उन के बाल पतले और छोटे हो जाते हैं. साथ ही बालों की खूबसूरती भी चली जाती है. इसलिए समय रहते अपने बालों की चिंता करें, उन का ख़याल रखें और अगर बाल ज्यादा संख्या में गिर रहे हैं तो कारण समझने का प्रयास करें. दरअसल बालों के गिरने की समस्या अक्सर खराब हेयर केयर रूटीन, सही डाइट न लेने और स्कैल्प से जुड़ी बीमारियों के कारण होता है. मन में किसी तरह का तनाव हो तो भी बाल कम हो जाते हैं.

बाल झड़ने के पैटर्न

सिर के ऊपर धीरे धीरे बालों का कम होना – यह बालों के झड़ने का सब से आम प्रकार है. बाल झड़ने की यह समस्या बढ़ती उम्र के साथ लोगों को प्रभावित करता है. पुरुषों में अक्सर माथे पर हेयरलाइन पर बाल झड़ने लगते हैं मगर महिलाओं के साथ ऐसा नहीं होता. उन के पूरे बाल कम होने लगते हैं. चकत्तों में बालों का झड़ना – कई लोगो में गोलाकार में बाल झड़ने की समस्या होती है. इस में लोग अपने सिर पर सिक्के के आकार के गंजेपन के चकत्ते महसूस करते हैं.

हल्के से छूने से गुच्छों में बालों का झड़ना – कुछ लोगों को एक साथ काफी बाल टूटने की समस्या का सामना करना पड़ता है. ऐसे में बाल गुच्छे में टूटते हैं जिस की वजह से गंजापन तेजी से होता है. लेकिन यह समस्या जल्द ही ठीक भी हो जाती है. बालों से जुड़ी यह समस्या तब होती है जब कोई व्यक्ति किसी गंभीर और लंबे समय तक किसी शारीरिक समस्या से जूझता रहता है.

पूरे शरीर से बाल झड़ना –  कई लोगों को पूरे शरीर में बाल झड़ने की समस्या होती है. ऐसे में अचानक से शरीर से बाल झड़ने लग जाते हैं. कुछ चिकित्सीय उपचारों जैसे कि कैंसर के लिए कीमोथेरेपी से भी पूरे शरीर के बाल झड़ सकते हैं. बाद में आमतौर पर बाल फिर से उग आते हैं. कोई भी समस्या होने के पीछे कोई न कोई कारण जरूर जरूर होता है. इसी प्रकार बाल झड़ने की समस्या होने के पीछे भी कई कारण होते हैं जिन की पहचान कर बाल झड़ने की समस्या से बच सकते हैं.

आइए जानते हैं बाल झड़ने के कुछ संभावित कारणों के बारे में ;

  • तनाव या डिप्रेशन के कारण – जब कोई व्यक्ति लगातार काफी लंबे समय से डिप्रेशन की समस्या जूझता है तो उस दौरान उसे बाल झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है. वैसे तो डिप्रेशन एक मानसिक बीमारी है लेकिन समय पर उपचार न होने से यह एक शारीरिक समस्या के रूप में भी सामने आने लगती है. ऐसे में केवल बाल ही नहीं झड़ते बल्कि बाल सफ़ेद भी होने लगते हैं.
  • पोषण की कमी – शरीर में पोषण की कमी भी बाल झड़ने का एक सब से मूल कारण है. खासकर महिलाएं अपने पोषण का ख़याल नहीं रखतीं. अगर आप संतुलित आहार नहीं लेते तो आप को बाल झड़ने की समस्या संभावित रूप से हो सकती है. इसलिए अपने खाने में हमेशा विटामिन ई, आयरन, जिंक और सबसे जरूर प्रोटीन को जरूर शामिल करना चाहिए.
  • हेयर स्टाइलिंग या हेयर स्टाइल –  जरूरत से ज्यादा हेयर स्टाइलिंग करने की वजह से भी बाल झड़ने की समस्या का करना पड़ सकता है. जब आप ज्यादा हेयर स्टाइलिंग करवाते हैं तो इस की वजह से आप के बालों को कस कर खींचा जाता है और केमिकल्स लगाए जाते हैं जिस से ये कमजोर हो सकते हैं.
  • कैंसर रोग के कारण – कैंसर होने के कारण रोगी को बाल झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है. इस गंभीर रोग के दौरान रोगी को अक्सर काफी गंभीर और जटिल उपचारों से गुजरना पड़ता है और साथ ही काफी दवाएं भी लेनी पडती है जिसकी वजह से रोगी के पूरे शरीर से बाल झड़ने लगते हैं.
  • डैंड्रफ या रूसी- डैंड्रफ या रूसी के कारण आमतौर पर हर किसी के बाल झड़ते हैं. डैंड्रफ कई कारणों से होता है जैसे कि ड्राई स्कैल्प के कारण, ऑयली बालों के कारण, गंदगी के कारण, मौसम बदलने के कारण या फिर खराब हेयर केयर रूटीन के कारण.
  • आनुवांशिकता – बाल झड़ने की समस्या पारिवारिक भी हो सकती है.  अक्सर यह देखा गया है अगर किसी  को बाल झड़ने की समस्या है तो उस की आने वाली पीढ़ी में भी यह समस्या होती है.
  • लूपुस डिसऑर्डर – ऑटोइम्यून डिसऑर्डर की वजह से भी अक्सर लोगो को बाल झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ता है जिस मे लूपुस भी एक है. लूपुस ऑटोइम्यून डिसऑर्डर होने पर शरीर के कई हिस्सों में लंबे समय तक सूजन आ जाती है जिस की वजह से उस हिस्से में ब्लड ठीक से नहीं पहुँच पाता और फिर बाल झड़ने की समस्या हो जाती है.
  • हार्मोन बदलने के कारण – अगर शरीर में हार्मोन अचानक से बदलने लग जाए या हार्मोन असंतुलित हो जाए तो इस की वजह से भी बाल झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ता है.  यह समस्या अक्सर महिलाओं में मासिक धर्म और गर्भवस्था के दौरान देखी जाती है.
  • प्रसव के बाद– महिलाओं में बाल झड़ने का एक कारण गर्भावस्था भी है. गर्भावस्था के बाद ज्यादातर महिलाओं के बाल झड़ने लगते है. कई नई माताओं को गर्भावस्था के बाद अत्यधिक बाल झड़ने का अनुभव होता है. बाल झड़ना आमतौर पर जन्म देने के लगभग चार महीने बाद होता है.
  • दवाओं के कारण – मधुमेह, खून पतला करने की दवाएं, थायरॉइड , आर्थराइटिस, ब्लड प्रेशर और दिल की दवाएं लेने की वजह से व्यक्ति को बाल झड़ने की समस्या का समाना करना पड़ सकता है.
  • एनॉरेक्सिया और बुलिमिया – बाल झड़ने की यह समस्या किशोरों में दिखाई देती है. अक्सर किशोर स्लिम फिट बॉडी की चाहत में अक्सर डाइटिंग करते हैं जिस की वजह से उन्हें एनॉरेक्सिया और बुलिमिया जैसे ईटिंग डिसऑर्डर की समस्याहो जाती है. इन डिसऑर्डर्स से ग्रसित युवा  कुपोषण का भी सामना करना पड़ता है जिस की वजह से बाल झड़ने की समस्या होने लगती है. एलोपेसिया यूनिवर्सलिस एलोपेसिया यूनिवर्सलिस एक ऐसी बीमारी है जिस में आप के शरीर के बाल भी झड़ने लगते हैं. जिन लोगों के बाल पूरी तरह झड़ जाते हैं वह एलोपेसिया टोटलिस के शिकार हो जाते हैं लेकिन जिन लोगों के शरीर के बाल धीमे धीमे झड़ते हैं उन्हें एलोपेसिया यूनिवर्सलिस कहते हैं. आमतौर पर एलोपेसिया डॉक्टरों के द्वारा ट्रीटमेंट करने पर कुछ महीनों में ठीक हो सकता है. टेलोजेन एफ्लुवियम   टेलोजेन एफ्लुवियम के कारण भी लोगों के बाल तेजी से झड़ने लगते हैं.  ये तब होता है जब आप का शरीर तनाव, सदमा, आघात या बीमारी से गुजरता है. इस से आप के सिस्टम को नुकसान पहुंचता है. सर्जरी, कुछ दवाओं के इस्तेमाल, क्रैश डाइटिंग, अत्यधिक तनाव, थायराइड आदि के कारण आप के बाल टेलोजन की स्थिति तक पहुंच जाते हैं और बाल पतले हो कर टूटने लगते हैं. ऐसे में डॉक्टरी उपचार की जरूरत हो सकती है.

टिनिआ केपिटिस (tinea capitis)

टिनिआ केपिटिस का मतलब है एक दाद संक्रमण जो त्वचा पर और खोपड़ी पर बालोंके रोम के अंदर विकसित होता है.  यह एक तरह का फंगल इंफेक्शन है जो त्वचा की अलगअलग जगहों पर बनता है. यह सिर में हो जाए तो आप के बाल तेजी सेटूटने और गिरने लगते हैं. स्कैल्प इंफेक्शन स्कैल्प इंफेक्शन स्कैल्प में बैक्टीरियल या फंगल इंफेक्शन के कारण होताहै. इस में फंगस या बैक्टीरिया बालों के रोम या क्षतिग्रस्त त्वचा के  माध्यम से खोपड़ी में प्रवेश करते हैं तो खोपड़ी संक्रमित हो सकती है. इस से बाल तेजी से टूटने लगते हैं.

रक्तचाप की समस्या के कारण – रक्तचाप की समस्या होने से बाल झड़ने शुरू हो सकते हैं. जब कोई व्यक्ति ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहा होता है तो ऐसे में ब्लड का प्रेशर बाधित हो जाता है. साथ ही ब्लड में सोडियम की मात्रा अधिक हो जाती है. इस की वजह से ब्लड बालों तक ठीक से पोषण नहीं पहुंचा पाते और व्यक्ति के बाल तेजी से गिरने लगते हैं.

बालों का गिरना कैसे रोकें

अगर आप बाल झड़ने की समस्या से जूझ रहे हैं तो निम्नलिखित उपायों को अपना कर इस से बच सकते हैं अपने बालों को सही तरीके से धोएं पतले या झड़ते हुए बाल ज्यादा नाजुक होते हैं. ये आसानी से टूट जाते हैं.

ऐसे में आप को बाल धोते समय कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए. जैसे कि एक सौम्य शैम्पू का प्रयोग करें. हर शैंपू के बाद मॉइस्चराइजिंग कंडीशनर लगाएं. कंडीशनर आप के स्ट्रैंड्स को कोट करता है जिस से टूटना और स्प्लिट एंड्स कम हो जाते हैं. अपने बालों को माइक्रोफाइबर टॉवल में लपेटें ताकि ये अधिक तेजी से सूख सके. कोशिश करें कि अपने बालों को प्राकृतिक  तरीके से सूखने दें. केमिकल स्ट्रेटनिंग और कलरिंग से बचें जितना हो सके अपने बालों को नेचुरल रूप में रहने दें क्योंकि केमिकल स्ट्रेटनिंग और कलरिंग आप के बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. अगर आप ये करवा भी रहे हैं तो सैलून में करवाएं और बाद में एक मॉइस्चराइजिंग कंडीशनर का उपयोग करें. बालों में अलग अलग तरह के कलर, शैम्पू, हेयर मास्क आदि का प्रयोग न करें. कोशिश करें कि आप एक ही ब्रांड के उत्पादों का प्रयोग करें.

बालों को हौले से ब्रश करें

अपने बालों को धीरे से ब्रश करें. इस से बालों का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और उन्हें नुकसान भी नहीं पहुँचता. ब्रश या कंघी करते समय अपने बालों की मालिश करें. बालों को हमेशा प्यार से संभाले. बारीक़ कंघी की जगह चौड़ी कंघी का इस्तेमाल करें और बालों को खींचे नहीं. अगर बाल गीलें हैं तो उन्हें भी प्यार से ही संभालें. अपने बालों को कस कर न बांधें. बालों का हेयर स्टाइल ऐसा रखें जिस से बालों पर जोर न पड़े क्योंकि यह बालों के झड़ने का कारण बन सकता है.

डाइट सही रखें

अपनी डाइट को सही रखें ताकि बाल मजबूत बनें. आयरन और प्रोटीन से भरपूर चीजें खाएं जो बालों को मजबूत बनाते हैं. बहुत कम कैलोरी वाले खाने  से भी बाल झड़ सकते हैं. बालों के रोम ज्यादातर प्रोटीन से बने होते हैं जिन्हें केराटिन कहा जाता है. आहार में आयरन और प्रोटीन को जरूर शामिल करें. इन दोनों की कमी की वजह से बाल झड़ने की समस्या सब से ज्यादा होती है और बाल सफ़ेद भी होते हैं. अपने आहार में विटामिन बी को भी शामिल करें.

विटामिन बी की से बाल झड़ने की समस्या तेजी से बढ़ती है. गाजर खाने से बालों का झड़ना कम हो जाता है क्योंकि इसमें मौजूद विटामिन ए हमारे बालों को नरिश करता है और स्कैल्प को भी हेल्दी रखता है. इसी तरह हेयरफॉल हो रहा हो तो आप को वॉलनट्स का सेवन करना चाहिए. इस में विटामिन बी, प्रोटीन, जिंक और आयरन की मौजूदगी होती है जो बालों की सेहत के लिए फायदेमंद है.  विटामिन बी-12, आयरन, जिंक और ओमेगा 6 फैटी एसिड्स की कमी होने से भी बाल बहुत ज्यादा झड़ने लगते हैं. अंडे को बालों के लिए काफी अच्छा माना जाता है.लो फैट डेयरी प्रोडक्ट्स भी आप के बालों की ग्रोथ के लिए बेहतर विकल्प है. इस में कैल्शियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है जो बालों की मजबूती के लिए जरूरी है. डाइट में ताजे फल और सब्जियों को शामिल करें. अंकुरित अनाज खाएं और दही को दैनिक आहार में शामिल करें. रोजाना 6 से 8 गिलास पानी पिएं. नींबू पानी और फलों और सब्जियों के ताजा निकाले गए जूस  भी पीएं. नियमित रूप से एक्सरसाइज करें.

सिगरेट शराब पीना कर दें बंद

वैसे ही नशे की लत बहुत खतरनाक है उस पर बालों के मामले में इस का नतीजा और भी बुरा होता है. शराब और सिगरेट के सेवन से प्रोटीन सिंथेसिस प्रभावित होता है. इस से बाल पतले और कमजोर हो जाते हैं. धूम्रपान करने से सिगरेट में मौजूद टॉक्सिन बालों में मौजूद हार्मोन को नष्ट भी कर सकते हैं. इस से बालों का विकास रुक जाता है. इसलिए जितनी जल्दी हो सके इस नशे को अपने जीवन से दूर करें.

शुगर से करें परहेज

मीठा खाने के शौकीन लोगों के लिए चीनी छोड़ना मुश्किल जरूर है लेकिन ऐसा करने से आपके बालों का झड़ना कम हो सकता है. रिपोर्ट्स के अनुसार चीनी खा कर आप अपने शरीर में इंसुलिन की मात्रा बढ़ा रहे हैं जो आप के बालों को सिर से अलग करता है. साथ ही यह मेल हार्मोन एंड्रोजन का भी उत्पादन करती है. इस से आपके हेयर फॉलिकल्स भी सिकुड़ जाते हैं और बाल झड़ने का कारण बन जाते हैं. कई लोग इसे नजरअंदाज करते हैं और बाल झड़ने के बाद भी चीनी के सेवन पर रोक नहीं लगाते.

हेड मसाज से बचें

जब आप के बाल झड़ने हैं तो हेड मसाज करने से बचना चाहिए क्योंकि इस से बालों का गिरना बढ़ सकता है. दरअसल मसाज करने से बालों की जड़ें कमजोर होती हैं और स्कैल्प मसाज करने पर ज्यादा बाल टूट सकते हैं. आप स्कैल्प पर तेल लगा कर रातभर इसे छोड़ सकती हैं. इस के लिए शुद्ध नारियल का तेल, ऑलिव ऑयल, बादाम का तेल और तिल का तेल यूज़ करें. गर्म किया हुआ तेल आप को ज्यादा फायदा पहुंचाएगा. आप तेल को स्कैल्प पर लगाने के बाद हल्के हाथों से उंगलियों का इस्तेमाल करते हुए सर्कुलर मोशन से मसाज कर सकते हैं लेकिन अधिक जोर न दें.

माइल्ड शैंपू का यूज करें

बाल झड़ने की परेशानी से बचने के लिए स्कैल्प को अच्छी तरह से साफ करना बहुत जरूरी है, इस के लिए माइल्ड शैंपू का यूज करें. बस इस बात का ध्यान रखें कि स्कैल्प और बालों को हफ्ते में दो या तीन बार बहुत कम शैंपू से धोना चाहिए. आप शिकाकाई, आंवला, रीठा, ब्राह्मी, भृंगराज जैसे हर्बल हेयर टॉनिक के साथ समय से पहले बालों के झड़ने का इलाज कर सकते हैं. ये सभी चीजें  बालों की मजबूती के लिए जानी जाती हैं.

खींचने वाले हेयर स्टाइल ना करें

बाल कोमल होते हैं.  टाइट ब्रैड और पोनीटेल या इस तरह के दूसरे हेयर स्टाइल आप के बालों को खींचते हैं जो आप के बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसलिए ऐसे हेयर स्टाइल से तौबा कर लें.

केमिकल्स और ब्लीच का प्रयोग न करें

बालों के उपचार के केमिकल्स बालों के रोम को नुकसान पहुंचाते हैं. बाल झड़ रहे है तो हाइलाइट्स, पेरोक्साइड उपचार, रंगों और पर्म के उपयोग को रोक दें.

प्राकृतिक चीजों का उपयोग –  प्याज का रस निकाल लें. बालों की जड़ों में इस से मसाज करें. आधे घंटे बाद पानी से धो लें. बालों के झड़ने की समस्या में आराम मिलेगा. एलोवेरा हेयर फॉल को कंट्रोल करने में कारगर है. एलोवेरा की पत्तियों के गूदे को निकाले और उसे बालों की जड़ों में मसाज करें. आधे घंटे बाद पानी से धो दें. हेयर फॉल कम हो जाएगा. बालों की हर तरह की समस्या को रोकने में आंवला बहुत असरदार है. आंवले के पाउडर में शिकाकाई, रीठा डालकर उस का पेस्ट बालों पर लगाएं और सूखने दें. इस के बाद बालों को पानी से धो लें.

बालों के झड़ने से परेशान हैं तो अपनाइए 6 आसान टिप्स

महिलायें कभी-कभी नोटिस करती हैं कि कई विभिन्न कारणों से उनके बाल दिन पर दिन पतले होते जा रहे हैं. उम्र के साथ, मीनोपाज, प्रेगनेंसी, जेनेटिक्स, बीमारी और अन्य कई कारण ऐसे हैं जो बाल झड़ने में अपनी अहम भूमिका अदा करते हैं. ऐसे बहुत से नेचुरल तरीके हैं जिसे अपनाकर आप इस समस्या से छुटकारा पा सकती हैं. तो आइए आपको बताते हैं कि रसोई घर में मौजूद कुछ चुनिंदा सामग्री के इस्तेमाल से आप कैसे अपने बालों को झड़ने से रोक सकती हैं.

1. प्याज का रस

प्याज के रस में सल्फर की मात्रा होती है. ये टिशू में मौजूद कोलेजन के उत्पादन को बढ़ावा देते हुए बालों के विकास में मदद करती है. प्याज को पीस कर उसका रस निकाल लें. आप इसे कद्दूकस भी कर सकते हैं. रस को 10-15 मिनट के लिए स्कैल्प पर लगाकर छोड़ दें. इसके बाद बालों को हल्के शैंपू से धोएं. प्याज के रस के अलावा आप आलू का रस भी इस्तेमाल कर सकती हैं.

2. सेब का सिरका

सिरका स्कैल्प को साफ कर पी.एच. संतुलन को बनाए रखती है. लंबे घने बालों के लिए एक लीटर पानी में सेब के सिरके को 75 मि.ली. मिलाएं. बालों को शैंपू करने के बाद सेब के सिरके को सबसे आखिर में पानी में डालकर धोएं. इससे बालों में चमक तो आएगी ही, साथ ही लंबाई में भी असर दिखाई देगा.

3. ग्रीन-टी

सेहत को तंदरूस्‍त रखने के लिए आप रोज अपने आहार में ग्रीन-टी का इस्तेमाल करते हैं और बाद में उसके टी बैग को कूड़े में फेंक देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही ग्रीन-टी आपके बालों के लिए कितनी लाभकारी होती है? ग्रीन-टी एक बहुत ही अच्छी एंटीआक्सिडेंट होती है, जो बालों को टूटने से रोकने के साथ ही उसके विकास में भी मदद करती है. हल्की गर्म ग्रीन-टी को अपनी स्कैल्प पर लगाएं. करीब एक घंटे के लिए लगाकर छोड़ दें. ठंडे पानी से बालों को धो लें.

4. आंवला

पोषक तत्वों से भरे इस लाभकारी फल में विटामिन सी का मात्रा काफी होती है, जो बालों के विकास के लिए काफी अच्छा होता है. दो छोटे चम्मच आंवला पाउडर या रस में दो छोटे चम्मच नींबू का रस मिलाएं. हल्का सूखने के लिए रख दें. जब यह सूख जाए, तो गुनगुने पानी में मिलाकर बालों को धोएं.

5. अंडा

इसमें प्रोटीन की मात्रा के साथ सल्फर, आयरन, जिंक, सेलेनियम, आयोडीन और फास्फोरस होता है, जो अच्छे घने बालों के विकास में मदद करता है. अंडे का कवच बनाने के लिए इसके सफेद भाग को एक कटोरी में डालकर फेंट लें. इसके बाद इसमें एक छोटा चम्मच जैतून का तेल और एक छोटा चम्मच शहद डालकर मिलाएं. तैयार किए पेस्ट को अपने बालों और स्कैल्प पर 20 मिनट के लिए लगाकर छोड़ दें. शैंपू और ठंडे पानी की मदद से बालों को धो लें.

6. मेथी

बालों के प्राकृतिक रंग को बनाए रखने के लिए काफी लोग परेशान रहते हैं. मेथी में प्रोटीन और निकोटीनिक एसिड होता है, जो बालों के लिए काफी फायदेमंद है. इस पेस्ट को बनाने के लिए मेथी पीस लें. इसमें थोड़ा सा नारियल का तेल डालकर इसे करीब आधे घंटे के लिए अपने बालों और स्कैल्प पर लगाएं. हल्के शैंपू के इस्तेमाल से धो लें.

ये उपाय आपके बालों को झड़ने से रोकने के साथ ही उसे लम्बे और चमकदार बनाने में आपकी मदद करेंगे.

शौर्टकट बाल कटवाने के बाद हेयर फॉल होने लगा है, मैं क्या करुं?

सवाल-

मैं ने अपने बालों में जब से शौर्टकट करवाया है मेरे बाल गिरने शुरू हो गए हैं. बताएं मैं क्या करूं कि मेरे बाल गिरने बंद हो जाएं और लंबे भी हो जाएं?

जवाब-

कभी भी कट कराने से बालों का गिरना शुरू हो ऐसा नहीं हो सकता, बल्कि कट कराने से बालों की ग्रोथ बढ़ती है क्योंकि अब सारा खाना आप के छोटे बालों को मिल रहा है. वे जल्दी बढ़ने लगते हैं. बालों के गिरने के बहुत सारे रीजन हो सकते हैं जैसेकि खाने में प्रोटीन की कमी क्योंकि बाल बने हैं हार्ड प्रोटीन कैरोटिन से.

आप अपने खाने में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं जैसेकि दूध, दही, अंडा, हरी सब्जियां, राजमा, दालें या चिकन इत्यादि. आप चैक कीजिए कि कहीं आप के हारमोंस इनबैलेंस तो नहीं हैं. इस के लिए आप किसी डाक्टर या किसी हेयर कंसलटैंट या किसी अच्छे क्लीनिक में जा कर काउंसलर से मिलें जो आप के बालों के गिरने का रीजन ढूंढ़ ले.

थायराइड या दूसरे हारमोंस इनबैलेंस होने से बालों का गिरना शुरू हो जाता है. आप वैसे घर पर हैड मसाज करें. इस के लिए आप ऐरोमैटिक औयल का इस्तेमाल कर सकती हैं जिस में लैवेंडर×रोजमैरी औयल हों या फिर एक पैक का इस्तेमाल कर सकती हैं.

इस के लिए रात को 1 कप दही में 2 बड़े चम्मच मेथीदाना भिगो दें. सुबह इसे बारीक पीस लें. इस में 2 बड़े चम्मच फ्रैश ऐलोवेरा जैल मिला लें. अगर अंडा खाती हैं तो 1 अंडा इस में डाल दें. 1 चम्मच शहद व 1 चम्मच औलिव औयल मिला लें. इस पैक को बालों की जड़ों में लगाएं. फिर 1 घंटे बाद धो लें. ऐसे लगातार करते रहने से बाल लंबे हो जाते हैं.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz   सब्जेक्ट में लिखे…  गृहशोभा-व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

बालों को लहराने दें, कुछ ऐसे

मेरे हेयर को इतना खीचों मत….अच्छी और बड़ी कंघी से मेरे बाल को सवारों….. क्या आपके पास बड़ी दांतों वाली कंघी नहीं है?….मेरा ले लीजिये… नहीं-नहीं है न, मेरे पास….आप इतनी व्याकुल क्यों हो रही है?…. असल में मेरे बाल झड़ते जा रहे है…..पहले ऐसा नहीं था…मेरे बाल काफी घने और लम्बे हुआ करते थे…कॉलेज जाने के बाद से ऐसा होने लगा है….इसलिए मैं अपने हेयर को शार्ट करवाने आई हूँ, ताकि बाल झड़े नहीं…मैं तो सम्हाल कर धीरे-धीरे कंघी करती हूँ और आप मेरे केशों को खीँच-खीँच कर सेट कर रही है… एक-एक बाल गिरने पर मुझे तनाव होने लगता है….अंत में मुझे विग लगाने या फिर हेयर ट्रांसप्लांट के सिवा कुछ दूसरा आप्शन नहीं होगा…ठीक है, मैं आपकी इच्छा के अनुसार ही हेयर कट करुँगी. कुछ इस तरह की बातें 25 वर्षीय मायरा एक ब्यूटी सैलून में हेयर कट करती हुई महिला से कह रही थी और महिला उसे आश्वासन दे रही थी.

लेती है झाड़-फूंक का सहारा

ये सही है कि बालों के झड़ने से किसी भी लड़की या महिला चिंतित हो जाती है और झाड़-फूंक, काला धागा से लेकर हर तरह की सलाह हेयर एक्सपर्ट से लेती रहती है. झाड़-फूंक की वजह उनकी बाल को किसी की नज़र लग जाना, जिसे झाड़-फूंक से ठीक हो जाना मानती है. जबकि हेयर एक्सपर्ट नयी तकनीक बताकर कभी कुछ दवा या केशों के लिए लोशन देती रहती है. आपको जानकर हैरानी होगी कि एक महिला मुंबई की बांद्रा पश्चिम में एक हर्बल ब्यूटी सैलून में आई और अपने बाल दिखाकर रोने लगी, क्योंकि वह पिछले एक साल से बालों के झड़ने को लेकर इलाज करवा रही है, लेकिन उसे कोई फायदा नहीं मिला, उसके बाल फिजी होने के साथ-साथ स्कल के कई जगह से पूरी तरह से गायब हो चुकी थी. घबराई महिला को हेयर एक्सपर्ट ने शांत किया और वजह बताने लगी.

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जाने वजह

असल में केशों का झड़ना रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है और पूरी तरह से सामान्य है. अधिक तनाव और किसी प्रकार की बीमारी होने की वजह से बाल झड़ने लगते है, जो तनाव के कम हो जाने या बीमारी के ठीक हो जाने पर, केशों का झड़ना भी कम हो जाता है और नए बाल निकलने के बाद स्थिति सामान्य हो जाती है. इस बारें में एनरिच हेयर एक्सपर्ट सरीना आचार्य कहती है कि हेयर फॉल से किसी को भी घबराने की जरुरत नहीं होती, क्योंकि ये एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन कितने बालों का झड़ना नॉर्मल है और कब हेयर एक्सपर्ट की सलाह लेना उचित है, ये समझना भी जरुरी है. एवरेज हर दिन 50 से 60 हेयर गिरते है, जो सामान्य है, पर इस दौरान अगर आपके हेयर की चमक और पतलेपन को नोटिस करती है तो आपको सोचने की जरुरत है और इसके पीछे की वजह जानने की आवश्यकता है, जो आसान नहीं होती. कुछ सुझाव निम्न है, जिससे आप हेयर फॉल की वजह जान उसका इलाज कर सकती है,

स्ट्रेस कम करना

स्ट्रेस की वजह से बालों का झड़ना स्थायी नहीं होता, जितनी जल्दी इससे खुद को निकालेंगे, केशों का गिरना कम होता जायेगा. स्ट्रेस मैनेजमेंट को अपनाकर हेयर फॉल को कम किया जा सकता है,

  • योगा या मेडिटेशन
  • डीप ब्रीथिंग
  • बाहर पसंदीदा दोस्तों के साथ समय बिताना
  • काउंसलिंग या थेरपी

वंशानुगत बालों का झड़ना

जेनेटिक्स भी हेयर फॉल में प्रमुख भूमिका निभाती है, क्योंकि उम्र बढ़ने के अनुसार बालों का झड़ना शुरू हो जाता है और ये समस्या पुरुषों और महिलाओं दोनों में दिखाई पड़ता है. इसका अर्थ यह है कि विरासत में वे जिन्स मिले है, जो बालों के झड़ने का कारण बनते है और हेयर ग्रोथ भी कम होने लग जाता है. महिलाओं में, इसका संकेत आमतौर पर केशों का पतला होना या विशेष रूप से मिडल से पार्टिंग का चौड़ा होना है. जब किसी पुरुष को वंशानुगत बालों का झड़ना होता है, तो पहला संकेत अक्सर उनके सिर के मध्य भाग पर घटती हेयरलाइन या बॉल्ड स्पॉट होना है. इसे धीमा करने के लिए कुछ बातें खास ध्यान देने योग्य है,

  • स्वस्थ जीवन शैली का होना,
  • पर्याप्त नींद लेना,
  • स्ट्रेस कम करना,
  • नियमित रूप से वर्कआउट करना,

पर्याप्त प्रोटीन की कमी

दैनिक आहार में प्रोटीन की कमी से केशोंका झड़ना शुरू हो सकता है. दैनिक भोजन योजना में अंडे, चिकन, बीन्स, सोया, दाल और दही को शामिल करके आसानी से अपने आहार में अधिक प्रोटीन शामिल कर सकते है.

हार्मोनल परिवर्तन

महिलाओं में खासकर गर्भवती होना, मेनोपॉज़ का होना, पीसीओएस या थायराइड से पीड़ित होने पर केशों के झड़ने की संभावना होती है, स्वस्थ जीवन शैली अपनाने और बालों के ग्रोथ के लिए पर्याप्त पौष्टिक आहार लेकर इसका इलाज किया जा सकता है.

किसी खास बीमारीका होना

कोविड 19 जैसी बीमारी भी हेयर फॉल का कारण बन सकती है. विशिष्ट दवाओं के साइड इफेक्ट्स होते है, जो बालों के झड़ने का कारण बन सकते है,ऐसे में दवा को कम करने या वैकल्पिक दवा के लिए डॉक्टर से परामर्श करना सबसे उचित होता है.

उम्र का बढ़ना

40 साल की उम्र होने पर शरीर की नई कोशिकाओं का फिर से उत्पन्न करने की क्षमता कम हो जाती है, जिसके परिणामस्वरूप केशों का पतलापन, बाल झड़ना और बाल सफेद होने लगते है. स्काल्प नएकेशों के गुच्छे को निकलने से रोकता है. यह सामान्यत: उम्र बढ़ने की प्रक्रिया का एक हिस्सा है. इस समस्या को रोकने के लिए प्रोटीन युक्त संतुलित आहार का सेवन बढ़ाना और बालों के पतलेपन को कम करने के लिए हेज़लनट ऑयल या टी ट्री ऑयल का प्रयोग करने से कुछ फायदे दिखाई पड़ते है.

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खतरनाक है ओवर स्टाइलिंग

केशों के झड़ने की वजह ओवर स्टाइलिंग और हेअर ट्रीटमेंट करना है. बालों को ओवर स्टाइलिंग के कारण होने वाले नुकसान से बचाने के लिए जैतून के तेल, अरंडी के तेल दोनों से स्कैल्प की मालिश करने पर बालों का ग्रोथ अच्छा होता है.

वजन घटाना है एक वजह

कई बार वजन कम होने पर शरीर को पूरा पोषण नहीं मिल पाता, क्योंकि इस समय व्यक्ति सही तरीके भोजन न लेने की वजह से विटामिन्स और मिनरल्स की कमी हो जाती है. वजन कम करते समय केशों के झड़ने को रोकने के लिए अपने आहार में मीट, साबूत अनाज, फल और सब्जियां शामिल करना जरुरी है, क्योंकि वे प्रोटीन, आयरन, विटामिन ए, विटामिन सी और ज़िंक से भरपूर होते है,ये सभी हेयर ग्रोथ के लिए आवश्यक होता है.

बचना है स्टेरॉयड सेवन से

मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए कई बार स्टेरॉयड के सेवन से भी बाल झड़ सकते है,इसके अलावा कुछ बीमारी के लिए स्टेरॉयड का सेवन दवा के रूप में करना पड़ता है, ऐसे में दवा की कमी के साथ हेयर फॉल कम हो जाएगा.

कमी आयरन की

आयरन बालों को स्वस्थ रखने में मदद करता है, जब आयरन का लेवल कम हो जाता है, तो केशों की क्वालिटी में भी कमी आ जाती है. जब व्यक्ति के शरीर में पर्याप्त आयरन नहीं होता, तो शरीररक्त में हीमोग्लोबिन का उत्पादन नहीं कर पाता. रक्त को शरीर में कोशिकाओं की वृद्धि और रिपेयर के लिए ऑक्सीजन ले जाने में सक्षम बनाता है, जिसमें हेअर ग्रोथ को प्रोत्साहित करने वाली कोशिकाएं भी शामिल होती है.

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Holi Special: बालों को दें नैचुरल केयर

जमाना चाहे बदल जाए लेकिन लंबे, घने व काले बालों का फैशन कभी आउट नहीं होता है. लेकिन क्या करें हमारी भागदौड़ भरी जिंदगी, धूलमिट्टी, प्रदूषण व कैमिकल वाले प्रोडक्ट्स के ज्यादा इस्तेमाल करने के कारण हमारे बालों की नैचुरल ब्यूटी, शाइन, सौफ्टनैस धीरेधीरे गायब होने लगती है, जो हमारी खूबसूरती को कम करने का काम करती है. ऐसे में अगर आप अपने बालों को सुंदर बनाना चाहती हैं तो हेयर केयर के लिए ऐसे शैंपू का इस्तेमाल करें जो नैचुरल इन्ग्रीडिऐंट्स से बने हों, जैसे:

ग्रीन ऐप्पल:

ग्रीन ऐप्पल में विटामिन ए, सी, फाइबर, प्रोटीन, पोटैशियम, आयरन होने के कारण यह सेहत के लिए काफी लाभकारी होता है. इस से शरीर की न्यूट्रिशन संबंधित जरूरतें पूरी होती हैं. ग्रीन ऐप्पल ऐक्सट्रैक्ट आप की स्कैल्प को क्लीन करने के साथसाथ आप के बालों में मौजूद ऐक्स्ट्रा औयल को रिमूव कर के बालों को फ्रैश लुक देने का भी काम करता है. इस में बालों को मौइस्चराइज करने वाली प्रौपर्टीज होती है, जिस से डैमेज बाल रिपेयर होते हैं. साथ ही यह आप के बालों को वौल्यूम प्रदान कर के उन्हें सिल्की व शाइनी बनाने का काम भी करता है.

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ऐलोवेरा:

ऐलोवेरा में प्रोटोलिटिक ऐंजाइम्स होते हैं, जो स्कैल्प पर मौजूद डैड स्किन सैल्स को रिमूव कर के स्कैल्प पर होने वाले डैंड्रफ व जलन को कम करने का काम करते हैं. इसे अगर बैस्ट हेयर कंडीशनर कहा जाए तो गलत नहीं होगा, क्योंकि यह हेयर ग्रोथ को प्रमोट कर के प्रदूषण व कैमिकल्स के ज्यादा इस्तेमाल करने के कारण बालों में जो ड्राइनैस आ जाती है उसे कंट्रोल कर के बालों को सौफ्टनैस प्रदान करने का काम करता है. इस में विटामिनट बी12 और फौलिक ऐसिड होने के कारण यह बालों को झड़ने से भी रोकता है.

टीट्री औयल:

अगर शैंपू में टीट्री औयल मिला हो, तो वह बालों से कैमिकल के इफैक्ट को कम करने के साथसाथ स्कैल्प से डैड स्किन को भी रिमूव करता है. खास बात यह है कि यह बालों को हैल्दी व मौइस्चराइज रखता है, जिस से हैल्दी सैल्स प्रमोट होने से बालों की अच्छी ग्रोथ होती है. टीट्री औयल ब्लड फ्लो को इंप्रूव कर के व न्यूट्रिएंट्स को हेयर फौलिकल्स तक पहुंचाने का भी काम करता है. स्कैल्प के पीएच लैवल को बैलेंस में रखने में भी सक्षम है.

नीबू:

नीबू में मौजूद सिट्रिक ऐसिड नैचुरल ब्लीच का काम करता है, जिस से धीरेधीरे ग्रे हेयर की प्रौब्लम कम होती जाती है. इस में ऐंटीमाइक्रोबियल प्रौपर्टीज होने के कारण यह स्कैल्प को क्लीन करने का काम करता है, साथ ही हेयर फौलिकल्स को टाइट कर के बालों को डैंड्रफ से बचाता है. यह कोलेजन प्रोडक्शन को भी प्रमोट कर के डैमेज स्किन सैल्स को रिपेयर करता है. 2015 के एक अध्ययन के अनुसार नीबू में मौजूद सिट्रिक ऐसिड स्कैल्प के लिए नैचुरल पीएच ऐडजस्टर का काम करता है. इसलिए नीबू युक्त शैंपू काफी असरदार साबित होता है.

आंवला:

यदि आप आंवला युक्त शैंपू का इस्तेमाल करती हैं तो यह आप के ब्लड को प्यूरीफाई करने के साथसाथ आप के बालों के नैचुरल कलर को मैंटेन रखने का काम भी करता है, जिस से आप के बाल सफेद नहीं होते हैं. आंवले में पाया जाने वाला विटामिन सी कोलेजन प्रोटीन का उत्पादन करता है, जो बालों की लंबाई, उस के वौल्यूम व न्यू हेयर सैल्स को प्रमोट करने में मददगार होता है.

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वीट प्रोटीन:

यह प्रोटीन आप के बालों के मौइस्चर को मैंटेन रखने का काम भी करता है. इस से बाल ज्यादा घने, सिल्की भी नजर आते हैं. अगर आप के बालों में ज्यादा ड्राइनैस है या वे कर्ली हैं तो वीट प्रोटीन आप के बालों को वौल्यूम देने के साथसाथ बालों की हैल्थ का भी ध्यान रखेगा. यह बालों में फ्रिजीनैस, उन्हें उलझने और टूटने से रोकता है. कह सकते हैं कि यह बालों में नई जान डालने का काम करता है.

कोकोनट औयल शैंपू:

कोकोनट औयल शैंपू डैंड्रफ को कंट्रोल करने के साथसाथ बालों को मौइस्चर प्रदान करने का भी काम करता है. यह स्प्लिट ऐंड्स की समस्या से भी नजात दिलाता है, साथ ही यह हर तरह के बालों में प्रोटीन की कमी को दूर करने का भी काम करता है, जो हैल्दी बालों के लिए बहुत जरूरी होता है. इस से धीरेधीरे बालों की फ्रिजीनैस भी कम हो जाती है और बाल ज्यादा चमकदार व हैल्दी दिखने लगते हैं. इन सभी गुणों से युक्त शैंपू खरीदना चाहती है तो रोजा हर्बलकेयर आंवला शिकाकाई, रोजमैरी, सोया प्रोटीन, हीना तुलसी, हेयर ऐंड स्कैल्प, कोकोनट, व्हीट प्रोटीन, ग्रीन ऐप्पल शैंपू आप के लिए सही विकल्प हो सकते हैं.

फेस में पोर्स और बालों में डैंड्रफ की प्रौब्लम का इलाज बताएं?

सवाल- 

मेरी उम्र 38 साल है और मेरे फेस के पोर्स बहुत बड़े हैं जो दिखने में बहुत खराब लगते हैं. कृपया कोई उपाय बताएं?

जवाब-

पोर्स के लिए सब से अच्छा है कि आप लेजर ट्रीटमैंट लें. इस ट्रीटमैंट से स्किन सैल्स रिजनरेट होते हैं और साथ ही यंग स्किन मासक यानी कोलोजन सीरम ऐंड कोलोजन मास्क लें. इस से आप के पोर्स की प्रौब्लम हमेशा के लिए ठीक हो सकती है.

सवाल-

मेरी उम्र 42 साल है. बालों में डैंड्रफ की वजह से मेरे बाल बहुत ड्राई रहते हैं. क्या कोई ऐसा शैंपू है जिसे यूज करने से बाल सौफ्ट भी हो जाएं और शाइन भी करें?

जवाब- 

बालों में होने वाली रूसी से बचने के लिए आप रात में सोने से पहले नीबू का रस नारियल के तेल में मिला कर बालों की जड़ों में अच्छी तरह मालिश करें और पूरी रात लगा रहने दें. सुबह होने पर किसी अच्छे शिकाकाई शैंपू से अपने बालों को धो लें. ऐसा करने से आप को रूसी से राहत मिलेगी और बालों में शाइन भी आएगी.

-समस्याओं के समाधान ऐल्प्स ब्यूटी क्लीनिक की फाउंडर डाइरैक्टर डा. भारती तनेजा 

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अगर त्‍वचा पर पोर्स न हों तो हमारी त्‍वचा सांस नहीं ले पाएगी. दरअसल हमारे चेहरे की त्‍वचा के रोम छिद्र ही बता सकते हैं कि हमारी त्‍वचा कितनी स्‍वस्‍थ्‍य है. इसके साथ ही बुढ़ापे की निशानी भी हमारे स्किन पोर्स से ही पता चलती है. यह बताया जाता है कि अगर आपके चेहरे पर बड़े रोम छिद्र हैं तो आप बूढी होने लग गई हैं. इसलिए अगर आप को खिली और स्‍वस्‍थ्‍य त्‍वचा चाहिये तो अभी से ही उसका ख्‍याल रखना शुरु कर दें.

1. ब्‍लैकहेड हटाना : गंदगी से चेहरे पर ब्‍लैकहेड हो जाता है, जो अगर न हटाया गया तो पूरे चेहरे पर धब्‍बा छोड़ जाता है. इसको हटाने के लिए चेहरे को स्‍टीम करना चाहिये और उंगलियों से उसे दबा कर निकालना चाहिये. इसके आलावा आप घरेलू नुस्‍खे जैसे, बेकिंग पाउडर या फ्रूट पील का प्रयोग कर सकती हैं.

पूरी खबर पढ़ने के लिए- इन 5 टिप्स से स्किन पोर्स का रखें ख्याल

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हर्बल टी से रोकें हेयर फौल, जानें यहां

हर्बल टी केवल आपको रीफ्रेश ही नहीं करती है बल्कि ये आपकी बॉडी को हेल्दी भी रखती है. कहने को तो यह एक कप चाय होती है लेकिन इसके फायदे अनेक होते है. जो आपकी कई बीमारियों को चुटकी में दूर कर देती है. मसलन जैसे आपको सिरदर्द होता है तो आप ग्रीन टी का सेवन करें अगर आप अपनी पाचन शक्ति दुरूस्त करना चाहते हैं तो आज से ही हर्बल टी को पीना शुरू कर दें. यही नहीं हर्बल टी से बालों की समस्या जैसे बालों का झड़ना भी रूकता है.  तो आईये आज हम आपको चार तरह की हर्बल टी के बारे में बताते हैं जो आपको उपरोक्त बीमारियों से निजात दिलायेंगे.

ग्रीन टी:

इस टी को आप रामबाण कह सकते हैं, यह आपको सिरदर्द से निजात दिलाती है. जो लोग माइग्रेन की समस्या से ग्रसित रहते हैं उन्हें तो इसका सेवन रोज करना चाहिए. ग्रीन टी वजन कम करने में भी मददगार होती है. यह आपकी पाचन शक्ति को मजबूत भी बनाती है. बस एक प्याली ग्रीन टी आपको तरोताजा औऱ सेहतमंद रखने के लिए काफी है. सबसे बड़ी बात ग्रीन टी से बालों का झड़ना कम होता है. यह बालों की लंबाई भी बढ़ाती है. यकीन नहीं होता तो आप आजमा कर देख सकते है.

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सिनमन या दालचीनी की चाय:

यह आपके मुंह के जायके को फ्रेश तो करता ही है साथ ही यह माइग्रेन के रोगियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. अगर आपके घर कोई जुकाम से पीड़ित है तो उसे बस एक कप सिनमन यानी दालचीनी की चाय बनाकर दीजिये देखिये उसका जुकाम कितनी जल्दी ठीक हो जाता है. दालचीनी में फाइबर, आयरन और कैल्शियम पाया जाता है जो आपके शरीर को मजबूत बनाते हैं. इसलिए अगर आप स्वस्थ, घने और सुंदर बाल चाहती हैं तो दालचीनी का प्रयोग शुरू कर दें.

अदरक वाली चाय:

अदरक का प्रयोग तो घर-घर में होता है अगर आप चाय में अदरक डाल कर रोजाना पीयें तो आपको जुकाम, सर्दी छू भी नहीं पायेगी. अदरक आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाती है. अदरक की चाय पीने से सरदर्द से आराम मिलता है. साथ ही बालों में रूसी की समस्या को भी रोकता है जिससे बाल मजबूत बनते हैं.

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कैमोमाइल टी:

कैमोमाइल टी माइग्रेन के रोगियों के लिए काफी अच्छी होती है. इसके अंदर ऐसे एंटीऑक्सीडेंट पाये जाते हैं जो तत्काल सिरदर्द को रोकने में कामयाब होते है. इस टी का प्रयोग करने से बालों का झड़ना रूकता है. यह सिर की बेजान त्वचा की जगह नई खाल पैदा करता है, जिससे कि कमजोर बालों की जगह नये और मजबूत बाल उगने में मदद मिलती है.

प्रैगनैंसी के बाद बाल बहुत गिर रहे हैं?

सवाल-

प्रैगनैंसी के बाद बाल बहुत गिर रहे हैं. ऐसा क्यों?

जवाब-

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन नामक हारमोन का संतुलन बिगड़ जाता है, जिस की वजह से भी बाल तेजी से झड़ते हैं. गर्भावस्था के दौरान खानपान पर ध्यान देने से इसे कुछ हद तक कम किया जा सकता है.

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बालों से जुड़ी सब से बड़ी समस्या हेयर फौल की है. हेयर फौल के भी कई कारण हैं इसलिए हर केस में इलाज भी अलगअलग होना चाहिए, लेकिन इस पर भी कोई ध्यान नहीं देता जिस वजह से यह समस्या और ज्यादा बढ़ती जा रही है. यहां हम कुछ बातों पर चर्चा करेंगे ताकि इस बात को स्पष्ट रूप से समझा जा सके कि किस समस्या के लिए आप को किस दिशा में कदम बढ़ाना है:

केयर की कमी

जानेमाने हेयर स्टाइलिस्ट नील डेविल कहते हैं कि आज युवाओं में बालों की समस्या इसलिए ज्यादा बढ़ गई है, क्योंकि आज हर कोई अपने बालों को बहुत अच्छा व सुंदर लुक देना चाहता है. इसलिए हेयर स्टाइलिंग उत्पादों का यूज बढ़ गया है.

आज स्थिति यह है कि हम बालों को सुंदर तो दिखाना चाहते हैं लेकिन उन की केयर नहीं करना चाहते. यहां वे जोर दे कर कहते हैं कि आप बालों में अलगअलग कलर यूज करते हैं, जल्दीजल्दी बालों का कलर बदलना चाहते हैं तो साथ में इन की खूब केयर भी कीजिए.

बालों की अंदरूनी हैल्थ के लिए अपनी डाइट ठीक रखिए. बालों को हमेशा साफ रखें. धूलमिट्टी जैसी जगहों पर जा रहे हैं तो सिर को कवर कर के रखें. नियमित रूप से हैड मसाज करें. बाल उलझे हों तो जोरजोर से कंघी न लगाएं. रात को बालों को खोल कर सोएं. बालों की अंदरूनी और बाहरी दोनों तरह से केयर करें.

जब जाएं पार्लर

अकसर देखा जाता है कि जब हम पार्लर जाते हैं तो कई बार पार्लर में जो लोग बाल काटते हैं वे आप को बेवजह सलाह देने लगते हैं और बातोंबातों में आप पर यह दबाव बनाते हैं कि उन के पास जो शैंपू या अन्य ब्यूटी प्रोडक्ट्स हैं उन्हें खरीद लें. ऐसे लोगों से आप बचें. प्रोडक्ट से जुड़े सवाल उन्हीं से करें कि यह क्यों फायदेमंद है. इस में क्याक्या मिला है. जब उन्हें लगेगा कि आप ब्यूटी प्रोडक्ट्स की अच्छी जानकारी रखते हैं तो कोई आप को बहलाफुसला कर कोई भी प्रोडक्ट पकड़ाने से बचेगा.

पूरी खबर पढ़ने के लिए- हेयर फौल अब नहीं

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