प्रेग्नेंसी के बाद बढ़े वजन को ऐसे करें कम

प्रेग्नेंसी के बाद वजन घटाना एक बड़ी चुनौती होती है. आमतौर पर प्रेग्नेंसी के बाद महिलाओं का वजन बढ़ जाता है और आपकी लाख कोशिशों के बाद भी वो अपना वजन कम नहीं कर पाती. इस खबर में हम आपको उन तरीकों के बारे में बताएंगे जिनकी मदद से आप प्रेग्नेंसी के बाद भी अपना वजन कम कर सकेंगी.

खाना और नींद रखें अच्छी

आपको बता दें कि तनाव और नींद पूरी ना होने से कई तरह के रोग हो जाते हैं. इसके अलावा आप बाहर का खाना बंद कर दें. घर का बना खाना खाएं और पर्याप्त नींद लें. स्ट्रेस ना लें. खुद को कूल रखें.

बच्चे को कराएं ब्रेस्टफीड

मां का दूध बच्चों के लिए अमृत रसपान

आपको ये जान कर हैरानी होगी पर ये सच है कि ब्रेस्टफीड कराने से महिलाओं के वजन में तेजी से गिरावट आती है. और इस बात का खुसाला कई शोधों में भी हो चुका है. ब्रेस्टफीड कराने से शरीर की 300 से 500 कैलोरी खर्च होती है. कई जानकारों का मानना है कि स्तमपान कराने से महिलाओं का अतिरिक्त वजन कम होता है.

 खूब पीएं पानी

diet to loose weight

पानी पीना वजन कम करने का सबसे आसान तरीका है. अगर आप सच में अपना वजन कम करना चाहती हैं तो अभी से रोजाना 10 से 12 ग्लास पानी पीना शुरू कर दें.

टहला करें

प्रेग्नेंसी के बाद वजन कम करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप वौक शुरू करें. कई रिपोर्टों में भी ये बाते सामने आई है कि प्रेग्नेंसी के बाद वजन घटाने के लिए जरूरी है टहलना.

आज ही से पीना शुरू करें पालक का जूस, ये हैं फायदे

शरीर के विकास के लिए हरे साग सब्जियों का सेवन बेहद जरूरी है. इसमें पालक सबसे अधिक महत्वपूर्ण है. इसमें कई तरह के मिनरल्स, विटामिन्स और कई अन्य जरूरी न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं. इसके अलावा इसमें मैगनीज, कैरोटीन, आयरन, आयोडीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, सोडियम, फौस्फोरस और आवश्यक अमीनो एसिड भी पाए जाते हैं. इस खबर में हम आपको पालक जूस से होने वाले फायदे के बारे में बताएंगे.

  • पालक में एंटीऔक्सिडेंट पाए जाते हैं. इसके नियमित सेवन से त्वचा की झुर्रियां दूर रहती हैं और चेहरे पर चमक आती है.
  • गर्भवती महिलाओं के लिए भी पालक का जूस पीने की सलाह दी जाती है. इससे गर्भ में पल रहे बच्चे को आयरन की कमी नहीं होती है.
  • कई तरह के अध्ययनों में ये बात सामने आई है कि पालक में मौजूद कैरोटीन और क्लोरोफिल कैंसर से बचने में हमारी मदद करता है. आंखों की रोशनी के लिए भी ये काफी असरदार होता है.
  • इसमें विटामिन्स की अच्छी मात्रा होती है. इससे हड्डियों को मजबूती मिलती है.
  • पाचन क्रिया को बेहतर करने के लिए भी पालक के जूस के सेवन की राय दी जाती है. ये शरीर के विषाक्त पदार्थों को निकाल कर पको स्वस्थ रखने का काम करती है. इसके अलावा कब्ज की परेशानी में भी खासा आराम देती है.
  • अगर आपको त्वचा से संबंधित परेशानियां हैं तो ये आपके लिए बेहद फायदेमंद होगा. इसके नियमित सेवन से त्वचा पर चमक आती है. बालों के लिए भी ये काफी फायदेमंद है.

प्रेग्नेंसी के बाद कम करना है वजन तो अपनाएं ये आसान तरीके

प्रेग्नेंसी के बाद वजन घटाना एक बड़ी चुनौती होती है. आमतौर पर प्रेग्नेंसी के बाद महिलाओं का वजन बढ़ जाता है और आपकी लाख कोशिशों के बाद भी वो अपना वजन कम नहीं कर पाती. इस खबर में हम आपको उन तरीकों के बारे में बताएंगे जिनकी मदद से आप प्रेग्नेंसी के बाद भी अपना वजन कम कर सकेंगी.

 खूब पीएं पानी

पानी पीना वजन कम करने का सबसे आसान तरीका है. अगर आप सच में अपना वजन कम करना चाहती हैं तो अभी से रोजाना 10 से 12 ग्लास पानी पीना शुरू कर दें.

टहला करें

प्रेग्नेंसी के बाद वजन कम करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप वौक शुरू करें. कई रिपोर्टों में भी ये बाते सामने आई है कि प्रेग्नेंसी के बाद वजन घटाने के लिए जरूरी है टहलना.

खाना और नींद रखें अच्छी

आपको बता दें कि तनाव और नींद पूरी ना होने से कई तरह के रोग हो जाते हैं. इसके अलावा आप बाहर का खाना बंद कर दें. घर का बना खाना खाएं और पर्याप्त नींद लें. स्ट्रेस ना लें. खुद को कूल रखें.

बच्चे को कराएं ब्रेस्टफीड

आपको ये जान कर हैरानी होगी पर ये सच है कि ब्रेस्टफीड कराने से महिलाओं के वजन में तेजी से गिरावट आती है. और इस बात का खुसाला कई शोधों में भी हो चुका है. ब्रेस्टफीड कराने से शरीर की 300 से 500 कैलोरी खर्च होती है. कई जानकारों का मानना है कि स्तमपान कराने से महिलाओं का अतिरिक्त वजन कम होता है.

60 सेकेंड के इस एक्सरसाइज से कम करिए पेट की चर्बी

पेट पर आई चर्बी को कम करना बेहद मुश्किल काम होता है. ज्यादातर लोगों के पेट से ही मोटापे की शुरुआत होती है. पर लाख कोशिशों के बाद भी ये चर्बी कम नहीं होती. इस खबर में हम आपको एक ऐसी एक्सर्साइज बताएंगे जिससे आप आसानी से पेट की चर्बी कम कर सकेंगी. इसका नाम है प्लैंक.

कैलोरी बर्न करने के लिए एक कामगर एक्सरसाइज है प्लैंक. आपको बता दें कि इसे करने में शरीर की बहुत सी मांसपेशियां एक साथ एक्टिव हो जाती हैं, इसका असर पुरे शरीर पर होता है. देखने में बेहद आसान सा दिखने वाला ये एक्सरसाइज करने में काफी मुश्किल होता है. इसे करने के लिए सबसे अधिक जरूरी होता है कि आप संतुलन ना छोड़ें. जितना ज्यादा समय आप खुद को प्लैंक के पोजिशन में रख सकेंगी आपकी सेहत के लिए अच्छा होगा. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर आप 60 सेकेंड तक प्लैंक 3 बार करते हैं तो इससे बेली फैट कम करने में मदद मिलती है.

एक्सपर्ट्स की माने तो 60 सेकेंड तक प्लैंक होल्ड करना सेहत के लिए काफी असरदार होता है. शुरुआत में आपके लिए 60 सेकेंड तक प्लैंक करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है लेकिन धीरे-धीरे अभ्यास के साथ आप इस एक्सरसाइज को कर सकेंगे.

प्लैंक को करते वक्त ये ध्यान दें कि आपकी पोजिशन सही रहे. आपका शरीर बिल्कुल सीधा होना चाहिए. अगर आपके पोजिशन में अंतर है तो इसका असर नहीं होगा.

ज्यादा प्रदूषण के कारण बढ़ रही है बच्चों में मोटापे की परेशानी

हाल ही में हुई एक शोध की माने तो अधिक वायु प्रदूषण वाली जगहों पर रहने वाले बच्चे दूसरे बच्चों की अपेक्षा अधिक मोटे होते हैं. कारण है कि वो अधिक जंक फूड खाते हैं. शोधकर्ताओं का दावा है कि वायु प्रदूषण का स्तर अधिक होने के कारण बच्चे अधिक जंक फूड का सेवन करते हैं. वायु में प्रदूषण का स्तर अधिक होने के कारण बच्चों में हाई ट्रांस फैट डाइट का सेवन 34 फीसदी तक बढ़ जाता है. स्टडी में ये भी पाया गया कि ऐसे वातावरण में बच्चे घर का खाना खाने से ज्यादा बाहर का खाना पसंद करते हैं.

हालांकि बच्चों की आदत में इस बदलाव के पीछे के कारण का ठीक ठीक पता नहीं लगाया जा सका है. पर जानकारों की माने तो इसका सीधा संबंध वायु प्रदूषण से है. जानकारों का मानना है कि प्रदूषण से शरीर को खाने से मिलने वाली एनर्जी और ब्लड शुगर पर प्रभाव पड़ता है और भूख भी कम लगती है.

शोधकर्ताओं की माने को वायु प्रदूषण के स्तर में कमी कर के मोटापे के इस परेशानी को कम किया जा सकता है. अमेरिका में हुए इस शोध में करीब 3100 बच्चों को शामिल किया गया था. इन सभी बच्चों में वायु प्रदूषण से उनके रेस्पिरेटरी सिस्टम पर होने वाले प्रभाव की जांच की गई.

स्टडी में शामिल बच्चों से उनकी खान पान की आदतों के बारे में जानकारी ली गई. वो कब और क्या खाते हैं इस आधार पर इस स्टडी के निष्कर्ष पर पहुंचा गया है. आपको बता दें कि इस शोध में स्टडी में शामिल सभी लोगों के घर के आसपास में मौजूद बिजली संयंत्रों में और गाड़ियों से निकलने वाले प्रदूषण की मात्रा की जांच की गई थी.

इस जांच में पाया गया कि प्रदूषण के  अधिक स्तर वाले क्षेत्र में रहने वाले बच्चों ने हाई ट्रांस फैट डाइट का सेवन करते हैं. स्टडी के नतीजों में शोधकर्ताओं ने पाया कि अधिक वायु प्रदूषण में रहने वाले बच्चे 34 फीसदी ज्यादा ट्रांस फैट डाइट का सेवन करते हैं.

पिएं ये तीन जूस, तेजी से कम होगा आपका वजन

जिस तरह की लोगों की जीवनशैली बन गई है वजन का बढ़ना लोगों की सबसे बड़ी समस्या बन गई है. वजन कम करने के लिए लोग वर्क आउट, एक्सरसाइज, जिम, डाइटिंग जैसी ना जाने कौन कौन सी चीजें करते हैं. पर उससे उन्हें मनमुताबिक फायदा नहीं होता. वजन कम करने के लिए बेहद जरूरी है कि आप किसी भी खाद्य पदार्थ से परहेज ना करें. इस खबर में हम आपको कुछ जूसों के बारे में बताएंगे जिसे अपनी डाइट में शामिल कर आप अपने वजन को कम कर सकती हैं.

गाजर का जूस

गाजर में फाइबर की मात्रा काफी अधिक होती है. फाइबर के पाचन में काफी वक्त लगता है और इसे खाने से ज्यादा भूख भी नहीं लगती. अगर आप जल्दी अपना वजन कम करना चाहती हैं तो आज ही अपनी टेली डाइट में गाजर को शामिल करें. 100 ग्राम गाजर में करीब 41 कैलोरी और 3 ग्राम फाइबर होता है. गाजर और चुकंदर के जूस में आंवला का रस भी मिला सकते हैं.

टमाटर का जूस

वजन कम करने के में टमाटर काफी लाभकारी होता है. आपको बता दें कि टमाटर में बहुत कम कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा होती है. 100 ग्राम टमाटर में करीब 18 कैलोरी और 3.86 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है. अगर आप वजन कम करना चाहती हैं तो अभी से टमाटर के जूस का सेवन शुरू कर दें. इसमें पानी की खूब मात्रा होती है. टमाटर के साथ चुकंदर का रस मिलकार भी पी सकते हैं.

सेब का जूस

सेब सेहत के लिए काफी लाभकारी होता है. ये एक लो कौलोरी वाला फल है. आपको बता दें कि 100 ग्राम सेब में 50 कैलोरी होती है. वजन कम करने के लिए इसे अपनी डाइट में शामिल करना एक अच्छा आइडिया है.

वजन कम करने का बेहद आसान तरीका है वाटर वर्कआउट

अगर आप जिमिंग, जुंबा, जौगिंग, पाइलेरस, ऐरोबिक्स, ब्रिस्क वाकिंग आदि फिटनैस के तरीकों से उकता गई हैं, तो वाटर वर्कआउट अपनाएं यानी अब पूल को जिम पूल बनाएं. वैसे तो फिटनैस के सभी तौरतरीकों से बौडी टोनिंग जरूर होती है, पर कैलोरी बर्न करने और बीमारियों से दूर रहने के लिए वाटर वर्कआउट अधिक कारगर है. वाटर वर्कआउट कर के आप कई तरह की बीमारियों को भी दूर कर सकती हैं. इस से शरीर के सभी अंगों की बढ़िया कसरत हो जाती है.

क्या है वाटर वर्कआउट

पानी में ऐक्सरसाइज करना ही वाटर वर्कआउट या ऐक्वा वर्कआउट अथवा ऐरो वर्कआउट कहलाता है. पानी बहता नहीं, बल्कि रुका होना चाहिए. तालाब या स्विमिंग पूल में वाटर ऐक्सरसाइज करना बैस्ट रहता है. इन में पानी का स्तर 3 फुट से अधिक नहीं होना चाहिए. आप अपनी सुविधा के अनुसार पानी का स्तर तय कर सकती हैं यानी घुटनों तक, पैल्विक तक या चैस्ट तक. साथ ही पानी का तापमान 20 से 25 डिग्री सैल्सियस से अधिक नहीं हो.

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पानी में सब छूमंतर

ऐक्सरसाइज करने में मोटापा सब से बड़ी बाधा बनता है. ऐसे में वाटर वर्कआउट अपनाएं. विशेषज्ञों के अनुसार पानी में ऐक्सरसाइज करते समय शरीर का वजन केवल 10% रह जाता है. यही नहीं वाटर वर्कआउट कर के जोड़ों के दर्द, गठिया, मोटापा, मधुमेह आदि में राहत मिलती है. खुले में करने से हाथ या पैर गलत दिशा में जाने से चोट लगने की संभावना रहती है और साथ ही शरीर के भारीपन के कारण ऐक्सरसाइज प्रभावी तरीके से भी नहीं हो पाती है.

वाटर वर्कआउट मांसपेशियों को मजबूती मिलती है. इस के अलावा पानी में व्यायाम करने से शरीर और मन दोनों को तनाव से राहत मिलती है. जब शरीर पानी में होता है तो वजन कम महसूस होता है. इसलिए शरीर पर व्यायाम का प्रभाव भी कम होता है, जो मांसपेशियों में तनाव या शारीरिक तनाव पैदा नहीं करता. पानी में कसरत करने से ताजगी और खुशी महसूस होती है. वाटर वर्कआउट वेट लौस करने और हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद रहता है.

जरूरी है देखरेख

यदि आप पहली बार वाटर वर्कआउट कर रही हैं, तो ट्रेनर की निगरानी में ही करें. 1 घंटे से अधिक पानी में न रहें अन्यथा त्वचा पर सनबर्न हो सकता है. इस से बचने के लिए वाटर वर्कआउट करने के 20 मिनट पहले शरीर पर सनस्क्रीन लगाएं. किसी भी तरह का वाटर वर्कआउट करने के बाद 10-15 मिनट आराम जरूर करें ताकि शरीर का तापमान सामान्य हो जाए.

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कैलोरी बर्नर

आप सेहतमंद तरीके से वजन कम करना चाहती हैं, तो वाटर वर्कआउट जरूर अपनाएं, क्योंकि पानी में ऐक्सरसाइज करने से मांसपेशियों में तनाव नहीं आता है. अगर आप दिन में 1 घंटा वाटर वर्कआउट करती हैं तो 300 से 600 कैलोरी बर्न कर सकती हैं. यानी वाटर वर्कआउट करने से शरीर की चरबी को खत्म करने के साथसाथ उसे सुरक्षित तरीके से शेप में भी ला सकती हैं.

फ्लैक्सिबिलिटी में विस्तार

फ्लैक्सिबिलिटी यानी लचीलापन. वाटर वर्कआउट से जुड़ी है फ्लैक्सिबिलिटी. पानी में  कसरत करने से अंदरूनी चोट नहीं लगती. साथ ही जोड़ अधिक लचीले बनते हैं. नतीजतन उन की सक्रियता में इजाफा होता है.

तनाव से छुटकारा

यदि आप बहुत तनाव में हैं, तो वाटर वर्कआउट करें. इस से आप तरोताजा महसूस करेंगी और तनाव से राहत मिलेगी. पानी में होने पर दिमाग ऐंडोर्फिंस हारमोन रिलीज होते हैं, जिस से तनाव कम होता है.

स्ट्रौंग होतीं मसल्स

जहां वाटर वर्कआउट से वजन कम होता है, वहीं तनाव से राहत मिलती है. मांसपेशियों में लचीलापन बढ़ता है, कई रोगों का निदान होता है. इसे नियमित करने से मसल्स भी स्ट्रौंग होती हैं, साथ ही उन में लचीलापन भी बढ़ता है.

कंट्रोल में ब्लडप्रैशर

पानी में व्यायाम करने से शरीर में रक्त का प्रवाह बेहतर होता है, जिस से ब्लडप्रैशर की समस्या नहीं होती. इस से हार्टबीट भी बेहतर रहती है.

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वजन कम करने के लिए करें घी का सेवन

घी को लेकर लोगों के मन में एक आम धारणा है कि इसका सेवन करने से इंसान मोटा होता है. पर असल बात ये है कि इससे ना सिर्फ मोटापा कम होता है बल्कि आपके पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखता है.

इस खबर में हम आपको घी से होने वाले स्वास्थ्य फायदों के बारे में बताने वाले हैं.

दूर रहता है कब्ज

कब्ज की समस्या में देशी घी काफी असरदार होता है. इससे कब्ज जैसी बीमारियां दूर होती हैं. घी का सेवन करने से शरीर के विषाक्त पदार्थ आसानी से बाहर निकल जाते हैं और व्यक्ति को कब्ज की शिकायत नहीं रहती है.

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मजबूत रहती हैं हड्डियां

घी में विटामिन के2 की मात्रा होती है, जिसकी मदद से आपकी हड्डियों तक कैल्शियम पहुंचता है. जानकारों की माने तो इसमें कई ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो हड्डियों के लिए जरूरी तरल पदार्थ का निर्माण करते हैं, जिससे जोड़ मजबूत होते हैं.

त्वचा और बालों का रखे ख्याल

देसी घी से रोजाना फेस की मसाज करने से त्‍वचा की खोई नमी वापस आ जाती है. जिसकी वजह से त्‍वचा का रूखापन खत्म होकर त्वचा की कांति बढ़ जाती है.

मोटापा दूर करता है घी

घी का सेवन करने से मोटापा दूर होता है. देशी घी में सीएलए होता है जो शरीर की मेटाबौलिज्म को ठीक रहता है. इससे वजन कंट्रोल में रहता है. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि गाय के घी में कोलेस्ट्रोल नहीं होता. यह शरीर में जमे, जिद्दी फैट को पिघलाकर मेटाबोलिज्म बढ़ाने में मदद करता है. जिसकी वजह से व्यक्ति मोटापे का शिकार नहीं बनता.

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संतुलित रहते हैं हार्मोन्स

देशी घी में विटामिन A, विटामिन K2, विटामिन D, विटामिन E जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं. ये तत्व शरीर के हार्मोंस को संतुलित रखने में काफी मददगार होते हैं. यही वजह है कि जानकार गर्भवती स्त्रियों और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए घी का सेवन करने की सलाह देते हैं.

5 टिप्स: बिना एक्साइज और डाइटिंग के आसानी से करें वजन कम

वजन कम करने के लिए लोग क्या क्या नहीं करते. एक्सर्साइज और डाइटिंग के लिए नए नए पैंतरों को आजमाते हैं. पर बहुत कम लोग ही होते हैं कि उन्हें इस परेशानी से निजात मिलती है. इस खबर में हम आपको बताएंगे कि अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव कर आप कैसे अपना वजन कम कर सकती हैं. तो आइए जानें उन टिप्स के बारे में.

1. खूब करें फलों और सब्जियों का सेवन

सेहतमंद रहने के लिए जरूरी है कि आप ताजे और हरे साग, सब्जियों और फलों का सेवन करें. फ्रूट चाट के मुकाबले ताजे फलों का सेवन अधिक फायदेमंद होता है. इससे शरीर को भरपूर मात्रा में फाइबर मिलता है, जिससे डाइजेशन बेहतर बनता है.

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2. समय पर सोएं

ज्यादातर कामकाजी लोग अपने नींद को लेकर गंभीर नहीं होते. पर पूरी नींद ना लेने से आपकी सेहत बुरी तरह से प्रभावित होती है. अगर आप स्वस्थ रहना चाहती हैं तो जरूरी है कि आप पूरी नींद लें.

3. चिप्स या तले हुए खाद्य पदार्थों से रहें दूर

जिस तरह की हमारी जीवनशैली हो गई है हम तले हुए चीजों की ओर तेजी से बढ़ने लगे हैं. अपने काम के बीच हम चिप्स जैसी चीजों को खाते रहते हैं जो हमारी सेहत के लिए काफी हानिकारक होता है. आपको बता दें कि सभी पैकेट वाली चीजों में प्रिजर्वेटिव पाए जाते हैं, जो सेहत को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ वजन भी बढ़ाते हैं.

4. नाश्ता कभी ना करें स्किप

नाश्ता दिनभर का सबसे जरूरी आहार है. अगर आप वजन कम करना चाहती हैं तो जरूरी है कि आप नाश्ता कभी ना छोड़ें. जो लोग नाश्ता नहीं करते, दूसरे वक्त में अधिक खाना खाते हैं. इस चक्कर में आपका वजन बढ़ जाता है.

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5. खूब पीएं पानी

वजन कम करने के लिए जरूरी है कि आप अधिक पानी का सेवन करें. अगर आप सौफ्ट ड्रिंक की शौकीन हैं तो ये आपके लिए परेशानी की बात हो सकती है. कोल्ड ड्रिंक्स में कैलोरीज की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो तेजी से वजन बढ़ाती हैं. वजन कम करने के लिए सॉफ्ट ड्रिंक्स की जगह ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करें.

कम करना है वजन तो खाएं ये पांच चीजें

बढ़ते हुए वजन से अक्सर लोग परेशान रहते हैं. यही कारण है कि अपने वजन को समान्य करने  के लिए वो तरह तरह के उपाय करते रहते हैं. जैसे डाइटिंग और जिम. हालत से होती है कि लाख कोशिशों के बाद भी उनकी सेहत पर कुछ खास असर नहीं होता है और वो अवसादग्रस्त हो जाते हैं.

वजन कम करने के लिए लोग डाइटिंग करते हैं पर इससे कोई खास फायदा नहीं होता. उल्टे वो कमजोर होते जाते हैं. खानापीना कम करने से सेहत पर भी खासा बुरा असर पड़ता है. वजन कम करने के लिए जरूरी है कि आपकी डाइट काफी बैलेंस्ड हो. जिससे आपका वजन भी कंट्रोल में रहे और आपको जरूरी उर्जा भी मिलती रहे.

इस खबर में हम आपको ऐसी डाइट के बारे में बताएंगे जिससे आपको जरूरी उर्जा भी मिलेगी और आपका वजन भी काबू में होता. तो आइए जाने कि क्या खाना आपकी सेहत के लिए अच्छा होगा.

1. वेजिटेबल और फ्रूट सैलड

जितना फैट हम बर्न करते हैं उससे ज्यादा कैलोरी कंज्यूम करते हैं जिसके कारण हमारा वजन बढ़ जाता है. हेल्दी रहने के लिए और वजन को कंट्रोल में रखने के लिए जरूरी है कि हम हरे साग, सब्जियों और फलों का सेवन करें. आपको बता दें कि हरे साग सब्जियों और फलों में पानी की मात्रा भरपूर होती है. इसके अलावा इनमें फाइबर भी प्रचूर मात्रा में पाई जाती है. इनका सेवन करने से वजन नहीं बढ़ता और सेहत भी अच्छी रहती है.

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2. फलियां

आपको बता दें कि फलियों में प्रोटीन की मात्रा काफी अधिक होती है. फाइबर का भी ये प्रमुख स्रोत है. मेटाबौलिज्म को मजबूत करने में इनका काफी अहम योगदान होता है. इनका सेवन करने से प्रोसेस्ड फूड की क्रेविंग नहीं होती, जिससे वजन काबू में रहता है.

3. नट्स

भरपूर मात्रा में एनर्जी, प्रोटीन और अनसैचूरेटेड फैट का स्रोत होते हैं नट्स. कई तरह की बीमारियों में हमें बचाने में ये काफी कारगर होते हैं. हालांकि जरूरी है कि इनका प्रयोग सीमित मात्रा में हो.

4. पानी

अगर आप वजन कम करना चाहती हैं तो जरूरी है कि आप खूब पानी पिएं. डीहाइड्रेटड मांसपेशियां वजन कम करने में सबसे बड़ी बाधा होती हैं. कम पानी पीने से शरीर के मेटाबौलिज्म पर काफी बुरा असर होता है. ज्यादा पानी पीने से भूख भी काबू में रहती है जिससे वजन नहीं बढ़ता है.

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5. अंडा

लोगों में ये धारणा आम है कि अंडा खाने से वजन बढ़ता है. पर हम आपको बता दें कि आपका सोचना गलत है. अंडे में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है, वहीं उसके पीले हिस्से में, जिसे जर्दी कहते हैं, प्रोटीन का प्रमुख स्रोत है. जानकारों की माने तो नाश्ते में अंडा खाना हमारी सेहत के लिए काफी लाभकारी होता है. इससे हमारे शरीर को जरूरी पोषण भी मिलता है और वजन भी कंट्रोल में रहता है. एक रिपोर्ट की माने तो जिन लोगों ने 5 दिनों तक ब्रेकफास्ट में अंडे खाए, उन लोगों का वजन दूसरे लोगों के मुकाबले 65 फीसदी ज्यादा कम हुआ.

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